अस्थायी ई-मेल का उपयोग कर पाईये फायदे ही फायदे

दशकों से कंप्यूटर, इंटरनेट पर जुड़े होने के कारण कई मित्र और परिचित तरह तरह की समस्याएं, जिज्ञासाएं लिए आते हैं. कईयों का लगाव अनूठे तरीके और जुगाड़ से है तो उसी का समाधान करने की जुगत में मुझे भी नई बातें सीखने मिल जाती हैं .

इस बार एक मित्र के किशोर बेटे ने दस्तक दी अपनी समस्या ले कर. बचपन से वो मुझे देखता मिलता रहा है तो एक स्वाभाविक संकोच नहीं हुआ उसे अपनी बात कहने में.

उसका कोई मित्र है जिससे किसी मामले में कहा-सुनी हो गई थी. नतीजतन उस मित्र ने इस किशोर को व्हाट्स एप्प पर ब्लॉक कर दिया, ई-मेल में एंट्री रोक दी, मोबाइल पर ब्लैक लिस्ट कर दिया, मिलना बंद कर दिया.

अब यह किशोर चाहता था कि किसी भी तरह से उस तक वह अपना पक्ष पहुंचा सके तो गलतफहमियां दूर होने की पूरी उम्मीद है.  किसी तरह की चिट्ठी रूक्के का सवाल ही नहीं, किसी अन्य के हाथ लग जाए तो उसे मिलेगा भी नहीं जगहंसाई का अलग भय.  करे तो करे क्या वह.

बातचीत के बाद मैंने उसे सलाह दी कि वह डिस्पोजेबल ई-मेल का उपयोग कर उसे ई-मेल भेज दे.  अगर उसने सही समझा तो पक्का संपर्क करेगा, चाहे जैसे भी करे.

डिस्पोजेबल ई-मेल मतलब अस्थायी ई-मेल! एक ऐसा ई-मेल पता जिसे बस्स एक बार ही इस्तेमाल किया जा सकता है, उसके बाद वह गायब. जैसे कि चाय-कॉफ़ी पीने के लिए डिस्पोजेबल ग्लास! पानी पीने का काम हो जाए तो गिलास फेंक दिया जाता है. दुबारा वह गिलास नहीं मिलने वाला अपने उसी रूप में.

या फिर जैसे काम निकालने के लिए अस्थायी शिक्षक होते हैं, कर्मचारी होते हैं या फिर अस्थायी राशनकार्ड होता है. काम ख़त्म, भूल जाओ कि कौन था? किधर गया? कब तक रहा?

वह हैरान था कि अगर डिस्पोजेबल ई-मेल से उसे ई-मेल भेजी तो वापस ज़वाब कहाँ मिलेगा? मैंने समझाया कि तुम्हारा संदेश पहुँच जाएगा फिर अगले ने ज़वाब देना होगा तो कैसे भी दे देगा!

किया तो उसने वही लेकिन आगे क्या हुआ अभी तक पता नहीं

दरअसल ऐसी डिस्पोजेबल ई-मेल का उपयोग मैं इनके उद्भव के समय से ही ऐसी वेबसाइट्स पर करता आ रहा जहाँ महज एक फाइल डाउनलोड करने के लिए डाउनलोड लिंक पाने या रजिस्ट्रेशन एक्टिवेशन लिंक के लिए अपना ई-मेल पता देना पड़ता है.

फाइल डाउनलोड होने के बाद  या जानकारी हासिल करने के बाद ना तो मुझे याद रहता है कि वो वेबसाइट कौन सी थी ना यह याद रहता है कि अपना ई-मेल पता वहाँ दिया था मैंने, ना ही मुझे ज़रूरत होती है उस वेबसाइट की.

नतीज़ा यही होता है कि स्पैम मेल की बाढ़ आती रहती है जो किसी काम की नहीं और यह मामला किसी और वेबसाइट पर ई-मेल देने के बाद अनवरत बढ़ता चला जाता है.

इन सबसे बचने के लिए डिस्पोजेबल ई-मेल, अस्थायी ई-मेल का उपयोग करूं तो फाइल डाउनलोड होने के बाद वह ई-मेल पता खुद ही नष्ट हो जाता है जिस पर कोई मेल आने का प्रश्न ही नहीं उठता.

इसके अलावा अभी कई कारण है ऐसी अस्थायी ई-मेल का उपयोग करने के. कई बार आप सार्वजनिक कंप्यूटर पर अपना ई-मेल उपयोग नहीं करना चाहते, उस कंप्यूटर पर आपके ई-मेल खाते की अनुमति नहीं है, किसी को बिना अपना परिचय दिए आई लव यू कहना हो, किसी अधिकारी को गुप्त सूचना देनी हो, पुलिस को किसी अपराध की जानकारी देनी हो वगैरह… वगैरह …

ऐसी अस्थायी ई-मेल सेवा देने वाली सैकड़ों वेबसाइट्स हैं जिन की डिस्पोजेबल ई-मेल कुछ मिनट से ले कर कुछ घंटे बाद खुद ही नष्ट हो जाती हैं.  आईए देखें कुछ उदाहरण

Guerrilla Mail की अस्थायी ई-मेल सेवा
Guerrilla Mail वेबसाइट खोलते ही आपके सामने एक ई-मेल बॉक्स खुला दिखता है जो क्रम रहित बेतरतीब अक्षरों वाले यूजर-नेम से बना हुआ होता है. आप चाहें तो उसी ई-मेल का उपयोग करें या कोई अन्य बना लें. डोमेन भी आप अलग चुन सकते हैं. ई-मेल भेज भी सकते हैं, पा भी सकते हैं, आई हुई ई-मेल का उत्तर दे सकते है.

अस्थायी ई-मेल गुरिल्ला

पल पल अपडेट होता इनबॉक्स तुरंत दिखाता है आई हुई ई-मेल को और खुद ही आधे-एक घंटे बाद नष्ट हो जाता है

सवा दो अरब अस्थायी ई-मेल की सेवा दे चुके इस Guerrilla Mail की वेबसाइट को यहाँ क्लिक कर पाया जा सकता है

Mailinator की अस्थायी ई-मेल सेवा

Mailinator वेबसाइट खुलते ही आपका मनचाहा यूजर-नेम पूछा जाता है. यदि वह उपलब्ध रहा तो बढ़िया वरना कोई भी यूजर-नेम डाला जा सकता है. एक बार यह ई-मेल सक्रिय हो गया तो आप जितनी चाहे मेल मंगा  लीजिये इस पर. चाहे वह रजिस्ट्रेशन कन्फर्म करने वाली हो या किसी अटैचमेंट को लाने वाली.

याद रखिए इसका कोई पासवर्ड नहीं! इससे कोई मेल नहीं भेजी जा सकती!! यह खुला है सबके लिए. अगर किसी को अंदाजा हो कि आप किस नाम का ई-मेल खोले बैठे हैं तो वह किसी दूसरे कंप्यूटर पर बड़े आराम से वह मेल पढ़ देख सकता है. ऐसा अक्सर वहाँ भी हो सकता है जहाँ दुनिया के किसी कोने में संयोगवश कोई और  ramu, mumbai, tajamahal. kanpur जैसे सामान्य शब्दों का यूजर-नेम बना ले.

अस्थायी ई-मेल mailinator

यहाँ बनी अस्थायी ई-मेल कुछ घंटों में खुद ही नष्ट हो जाती है और अपने साथ उस पर आये संदेश व अटैचमेंट भी नष्ट कर देती है.

टर्मिनेटर की तर्ज़ पर नाम रखे इसकी वेबसाइट Mailinator को यहाँ क्लिक कर पाया जा सकता है.

Incognito Mail की अस्थायी ई-मेल सेवा
Incognito Mail की वेबसाइट खोलते ही विकल्प मिलता है कि आप रेडीमेड ई-मेल लेना चाहते हैं या अपनी पसंद के यूजर-नेम वाला चाहिए.

एक बार आपने ईमेल चुन लिया तो वह एक घंटे तक ‘ज़िंदा’ रहता है जो डाउनलोड लिंक पाने या रजिस्ट्रेशन एक्टिवेशन लिंक पाने के लिए बहुत है.

incognitomail अस्थायी ई-मेल

इसकी वेबसाइट के लिए यहाँ क्लिक करें

और भी हैं कई अस्थायी ई-मेल सेवा
इस समय करीब ढाई हजार से अधिक ऐसी वेबसाइट्स हैं जो ऐसी अस्थायी डिस्पोजेबल ई-मेल सेवा दे रहीं. लेकिन लगभग सभी की सभी ई-मेल पाने वाली हैं. Guerrilla Mail जैसे ई-मेल भेजे जाने वाली वेबसाइट कम ही हैं.

अस्थायी ई-मेल सेवा वालीं कुछ और वेबसाइट्स मेरे संज्ञान में हैं. Mint Email, AirMail, 10MinuteMail, Temp Mail

याद रखिए इस जानकारी का उपयोग सामाजिक हित के सार्थक कामों के लिए और अपने वास्तविक ई-मेल को स्पैम की बाढ़ से बचाने के लिए किया जाना चाहिए. किसी विध्वंसक कार्य के लिए इसका उपयोग किया जाए या किसी प्रकार का व्यक्तिगत नुकसान हो तो इसके लिए मैं उत्तरदायी नहीं

क्या आपने कभी इनका उपयोग किया है या करना चाहेंगे?

© बी एस पाबला

अस्थायी ई-मेल का उपयोग कर पाईये फायदे ही फायदे
लेख का मूल्यांकन करें
Print Friendly, PDF & Email

Related posts

14 Thoughts to “अस्थायी ई-मेल का उपयोग कर पाईये फायदे ही फायदे”

  1. बेहतरीन जानकारी। धन्यवाद

    1. बी एस पाबला

      Smile
      शुक्रिया तुषार जी

  2. वाकई महत्वपूर्ण और उपयोगी जानकारी है। धन्यवाद।

    1. बी एस पाबला

      Smile
      शुक्रिया अभिषेक जी

  3. chander kumar soni

    जानकारी तो आपने बहुत अच्छी दी हैं,
    लेकिन इसका दुरूपयोग होने की संभावना ज्यादा हैं.
    किसी को तंग-परेशान करने, अश्लीलता फैलाने में इनका इस्तेमाल हो सकता हैं.
    सबसे खतरनाक बात = देश के खिलाफ अपराधों व आतंकी कार्यो में इनका इस्तेमाल हो सकता हैं.
    ऐसे ईमेल जल्दी से पकडे ही नहीं जा सकते.
    थैंक्स.
    चन्द्र कुमार सोनी.

    1. बी एस पाबला

      Approve
      दुरूपयोग की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. लेकिन कहा जाता है ना कि ‘जानकारी ही बचाव है’
      अब इस डिस्पोजेबल मेल्स की जानकारी जिसे होगी वह सतर्क तो रहेगा ही.

      वैसे भी शक होने पर उस मेल का हैडर संबंधित सेवा देने वाले को दिया जाए तो वे यह तक बता देते हैं कि किस कम्यूटर से वह मेल भेजी गई है.

  4. बहुत ही जानकारी से भरपूर लेख… जय हो पाबला जी Cheers
    टिप्पणीकर्ता नवज्योत कुमार ने हाल ही में लिखा है: Facebook पर अपना सरनेम कैसे हटाये या अपना single Profile Name कैसे लिखे.My Profile

    1. बी एस पाबला

      Smile
      शुक्रिया नवज्योत जी

  5. ब्लॉग बुलेटिन

    ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, मंदी की मार, हुआ बंद व्यापार – ब्लॉग बुलेटिन , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है … सादर आभार !

    1. बी एस पाबला

      THANK-YOU
      थैंक्यू ब्लॉग बुलेटिन

  6. अच्छा है। गुरिल्ला ई मेल से टिप्पणी भी कर दें! 🙂

    1. बी एस पाबला

      Overjoy
      हा हा हा
      जवाब आपको मेल में तो मिलेगा नहीं
      कभी पलट कर आएं इधर तो जान लीजियेगा कि कोई कितना अभी सिखाये एक गुण तो छिपा ही लेता है
      आपने ईमेल का धोखा दिया लेकिन भूल गए कि खुद रेलवे मंत्रालय के RailTel नेटवर्क पर बैठे हैं आई पी है 122.252.242.131
      शहर का नाम बता दूं तो जय जय हो जाए
      ऑफिस का पता दूं तो …..

      खैर! आईयेगा दुबारा

  7. shiv

    इस बार सच में कुछ नया और अद्भुत जानने को मिला जिसका मुझे पहले बिलकुल भी पता नहीं था !

    लाजवाब पोस्ट !

Leave a Comment


टिप्पणीकर्ता की ताज़ा ब्लॉग पोस्ट दिखाएँ
Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
[+] Zaazu Emoticons