आखिरकार धमकियों के बाद यह पोस्ट लिखनी ही पड़ी!

ब्लॉग बुख़ार

कई दिनों से ब्लॉगर साथी फोन कर के या मेल से धमकियाँ दे रहे थे कि अब आप अपने ब्लॉग बंद कर दें! आपमें अब वह माद्दा नहीं रहा कि किसी भी समय किसी भी उलझन को अपने शब्दों में ढाल कर बाकी साथियों की जिज्ञासा का समाधान कर सको। उलाहने तो पहले भी मिलते रहे हैं कि अब तकनीकी जानकारियाँ देना बंद क्यों कर दिया मैंने!

ललित शर्मा जी ने तो अप्रत्यक्ष रूप से अपना गुस्सा जता दिया कि यहाँ कोई भी ऐसा ब्लॉगर नहीं है कि ब्लॉग की तकनीकी समस्याओं का समाधान कर सके? अब मैं उन्हें क्या बताता कि जो सक्षम माने जाते हैं वह सब मौज की चपेट में आ कर प्रस्थान करते चले गए या जा रहे।

इस बार की कथित समस्या लगभग सभी की जानी-पहचानी सी है। आजकल ब्लॉगस्पॉट में लॉगिन करते ही अधिकतर ब्लॉगरों को अपने डैशबोर्ड पर एक संदे दिखाई देता है कि आपके टेम्पलेट में Google Page Creator, एक सेवा जो जल्द ही Google Sites पर स्थानांतरित की जा रही है, पर होस्ट की गई फ़ाइलों का लिंक सम्मिलित है. क्या आप ब्लॉगर द्वारा उन लिंक को अभी अपडेट किया जाना चाहते हैं?

जब आप अपडेट करें व समीक्षा करें पर क्लिक करेंगे तो एक नया पृष्ठ दिखेगा जो यह बताता है कि ब्लॉगर होस्टिंग आपके गूगल खाते का उपयोग करना चाहता है।
लॉग इन करें
अपना पासवर्ड डाल कर जब आगे बढ़ा जाएगा तो एक जानकारी मिलेगी कि आपके टेम्पलेट में कोई ऐसी लिंक या फाईल है जो गूगल पेज क्रिएटर का उपयोग कर रही है व इसे अब गूगल साईट पर स्थानंतरित किया जाना है। इस कारण से हो सकता है वह कड़ी कार्य न कर पाए। अपने टेम्प्लेट में किसी संभावित गड़बड़ी को रोकने के लिए ब्लॉगस्पॉट इन लिंक या फाईल्स को आपके लिए नई जगह पर ले जाने को तैयार है। बस, आवश्यक होने पर आपके द्वारा Update references पर क्लिक करने की देर है, सब कुछ खुद-बखुद नई जगह पर चला जाएगा। कोई झंझट नहीं!
अब कोई पूछ सकता है कि यह अनजानी सी लिंक या फाईल टेम्पलेट में कैसे आ गई? तो इसका यही उत्तर हो सकता है कि यदि आपने गूगल पेज क्रिएटर का उपयोग कभी नहीं किया है तो आपके टेम्पलेट निर्माता या किसी विज़ेट निर्माता ने उसे उपयोग में ले कर आपको सेवा दी होगी। यह उसी का परिणाम हो सकता है।

आप तो बस लॉग-इन कीजिए। यदि एक ही ब्लॉग है तो ठीक वरना एक से अधिक ब्लॉग हैं या सहभागिता है तो सभी ब्लॉग की सूची दिखाई देगी जिनके आगे अलग अलग संदेश हो सकते हैं। जैसे कि:
इसका अर्थ हुआ कि आपको इस ब्लॉग के लिए कुछ करने की आवश्यकता नहीं है
इसका अर्थ हुआ कि इस ब्लॉग के लिए कुछ करने की ज़रूरत है किन्तु आपको इसकी अनुमति इसके ‘ब्लॉग मालिक’ द्वारा नहीं दी गई है। (बेहतर होगा ‘ब्लॉग मालिक’ को इसके बारे में जानकारी दी ज

आखिरकार धमकियों के बाद यह पोस्ट लिखनी ही पड़ी!
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27 thoughts on “आखिरकार धमकियों के बाद यह पोस्ट लिखनी ही पड़ी!

  1. बहुत उपयोगी जानकारी । हमने तो पहले ही अपने ब्लाग को अपडेट कर लिया था । आभार

  2. पता लगा आप धमकी देने पर पोस्ट लिख देते हैं।
    बहुत काम की जानाकारी है। इस के बिना निकलती भी कैसे?

  3. चलिए अच्छा रहा कि ललित भाई ने धमका दिया और आपने सबके लिए ये लिख डाला ..वैसे भी आपको धमकाने के लिए वही थे अभी फ़ुर्सत में ..हम और वकील साहब तो किसी और ही धमका धमकी में लगे थे ..धमाचौकडी में ….स्माईली लिख कर
    अजय कुमार झा

  4. मेरे डैशबोर्ड में तो यह मैसेज नहीं आ रहा है। हो सकता है बाद में आ जाय। आप अपनी टेक्निकल जानकारीयां इसी तरह बांटते रहिये। अच्छा लगता है।

  5. चलिए धमकी ने असर दिखाया .. हमें अच्‍छी जानकारी मिली !!

  6. पाबला जी,
    हम सब के लिए कितना दिमाग खपाते हैं आप…

    हुणे अदा जी नू कहदां वां कि थोड़े बादाम त्वाडे लई वी भिजवाण…

    जय हिंद…

  7. अच्छा मतलब कि आप धमकानें से डर जाते हैं , चलिए इसी बहाने ये भी पता चला कि आप डरते भी हैं । देर आयें लेकिन झक्कास आयें , आपका बहुत-बहुत आभार ।

  8. हमारे डैशबोर्ड में तो ये मैसेज अभी तक आया नहीं…आएगा तो फिर इस जानकारी को उपयोग में लाएंगें ।

  9. chaliye jee, shukriya hai aapka. bhale hi hamein ye msg abhi tak nahi aaya hai apne blog pe lekin aap ne is mudde par likha ye sabse badi baat hai.

    meri 4-5 dhamkiyan advance me surakshhit rakh lijiye aise takniki muddo ke liye

    😉

  10. जो सक्षम माने जाते हैं वह सब मौज की चपेट में आ कर प्रस्थान करते चले गए या जा रहे।

    पाबला जी आपौ बढ़िया मौज ले लिए 🙂

  11. मेरे डैशबोर्ड ओर मेरे दिमाग मै भी यह सब नही घुसा कल बच्चो को पकडूंगा, ओर उन से मदद लुंगा तभी इसे ढुढ पाऊंगा:लेकिन कल तक काम याब हो जांऊगा, पंजाबी तब तक पिछा नही छोडते जब कर बात दिमाग मे न घुस जाये.

  12. अच्छा हुआ धमकी मिली. कम से कम जानकारी तो उगली. 🙂

  13. अब पता चला कुछ धमकियाँ सार्थक भी होती हैं.
    अच्छी जानकारी मिली.

  14. बोल लखनसि्यारामचंद्र की जय,
    पवन सु्त हनुमान की जय,
    बस इतनी धमकी से काम चल गया:)

  15. धमकियों से डर कर लिखना? ऐसा कहना तो आपकी जर्रानवाजी है वरना हमें पता है कि आप बड़ी बड़ी धमकियों से भी डरने वाले नहीं हैं। यह तो ललित जी की प्यार भरी झिड़की थी जी!

    बहुत अच्छी जानकारी दी है आपने पाबला जी! बहुत लोग लाभान्वित होंगे इससे।

  16. अब तो कोई तकनीकी समस्या होगी तो धमकी देना कारगर तरीका है, उसके समाधान के लिये अब इसे ही उपयोग में लेना पड़ेगा, नहीं तो ललित भाई से धमकवाना पड़ेगा 🙂

    अभी तक ये मैसेज हमें तो नहीं आ रहा है, देखते हैं हमें कब आता है।

  17. ई-मेल पर प्राप्त टिप्पणी

    बहुत अच्छी जानकारी दी इसके लिए आपको धन्यवाद
    – Brajendra Gupta

  18. मेरी ज़रूरत होगी तो बताइयेगा….. लाठी-बल्लम हमेशा तैयार रहता है…. जो भी धमकी देगा …. उसके लिए..

  19. अभी समस्या दिखी नही
    पर हा अजय, वकील साहब और हम किसी और धमकी से त्रस्त थे.
    महफ़ूज़ भाई ढाल, बख्तरबन्द गाडी हो तो भिजवाना.

  20. उलाहने से मत डरिये हमें नुकसान होता है. हाँ मीठी धमकियों से डरना जारी रखें .

  21. पावला जी वो धमकी प्यार भरी थी इस लिये आपने ये पोस्ट लिखी वर्ना पंजाबी धमकियों से डरने वाले नही । मुझे भी अभी पूरी तरह समझ नही आया
    बाद मे आपसे पूछती हूँ। धन्यवाद्

  22. आपके यह कदम काबिले तारीफ है आपके इस तरह लिखते रहने से अब हर कोई सिखेगा। etips-blog.blogspot.com

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