आज उस लड़की का जनमदिन है

ज़िंदगी के मेले

अपनी मुंबई यात्रा के संस्मरण की आखिरी पोस्ट में जब मैंने कहा था कि अब अगली पोस्ट में बताउँगा, प्लेटफार्म पर हुई बातों के सन्दर्भ में, द्विवेदी जी के सौजन्य से, अब जिनसे अक्सर घंटों बात होती है, वो कौन थी! तो विष्णु बैरागी जी ने टिप्पणी की थी कि बातों वाली के बारे में जानने की जिज्ञासा आपने जगा दी है। जल्‍दी पूरी कीजिएगा। कई ऐसे कारण हुए कि देर होते चले गयी। अभी जब लिखने बैठा तो याद आया कि आज, 18 मार्च को उनका जन्मदिन है। जैसा मैंने उस पोस्ट में लिखा था -द्विवेदी जी ने बताया … यहीं, मुंबई की एक प्रोफेसर को, उनके … कॉलेज की वेबसाईट बनवाने की जिम्मेदारी दी गई है … लेकिन कार्य हो ही नहीं पा रहा … 26 जनवरी को वेबसाईट का उदघाटन करने का निर्णय लिया जा चुका …वेबसाईट का दूर-दूर तक कुछ पता नहीं …वे प्रिंसिपल महाशय को कह चुकीं … 26 जनवरी तक वेबसाईट आपको मिल जायेगी! …द्विवेदी जी ने बात ख़तम करते हुए कहा मैंने आपकी ईमेल आईडी दे दी है …आप जब तक पहुंचेंगे …ईमेल में विस्तृत जानकारी मिल जायेगी।

भिलाई पहुंचा तो अपने कंप्यूटर कक्ष का तामझाम ठीक किया, मेल देखी, कुछ नहीं मिला। तभी द्विवेदी जी की कॉल आयी। खबर लगी कि मेल तो अभी लिखी जा रही है। जब ईमेल मिली तो लिखा मिला ‘आज कल हर कॉलेज को एक वेब साइट बनानी होती है …एक महीना बीत चुका किसी को काम सौंपे …कोई प्रोग्रेस नहीं हुयी …प्रिंसीपल रोज पूछ रहे हैं कि वेबसाइट दिखाओ …बरसों की साख खतरे में है …बताइए कि इस मुश्किल से कैसे बाहर निकलूँ …प्रिंसीपल एनाउंस कर चुके हैं कि 26 जनवरी को वेबसाइट का उदघाटन होगा, और वेबसाइट डेवेलपएंट का काम मैं देख रही हूँ …इस समय मेरे पास कोई रास्ता नहीं …आप के पत्र के इंतजार में’

मामला गंभीर लगा, 15 जनवरी हो गयी थी, 26 जनवरी की घोषणा हो चुकी थी। मैंने GTalk के द्वारा मैडम का परिचय, अपने सुपुत्र गुरूप्रीत से करवाते हुये, मामला हस्तांतरित किया और काम जल्दी से जल्दी खतम करने की ताकीद भी कर दी। 15 जनवरी की शाम 7:24 को आई उपरोक्त मेल के जवाब में 8:35 को डोमेन खरीदे जाने की सूचना दी गयी, 15-16 जनवरी की रात लगभग 2 बजे मैडम की मेल आयी ‘… वेबसाईट का टेम्पलेट फायनल हो गया जी …पूरे दो महीने बाद आज सोऊँगी।’ छुटपुट फेरबदल होते रहे। 17-18 जनवरी की रात दो बजे के आसपास ईमेल आयी ‘…वेबसाईट का काम खतम हो गया …कैसे शुक्रिया अदा करूँ आपका! …सोमवार को जब प्रिंसिपल महाशय, वेबसाईट देखेंगे तो खुश हो जायेंगे।

काम तो खतम हो गया था, लेकिन इस बीच इतनी लम्बे-लम्बे चैट हुये, जीटाक पर बातचीत हुयी, मोबाईल पर बातें हुयीं कि लगने लगा जैसे हम बरसों से एक-दूसरे को जानते हैं। अजीब बात है ना! जिनसे कभी आमना-सामना नहीं हुया, जिसकी सिर्फ आवाज़ सुनी है उनसे, उनके परिवार से एक घनिष्टता का अनुभव होना, इस तकनीकी युग और सामने वाले व्यक्ति की सहजता के सहारे ही संभव है।

बाद में होने वाली बातचीत में पता चला कि ‘वे’ भी पंजाबी परिवार से हैं! मुझे गु्रमुखी लिपि में ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ लिखते देख उन्हें रोमांच हो आया। इसके अलावा, गुरूप्रीत से बातचीत के बाद वे अपनी सीखने की उत्कंठा ना छुपा सकी ‘इतना कुछ सीखने में तो कई साल लग जायेंगे।’ तकनीक से उनका लगाव मुझे आश्चर्य में डाल रहा था। वे अक्सर कहतीं हैं कि मेरी हालत उस लड़की जैसी है जो मेले में घूम रही है और ललचाते हुये, सब कुछ देखकर अपने दामन में समेट लेना चाहती है। एक बार तो उन्होंने लिखा कि भगवान से कहना पड़ेगा …जितनी बार मैंने कहा था कि उठा ले उतने ही साल का इज़ाफा दे दे, सब सीख लूँ तो तेरे ही स्वर्ग की वेबसाईट बना दूँ। बागवानी, संगीत, उपन्यासों, फिल्मों, ब्लॉगरों के बारे में भी उनकी जानकारी काबिलेतारीफ है।

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अब आता हूँ, उस बात पर, जिसके बारे में मुझसे अक्सर पूछा गया है कि आप लड़की किसे कहते हैं? क्यों कहते हैं? हुया यह था कि एक बार चैट पर, मैंने उनकी लिखी गयी आत्मकथात्मक पोस्ट की चर्चा की तो जवाब मिला ‘अब तो आपको पता चल गया होगा मैं किस तरह की लड़की हूँ … नहीं नहीं महिला हूँ’ तब मैंने हँसते हुये प्रतिक्रिया दी थी ‘दिल की (सच्ची) बात कभी ना कभी बाहर आ ही जाती है’। अब भी यदा-कदा, अनिता कुमार जी के लिखे गये इस जुमले को याद कर मुस्कुराहट आ जाती है, लगता है वह सच ही तो कह रहीं हैं। अरविंद मिश्रा जी के शब्द याद किये जायें तो वे ख़ुद एक मस्तिष्क भर हैं -उन्हें जेंडर के चश्में से न देखा जाय ! -वे महज मस्तिष्क हैं – द ब्रेन !

अब तक आप जान चुके होंगे कि मैं किनकी बात कर रहा हूँ!

जी हाँ, आपने सही पहचाना! आज उसी लड़की का जनमदिन है। मैंने तो उन्हें बधाई दे दी है। आप किस इंतज़ार में हैं?

आज उस लड़की का जनमदिन है
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13 thoughts on “आज उस लड़की का जनमदिन है

  1. अनिता जी को जन्म दिन की बधाई! आप ने इस सस्पैंस को बहुत दिनों बनाए रखा। आप ने उन के बारे में सही लिखा, वे आज भी अपनी उम्र का हर साल जीती हैं।

  2. वाह ,बधाई मैंने दे दी -आभार ,आपने जैसे यह मन की मांगी सुविधा मुहैया करा दी !

  3. अनीता जी को बहुत बधाई। यह ब्लॉगजगत न होता तो ऐसी अनूठी शख्सियत को कहां जानते हम!

  4. अनिता जी को जन्मदिन की बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ..

  5. बधाई गीत-संगीत भी शानदार है आपकी पोस्ट की तरह्।

  6. आप सब दोस्तों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करती हूँ । पाबला जी आप के इस आदर सम्मान से मैं अभिभूत हूँ । धन्यवाद के सिवा मुंह से कोई और शब्द ही नहीं निकल रहे

  7. बधाई.

    केक तो सब बधाई देने वालोँ का ड्यू हो गया

  8. वधाई ते असी दे दित्ती है….पर पाबला जी तुवाडा वी जवाब नहीं…त्वाडी कम्पूटर नालेज ते जनाब बैजा बैजा वे..
    नीरज

  9. अनिता जी को जन्म दिन की बधाई

  10. अनिता जी,को जन्म दिन की हमारी ओर से भी हार्दिक बधाई …पाबला जी के सौजन्य से भी स्वीकारेँ –
    और रेखाचित्र बहुत ही सुँदर बना है .
    वाह वाह !!
    स स्नेह,
    – लावण्या

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