आम कम्प्यूटर उपभोक्ता का रक्षा कवच बहुत कमजोर: इसके परिणाम क्या हो सकते हैं, इसका अंदाजा हमें नहीं

साइबर दुनिया या कहा जाए तो आभासी दुनिया ऐसी दुनिया है जो आज तेजी से समांतर दुनिया का रूप लेती जा रही है। ऑफिस का काम हो, दोस्तों के साथ गपशप हो, खरीदारी करनी हो या बिल चुकाना हो। साइबर दुनिया में सबकुछ एक क्लिक पर होता है। जब यह दुनिया भी इतनी विशाल और व्यस्त होती जा रही है, तो यह आतंकवाद से कैसे दूर रह सकती है।

कोई माने या ना माने यह सच है कि एक आम कम्प्यूटर उपभोक्ता का रक्षा कवच बहुत कमजोर है, अभी हम कम्प्यूटर सेंधमारी रोकने के तरीकों के बारे में लगभग शून्य हैं या उदासीन हैं। यह उदासीनता सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनता जा रही है और इसके परिणाम क्या हो सकते हैं, इसका अंदाजा हम अभी नहीं लगा पाए हैं। भविष्य में यह बातें बहुत ही निर्णायक हथियार बन सकती है, क्योंकि अति उन्नत तकनीक की आड़ में एक-दूसरे पर ऐसे हमले हो सकते हैं, जो पकड़ में न आएं।

इस कथित साइबर युद्ध में कई हथियार हैं, जैसे इंटरनेट पर गैरकानूनी तरीके अपनाना, कम्प्यूटर नेटवर्को को छिन्न-भिन्न करना, डाटा विकृत करना, कम्प्यूटरों को हैक करना और जासूसी करना। यह हथियार ऐसे हैं कि हमलों की गंभीरता देखते हुए भारत सरकार को भी एक उच्चस्तरीय समिति का गठन करना पड़ा है। उपकरणों में विदेशी चिप लगे होने के कारण हैकर, संचार प्रणालियों के कम्प्यूटरों में सूराख करने में सफल हो रहे हैं। इसे रोकने के लिए भारत अपना अलग माइक्रोप्रोसेसर विकसित करके ही सेंधमारियों को रोक सकता है। एक संसदीय समिति ने इसके लिए 50 करोड़ रूपए निर्धारित किए हैं। भारत को सुरक्षा प्रणाली मजबूत करने के साथ-साथ ऎसे विशेषज्ञ तैयार करना होंगे, जो न सिर्फ साइबर हमलों को नाकाम कर सकें, बल्कि जरूरत पड़ने पर जवाबी हमला भी बोल सकें।

internet safety

साइबर आतंकवाद होती है यह हैकिंग। किसी व्यक्ति, कंपनी या सुरक्षा एजेंसी के गोपनीय दस्तावेज चुराने हो या उसकी सायबर सुरक्षा में सेंधमारी करनी हो, हैकर्स अपना काम चुटकियों में कर डालते हैं। ऎसे में उनके बुरे मंसूबों पर पानी फेरना बहुत मुश्किल साबित होता है। अगर यही हैकिंग सही मंसूबों के साथ की जाए तो यह इस साइबर आतंकवाद को रोकने का भी काम कर सकती है।

ज़रा याद कीजिए फिल्म ‘ए वेडनेसडे’ का दृश्य, जिसमें मुंबई के पुलिस कमिश्नर एक कंप्यूटर विशेषज्ञ किशोर को अपने दफ्तर में बुलाते हैं और उसके सभी नखरे सहते हैं। इस किशोर को एक मोबाइल फोन का ठिकाना तलाशने का काम दिया जाता है और थोडी मशक्कत के बाद वह इसमें कामयाब भी हो जाता है। यह कोई काल्पनिक दृश्य नहीं, बल्कि हकीकत है। दुनिया की ज्यादातर पुलिस, आधुनिक आतंककारियों को दबोचने के लिए इसी तरह के किशोर विशेषज्ञों की सेवाएं ले रहीहैं।सरकारी सुरक्षा एजेंसियां ही नहीं, बडी कंपनियां भी इस बात के लिए आश्वस्त रहना चाहती हैं कि कहीं उनके साइबर तंत्र में कहीं चूक तो नहीं। इसी को सुनिश्चित करने के लिए वे भी इस तरह के विशेषज्ञों की भर्ती करती हैं, जो हैकिंग और कंप्यूटर की दुनिया के बादशाह होते हैं। सही मंसूबों के साथ हैकिंग करने की इस कला को नैतिक या एथिकल हैकिंग का नाम दिया जाता है।

malware

एथिकल हैकर्स से मिली जानकारी के अनुसार भारत, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, पाकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, रोमानिया और थाईलैंड समेत कई देशों के दूतावासों के कम्प्यूटर हैक किए जा चुके हैं। शिकार बनाने का तरीका यह है कि कंप्यूटर में हैकिंग के जरिए सेंध लगाने के बाद हैकर कंप्यूटर में ऎसा सॉफ्टवेयर डाल देते हैं, जो समय-समय पर उन्हें जानकारी भेजता रहता है।

ऑरकुट और फेसबुक पर ऐसे समूह हैं, जो हैकिंग या कम्प्यूटर में सेंध के लिए सलाह और तकनीक बता रहे हैं। यह बात अलग है कि जितनी तेजी से हैकर्स बढ रहे हैं, उन्हें रोकने के लिए एथिकल हैकर्स भी उतनी ही तेजी से सामने आ रहे हैं।

credit card fraud

इन सब चीजों के अलावा कम्प्यूटर से जानकारियां चुराने के नित नए तरीके अपनाए जाते हैं। जिनके बारे में अगले किसी लेख में बात होगी। हालांकि मैं कोई विशेषज्ञ नहीं हूँ लेकिन रोज़ाना के कार्य करते हुए तरह तरह की दिक्कतें झेलता हूँ कम्प्यूटर की। कई ब्लॉगर साथियों की समस्यायों का निराकरण भी किया है। इसके अलावा संबंधियों-सहयोगियों का दबाव भी था कि इस विषय पर एक अलग स्थान बनाए जाने का।

इस श्रेणी ‘कम्प्यूटर सुरक्षा’ के माध्यम से कोशिश रहेगी कि मैं अपने लिए जो कुछ करता हूँ उसे यहाँ समेट सकूँ या अपनी याददाश्त के लिए रख सकूँ। बेशक कई साथियों ने बहुत अच्छी जानकारियाँ कालांतर में दी हैं, अभी भी दे रहे हैं किन्तु यहाँ समय-समय पर मैं अपने अनुभव ही साझा करूँगा।

क्या यह ठीक है?

आम कम्प्यूटर उपभोक्ता का रक्षा कवच बहुत कमजोर: इसके परिणाम क्या हो सकते हैं, इसका अंदाजा हमें नहीं
लेख का मूल्यांकन करें
Print Friendly, PDF & Email

Related posts

33 Thoughts to “आम कम्प्यूटर उपभोक्ता का रक्षा कवच बहुत कमजोर: इसके परिणाम क्या हो सकते हैं, इसका अंदाजा हमें नहीं”

  1. Suresh Chiplunkar

    स्वागत है, और शानदार पहल है…। सबको अपना ज्ञान बाँटिये ताकि मेरे जैसे "कम्प्यूटर तकनीकी अनपढ़" भी कुछ जान सकें…

  2. शरद कोकास

    एथिकल हैकर्स यह शब्द सुन कर अच्छा लगा । वास्तव में हैकर शब्द ऐसे कामो के साथ जुड़ गया है जो वास्तव में मानवता के विरुद्ध हैं । अ वेडनेसडे फिल्म के अलावा कुछ अन्य फिल्मो मे भी यह दृश्य देखा कि आतंकवाद व दुश्मनो के खिलाफ इस तरह की एथिकल हैकिंग की जाती है । मुझे लगता है कि इस तरह के विशेषज्ञों को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिये । आप निरंतर कम्प्यूटर सुरक्षा सम्बन्धी शोध में लगे रहते है यह हमे पता है । इस सम्बन्ध में नित नई जानकारी अगर आप ब्लॉग के पाठकों तक पहुंचायेंगे तो हम आपके आभारी रहेंगे धन्यवाद ।

  3. जी.के. अवधिया

    अरे पाबला जी! आप जो जानकारी दे रहे हैं वह तो बहुत ही सराहनीय है।

    "हालांकि मैं कोई विशेषज्ञ नहीं हूँ .."

    हा हा हा हा

    "रहिमन हीरा कब कहे लाख टका मेरो मोल …"

  4. डॉ टी एस दराल

    आपकी दी गई जानकारी सबके बहुत काम आएगी पाबला जी । आभार।

  5. मनोज कुमार

    बहुत अच्छी और उपयोगी जानकारी मिली।

  6. चन्द्र कुमार सोनी

    helpful or useful or alertful informmation dene ke liye thanks.
    http://WWW.CHANDERKSONI.BLOGSPOT.COM

  7. निपुण पाण्डेय

    बहुत अच्छा ब्लॉग पाबला जी !

    ऐसी जागरूकता की हिंदी ब्लॉग जगत में बहुत जरूरत थी …..और निसंदेह आपका यह ब्लॉग ब्लोग्गेर्स के बहुत काम आएगा …..

    बहुत बहुत शुभकामनाएं और बधाइयाँ …:)

  8. प्रवीण त्रिवेदी ╬ PRAVEEN TRIVEDI

    शुभकामनाएं

  9. प्रवीण त्रिवेदी ╬ PRAVEEN TRIVEDI

    शुभकामनाएं

  10. राज भाटिय़ा

    धन्यवाद पावला जी इस सुंदर जानकारी के लिये

  11. दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

    नए और उपयोगी ब्लाग का स्वागत है।

  12. पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

    बेहद उपयोगी जानकारी..इस जागरूक पहल के लिए आपको बहुत बहुत शुभकामनाऎँ!!!

  13. शिवम् मिश्रा

    इस की बहुत जरूरत थी …………बढ़िया कदम उठाया पाबला जी ……..हमेशा की तरह !!
    बहुत बहुत शुभकामनाएं और सच में हम सब बहुत आभारी है आपके !

  14. डॉ महेश सिन्हा

    सुरक्षा के इस मंच पर स्वागत
    नेटवर्क सुरक्षा आज सबसे बड़ा मुद्दा है इंटरनेट के लिए
    हैकर अँड क्रैकर दो शब्द उपयोग मैये जाते हैं
    इसके ऋणात्मक और धनात्मक उपयोग करने वालों के लिए
    अपने देश में भी काफी निपुण लोग हैं इस दिशा में काम करने वाले 🙂

  15. निर्मला कपिला

    भाजी जीओ बहुत लम्बियाँ उम्रँ होण सडे वरगे नासमझाँ नू ताँ तुहाडा आसरा है। धन्वाद अते सत सिरिअकाल्

  16. डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

    उपयोगी पोस्ट और काम का ब्लॉग!
    नये ब्लॉग के साथ
    आपका स्वागत और अभिनन्दन!

  17. पी.सी.गोदियाल

    उपयोगी जानकारी, पावला जी !

  18. नरेश सोनी

    पाबला जी, तुसी छा गए।
    बेहद उपयोगी जानकारियां हैं।
    धन्यवाद।

  19. अन्तर सोहिल

    बहुत अच्छा किया जी आपने यह ब्लाग बना कर। बहुत ही आवश्यकता थी ऐसी जानकारी भरे लेखों की। हार्दिक आभार

    प्रणाम स्वीकार करें

  20. हिमांशु । Himanshu

    आपकी ब्लॉग श्रृंखला में एक और कड़ी !
    उपयोगी लाभप्रद जानकारियों को प्राप्त करने का एक और स्रोत !

    कम्प्यूटर की सुरक्षा पर ही केन्द्रित यह ब्लॉग बहुत-सी मुश्किलें हल करेगा ! शुभकामनाएं !

  21. राजू मिश्र

    कम्प्यूटर की सुरक्षा के बारे में जानकारियां देने के लिए धन्‍यवाद।

  22. Sanjeet Tripathi

    badhiya pahal, shukriya ke sath shubhkamnayein

  23. Rector Kathuria

    सारे जहां का दर्द हमारे जिगर में है…बस उसी सिद्धांत पर चलते हुए आप ने इस बार भी जो विषय चुना है उससे सभी का भला होगा…..पाबला जी आपने बहुत ही सादगी से इस बेहद उलझे हुए मुद्दे को और इस के सभी पक्षों को समझाया है…….इस पर चर्चा की जितनी ज़रुरत आज है….उतनी शायद पहले कभी नहीं थी….जिस डॉ से साइबर क्राइम बढ़ रहा है उसे देखते हुए तो आने वाले समय में इस जानकारी का महत्व और भी बढ़ने वाला है…..आपका बहुत बहुत धन्यवाद….. उम्मीद है कि अधिक से अधिक पाठक इस का लाभ उठायेंगे…..

  24. RAJ SINH

    पाबला जी ,
    बहुत शुक्रिया .हम जैसे साइबर मूर्खों पर बहुत ही मेहेरबानी होगी .

    आपके मेले के शुक्रगुजार तो पहले से ही हैं लेकिन फिर से ………….

    सुस्वागतम !

  25. सुरेश यादव

    पाबला जी आप ने इस ब्लाग के माध्यम से ज्ञान का एक उपयोगी दरवाजा खोला है.आप को इस नेक कार्य के लिए बधाई.

  26. डॉ महेश सिन्हा

    इसे कहते हैं क्या
    प्रचार
    बात शुरू भी नहीं हुई और हँगामा हो गया
    🙂

  27. रवीन्द्र गोयल्

    पाबला जी तुसी ग्रेट हो. अच्छी जानकारी है. अगर आपको ऐतराज़ ना हो तो क्या हम अपनी वेबसाइट पर इसे जानकारी को डाल दें ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इस जानकारी का लाभ उठा सकें। ज़ाहिर है उसमें आभार सहित आपका नाम दिया जाएगा।

  28. RAJNISH PARIHAR

    आप जो जानकारी दे रहे हैं वह तो बहुत ही सराहनीय है।आभार।

  29. vinay

    कुछ दिन पहले मेरे कम्पुयटर की विन्डो करपट्ट हो गयी थी,कारण समझ नहीं आया था,अब ठीक है,जबकि इसमें एन्टीवायरस भी है ।

  30. भूतनाथ

    आप जो जानकारी दे रहे हैं वह तो बहुत ही सराहनीय है।आभार……great paablaa ji kee jai ho…..

  31. E-Guru Rajeev

    .इस जागरूक पहल के लिए आपको बहुत बहुत शुभकामनाऎँ!!!

  32. प्रवीण पाण्डेय

    उपयोगी जानकारियाँ । पहले से ही व्यवस्था पख्ता कर लेना ठीक है ।

  33. शंकर फुलारा

    पाबला जी आपका ये वाला ब्लॉग देखा तो लगा मेरी समस्या का समाधान भी यहीं मिलेगा, अगर आप इस पर ध्यान दे सकें तो आभारी होऊंगा | मेरा ब्लॉग tensionpoint.blogspot.com पिछले कुछ समय से बहुत देर में खुल रहा है लगभग दस मिनट वह सर्च करने लगा देता है पूरा पेज सर्च हो जाता है पर साईड बार पट्टी दिखाई नहीं देती | और सर्च पट्टी पर भी जो हरी पट्टियाँ दिखाई देती हैं वह भी अंतिम पट्टी पर रुकी रहती है जिससे पेज स्क्रोल नहीं होता | सर्चिंग चक्र घूमता रहता है | क्या यह मेरे कंप्यूटर में गड़बड़ है या ब्लॉग में ? कृपया मेरी इस समस्या का समाधान करने का कष्ट करें |
    इसमें एक बात पर मैं और परेशान हूँ कि जब मेरा ब्लॉग सर्च करता है तो स्क्रीन के नीचे एक तरफ तो सर्चिंग पट्टी होती है जिसमे हरी पट्टियाँ बनती हैं और दूसरी तरफ सर्चिंग विषय बहुत तेजी से बदलते हैं | तो , जब हरी पट्टी अंतिम पट्टी पर जाकर रुकी रहती है तब दूसरी तरफ कोई amitjain.co.in का पता भी रुका रहता है दस मिनट बाद कहीं done लिखा आता है और ब्लॉग पूरा दिख पाता है | कृपया कोई समाधान सुझाएँ | आभारी होऊंगा | धन्यवाद |

Leave a Comment

टिप्पणीकर्ता की ताज़ा ब्लॉग पोस्ट दिखाएँ
Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)

[+] Zaazu Emoticons