इंटरनेट की अनोखी तकनीक ने किया हिंदी ब्लॉगरों को एक जगह इकट्ठा

कुछ बरसों पहले जब हमारे सुपुत्र ने अपने शहर की वेबसाईट बनाई थी तो एक दिन उसने मुझे उसके ई-मेल पते पर आई एक मेल दिखाई जिसमे एक परेशान सज्जन ने बड़ी ही मार्मिक भाषा में हमसे गुहार लगाई थी अपनी पत्नी को खोज निकालने के लिए।

किस्सा कुछ ऐसा कि वे सज्जन किसी पानी वाले जहाज पर अपनी नौकरी बजा रहे थे और इधर उनकी पत्नी का स्थानान्तरण किसी दूसरे शहर से भिलाई के एक दिल्ली पब्लिक स्कूल में हो गया, साथ में था एक बच्चा। दो-चार दिन तो उनका सम्पर्क बना रहा मोबाईल के सहारे लेकिन तीन दिनों से वे अपनी पत्नी के मोबाईल पर संपर्क नहीं कर पा रहे थे। ना तो घंटी जाने की आवाज़ आती और ना ही किसी तरह का कम्प्यूटरीकृत संदेश मिलता।

दूर कहीं समुद्र पर अपने जहाज से सीमित संसाधनों से जितना कुछ कर सकते थे कर चुके लेकिन वे अपनी पत्नी-बच्चे का कोई हाल ना जान सके। तब उन्होंने वह ई-मेल भेजा था मदद के लिए। मेरे लिए दिक्कत यह थी कि सुरक्षा की दृष्टि से मोबाईल नंबर हटा दिया था जहाज के प्रबंधन ने।

हालांकि वह दिल्ली पब्लिक स्कूल मेरे घर से चंद कदमों की ही नज़दीकी पर था। इतना नज़दीक कि कभी कोई सामूहिक आवाज़ हो तो हमें सुन जाती है। फिर भी, जैसा एक वरिष्ठ ब्लॉगर मुझे उलाहना देते है कि ‘आप हर चीज को बड़ी बारीक कानूनी नज़रिए से देखते हैं’, मैंने अपने ‘फोरेंसिक सेवकों’ से उस ई-मेल की सत्यता जाननी चाही। तो यह पता चला कि वह वाकई में एक जहाज से भेजी गई मेल है जो संबंधित जहाज प्रशासन की निगाहों से गुजर कर, सहमति ले कर आई है।

दुनिया भर के जहाज़ों का ताज़ा ट्रैफिक दिखलाने वाली वेबसाईट

तब मैंने अपने एक कार्यालयीन सहयोगी से संपर्क किया। उनकी पत्नी भी उसी दिल्ली पब्लिक स्कूल में हैं। पता चला कि उस नाम की महिला आई तो है कुछ दिनों पहले लेकिन उनका ठिकाना नहीं मालूम। मैंने ई-मेल का प्रिंट निकाला और पहुँच गया स्कूल। प्रिंसिपल ऑफिस वालों को सारी स्थिति समझाई तो उन्होंने मुझे उन मोहतरमा का मोबाईल नंबर दिया लेकिन फिर वही ढाक के तीन पात। कोई चूँ चाँ नहीं।

फिर मैंने एक उच्चाधिकारी से संपर्क किया और चंद ही मिनटों में स्कूल प्रशासन द्वारा मुझे उस महिला के पड़ोसी का लैंडलाईन नंबर दिया गया। उस महिला ने टेलीफोन पर हैलो कहा तो 12 घंटो का मेरा सारा गुबार एक जासूस की तरह पूछताछ करते, खरी खोटी सुनाते निकलने लगा। उधर से जब सिसकियाँ सुनाई दीं तो मैं चुप हुआ।

पता चला कि उनका मोबाईल कहीं गिर जाने से बंद हो गया था और उसे बनवाने के लिए दिया गया है। मैंने शांत स्वर में तुरंत ही उन्हें अपने पति से बात करने की सलाह दी और घर लौट आया। हालांकि अब वह परिवार किसी दूसरे शहर में है लेकिन आज भी उन पति-पत्नी से संचार संपर्क बना हुआ है।

जहाज की जगह तलाश करने वाली तकनीक का इस्तेमाल अब बहुत बढ़ गया है। मैं अक्सर ही हवाई जहाज़ों की ताज़ा स्थिति, भूकंप, मोबाईल टावर सिग्नल, वाई-फाई की उपलब्धता वाले स्थानों को इनके सहारे देखता रहता हूँ। शायद याद हो आपको, भारतीय रेल की कोई भी ट्रेन इस वक्त कहाँ हैं, इसका पता बताने वाली वेबसाईट की जानकारी भी मैं दो वर्ष पहले दे चुका

आसमान में उड़ते हवाई जहाज़ों के ट्रैफिक का नज़ारा

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दुनिया भर में Wi-Fi डाटा बतलाती वेबसाईट

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अमेरिकी इलाकों में गैंगवार, गिरफ्तारियां बतलाता एक नक्शा

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भारत में विभिन्न कंपनियों के मोबाईल टावर व उनके सिग्नल की जानकारी देती वेबसाईट

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पुणे में स्थानीय प्रशासन को नागरिकों द्वारा की गई विभिन्न शिकायतें दर्शाता नक्शा

 

एक दिन यूँ ही बैठा था कि तो एक ब्लॉगर मित्र ने कटक में किसी हिंदी ब्लॉगर के होने की जानकारी चाही जो कि मैं नहीं दे पाया। मेरे साथ दसियों मौके ऐसे आए हैं जब एक शहर से दूसरे शहर का भ्रमण करने वाले ब्लॉगर सहज उत्सुकतावश किसी ब्लॉगर से मिलने की इच्छा रखते हुए मोबाईल नंबर पते आदि की जानकारी चाह्ते थे। सुभाष राय -अविनाश वाचस्पति जी की एक मुलाकात में यह सुझाव आया था कि हिंदी ब्लॉगरों की स्थान के अनुसार ब्लॉगर डायरेक्टरी बननी चाहिए ताकि किसी शहर में कितने, कौन कौन ब्लॉगर हैं, यह जानना चाहे तो उसे उस डायरेक्टरी में पूरा विवरण मिल सके। इसमें ब्लॉगर का नाम, ब्लॉग के नाम, ई मेल पते और फोन नंबर की जानकारी भी रहे।

मुझे याद है कि श्री रमन कौल, डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने भी इस बारे में प्रयास किया था।

विश्व भर के हिंदी ब्लॉगरों से संबंधित जानकारी देती वेबसाईट www.HindiBloggers.com

ऐसी ही कुछ बातों को ध्यान में रखते हुए इंटरनेट पर संभवत: हिंदी भाषा में पहली बार उपरोक्त तकनीक का इस्तेमाल कर, एक ब्लॉगर डायरेक्ट्री का निर्माण किया गया जो अब आपके सामने है। इसमें ब्लॉगर स्वयं की जानकारी, शुभ अवसर या अपनी किसी संभावित यात्रा, मुलाकात या किसी ब्लॉगर सम्मेलन, संगोष्ठी आदि की जानकारी दे सकता है। प्रायोगिक तौर पर इसमे कुछ साथियों की जानकारियाँ हैं किन्तु यह समृद्ध तब तक नहीं हो पाएगी जब तक ब्लॉगर साथी अपनी अपनी जानकारियाँ ना दें।

इस वेबसाईट के खुलते ही विश्व के मानचित्र पर हिंदी ब्लॉगरों का स्थान, उनके द्वारा की जाने वाली यात्राएं, ब्लॉगर मीट, सम्मान समारोह, टेक्नीकल वर्कशॉप आदि की जानकारियाँ एक नज़र में ही देखी जा सकेंगी। जिसे अपनी आवश्यकतानुसार बड़ा कर देखा जा सकता है। बशर्ते वह जानकारी संबंधित ब्लॉगर द्वारा दी गई हो।

अधिक जानकारी इसी वेबसाईट www.HindiBloggers.com पर देने का प्रयास किया गया है।

उम्मीद है हिंदी ब्लॉगरों के सहयोग से यह वेबसाईट भी अपने उद्देश्यों को पूर्ति कर पाएगी।

क्या ख्याल है आपका?

इंटरनेट की अनोखी तकनीक ने किया हिंदी ब्लॉगरों को एक जगह इकट्ठा
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49 Thoughts to “इंटरनेट की अनोखी तकनीक ने किया हिंदी ब्लॉगरों को एक जगह इकट्ठा”

  1. मैंने अपनी जानकारी वहाँ साईट पर दे दी है पर शायद कुछ कसर रह गई हो … कल ही दोबारा देखता हूँ अपनी प्रोफाइल को … आभार आपका !
    टिप्पणीकर्ता Shivam Misra ने हाल ही में लिखा है: सचिन का सेंचुरी नहीं – सलिल का हाफ-सेंचुरी : ब्लॉग बुलेटिनMy Profile

  2. वड्डी खतरनाक बातें दसदे हो प्राजी. बिलागरों की ऐसी साईट तैयार हो गयी फिर तो बड़ी गडबड हो जायेगी. कौन ब्लागर किस ब्लागर के पास बैठ कर बिलागरया रहा है, सब पता चल जाएगा.
    टिप्पणीकर्ता indian citizen ने हाल ही में लिखा है: व्यापारी की प्रार्थनाMy Profile

  3. हार्दिक स्‍वागत.
    टिप्पणीकर्ता राहुल सिंह ने हाल ही में लिखा है: व्‍यक्तित्‍व रहस्‍यMy Profile

  4. बहुत अच्छा प्रयास, शुभकामनायें।
    टिप्पणीकर्ता ePandit ने हाल ही में लिखा है: साल २०११ के तकनीकी सफर पर एक नजरMy Profile

  5. अब बीवी खोने की चिंता नहीं रहेगी,कहीं न कहीं,किसी न किसी नक़्शे पर आप दिखा ही दोगे !!

    तकनीक का मानवता के साथ अच्छा घालमेल !
    टिप्पणीकर्ता संतोष त्रिवेदी ने हाल ही में लिखा है: ई पवित्र होने का मौसम है भाई !My Profile

    1. काजल कुमार

      …अब चिंता ये रहेगी कि ये बीबी ढूंढ देंगे 🙂

      1. बिलकुल सही पकड़ा !
        टिप्पणीकर्ता संतोष त्रिवेदी ने हाल ही में लिखा है: ई पवित्र होने का मौसम है भाई !My Profile

  6. जब तक अनूप शुक्ल जी ब्लॉगर इफेक्टस् नहीं लिखेंगे तब तक तो भैया हम इसमें अपना पता ठिकाना डालने से रहे।

    1. देवेन्द्र जी
      तनिक फुरसत में अनूप जी से कानाफूसी करते हुए हमरा नाम लीजिएगा
      ठंडी सांस भर कोई फिल्मी गीत या दोहा चौपाई ना गुनगुनाएं वे, तो कहिएगा
      Censored

  7. वाह, बंगलोर का झण्डा बुलन्द है..
    टिप्पणीकर्ता प्रवीण पाण्डेय ने हाल ही में लिखा है: स्नेह से ध्येय तकMy Profile

  8. ब्लॉगर डायरेक्टरी के साइड इफेक्टस्
    ..ये लो! हमको बंगलोर निवासी बता दिया! कुछ तो झोल है। अब देखें इस कमेंट में कहां का निवासी बताता है!

    1. Happy
      ये आपका नहीं आपके इस्तेमाल किए जा रहे इंटरनेट सर्वर का ठिकाना बताता है

  9. sanjay bhaskar

    बहुत अच्छा प्रयास

  10. zakirlko

    पाबला जी की जय हो।

    1. Overjoy
      जय हो उस ‘सुपर प्रोग्रामर’ की किसे सब ईश्वर कहते हैं

  11. zakirlko

    ये क्‍या पाबला जी, इत्‍ता लम्‍बा रजिस्‍ट्रेशन करवा लिया, उसके बाद भी मेरा ताजा लेखन नहीं दिख रहा (जबकि ताजा लेखन दिखाएं वाले बॉक्‍स पर टिक लगा हुआ था)। लगता है फिर से कमेंट में लिंक छोड़ने ही पड़ेंगे। 🙂

    1. Smile

      कमेंट में लिंक छोड़ेंगे तो नुकसान आप ही का होगा:-)

      बॉक्स पर टिक लगा हुआ था तो संभवत: आपने जल्दी टिप्प्णी सब्मिट कर दी। बेचारे उस रोबोट को कुछ समय तो दिया होता आपके ताज़ा लेख तलाशने का

  12. मुबारकां…..कबूल करो पाबला जी ..!
    आप की मेहनत सार्थक हो !
    खुश और स्वस्थ रहो !

  13. स्वागत है ब्लोगर्स की जानकारी देती इस शानदार वेब साईट का

  14. डायरेक्‍टरी हेतु कहाँ पंजीकरण कराना है?
    टिप्पणीकर्ता ajit gupta ने हाल ही में लिखा है: तो विदा 2011, क्‍या करें तुझे सर्दी में ही विदा करना पड़ रहा है!My Profile

    1. Geek

      अजित जी आप यह लिंक देखिएगा http://www.hindibloggers.com/?page_id=523

  15. आवश्यक जानकारी है मेरे लिए ….
    आभार भाई जी !
    टिप्पणीकर्ता सतीश सक्सेना ने हाल ही में लिखा है: पापा को भी प्यार चाहिए -सतीश सक्सेनाMy Profile

  16. अपना ब्‍लाग दर्ज कर दिया…… आभार……

  17. इससे ब्लॉगर पुरूष है तो उसकी पत्नी को फायदा होगा, ब्लॉगर महिला है तो उसके पति को फायदा होगा। ब्लॉगर को क्या फायदा होगा?:)

    1. Pleasure
      बड़े बुज़ुर्ग कह गए
      “मानो तो भगवान, ना मानो तो पत्थर”

      1. मान लिया कि यह भगवान जैसा बड़ा काम है लेकिन इसमें ब्लॉगर को व्यक्तिगत रूप से क्या फायदा है:)

        1. Overjoy
          आचार्य चाणक्य ने कहा है
          “किसी मूर्ख व्यक्ति के लिए किताबें उतनी ही उपयोगी हैं जितना कि एक अंधे व्यक्ति के लिए आईना उपयोगी।”

          1. 🙂
            मतलब यह विद्वानो और आँख वालों के लिए है! ये बहुत से होंगे फिर अपना क्या काम:)

  18. sonu

    भारतीय रेल की कोई भी ट्रेन इस वक्त कहाँ हैं, इसका पता बताने वाली वेबसाईट की जानकारी phir se dene ka kast kare.

    1. Cool
      देर इसलिए हुई कि इस वेबसाई्ट में कुछ कार्य चल रहा था
      अपडेटेड जानकारी के साथ यह है लिंक

      http://bspabla.com/?p=192

  19. maninder

    आप ने जिन वेबसाइट का वर्णन ऊपर किया है उनका एड्रेस भी बता दीजिये

    1. Delighted
      इसके अलावा भी बहुत सारी हैं
      अलग से एक पोस्ट लिखता हूँ

  20. वाह जी! बढिया! अब खोया- पाया केंद्र भी!
    टिप्पणीकर्ता चंदन कुमार मिश्र ने हाल ही में लिखा है: भाषा पर एक बातचीत … ‘भाषा एक प्राथमिक सवाल क्यों है’My Profile

  21. इतनी तकनिकी जानकारियां ! मेरा सिर चकरा रहा है.हे भगवान! खाना वाना समय पर खाते भी हो कि नही? हिंदी ब्लोगर्स की जानकारी देने वाला लिंक काम का निकला अपना हा हा हा
    ये स्माइलीज़ ‘जाजू इमोशंस’ मुझे भी अपने ब्लॉग पर चाहिए.कहीं पूरी पोस्ट पढ़ी भी थी पर……….. भूल गई.
    लिंक दे दीजियेगा.
    जानकारियों से भरपूर पोस्ट्स होती है.कुछ ना कुछ सीख कर जाती हूँ हर बार .

  22. इतनी तकनिकी जानकारियां ! मेरा सिर चकरा रहा है.हे भगवान! खाना वाना समय पर खाते भी हो कि नही? हिंदी ब्लोगर्स की जानकारी देने वाला लिंक काम का निकला अपना हा हा हा
    ये स्माइलीज़ ‘जाजू इमोशंस’ मुझे भी अपने ब्लॉग पर चाहिए.कहीं पूरी पोस्ट पढ़ी भी थी पर……….. भूल गई.
    लिंक दे दीजियेगा.
    जानकारियों से भरपूर पोस्ट्स होती है.कुछ ना कुछ सीख कर जाती हूँ हर बार . Tounge-Out

  23. आवश्यक जानकारी है

  24. Deepak

    वहा क्या बात है ,,किसी के दर्द को महसूस करना और उस के लिय अपना समय देना , ये हर आदमी के बस की बात नहीं हा …आप की हर अदा दिल पर छाप छोड़ जाती है,,,,,

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