एक खतरनाक बताये जा रहे ई-मेल की सच्चाई

अभी थोड़ी देर पहले ही जाकिर अली ‘रजनीश’ जी के ब्लॉग पर नज़र पड़ी। जिसमें उन्होंने एक ई-मेल का जिक्र करते हुए राय माँगी है। क्षणिक टिप्पणी तो कर आया, किंतु लगा कि कुछ और जानकारी भी बाँट ली जाए।

ऐसे कई ई-मेल आते रहते हैं जिनमें सच्चाई तो रहती है, लेकिन सहजता से हमारा (भारतीय) स्वभाव उसे स्वीकारने में हिचकिचाता है कि इतनी बड़ी कम्पनियाँ और हमारा सरकारी तंत्र गलत थोड़े ही हो सकता है।

लेकिन इस ई-मेल की सच्चाई आप स्वयं ही देखें तो बेहतर होगा। अनुवाद करने पर हो सकता है कि अर्थ बदल जाएं, अत: मूल पाठ को अंग्रेजी में ही रखा जा रहा है।

इस सूची में पहला नाम है तो Phenylpropanolamine का जिसे संक्षेप में PPA कहा जाता है। इस दवा के बारे में अमेरिका के Food and Drug Administration (FDA) का कहना है कि Scientists at Yale University School of Medicine recently issued a report entitled “Phenylpropanolamine & Risk of Hemorrhagic Stroke: Final Report of the Hemorrhagic Stroke Project.”
This study reports that taking PPA increases the risk of hemorrhagic stroke (bleeding into the brain or into tissue surrounding the brain) in women. Men may also be at risk. Although the risk of hemorrhagic stroke is very low, FDA recommends that consumers not use any products that contain PPA.
 
मतलब, दुनिया की सर्वमान्य संस्था, किसी भी ऐसे उत्पाद को ग्रहण करने से मना करती है, जिसमें Phenylpropanolamine का समावेश हो! 46 पन्नों की यह पूरी रिपोर्ट यहाँ मौज़ूद है। अब वह उत्पाद चाहे Vicks Action 500 ही क्यों न हो।
एक अन्य नाम है Cisapride जिसके बारे में कहा गया है कि: 
Do not take cisapride if you
  • have bleeding, an injury, or an obstruction in your stomach;
  • have heart disease or hardening of the arteries;
  • have heart failure;
  • have an irregular heartbeat or a history of irregular heartbeats;
  • have a history of prolonged QT intervals;
  • have a family history of congenital long QT syndrome;
  • have a slow heart rate that is considered a medical condition;
  • have a structural heart defect;
  • have heart block or other conduction disturbances;
  • have severe dehydration (loss of water), vomiting, malnutrition, an eating disorder;
  • have kidney failure; or
  • have severe lung problems or advanced cancer.
The conditions listed above may increase the risk of dangerous side effects including irregular heartbeats, heart attack, and death while taking cisapride. 
इसमें कुछ परिस्थितियाँ दर्शायी गयीं हैं, जिनके होते हुए कब्ज़ जैसी व्याधि के लिए Cisapride लेने पर मौत भी हो सकती है! इसकी अधिक जानकारी, दवाईयों की सुप्रसिद्ध वेबसाईट Drugs.com पर यहाँ से ली जा सकती है।
पोस्ट ज्यादा लंबी न हो जाए, इसलिए बाकी दवायों के बारे में आप स्वयं ही छानबीन करें और मुझे भी बताये! आखिर मैं कोई डॉक्टर थोड़े ही ना हूँ।
दवायों पर FDA की सूची यहाँ देखी जा सकती है।
दवायों की सूची, लिए जाने का कारण, उपयोग विधि, विपरीत प्रभाव व अन्य जानकारियाँ यहाँ से मिल सकती हैँ।
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7 thoughts on “एक खतरनाक बताये जा रहे ई-मेल की सच्चाई

  1. मेरा कहना है कि सब सापेक्ष्य में है। हर वस्तु/वनस्पति दवा है और हर दवा जहर।
    जो जरूरी है वह है संज्ञान।

  2. ऐसी बहुत सी दवाइयाँ हैं जो अमरीका या युरोप में तो वर्जित हैं परंतु भारत में खुले आम बिकता है. सभी साइट्स की आपने लिंक देकर बहुत अच्छा किया
    http://mallar.wordpress.com

  3. हर पदार्थ हमारे शरीर पर असर करता है, अच्छा भी और बुरा भी। क्यों कि पदार्थ शरीर पर असर न करे तो वह दवा भी नहीं हो सकता। ज्ञान जी ठीक कहते हैं संज्ञान जरूरी है। हर दवा के डिब्बे में एक कागज होता है जिस में लिखा होता है कि इस दवा के क्या क्या साइड इफेक्ट हो सकते हैं और क्या लक्षण होने पर तुरंत डाक्टर को दिखाया जाना चाहिए। अधिकतर यह कागज दवा के दुकानदार के पास छूट जाता है। हाथ भी आ जाए तो उसे बिना आतिशी शीशे के पढ़ना संभव नहीं हो पाता।
    हर नयी दवा लेने के पहले सावधान रहना जरूरी है। वैसे अपने तो होमियोपैथी जिन्दाबाद है।

  4. पाबला साह्ब जी इस लिये यह दवा जितनी कम खा सको बेहतर है.
    धन्यवाद

  5. आपके ब्लॉग पर बड़ी खूबसूरती से विचार व्यक्त किये गए हैं, पढ़कर आनंद का अनुभव हुआ. कभी मेरे शब्द-सृजन (www.kkyadav.blogspot.com)पर भी झाँकें !!

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