… और कंकड़ी पर पहाड़ गिर पड़ा!!!

ज़िंदगी के मेले

मुझे रोजाना दसियों लिंक ईमेल में मिलते हैं जिसे पढ़ने का और फिर टिप्पणी करने का निवेदन/ आग्रह होता है।

निश्चित तौर पर अधिकतर साथी यही चाहते होंगे कि उनकी बात ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचे।

जब भी कोई नया ब्लॉग मिलता है एक बार अवश्य उस पर ध्यान देता हूँ और अपनी रुचि के अनुसार पाए जाने पर आगे भी पढ़े जाने हेतु सुरक्षित कर लेता हूँ।

दिक्कत तब शुरू होती है जब किसी ब्लॉग की लिंक बार बार मेल में मिलने लगती है।

दो- तीन बार ढके छिपे शब्दों में अपनी बात बताने के बाद भी कुछ नहीं होता तो अवहेलना करने लगता हूँ, लेकिन कभी कभी खिन्नता उत्तपन्न होने लगती है।

blog pabla

तब जाकिर अली राज़नीश जी से प्रेरणा पा कर मैंने कुछ पंक्तियाँ लिखीं। जो उन ब्लॉग लिंक भेजने वालों को चले जाती हैं जो बार बार यह प्रयास करते हैं। आज शाम भी ऐसा ही कुछ हुआ जब अपना ब्लॉग पढ़वाने वालों में से एक को यह पंक्तियाँ मेरी ओर से गईं:

आपके इस महत्वपूर्ण अवदान से परिचित कराने संबंधित मेल मिली। बहुत-बहुत आभार। आपके रचनात्मक आलेख से परिचित होकर मुझे बेहद खुशी होगी।

इससे पहले कि आपकी दूसरी मेल आए मैं चाहता हूँ कि आप भी आज ही समय निकाल कर Blogs In Media http://blogsinmedia.com/ पर यह देख आएं कि आपके ब्लॉग का कोई आलेख किसी अखबार में छपा है कि नहीं। इसके साथ ही ब्लॉग मंडली http://www.blogmandli.com/ पर भी अपनी पोस्ट का लिंक दे आएँ जिससे और अधिक पाठक मिलें आपके विचारों को। अब आपका लेख वहाँ होगा तो ब्लॉग पर यह जाहिर करने के लिए ब्लॉग मंडली का लोगो लगाना ना भूलें।

इसके बाद एक नज़र ब्लॉग गर्व http://bloggarv.com/ पर भी डालें और यदि आप अपने ब्लॉग को उसके लायक पाते हैं तो अवश्य ही स्थाई रूप से अपने ब्लॉग का एक ठिकाना वहाँ बना कर अपने आप को गौरान्वित महसूस करें।

किसी तरह की समस्या आने पर ब्लॉग मंच http://www.blogmanch.com/ पर अनुभवियों के ज्ञान का उपयोग करना नहीं भूलेंगे यह मेरा विश्वास है।

अपने ब्लॉग के लिए इतना सब कुछ करने के बाद यदि समय मिले तो मेरे ब्लॉग ज़िंदगी के मेले में भी घूम आईए, हिंदी ब्लॉगरों के जनमदिन पर किसी ब्लॉगर को बधाई दे डालिए, कम्प्यूटर सुरक्षा पर ध्यान भी दीजिए, निश्चित तौर पर ब्लॉग बुखार तो आपको भी होगा ही कुछ दवा वहाँ भी ले लें।

आज की दुनिया भले ही कैसी भी हो लेकिन कल की दुनिया के बारे में जानने को उत्सुक तो आप होंगे ही, शोध व सर्वे क्या बताते हैं यह नहीं जानना चाहते तो इंटरनेट से आमदनी अवश्य ही करना पसंद करेंगे आप।

अरे कुछ नहीं तो मेरे मोबाईल पर आए एस एम एस तो पढ़ ही सकते हैं MySMSs पर मज़ा ना आए तो http://nonvegsmss.blogspot.com/ का स्वाद ले लीजिए

इतना सब कुछ लिखने के बाद भी कई अनजाने शब्द मिल जाते हैं तो शब्द संसार से आपकी जिज्ञासा शांत करने में मुझे आनंद आएगा

प्रिय साथी, मुझे आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि आप अपने कीमती समय में से कुछ पल निकाल कर मेरे सभी वेबसाईटों और ब्लॉगों को अपनी पग-धूलि से धन्य करेंगे। साथ ही मैं यह भी कहना चाहूँगा कि इन सभी वेबसाईट्स को अपडेट करते रहने के लिए आप भी अपने ब्लॉग के माध्यम से कुछ सहयोग करें।

और हाँ! आपका टिप्पणी रूपी आशीर्वाद प्राप्त कर मुझे कितनी प्रसन्नता प्राप्त होगी, मैं इसका वर्णन नहीं कर सकता। यकीन जानें आपके इस महान योगदान के लिए मुझ जैसा निरीह प्राणी आपका आभारी रहेगा।

आपकी प्रतीक्षा में,
आपका अपना
बी एस पाबला

अब होता यह है कि ब्लॉग लिंक भेजने वाल़े एक साथ कई लोगों को मेल भेजते हैं और मेरी उपरोक्त पंक्तियाँ उन सभी को चले जाती हैं जिन्हें ब्लॉग पढ़वाने वाल़े अपनी लिंक भेजते हैं। आज उस लिस्ट में समीर लाल जी और ललित शर्मा जी भी थे। तुरंत ही लौटती ई-मेल से समीर लाल जी का उलाहना मिला

एक पूरी पोस्ट के बराबर तो ईमेल है….हा हा!!! पढ़ते पढ़ते थक जाये बंदा…ब्लॉग पर कब जायेगा…:)

अभी मुस्कुरा ही रहा था कि ललित शर्मा जी की मेल आ गई

कंकरी पर पहाड़ गिर पड़ा 🙂

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… और कंकड़ी पर पहाड़ गिर पड़ा!!!
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मेरी वेबसाइट से कुछ और ...

32 thoughts on “… और कंकड़ी पर पहाड़ गिर पड़ा!!!

  1. मुझे भी आपका मेल मिला था…और पहले भी मिल चुका है…मुझे तो मजा आया था देख…कि आपने अच्छा बदला लिया 🙂

  2. हू हा हा हा हा सर कुल एकदर्जन लिंक तो अपने पास भी हैं , तो बनाया जाए एक लिंक एक्सप्रेस ..सारी मेल ..डिरेल हो जाएगी । तो ये था वो फ़ंडा …हा हा हा कंप्यूटर भी आपके आइडियाज़ देखता होगा तो ..हा हा हा हा बढिया रहा सर एकदम ठा

  3. आपके मेल से ही तो आपके ब्लॉग से जुड़े हैं.

    मैं तो कहूँगा आप ऐसी ही लंबी मेल भेजा कीजिये
    जो जहाँ जाना चाहे चला जाये.आखिर आपकी दुकान में माल तो भरपूर है.

    'कंकड़ी' पर पहाड़ गिरा
    या पहाड पर कंकड़ी,सब है तो कंकड ही.
    पर आपकी मेल की बारिश से सावन लहरा जायेगा.सर्वत्र हरा भरा हो जायेगा पाबला जी.

    एक फिर आपसे निवेदन मेरे ब्लॉग पर आने के लिए.

  4. सतर्क करती पोस्ट!

    (बच गया नहीं तो लेने के देने न पड़ जाते।)

    थैन्क्स गॉड .. मैंने आपको कोई लिंक कभी नहीं भेजा … पर मैं गॉड को थैन्क्स क्यूं कर रहा हूं, आपने तो वह मेल मुझे पढ़वा ही दिया।

  5. मेल मुझे भी मिला था .. कल मैने आपके सारे लिंक पर विजिट किया था .. इतने दिनों बाद फुर्सत जो मिली थी !!

  6. और हाँ! आपका टिप्पणी रूपी आशीर्वाद प्राप्त कर मुझे कितनी प्रसन्नता प्राप्त होगी, मैं इसका वर्णन नहीं कर सकता। यकीन जानें आपके इस महान योगदान के लिए मुझ जैसा निरीह प्राणी आपका आभारी रहेगा।

    आपकी प्रतीक्षा में,
    आपका अपना
    बी एस पाबला

    इतने प्यार से अगर मुझे लिखा होता तो छत्तीसगढ़ आने को भी तैयार हो जाता पाबला जी !
    मेरी हाजिरी लगा लीजियेगा !
    आपका अपना

  7. मेरी ओर से आप निशाखातिर रहें और इतनी भयानक ई मेल मैं भी नहीं चाहता 🙂

  8. बहुत बढ़िया उपाय किया है आपने , धन्यवाद .

  9. इसे कहते हैं – 'आक्रमण ही श्रेष्‍ठ बचाव है।'

  10. हा हा हा ! यह तो कॉपी पेस्ट करने लायक इ मेल है पाबला जी ।
    लेकिन वो कहते हैं न कि नक़ल करने के लिए भी अक्ल चाहिए ।
    अब इसकी नक़ल करने के लिए तो बहुत अक्ल लगानी पड़ेगी जी ।

    बढ़िया टिट फॉर टैट ।

  11. समीर जी और ललित भाई की तरह आपका मेल मुझे भी आया होता तो मेरी इल्तज़ा होती…

    कि करां डैडी पेट्रोल खत्म ही नहीं होंदा…

    जय हिंद…

  12. पाबलाजी, छोटा सा संशोधन, अन्यथा ना लें _

    "पग-धूलि" की जगह "हथ-धूलि या हस्त-रज" कैसा रहेगा 🙂

  13. हा हा हा हा —–मुझे भी रास्ता मिल गया ,बहुत बढ़िया ।

  14. हा हा हा हा वैसे कई मठठर इनकमिंग बंद रख केवल आउटगोईंग मे जुटे रहते हैं।

  15. Satshriakal !
    man jog pabala ji ,
    it is very first time I read you,
    your efforts are commendable . very good mission to raise the voice ,and light the lamp in the way of mankind .Thanks a lot ji .

  16. हम तो लूट सके तो लूट के पथ पर हैं।

  17. हा हा हा ! बहुत बढ़िया, लेकिन हमें इतने सारे लिंक मिल जाते तो हम तो खुश हो जाते, ये तो दुकान नहीं पूरा शॉपिंग मॉल है।

  18. पाबला जी!
    कृपया इस तकनीक को मेल द्वारा मुझे भी समझाएं ताकि मैं भी इस सेवा का लाभ उठा सकूं… और उस बेचारे को यह कहने पर मजबूर कर सकूं कि
    अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का..

  19. आपके पास दोस्तो का ख़ज़ाना है,
    पर ये दोस्त आपका पुराना है,
    इस दोस्त को भुला ना देना कभी,
    क्यू की ये दोस्त आपकी दोस्ती का दीवाना है

    ⁀‵⁀) ✫ ✫ ✫.
    `⋎´✫¸.•°*”˜˜”*°•✫
    ..✫¸.•°*”˜˜”*°•.✫
    ☻/ღ˚ •。* ˚ ˚✰˚ ˛★* 。 ღ˛° 。* °♥ ˚ • ★ *˚ .ღ 。……………..
    /▌*˛˚ღ •˚HAPPY FRIENDSHIP DAY MY FRENDS ˚ ✰* ★
    / .. ˚. ★ ˛ ˚ ✰。˚ ˚ღ。* ˛˚ 。✰˚* ˚ ★ღ

    !!मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाये!!

    फ्रेंडशिप डे स्पेशल पोस्ट पर आपका स्वागत है!
    मित्रता एक वरदान

    शुभकामनायें

  20. बिल्कुल भाई साहब मेल नही पोस्ट लग रही है…
    बहुत बढ़िया…

  21. पाबलाजी आपके योगदान को भला कौन अनदेखा कर सकता है? आप इस ब्‍लागजगत के सूत्रधार है। आपके ब्‍लाग को पढ़कर हमेशा खुशी होती है। सितम्‍बर मास में रायपुर और भिलाई का कार्यक्रम बना रही हूँ, आशा है आपसे मुलाकात का समय प्रभु देगा।

  22. ओय! बल्ले बल्ले:) पूरी पोस्टें घुमा दी इस बहाने।

  23. नहले पे दहला मेल भेजने वालो के लिए… एक पंथ दो काज यहाँ पोस्ट के रूप मे…हँसी हँसी मे सबको पढ़वा दी 🙂 दो तीन ब्लॉग़ तो नए है हमारे लिए..हमें भी भेजी होती यह मेल..!!

  24. नहले पे दहला मेल भेजने वालो के लिए… एक पंथ दो काज यहाँ पोस्ट के रूप मे…हँसी हँसी मे सबको पढ़वा दी 🙂 दो तीन ब्लॉग़ तो नए है हमारे लिए..हमें भी भेजी होती यह मेल..!!

  25. बहुत ही अच्छी जानकारी दी आपने ! कंप्यूटर दुनिया की और काम की जानकारी पाने के लिए मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत हे !
    टिप्पणीकर्ता hitesh rathi ने हाल ही में लिखा है: स्मार्टफोन के लिए एक और मजेदार एप्प – फ़िल्पबोर्डMy Profile

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