कहीं आपका कम्प्यूटर घर का भेदी तो नहीं?

पिछले दिनों श्याम कोरी ‘उदय’ जी से मोबाईल पर अनौपचारिक बातचीत हो रही थी। उनके पिताश्री के देहावसान की खबर मुझे देर से मिली और फिर उनके धार्मिक कार्यक्रमों में सूचना होने के बाद भी नहीं पहुंच सका था।

पारिवारिक बातों से हटते हुए उन्होंने मुझसे अपनी एक कम्प्यूटर समस्या का ज़िक्र कर उसका हल निकालने का आग्रह किया।

हुआ यह कि क्या आप दुनिया के सबसे असुरक्षित तरीके से इंटरनेट पर जाते हैं!? वाली जानकारी के बाद से वे फायर फॉक्स का इस्तेमाल करने लग गए थे तथा हाल ही में उन्होंने फायरफॉक्स अपडेट किया था।

उसके बाद से जब भी फायरफॉक्स बंद कर पुन: उसे प्रारम्भ करते हैं तो तमाम वेबसाईटों के लिंक, यूज़र आईडी, पासवर्ड इत्यादि को टाईप करना पड़ता है, जबकि पहले, वेबसाईट के शुरूआती दो-तीन अक्षर लिखते ही संभावित वेबसाईट की पूरी लिंक आ जाती थी, यूज़र आईडी अपने आप ही दिख जाता था और पासवर्ड भी छप जाता था। अब एक-एक अक्षर लिखते मज़ा नहीं आता, झंझट सा लगता है! इससे तो अच्छा, अपडेट ही नहीं करता।

वे चाहते थे कि सब कुछ पहले जैसा हो जाए, जादू की छड़ी सरीखा!!

password-hack-bspabla

सबसे पहले तो यही कहा मैंने कि अपडेट करने, नहीं करने से इन बातों का कोई संबंध नहीं है और फिर दिलासा दी कि सब कुछ पहले जैसा हो जाएगा। साथ ही साथ यह भी बता दिया कि ऐसा करने के बाद कभी ई-मेल की हैकिंग या बैंक खाते का अपहरण हो जाए तो मेरे पास शिकायत न करना। क्योंकि कम्प्यूटर जो चीज याद रखता है बुरी नीयत वाला तो कोई भी उसका टेंटुया दबाकर उगलवा लेगा

उनके हैरान होने पर मैंने कई उदाहरण दिए जिसमें कम्प्यूटर का उपयोग करने वाले की जानकारी के बिना ही सारा संवेदनशील डाटा हैकर ले उड़े थे और अपनी ज़रूरत के हिसाब से उसका इस्तेमाल कर नुकसान पहुँचाया गया। उन सभी कम्प्यूटरों पर वही, अपने आप सब कुछ आने की ‘सुविधा’ थी जो हैकरों के लिए आसानी बन गई।

हैकर ही क्या, आपके घर परिवार समाज का कोई भी व्यक्ति चाहे तो क्षण भर में आपके कम्प्यूटर पर ऊँगलियाँ चलाकर ऐसी जानकारियाँ निकाल सकता है वो भी बिना इंटरनेट से जुड़े। आखिर आपने उनकी दावत का इंतज़ाम जो किया हुया है सारा कुछ थाली में सजा कर, परोस कर।

मैंने हँसते हुए यह भी कहा कि कम्प्यूटर तो आप का सहायक है, गुलाम है उसके भरोसे सब कुछ छोड़ दोगे तो एक दिन खुद ही अपने पासवर्ड जैसी चीज भूल जाओगे आप! और महीनों बाद कभी किसी दूसरे कम्प्यूटर पर काम करना पड़ा तो पासवर्ड याद करते माथापच्ची करनी पड़ेगी यह कहते हुए कि पासवर्ड तो मेरे कम्प्यूटर को याद है। उन्होंने स्वीकारा भी कि ऐसा कई बार हो चुका है।

आखिरकार मामले की संवेदनशीलता को भाँपते हुए उन्होंने यही निर्णय लिया कि भले ही एक एक अक्षर टाईप करना पड़े लेकिन कम्प्यूटर के हवाले अपने ऐसे रहस्य नहीं छोड़ेंगे जिसका कोई और गलत इस्तेमाल करे।

ऐसे मामलों में आप क्या करते हैं?

कहीं आपका कम्प्यूटर घर का भेदी तो नहीं?
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18 Thoughts to “कहीं आपका कम्प्यूटर घर का भेदी तो नहीं?”

  1. प्रवीण पाण्डेय

    आपका मत सही लग रहा है।

  2. दर्शन लाल बवेजा

    कम्प्यूटर सुरक्षा जरूरी है जी

  3. दर्शन लाल बवेजा

    कम्प्यूटर सुरक्षा जरूरी है जी

  4. Vivek Rastogi

    हम तो हर बार पासवर्ड को टाईप करना ही सही समझते हैं और osk का भी जमकर उपयोग करते हैं ।

  5. ब्लॉ.ललित शर्मा

    ब्राऊजर वही सही है जो कुछ भी याद न रखे।
    सब खुद को याद रखना चाहिए।

  6. Ankit.....................the real scholar

    are chhodiye .aap bhi logon ko dara rahe hain mere pass 250 site me id hia kis kis ka password type rakhun , bas e mail id aaur password yaad hai ……….baaki agar koi hack ho bhi gaya to recover ho hi jayega 😀

  7. Mired Mirage

    जब जब मुझसे क्या इस साइट के लिए पासवर्ड याद रखें पूछा जाता है मेरा मन तो यह होता है कि कहूँ इस क्या किसी के लिए भी कभी याद रखने का कष्ट मत करना। मेरा पासवर्ड है, मैं याद रखूँगी और यदि भूल गई तो भुगत लूँगी।
    बार बार टाइप करना भी कोई समस्या नहीं है।
    घुघूती बासूती

  8. शिवम् मिश्रा

    अभी तक तो मौज में कटी है … आगे के लिए संभल जायेंगे !

  9. Tushar Khatri

    mujhe koi tension nai.
    Lenovo thinkpad vantage tools mae password protection tool he. Woh admin right ke bina pasword enclose hone nai deta. Busines clas protection.

  10. नवीन प्रकाश

    हमने तो अपने सभी मुख्य पासवर्ड याद कर रखें है . फिर भी जरुरी साइट्स पर वर्चुअल कीबोर्ड का प्रयोग करते हैं .
    वैसे फ़ायरफ़ॉक्स की ऐसी किसी समस्या से बचने के लिए अपडेट करने से पहले प्रोफाइल का बैकअप ले लेते है है ताकि अगर गड़बड़ हो तो फिर से पुराने वर्जन पर सभी सेटिंग्स के साथ लौटा जा सके .
    और अपने कंप्यूटर पर दूसरो की छेड़छाड़ पर नजर रखने Keylogger लगा ही रखा है

  11. anitakumar

    एक एक अक्षर टाइप करते हैं पासवर्ड का

  12. अब से ख्‍याल रखूंगी ..
    अभी तक मेरे ब्राउजर को भी सबकुछ याद रहता है ..
    आराम पसंद लोगों के हिस्‍से कुछ मुसीबतें आ ही जाती हैं !!

  13. अपन तो ना ब्राउजर को कुछ याद रखने देते है और ना ही कंप्युटर को. कंप्युटर बंद करने से पहले ccleaner चला कर सब कुछ साफ कर देते है.
    टिप्पणीकर्ता अजय कुमार जैन ने हाल ही में लिखा है: दीवानगी में patienceMy Profile

  14. पासवर्ड याद रखने का विकल्प ही बेहतर है.

  15. “क्या आप दुनिया के सबसे असुरक्षित तरीके से इंटरनेट पर जाते हैं!? ”
    इस लिंक पर आपकी महारष्ट्र यात्रा की पोस्ट खुल रही है !

    1. बी एस पाबला

      THANK-YOU
      आपने सही गलती पकड़ी 🙂
      उसे सुधार दिया गया है
      लेकिन गूगल कई चित्र गायब कर चुका उसे भी सुधारते हैं

  16. पासवर्ड याद रखना ही ठीक लगता है !

  17. दरअसल आजकल का आदमी बहुत जल्‍दी में रहत है, बिना श्रम और समय लगाए बहुत कुछ पाने का आकांक्षी, इसी चक्‍कर में….
    टिप्पणीकर्ता Dr. Zakir Ali Rajnish ने हाल ही में लिखा है: जीत के जश्‍न का इंट्रीपास ले लें….My Profile

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