काठमांडू सफ़र के पहले की दहशत

परिकल्पना समूह के रविन्द्र प्रभात जी द्वारा जब परिकल्पना सम्मान 2012 के लिए मुझे सम्मान दिए जाने की घोषणा की गई तभी यह भी बता दिया गया कि इस बार यह समारोह नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित किया जाएगा. मैं, पिछले सभी समारोहों में शामिल रहा हूँ और इस बार भी मित्रों से साक्षात मुलाकातों का यह मौक़ा चूकना नहीं चाहता था. उस पर काठमांडू शहर का न्यौता !

पलक झपकते ही मैंने तय कर लिया कि जाऊँगा तो सड़क मार्ग से अपनी प्यारी चार पहिया मारूति ईको के सहारे. कोई साथ चले तो स्वागत, वरना अकेले ही निकल पड़ेंगे अनजान राहों पर 🙂

संजीव तिवारी जी ने पहले हामी भर दी लेकिन बाद में उन्हें एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्यावसायिक कार्य के लिए 12 सितंबर को चंडीगढ़ में सशरीर हाजिर रहने का हुक्म मिल गया अपने नियोक्ता द्वारा. गिरीश पंकज जी स्वयं ही मेरे संग चलने को उत्सुक थे. ललित शर्मा जी द्वारा पहले तो अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम का हवाला दे मनाही कर दी गई, लेकिन रवानगी से चंद दिन पहले वे भी तैयार हो गए साथ हमसफ़र बनने के लिए.

अरविंद मिश्र जी, राह में ही पड़ने वाले रोबर्ट्सगंज कसबे में सरकारी सेवा पर तैनात हैं. उनका हमारे साथ हो लेना इस बात पर निर्भर करता था कि राज्य सरकार से विदेश जाने की अनुमति मिलेगी या नहीं.

मैंने तय किया कि 11 सितंबर की सुबह 4 बजे चला जाए और फिर अभनपुर से ललित जी को लेते हुए गिरीश जी को ‘उठा’ लिया जाए रायपुर से. ताकि दिन निकलने के पहले ही हम रायपुर से बाहर हो जाएँ.

इधर 8 सितंबर को सुपुत्र गुरुप्रीत को इस दुनिया से गए 1 वर्ष हो रहा था. इस सिलसिले में एक छोटा सा धार्मिक कार्यक्रम रखा हुया था अपने निवास पर. बिटिया भी आई हुई थी पुणे से.

8 सितंबर की दोपहर, तीखी धूप में खड़ी मारूति ईको को कुछ ठंडा करने के इरादे से इंजिन शुरू कर एसी चला दिया गया फुल स्पीड पर. जब लौट कर आया तो इंजिन बंद पडा था लेकिन ब्लोअर अपनी पूरी ताकत से चल रहा था.

काठमांडू आने जाने के लिए हुई 3000 किलोमीटर की यात्रा वाले रोचक संस्मरणों का संक्षिप्त विवरण यहाँ क्लिक कर देखें »

car-voltage-meter-bspabla

इंजिन एक बार शुरू कर शाम तक सारे काम निपटाए गए. लेकिन अंतिम पड़ाव में जब सेक्टर 6 गुरूद्वारे से लौट रहा था तो गाड़ी में लगे एक नए उपकरण ने चीख चीख कर संकेत देने शुरू किए कि बैटरी वोल्टेज घट रहे हैं.

शंकित मन लिए जब घर आ कर गाड़ी रोकी और कुछ मिनट बाद उसे गैरेज में खड़े करने लगा तो उपकरण ने खतरे की घंटी बजा दी. लेकिन उसके बावजूद जब इग्नीशन ऑन किया गया तो इंजिन ने कसमसाते हुए मना कर दिया गुर्राने से.

battery-bad9 सितंबर की सुबह से दौड़ धूप शुरू हुई बैटरी को चार्ज करवाने की. शाम होते होते बैटरी मिली. गाड़ी स्टार्ट हुई लेकिन किसी संभावित गड़बड़ी से बचने के लिए जब निकले तो सलाहें मिली अल्टरनेटर की जांच करवा लेने की.

बिटिया को लौटना था वापस. उससे पहले कई जगह जाना भी था अपने शहर में. लेकिन अगले दिन 10 सितंबर को हम भागे सुपेला वाले मारुति सर्विस सेंटर. वहाँ अत्याधुनिक बैटरी टेस्टर के द्वारा जांच कर निश्चित रूप से अल्टरनेटर की खराबी बता उसे बदलने की सलाह दी गई. कीमत बताई गई अंदाज़न आठ नौ हजार रूपये.

उन्हें मना कर मैं दौड़ा सुपेला के ही भावना इलेक्ट्रिकल्स, जो इन मामलों के विशेषज्ञ बताए जाते है. लेकिन उस दिन था मंगलवार, जब ऑटोमोबाईल्स की सारी दुकानें बंद रहती हैं शहर में. दुकान के मालिक को फोन किए जाने पर दुर्ग शहर के परमार इलेक्ट्रिकल्स के पास जाने की सलाह दी गई.

गाड़ी दौडाते परमार इलेक्ट्रिकल्स के पास ही पहुंचा था कि गियर बदलते वक्त गाड़ी बंद हुई तो फिर इंजिन चालू ना हुया. पैदल दुकान  तक पहुंचा तो पता लगा कोई कारीगर नहीं आया आज.battery-good

उनकी सलाह पर दुर्ग के मारुति सर्विस सेंटर में संपर्क किया गया. जहाँ से आये लोग दूसरी बैटरी लगा कर वाहन को सर्विस सेंटर ले आए.

उसी गाड़ी से काठमांडू यात्रा की बात सुन ख़ास तवज्जो दी गई और सारे प्रतिष्ठान में अनुभवी माने जाने वाले इलेक्ट्रीशियन नंदकिशोर उर्फ़ नंदू ने अपने साथी के साथ जुट कर, अल्टरनेटर से जुड़ी एक तार के अत्यधिक गरम हो जाने से आई समस्या दूर की, बैटरी टेस्टर से कार्यक्षमता सुनिश्चित की और मुझे अपनी ईको मिली शाम साढ़े पांच बजे. कुल समय लगा करीब छः घंटे और भुगतान करना पडा मात्र 700 रूपयों का

काठमांडू आने जाने के लिए हुई 3000 किलोमीटर की यात्रा वाले रोचक संस्मरणों का संक्षिप्त विवरण यहाँ क्लिक कर देखें »

इस बीच ललित जी का फोन भी आया और गिरीश जी का भी. बिटिया का फोन भी आता रहा कि कब आयोगे? और जब पसीने से लथपथ, अंधेरा होते होते घर पहुंचा तो मेरी हालत देख मुस्कुराते हुए उसने मुझे आराम करने की सलाह दे डाली.

अगली सुबह मुझे रवाना होना था. साथी इंतज़ार करेंगे मेरा. यह सोच ज़ल्द ही सो गया.

मैंने ठीक किया ना?

अगली कड़ी में क्लिक कर पढ़िए काठमांडू की ओर दही की तलाश में तीन तिलंगे

काठमांडू सफ़र के पहले की दहशत
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7 दिनों में, भिलाई से सड़क मार्ग द्वारा
काठमांडू आने जाने के लिए हुई 3000 किलोमीटर की यात्रा वाले प्रतिदिन के रोचक संस्मरण 8 हिस्सों में में लिखे गए हैं. जिन्हें रुचि अनुसार पढ़ा जा सकता है इन कड़ियों पर क्लिक कर

  1. काठमांडू सफ़र के पहले की दहशत
  2. काठमांडू की ओर दही की तलाश में तीन तिलंगे
  3. काठमांडू जाती कार को नागालैंड वाले खींच ले गए
  4. भैंसा भोजन, खिलखिलाती युवती, पीछा करते युवक और आधी रात का काठमांडू
  5. नेपाल की मुर्गी, उसकी मुस्कान, मेरी नाराज़गी और लाखों का मुआवजा
  6. सुबह सुबह तोड़-फोड़, माओवादियों से टकराव, जलते टायरों की बदबू और मौत से सामना
  7. खौफनाक राह, घूरती निगाहें, कमबख्त कार और इलाहाबाद की दास्ताँ
  8. धुआंधार बारिश, दिमाग का फ्यूज़ और सुनसान सड़कों पर चीखती कन्या को प्रणाम
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7 दिनों में, भिलाई से सड़क मार्ग द्वारा
काठमांडू आने जाने के लिए हुई 3000 किलोमीटर की यात्रा वाले प्रतिदिन के रोचक संस्मरण 8 हिस्सों में में लिखे गए हैं. जिन्हें रुचि अनुसार पढ़ा जा सकता है इन कड़ियों पर क्लिक कर

  1. काठमांडू सफ़र के पहले की दहशत
  2. काठमांडू की ओर दही की तलाश में तीन तिलंगे
  3. काठमांडू जाती कार को नागालैंड वाले खींच ले गए
  4. भैंसा भोजन, खिलखिलाती युवती, पीछा करते युवक और आधी रात का काठमांडू
  5. नेपाल की मुर्गी, उसकी मुस्कान, मेरी नाराज़गी और लाखों का मुआवजा
  6. सुबह सुबह तोड़-फोड़, माओवादियों से टकराव, जलते टायरों की बदबू और मौत से सामना
  7. खौफनाक राह, घूरती निगाहें, कमबख्त कार और इलाहाबाद की दास्ताँ
  8. धुआंधार बारिश, दिमाग का फ्यूज़ और सुनसान सड़कों पर चीखती कन्या को प्रणाम
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61 Thoughts to “काठमांडू सफ़र के पहले की दहशत”

  1. इस यात्रा की बहुत झंझट भरी शुरूआत रही ..
    आपके यात्रा वृतांत से अन्‍य सभी छोटी बडी सुखद कष्‍टकर बातों और कार्यक्रम में बारे में भी जानने का मौका मिलेगा .. आगे भी पढते रहेंगे .. ऐसे ही लिखते रहें !!

    1. बी एस पाबला

      THANK-YOU
      बात सही है आपकी

  2. बढ़िया विवरण…अगली कड़ी का इंतज़ार रहेगा

    1. बी एस पाबला

      Heart
      अवश्य

  3. सफ़र का आगाज ही जबरदस्त है.. वैसे भी लंबी दूरी पर जाने के पहले सारी तकनीकी दिक्कतें दूर कर ली जायें तो अच्छा है, आगे के सफ़र के बारे में जानकारी जल्दी दीजिये.. आप बहुत सस्पेंस बना बना कर लिखते हैं..
    टिप्पणीकर्ता विवेक रस्तोगी ने हाल ही में लिखा है: वो एक रंग की कमीज..My Profile

    1. बी एस पाबला

      Yes-Sir
      बहुत ज़ल्द

  4. आपका रिस्क फेक्टर बहुत तगड़ा है वीर जी …आपकी तरह

    1. बी एस पाबला

      Smile
      ये ज़रूरी भी है

  5. खुश होती होगी मारूति ईको भी कि उसे मालिक मिला है शानदार। सजाता है उसे, भांति भांति के उपरकरणों से, ध्यान रखता है सेहत का। गर्व भी होता होगा उसे कि वह कहाँ कहाँ घूम आती है।
    टिप्पणीकर्ता दिनेशराय द्विवेदी ने हाल ही में लिखा है: बोर्ड की अंकतालिका में नाम में हुई वर्तनी की अशुद्धि कैसे ठीक करवाएँ …My Profile

    1. बी एस पाबला

      अगर ना घुमाएं उसे तो वह भी कहेगी
      Please

  6. फेर आगे की होया !!

    1. बी एस पाबला

      Pleasure
      बताते हैं बताते हैं

  7. शानदार विवरण ! अगली कड़ी का इंतजार !!
    टिप्पणीकर्ता Ratan singh ने हाल ही में लिखा है: समय रहते क्षत्रपों पर लगाम लगायें मोदीMy Profile

    1. बी एस पाबला

      Happy
      जी ज़रूर

  8. सर जी , कभी हमें भी साथ लेकर कहीं घुमने चले !
    आपके साथ यात्रा करने की बड़ी इच्छा है .
    विजय

    1. बी एस पाबला

      Overjoy
      जो गए थे साथ हमारे, उनसे पूछ कर फिर बताईयेगा हमें

  9. सुन्दर वर्णन ,बधाई !

    1. बी एस पाबला

      THANK-YOU
      जी सर जी

  10. इतनी कठिनाई के बाद ही जीवट! लगे रहो मुन्‍ना भाई।

    1. बी एस पाबला

      Thinking

  11. सही मे शुरुआत ही बड़ी दिक्कत से हुई … खैर आगे तो सब सही ही रहा होगा … अब बस जल्द अगली पोस्ट मे बताइये कि क्या क्या हुआ !
    टिप्पणीकर्ता Shivam Misra ने हाल ही में लिखा है: अमर शहीद मदनलाल ढींगरा जी की १३० वीं जयंतीMy Profile

    1. बी एस पाबला

      Amazed
      दिक्कत? कौन सी दिक्कत?

      1. अरे गाडी की समस्या वाली … Thinking
        टिप्पणीकर्ता Shivam Misra ने हाल ही में लिखा है: दूसरी पुण्यतिथि पर विशेष … एक था ‘टाइगर’My Profile

  12. हम लोग यानी मारुति सर्विस वाले पुर्जा बदलने में ज्यादा यकीन रखते है 😉

    1. बी एस पाबला

      I-got-an-idea
      पुर्जा बदलने वाला मैकेनिक कहलाता है
      और किसी भी तरह पुर्जे को पहले जैसा काम करने योग्य बना दे वो तकनीशियन होता है

  13. शुरूवात से ही मामला रोमांचक बना दिया है आपने 🙂

    1. बी एस पाबला

      Happy
      सही में?

  14. रोमांचक शुरुआत !!!

    1. बी एस पाबला

      Happy
      वाकई?

  15. नया सवेरा साहित्यिक मंच

    अत्यंत दिलचस्प …. अगली कड़ी की प्रतीक्षा में …..

    1. बी एस पाबला

      Smile
      जी, प्रतीक्षा करें

  16. अक्सर हम सभी कुछ नयी तकनीको का जाने अनजाने उपयोग करते रहते है पर आपके प्रस्तुतीकरण से छोटी से छोटी नयी तकनीक भी बहुत ही रोचक लगने लगती है .
    आगे की यात्रा के विवरण की प्रतीक्षा में ……………….
    टिप्पणीकर्ता नवीन प्रकाश ने हाल ही में लिखा है: अब गूगल करेगा मदद आपके खोए फोन को ढूंढने मेंMy Profile

    1. बी एस पाबला

      Heart
      आभार आपका

  17. ajay saxena

    अत्यंत रोमांचक ….

    1. बी एस पाबला

      THANK-YOU.

  18. girish pankaj

    आनंद आ गया पढ़ने मे क्योंकि मैंने साथ में यात्रा की है . इतना अच्छा नहीं लिख सकूंगा

    1. बी एस पाबला

      Amazed
      ऐसा क्यों?

  19. ललित कुमार वर्मा

    अरे ! पाबला जी आप तो बहुत अच्छा लिखते हैं । इसे सेल न्यूज़ में भेजिये । छप जाएगा । या फिर मुझे दे दीजिये ।हम लोग भेज़ देंगे। इसकी अगली कड़ी जल्दी लिखें।

    1. बी एस पाबला

      Pleasure
      आभार आपका

  20. आज की विशेष बुलेटिन एल्जाइमर्स डिमेंशिया और ब्लॉग बुलेटिन में आपकी इस पोस्ट को भी शामिल किया गया है। सादर …. आभार।।

    1. बी एस पाबला

      .THANK-YOU

  21. मनीष सेठ

    सम्पूर्ण यात्रा विवरण का उत्सुकता से इंतज़ार है !

    1. बी एस पाबला

      Heart.

  22. वो जी ब्लेक बाक्स और जीपीएस की कहानी का बेसब्री से इंतजार है तारीफे सुन सुन के पगला गये हैं सोच रहे हैं अपनी साईकिल में लगवाने की तो जल्दी लिखिये जी

    1. बी एस पाबला

      Amazed
      इनके बारे में तो पहले ही लिख चुका

  23. Aerobics बड़ी हिम्मत है जी आपकी…

    1. बी एस पाबला

      Approve
      क्या कहूँ

  24. rohit

    इसी तरह शुरु यात्रा आगे कैसी रही..इसका किस्सा भी उम्मीद है कि जल्दी ही पढ़ने को मिलेगा..आपका आज जन्मदिन भी है…जैसा की फेसबुक ने बताया है..तो यहां भी जन्मदिन की मुबारकबाद

    1. बी एस पाबला

      In Love
      शुक्रिया रोहित जी

  25. aadarniya shree pabla ji ,
    sadar pranaam …
    bahut khubsurt kisso se saji post .
    vaise aur saari tasveero ke liye …aur nyi khbro ke intejaar me hum baithe hain …..
    behad romanchak….
    -ajay
    टिप्पणीकर्ता dr ajay yadav {अजेय-असीम} ने हाल ही में लिखा है: अपना जीवन साथी कैसे चुने?[भाग-2]My Profile

    1. बी एस पाबला

      Heart
      आभार अजय जी

  26. तुसी ग्रेट हो सरदार जी ….

    1. बी एस पाबला

      Thinking

  27. जअब यंत्र अल्टीनेटर गुड बता रहा था तो फिर उसमे खराबी।।।
    टिप्पणीकर्ता कृष्ण ने हाल ही में लिखा है: कुछ नुकूश लाया हूं, इस कायनात से….कृष्णMy Profile

    1. बी एस पाबला

      Pondering
      आपने पहले वाली टेस्ट स्लिप नहीं देखी?

  28. वाह जी वाह…दहशत भी लाजवाब अंदाज़ में

    1. बी एस पाबला

      Wink
      और क्या !

  29. दिलचस्प
    आपके अब तक जितने मैंने लेख पढ़े हैं बहुत ही अचे लगे हैं
    आप भी मेरे लिखे हुए लेखों को पढ़ सकते हैं
    http://ulatpalat.blogspot.in/ पर जाकर
    टिप्पणीकर्ता shashigoyal ने हाल ही में लिखा है: ये पति कैसे कैसे ?My Profile

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