Click III कैमरा नेगेटिव से फोटो बनाने का जुगाड़ ढूँढ़ा मैंने

ज़िंदगी के मेले

पिछले दिनों बेहद ही अस्तव्यस्त अलमारी को कुछ ठीक कर लेने की असफल कोशिश में 35-40 साल पुराने क्लिक III कैमरा के नेगेटिव एक बार फिर निगाह में आये.

तीखी रौशनी में उलट पलट कर, आर पार देखते, उन क्षणों की यादों के समंदर में गोते लगाता मुस्कुराता रहा और एक ठंडी साँस भर वापस डब्बे में समेट दिए सारे नेगेटिव कि अब इनकी फोटो नहीं बन पाती वरना कई चित्र बना कर फ्रेम करवा लेता. फिर कितनी ही बातें याद आतीं चली गईं.

किशोरावस्था में ही मुझे कैमरा का शौक जाग उठा था. जब तक मेट्रिक पास नहीं किया मैंने, तब तक पिता जी ने इसे एक फालतू चीज बताते हुए कतई तवज्जो नहीं दी.

रायपुर जा कर मैंने माँ को बहलाया फुसलाया और फिर उनकी सिफारिश पर पिताजी पिघले और फिर मेरा पहला कैमरा था आग्फ़ा कंपनी का क्लिक III , जिसे खरीदा गया रायपुर की मालवीय रोड स्थित ‘ए अहमदजी भाई’ से. कीमत शायद थी 130 या 140 रूपये.

यह एक साधारण से लेंस वाला ऐसा कैमरा था जिसमें अधिक से अधिक 12 चित्र ही लिए जा सकते थे और नेगेटिव का आकार होता था 6 X 6 सेंटीमीटर का, लगभग ढाई गुना ढाई इंच. एक फोटो लेने के बाद अंदाज़न रोल को उँगलियों से घुमा कर ऐसी जगह लाया जाता जहाँ कोरे स्थान पर दूसरी फोटो का अक्स उभर सके. रोल घुमाना भूल गए तो एक के ऊपर दूसरी फोटो छप जानी है.click-iii-camera-bspabla

इसमें फ्लैश था नहीं, अलग से लगाया भी जाए तो बड़ी सी बैटरी से चमकने वाली फ्लैश के लिए ऐसा बल्ब होता था जो अपनी चकाचौंध रौशनी बिखेरने के साथ ही फ्यूज़ हो जाता. अगली फ्लैश के लिए नया बल्ब लगाया जाए.

नेगेटिव से फोटो बनाने के लिए व्यवसायिक स्टूडियो वाले जो कीमत लेते थे वह मुझे बहुत ज़्यादा लगी. नेगेटिव से फोटो बनाने की तकनीक बताने वाली छोटी सी किताब, जयराम टाकीज के सामने फुटपाथ से खरीदी 70 पैसे में.

फिर ए अहमदजी भाई से ही डेवलपर, हाइपो, 100 पेपर वाला डब्बा खरीदने दौड़ लगाई. कमरे में लाल बल्ब जला कर डार्क रूम बनाया गया. टेबल लैंप के नीचे ड्राइंग शीट का फ्रेम कैमरा और डेवलपिंगकाट, नेगेटिव और फोटो पेपर साथ साथ रख कुछ सेकेण्ड की रौशनी दी जाती.

उस फोटो पेपर को जब डेवलपर वाली ट्रे में हौले हौले थपथपाया हिलाया जाता तो धीरे धीरे उभरने वाली तस्वीर को देखते दिल की धडकने बढ़ जाती. हाइपो से बाहर निकाल सही तरीके से सुखाने के बाद ही खिंची गई तस्वीर की असल शक्ल सामने आती.

आलमारी में मिले दशकों पुराने उस क्लिक III कैमरा के हजारों नेगेटिव हाथ में लिए यादों से बाहर आ कर मैंने सोचा कि हालिया रंगीन 35 मिलीमीटर वाले नेगेटिव को तो डिजिटल फोटो में बदलने के लिए कई व्यवसायिक उपाय अभी भी हैं जो एक फोटो का 1 रुपया लेते हैं, मतलब 35 नेगेटिव वाले रोल के डिजिटल फोटो 35 रुपयों में बना कर सीडी में दे दिए जायेंगे,  लेकिन इन पुराने नेगेटिव की फोटो तो कोई नहीं बनाता.

कुछ वर्षों पहले तक कंप्यूटर से जोड़े जा सकने वाले ऐसे स्कैनर मिलते थे जो नेगेटिव से डिजिटल चित्र बनाने का भी साधन लिए रहते. कैमरा एक्सरे

सोचते सोचते ललक बढ़ती गई फोटो के लिए. इंटरनेट छाना गया लेकिन जो उपाय दिखे वह बहुत ही तिकड़मी थे. तब मैंने फेसबुक पर यह समस्या बताई और फिर डॉ अनिल कुमार ने जुगाड़ बताया “…सफ़ेद कागज़ पे नेगेटिव रख के स्कैनर में स्कैन कीजिये. फिर फोटोशोप या GIMP जैसे सॉफ्टवेर में डालके नेगेटिव का पॉजिटिव बना लीजिये…”

मामला जमा नहीं मुझे क्योंकि ऐसी असफल कोशिश कर चुका था दो वर्ष पहले भी. तब अनिल जी ने लिखा “… यह तरीका मैंने x ray और CT scan से आजमा के देखा था..” तभी मेरे मष्तिष्क में कौंधी डॉक्टरों के कमरे में एक्सरे देखे जाने वाले रौशनी वाले डब्बे की. जिसमें सामने एक्सरे की बड़ी सी फ़िल्म रख कर बारीकी से देखा जाता है उसे. इसी के साथ आया एक नए जुगाड़ का खाका.

कोशिश करने में क्या जाता है. झट से एक नेगेटिव निकाला. कंप्यूटर मॉनिटर के सामने ही फंसा दिया. सफ़ेद रौशनी चाहिए थी तो ब्राउज़र की खाली टैब खोल ली.

लेकिन नीचे का टास्क बार रोड़े अटका रहा था तो उसे ऑटो हाईड कर नीचे जाने दिया. अपना डिजिटल कैमरा लिया और उस सफ़ेद रौशनी के सामने फंसे नेगेटिव की फोटो कुछ इस तरह ली कि नेगेटिव की ही फोटो आये आसपास की सफेद पृष्टभूमि की नहीं.

कैमरा नेगटिव
कम्पूटर मॉनिटर में सामने फंसाए गए नेगेटिव की फोटो लेने की कोशिश

 

एक दो बार कोशिश करने पर मनचाहा परिणाम मिल गया.

कैमरा की मेमोरी कार्ड से कंप्यूटर में लाई गई उस इमेज को फिर Microsoft Office Picture Manager से आसपास कांट-छांट कर सही आकार में ले आया. (Picture Manager, आम तौर पर हर विंडोज कंप्यूटर में मिल जाता है. जिसे चित्र पर माउस के दाहिने क्लिक से Open with कर पाया जा सकता है. नहीं है तो कंप्यूटर में डाउनलोड कर लीजिये)

 

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मॉनिटर जुगाड़ से मिले नेगेटिव की फोटो

 

दिखने में भुतही सी ये तस्वीर तो अब यह एक सच्चा नेगेटिव दिखने लगी. इसे अब बनाना था फोटो!

इस नेगेटिव जैसी दिखती फोटो को मैंने खोला विंडोज में उपलब्ध Paint में. इसके बाद Ctrl के साथ A दबा कर या मेन्यु बार में Select > Select all कर फोटो में ही किसी स्थान पर सावधानी से माउस का राईट क्लिक कर सामने आए बॉक्स के निचले हिस्से में दिए Invert Color पर क्लिक किया.

वाह! सामने तो अच्छी खासी फोटो आ चुकी. अब उसे सहेजना, सेव ही तो करना है.

कैमरा यादों में
नेगेटिवनुमा तस्वीर के उलटे रंगों का परिणाम

 

मस्त है ना! फोटो फ्रेम में लगाने लायक!! वैसे मैंने 36 नेगेटिव वाले रंगीन रोल वाले के साथ भी यह प्रयोग किया लेकिन मज़ा नहीं आया.

अब आप बताईये इससे आसान तरीका है कोई?

© बी एस पाबला

Click III कैमरा नेगेटिव से फोटो बनाने का जुगाड़ ढूँढ़ा मैंने
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26 thoughts on “Click III कैमरा नेगेटिव से फोटो बनाने का जुगाड़ ढूँढ़ा मैंने

  1. वाह ग़ज़ब
    . Approve
    ऐसे ही बहुत से नेगेटि‍व मेरे पास भी पड़े हैं. लगता है कि‍ एक दि‍न हि‍म्‍मत बांध कर मुझे भी यही तकनीक अपनानी होगी.

  2. अरे वाह!! मेरे पास ढेरों हैं निगेटिव …. बंगलोर में खाली रहूँगी ….ले जाती हूँ कुछ …. मजा आयेगा…

  3. वाह, क्या जुगाड़ है. आग्रह है कि कलर नेगेटिव के लिए भी ऐसे प्रयोग जारी रखा जाए, इंशाअल्लाह, सफलता अवश्य मिलेगी, और कोई न कोई जुगाड़ मिलेगा ही.
    टिप्पणीकर्ता रवि ने हाल ही में लिखा है: कहानी शुरु फ़ेसबुक में, खतम फ़ेसबुक में!My Profile

    1. Pleasure
      कलर नेगेटिव के लिए कंप्यूटर मॉनिटर से मज़ा नहीं आया रवि जी. इसके लिए एक्सरे शीट देखे जाने जैसा उपाय ठीक है

      वैसे फेसबुक पर Vikramjeet Vaidya जी ने एक वीडियो लिंक दे कर बढ़िया उपाय सुझाया था कलर के लिए
      https://www.facebook.com/1news.az/videos/10155081979870063/

    1. Heart
      अवश्य राजीव जी
      स्नेह बनाये रखियेगा

  4. आपके इस उत्कृष्ट आलेख का उल्लेख सोमवार की चर्चा – “चित्र को बनाएं शस्त्र, क्योंकि चोर हैं सहस्त्र (अ-२ / १९५१ चर्चामंच)” में भी किया गया है.
    सूचनार्थ
    https://charchamanch.blogspot.com/2015/04/20-1951.html
    टिप्पणीकर्ता अनूषा ने हाल ही में लिखा है: गूगल प्लस से करें अपनी रचनाएं सुरक्षितMy Profile

  5. बहुत ही बढ़िया ट्रिक, सच में इससे घर में पड़ी पुरानी नेगेटिव का डिजिटल रूप में बदला जा सकेगा, बस अब इंतज़ार रहेगा रंगीन फोटो के नेगेटिव भी डिजिटल रूप में बदलने का…. Who-s-the-man
    जुगाड़ – हम भारतीयों की जन्मजात प्रतिभा
    I-got-an-idea भारत में असंभव कुछ भी नहीं। ऐसा कहते हैं कि जहां पर दूसरे देश के लोगों की सोच खत्म होती है वहीँ से भारतीय लोगों की सोच शुरू होती है और हो जाता है एक जुगाड़ का अविष्कार।

    जय हो बाबला जी ! Wink THANK-YOU
    टिप्पणीकर्ता नवज्योत कुमार ने हाल ही में लिखा है: फोटो में छुपाये अपने सीक्रेट डॉक्यूमेंट, सॉफ्टवेयर और फाइल्स।My Profile

  6. Heart
    शुक्रिया नवज्योत जी

    कलर के लिए रवि जी को उत्तर में दी गई वीडियो लिंक देखियेगा

  7. शानदार पोस्ट, पाबला जी!

    ३५ मिमी. कलर निगेटिव से डिजिटल इमेज बनानेवालों की कोई ऑनलाइन सर्विस हो तो बताएं (लेकिन फिर तो उन्हें निगेटिव पोस्ट से भेजने पड़ेंगे). भोपाल में सौ से ज्यादा निगेटिव रोल पड़े-पड़े खराब हो रहे हैं.

    1. Heart
      आभार निशांत जी

      ऑनलाइन सर्विस तो एक है हैदराबाद में http://www.scancorner.in/negative-scanning
      लेकिन बहुत महँगा पडेगा मामला

      पोस्ट में जैसा मैंने बताया
      आपके आस-पास कोई कलर लैब होगी वह कर देंगे यह काम बेहद सस्ते में

  8. मुझे आपसे ik बात जननी थी पहले जो कैमरा थे उनसे फोटो की नेगेटिव निकलती थी उससे पेपर पर कैसे प्रिंट करते थे और नेगेटिव तो बहुत छोटी होती थी तो पेपर पे साइज बड़ा कैसे किआ जाता था

    1. Approve
      ३५ मिलीमीटर नेगेटिव से बड़ी फोटो बनाने के लिए एनलॉर्जर का उपयोग किया जाता है
      देखियेगा यह लिंक https://en.wikipedia.org/wiki/Enlarger

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    टिप्पणीकर्ता fapdex.com ने हाल ही में लिखा है: fapdex.comMy Profile

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