चन्द्रयान का डिज़ाइन दिल्ली मुम्बई वालों ने नहीं, मेरे शहरवासी ने किया

बुधवार 22 अक्तूबर 2008 को छह बजकर 21 मिनट पर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से चन्द्रयान-1 के सटीक प्रक्षेपण ने भारत को दुनिया के उन छह अन्य देशों की बिरादरी में ला खड़ा किया है जिन्होंने चंद्रमा पर सफलतापूर्वक यान भेजा है।

हाल ही में चंद्रयान ने चाँद की सतह की तस्वीरें भी भेजीं हैं। 386 करोड़ रुपये की लागत से अंजाम दिए जा रहे इस मिशन के अंतर्गत धरती की कक्षा से परे धरती के एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह का अध्ययन किया जायेगा।

आपको शायद यह जान कर हैरानी होगी कि इस चन्द्रयान को डिज़ाइन करने वाला कोई और नहीं बल्कि मेरे ही शहर भिलाई का एक नौजवान है। यह नौजवान है उदय मोहनन।

1970 में जन्मे उदय की स्कूली शिक्षा की समाप्ति, भिलाई के सीनियर सेकेन्डरी स्कूल, सेक्टर 7 में हुई। बीएससी प्रथम वर्ष की शिक्षा, कल्याण कॉलेज, सेक्टर 7 से लेने के बाद उन्होंने 1992 में आर्किटेक्चर-बीई की डिग्री, रायपुर के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (जिसे अब राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान (NIT) कहा जाता है, से ली।

Chandrayaan-1-lunar-orbiterडिग्री हासिल करने के बाद उदय ने त्रिवेन्द्रम में प्रसिद्ध आर्किटेक्ट लोरी बेनल के साथ कार्य किया। केरल में उदय द्वारा बनाये कई तीन सितारा, पाँच सितारा होटल आसानी से देखे जा सकते हैं। वर्तमान में उदय, त्रिवेन्द्रम में निजी आर्किटेक्चर का कार्य कर रहे हैं।

चन्द्रयान-1 के डिज़ाइन के बारे में उदय का कहना है कि, 2007 में उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ कि भूतपूर्व राष्ट्रपति, वैज्ञानिक, डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम ने चन्द्रयान-1 के डिज़ाइन का एलान किया है। इन्होंने भी एक सप्ताह में रात-दिन एक कर अपनी कल्पना को डिज़ाइन में उतार कर, ‘इसरो’(ISRO) में भेजा, जहाँ हजारों प्रविष्टियों में से इनके प्रारूप को चुना गया और बैंगलोर (अब, बैंगलुरू) में मुख्यमंत्री व वैज्ञानिकों द्वारा, सपरिवार सम्मानित किया गया। 30 हजार रूपये का पारिश्रमिक भी दिया गया।

भिलाई, आशीष नगर निवासी, समाज सेविका शानू मोहनन व नेहरू पुरस्कार से सम्मानित, भिलाई इस्पात संयंत्र कर्मचारी आर मोहनन की संतान, उदय, फिलहाल आर्थिक कारणों से अपनी स्वयं की संस्था शुरू नही कर पा रहे हैं।

चन्द्रयान का डिज़ाइन दिल्ली मुम्बई वालों ने नहीं, मेरे शहरवासी ने किया
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11 Thoughts to “चन्द्रयान का डिज़ाइन दिल्ली मुम्बई वालों ने नहीं, मेरे शहरवासी ने किया”

  1. इस सूचना के लिए धन्यवाद और आप को व आप के नगर वासियों को बहुत बहुत बधाइयाँ।
    उदय मोहनन को अपना संस्थान स्थापित करने के लिए आर्थिक मदद के लिए भारत सरकार को आगे आना चाहिए।

  2. बी एस पाबला साहब एक अच्छी जानकारी के लिये आप का धन्यवाद, अब इस बेस्किमती हीरे को भारत सरकार को समभाल कर रखना चाहिये, ओर हर तरह की आर्थिक मदद करनी चाहिये, नाकि राज नीति करनी चाहिये हमारे बहुत से बेश्किमती हीरे अमेरिका मै इसी लिये कार्यरत है कि भारत सरकार ने कभी उन्हे पुछा नही
    उदय मोहनन जी को प्राणाम

  3. बहुत प्रसन्न कर देने वाली जानकारी है पाबला जी। उत्तरोत्तर यह बड़े छोटे शहरों और गांवों की प्रतिभा का गैप मिटेगा। दुनियां और समतल बनेगी।
    धन्यवाद।

  4. Anonymous

    badhaai aapko bhe aur saare desh vaasyon ko

  5. जानकारी देने के लिए शुक्रिया और भिलाई वासियों को बहुत बहुत बधाई।

  6. पाबला को एवं आप को लाखों बधाईयाँ

  7. जानकारी के लिए अनेक बधाईयां और
    आपको नव वर्ष की हार्दिक मंगलकामानाएं।

  8. आप और आपके परिवार को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं. नव वर्ष आपके जीवन में सुख और शान्ति लाये.

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