जनमदिन के मौके पर हुई दो ब्लॉगरों से पहली मुलाक़ात

इस बार जनमदिन पर पोस्ट लिखना टलते चला आ रहा था क्योंकि सभी वेबसाईट्स के सर्वर बदले जा रहे थे और बिंदास तरीके से लिखने का समय ही नहीं मिला। सर्वर संबंधित काम तो खतम हो गया लेकिन कई छोटी छोटी बातें अभी भी तनाव बढ़ा रहीं। इस बार मन कुछ उदास सा था जनमदिन के मौके पर, जैसा कि मैंने बताया था पिछली बार।

इस उदासी को तोड़ा शुभचिंतकों ने, जब 20 सितंबर से ही उनकी बधाईयाँ एसएमएस व मोबाईल द्वारा मिलनी शुरू हुईं। ठीक आधी रात को सुपुत्र और उसके मित्रों ने मुझे कम्प्यूटर के सामने से उठवा कर बेटे के कमरे में केक काटने के लिए बुलवा लिया और एक छोटी सी उल्लास भरी पार्टी हो गई वहीं। उस कमरे में हम तीन पीढ़ियाँ एक साथ भावुक हो रहीं थीं। एक खूबसूरत से भारी-भरकम तोहफ़े के साथ मीठी सी पप्पी-झप्पी भी मिली बेटे से

ऑफिस में सहयोगियों ने एक दिन पहले ही पार्टी के लिए ‘चेतावनी’ दे दी थी। सभी ने इस आधी सदी के सफ़र पर अपनी शुभकामनाएँ दी और 11 बजते बजते ललित शर्मा जी का फोन आ गया कि वे भिलाई पहुँच चुके हैं साथ में जी के अवधिया जी भी हैं

उधर डब्बू मिश्रा जी भी कई माह से मुझसे संपर्क कर रहे थे मुलाकात के लिए और आज के शुभ दिन उन्होंने सोच ही लिया था रूबरू मिलने का। उनके साथ थे कमल शर्मा और ललित जी के साथ आने वाले थे संजीव तिवारी। भिलाई के एक लोकप्रिय बाज़ार के व्यापारी संघ अध्यक्ष डब्बू मिश्रा जी तथा दूरदर्शन के आँखों देखी पत्रिका के छत्तीसगढ़ प्रभारी कमल शर्मा जी से मेरी यह पहली मुलाकात हो रही थी।

कमल शर्मा, डब्बू मिश्रा

कोई पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम ना होने की वज़ह से मेरा ऑफ़िस छोड़ना मुश्किल हो रहा था सो मैंने सभी स्नेही मित्रों को इस्पात भवन के कॉफ़ी हाऊस में आमंत्रित कर लिया। डब्बू मिश्रा जी ने मुझे बधाई देते हुए एक सुंदर बुके दिया और उसके बाद शोरगुल भरे माहौल में हल्के जलपान के साथ कई भारी भरकम विषयों पर विचारों का आदान प्रदान चलता रहा।

ललित जी ने धीरे से एक बड़ा सा केक निकाला तो मेरे प्रस्ताव पर सबने ऑफ़िस का रूख किया। सब मिल जुल कर केक पर उत्साहपूर्वक मोमबत्तियाँ लगा-सजा रहे थे। वातावरण ऐसा बन गया जैसे किसी बच्चे का जनमदिन मनाया जा रहा हो।

 

संजीव तिवारी, कमल शर्मा, ललित शर्मा, डब्बू मिश्रा, बी एस पाबला, जी के अवधिया

उस छोटे से ऑफ़िस में तालियाँ बजाते हुए जब मेरे बॉस भी बर्थडे गीत गाने लगे तो एक अजीब सा रोमांच हुया और साथियों के स्नेह पर भी मन भर आया। उसके बाद के संक्षिप्त से समय में ब्लॉगिंग से वेबसाईट की ओर जाने संबंधी कई तकनीकी बातों व इसके नफ़े नुक्सान पर ज्ञान भरी बातें हुईं। विदा लेते साथियों को देख यही सोच रहा था कि आखिर हम आपके हैं कौन?

पूर्व की तरह इस बार भी फेसबुक से बधाईयों का प्रवाह कुछ ज़्यादा ही था। कई साथियों ने बाद में शिकायत की कि ई-मेल पर भेजी गईं बधाईयाँ लौट आई हैं। शायद वे नहीं जान पाए थे कि गूगल बाबा ने मेरा खाता 27 अगस्त से बंद कर दिया है। अब संपर्क सूत्र कुछ ऐसे हैं।

इस आधी सदी के सफ़र पर जिन संबंधियों, मित्रों, शुभचिंतकों, स्नेहियों, परिचितों, सहयोगियों ने विभिन्न माध्यमों द्वारा अपनी भावनाएँ मुझ तक पहुँचाईं उन सभी को मेरा विनम्र धन्यवाद।

स्नेह बनाए रखिएगा।

जनमदिन के मौके पर हुई दो ब्लॉगरों से पहली मुलाक़ात
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33 Thoughts to “जनमदिन के मौके पर हुई दो ब्लॉगरों से पहली मुलाक़ात”

  1. जन्मदिन की पुन: बधाई

    1. शुक्रिया राजीव जी

  2. जन्मदिन की पुन: बधाइयाँ और शुभकामनाएं साथ साथ तैयार रहिएगा जब भी मुलाकात होगी … सूद सहित पार्टी लेंगे आपसे …
    टिप्पणीकर्ता Shivam Misra ने हाल ही में लिखा है: शहीद् ए आजम सरदार भगत सिंह जी के जन्मदिन परMy Profile

  3. बस यही माहौल बना रहे।
    टिप्पणीकर्ता प्रवीण पाण्डेय ने हाल ही में लिखा है: हे विधाता !My Profile

    1. कोशिश तो रहती है प्रवीण जी

  4. यह सही है सर जी … आपकी पोस्ट पर कमेन्ट देते ही आपको हमारी ताज़ा पोस्ट की भी जानकारी हो जाती है … और हमें मिल जाता है आपका कमेन्ट … जय हो !

  5. वाह सर हैप्पी बर्थडे अगेन एंड अगेन सर । आपकी इस साईट का सबसे बडा फ़ायदा तो ये हुआ है कि अब रोज़ आपकी पोस्ट पढने को मिल रही हैं । बहुत बहुत शुभकामनाएं सर
    टिप्पणीकर्ता अजय कुमार झा ने हाल ही में लिखा है: जनलोकपाल , जनांदोलन और जागता समाज ….१My Profile

    1. शुक्रिया अजय जी

      वेबसाईट के बहाने सक्रियता तो बढ़ी है

  6. जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ

    1. शुक्रिया सैयद जी

  7. दोस्तों के बीच बहुत पापुलर हो सरदार ….
    दिल में जलन होती है यार !
    शुभकामनायें !

    1. जोत जलती रहे 😀

      आभार सतीश जी

  8. एक बार फिर से शुभकामनाएं !

    आपको सपरिवार
    नवरात्रि पर्व की बधाई और शुभकामनाएं-मंगलकामनाएं !

    -राजेन्द्र स्वर्णकार
    टिप्पणीकर्ता राजेन्द्र स्वर्णकार ने हाल ही में लिखा है: सरस्वती वंदना : छंद हरिगीतिकाMy Profile

    1. एक बार फिर से आभार आपका

  9. बधाईयां जी बारम्‍बार बधाईयां……

    1. बारम्बार शुक्रिया अतुल जी

  10. आपकी पोस्ट से पहले ही लाल्ट भैया ने भिलाई के सारे समाचार दे दिए थे.फिर उनके ब्लॉग पर भी पढा.अकेले अकेले केक खा लिया? अगर केक खिलाओ तो दुबारा ‘बर्थडे बॉय’ बना सकती हूँ आपको.शर्त मंजूर?चलो ले लो बधईयाँ .आप भी क्या याद रखोगे ! आप लकी हैं सब ब्लोगर्स भाई बहिनों से मिल लेते हो.
    ह्म्म्म बेटे ने भारी भरकम गिफ्ट क्या दिया?बता दीजिए न प्लीज़. हा हा बधाई और इसी तरह खूब खुश और स्वस्थ रहे.

    1. शर्त मंजूर 😀

      भारी भरकम गिफ़्ट क्या है ऐसे कैसे बता दें?

  11. ajit gupta

    पाबलाजी बधाई तो पूर्व मे दे दी थी अब तो रिर्टन गिफ्‍ट की बारी है। आपका यही स्‍नेह बना रहे।

    1. आप हमारे शहर से बिना बताए रिटर्न हो गए
      कट्टी 😀

  12. दिन ये आए बार बार
    हजार साल जिए हमारा सरदार!

    1. आप बार बार दर्शन दीजिए
      हजार साल तो यूँ ही गुजर जाएँगे

  13. जन्मदिन तो बहुत बढ़िया रहा…..इसी तरह हर साल आप हँसते मुस्कुराते..दोस्तों के साथ जन्मदिन मनाते रहे
    अनेकों शुभकामनाएं

    1. शुक्रिया रश्मि जी

  14. dr t s daral

    बढ़िया रहा यह अनुभव भी । बधाई ।

  15. (अ)सरदार की सरदारी बनी रहे!!
    टिप्पणीकर्ता सलिल वर्मा ने हाल ही में लिखा है: बधाई!!My Profile

    1. शुक्रिया सलिल जी

  16. पाबला जी, पता नहीं आपका ब्लाग देर से क्यों खुलता है। एक तकनीकी व्यक्ति होते हुए शायद इसका निराकरण कर सकते है।

    आपके ब्लाग का शीर्ष देख कर वह गीत याद आ गया- चुप चुप खडे हो ज़रूर कोई बात है, पहली मुलाकात है जी पहली मुलाकात है 🙂
    टिप्पणीकर्ता Chandra Mouleshwer ने हाल ही में लिखा है: हिंदी की दयनीय स्थितिMy Profile

    1. सर जी,
      शेयर्ड होस्टिंग होने से ऐसा अक्सर होता है। यह समस्या इंटरनेट एक्स्प्लोरर का इस्तेमाल करने से और भी गहरा जाती है और फिर अगर वह इंटरनेट एक्स्प्लोरर 6 हो तो मामला टांय टांय फिस्स 🙂

  17. हमे सूचना मिली थी कि आपका जन्मदिन होटेल हिमालय में मनाया जा रहा है सो वहाँ पहुंच भी गये लेकिन वहाँ पहुंच कर पता चला कि वेन्यु बदल गया है । अब उस समय ऐसे काम में फँसे थे कि पहुंच नही पाये । अब क्या कर सकते हैं इस ग्रूप के साथ तस्वीर अपनी किस्मत में नहीं रही होगी ।
    टिप्पणीकर्ता शरद कोकास ने हाल ही में लिखा है: आज जगमोहन कोकास की पुण्यतिथि है ….My Profile

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