ज़िंदगी की रेल का पटरी पर आना इसी को कहते हैं!?

पिछले दिनों मेरी चचेरी बहन लगभग 12 वर्षों के पश्चात मेरे निवास पर थी। वजह कुछ पारिवारिक थी।

एक रात यूँ ही बैठे बैठे यू-ट्यूब की चर्चा चल निकली।

इंटरनेट पर कुछ पारिवारिक फोटो व वीडियो एल्बम दिखाने के बाद मुझे महसूस हुया कि उसे कुछ बोरियत सी महसूस हो रही।

कुछ और नया दिखाने की कोशिश में बड़े अनोखे वीडियो हाथ लग गये। उनमें से एक यहाँ देखा जा सकता है। हालांकि यह वीडियो थाईलैण्ड में बैंकाक का है, किन्तु मुझे लगता है कि भारत में भी ऐसा कहीं होता ही होगा

वीडियो एक फुटपाथनुमा बाज़ार का है। जिसका रूप एक रेलगाड़ी की वज़ह से बदलता है। देखिए:


इसी दृश्य को कुछ और लम्बाई में यहाँ देखा जा सकता है।

लेकिन इसे देखकर मुझे सहसा लगा कि ज़िंदगी की रेल का पटरियों पर आना इसी को कहते हैं क्या!?

ज़िंदगी की रेल का पटरी पर आना इसी को कहते हैं!?
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7 Thoughts to “ज़िंदगी की रेल का पटरी पर आना इसी को कहते हैं!?”

  1. Nirmla Kapila

    bबिलकुल सही कहा आपने बहुत बडिया पोस्ट है आभार्

  2. HEY PRABHU YEH TERA PATH

    जी ऐसी रेल मुम्बई के धारावी इलाके से गुजरती है।
    मगलकामनाओ सहीत
    हे प्रभु यह तेरापन्थ
    मुम्बई टाईगर

  3. राज भाटिय़ा

    यह भी जिन्दगी का एक रुप है.
    धन्यवाद

  4. ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey

    रेलवे सेफ्टी से जुड़ा आदमी तो इसे देखने से इन्कार कर दे! 🙂

  5. हिमांशु । Himanshu

    बेहतर प्रविष्टि । धन्यवाद ।

  6. संगीता पुरी

    बहुत बढिया ..

  7. दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

    इंन्सान को जगह नहीं धरती पर।

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