ऐसे होती है जासूसी कैमरों की करामातें

बहुत पहले व्यक्तिगत छान-बीन करने के लिए जासूसी का ख़ास तरीका होता था. समय के साथ-साथ तकनीक के विकास ने बाज़ार में नए-नए जासूसी उपकरण ला दिए. अब तो फोन या मोबाइल हैक करना, इंटरनेट हैक कर दस्तावेज चुराना, जासूसी उपग्रह के जरिए, सीसीटीवी लगाकर, कैमरे छिपा कर जासूसी की जाती है.

कुछ माह पहले मुझे अपने शहर से दूर एक अन्जान कस्बे में बेहद ही संवेदनशील पारिवारिक मामले से निपटना पड़ा. मामला कुछ ऐसा पेचीदा था कि ना तो किसी सदस्य को बता सकता था ना ही कोई सलाह ले सकता था. साथ ले जाने की बात तो बहुत दूर थी.

किसी भी तरह की संभावित ऊँच नीच के झटकों से बचने के लिए मुझे वह उपाय अपनाने पड़े जिससे भविष्य में अपना बचाव कर पाता.

पहला इंतज़ाम तो यही किया कि अपने स्मार्ट फ़ोन पर Hi-Fi Recorder एप्प का उपयोग कर सारी बातचीत, हंगामे की ऑडियो रिकॉर्डिंग कर लेना. इतनी स्पष्ट रिकॉर्डिंग हुई कि होम थिएटर प्रणाली पर सुनते हुए लगता है कि इस वक्त ही कमरे में सारा हंगामा मचा हुआ है.

दूसरा इंतज़ाम किया गया वीडियो रिकॉर्डिंग का. यह एक ऐसा अचूक हथियार बना जिससे कोई बच नहीं सकता. इस काम के लिए मैंने अपना बहुत पुराना पेन इस्तेमाल किया. जी हाँ! पेन!! ऐसा पेन, जिससे लिखा जा सकता है.

जासूसी पेन

पिछले वर्ष जब दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल ने दिल्लीवालों से अपील की थी कि वो भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों और घूस मांगने वाले पुलिस वालों का स्टिंग बनाएं तो दिल्लीवालों पर उनकी इस अपील का गहरा असर हुआ और दिल्ली में जासूसी के लिए प्रयोग होने वाले उपकरणों की बिक्री बढ़ गई.
जासूसी पेन
इस काम में सबसे बढ़िया हथियार बना जासूसी पेन वाला कैमरा. इसे अपनी कमीज़ या टी-शर्ट की अगली जेब में बड़े आराम से आम पेन सरीखे रखा जा सकता है. इसमें लगा एक छोटा से छेद वाला कैमरा आसानी से नज़र नहीं आता है और इसमें वीडियो के साथ आवाज़ भी रिकॉर्ड हो सकती है.

इस पेन को ‘खोल’ कर, ऊपरी हिस्से से जुड़ी यूएसबी को कंप्यूटर में लगा कर सारी रिकॉर्डिंग देखी या डाउनलोड की जा सकती है या फिर इसी तरीके से इसकी बैटरी चार्ज की जा सकते है जो सारी रिकॉर्डिंग के लिए पर्याप्त है. क्षमता और गुणवत्ता के हिसाब से इस पेन कैमरा की क़ीमत एक हज़ार से पांच हज़ार के बीच होती है.

जासूसी के लिए इस बेहद आम पेन कैमरा को क्षमता और गुणवत्ता के हिसाब से 500-5000 रूपयों में ऑनलाइन वेबसाइट पर यहाँ क्लिक कर  पाया जा सकता है. इसकी विस्तृत प्रयोग विधि यहाँ क्लिक कर देखिए.

इन दोनों उपायों से मैंने भविष्य की किसी अनचाही स्थिति से निपटने का हथियार तैयार कर लिया. लेकिन इससे अलग भी कई जासूसी करती तकनीकें हैं जो ऐसे ही किसी कार्य में प्रयुक्त की जा सकती है. इन सब पर एक उड़ती नज़र डालिए.

मैं भी कई बार सोचता था कि चोरी छिपे एक से एक वीडियो रिकॉर्ड किये जाते हैं तो क्या उन बंदों को पता नहीं चलता होगा कैमरे का? लेकिन इन अनैतिक कामों के लिए, किसी की जासूसी के लिए, सुरक्षा निगरानी के लिए बाज़ार में हैरान कर देने वाले विभिन्न डिजायन मौजूद हैं

कपड़ों से जासूसी

शर्ट, टी-शर्ट, कोट, शेरवानी वगैरह के बटन में लगा हुआ कैमरा भी जासूसी/ निगरानी के काम को बखूबी अंजाम देता है. यह अच्छा-ख़ासा लोकप्रिय उपाय है जासूसी के सस्ते और असरदार हथियार के रूप में..

लेकिन इसमें ज़्यादा वक्त की रिकॉर्डिंग नहीं होती है. यह कैमरा शर्ट में लगे किसी भी मामूली बटन की तरह ही दिखता है. इसमें बटन के अलावा बाकी साजो सामान समेटे छोटा सा प्लास्टिक का टुकड़ा अंदर की तरफ रहता है और इसका किसी को पता भी नहीं चलता.

ऑनलाइन बाजार में इसकी कीमत एक हज़ार से शुरू होती है.

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ऐसे ही जासूसी कैमरे -टोपी, टाई, जूते वगैरह में बड़े आराम से फिट मिलते हैं. साधारण बटन कैमरा से लेकर एक किलोमीटर दूर तक देखे जा सकने वाले वायरलेस बटन कैमरा की कीमत Amazon India पर 1000 रूपये से एक लाख रूपये तक की बताई जाती है. और टाई कैमरा पाँच-दस हजार रूपये में मिल जाता है.

बिजली के उपकरणों से जासूसी

बिज़ली से चलने वाली कई ऐसी चीजें हैं जिनमें यह जासूसी/ निगरानी कैमरा फिट किया हुआ मिलता है. यह टेबल पर रखी हुई किसी डिजिटल घड़ी में हो सकता है या फिर सीधे सादे बिजली के सॉकेट में भी. छत के पंखे, एयर कंडीशनर, लैंडलाइन टेलीफोन, दीवार घड़ी जैसे ना जाने कितनी चीजों के सहारे इस जासूसी उपकरण को आपकी किसी भी गतिविधि की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड करने में आसानी होती है.

ऐसे अधिकतर उपकरण बिना तार के होते हैं और उनके द्वारा ली गई किसी भी हलचल को दूर बैठे -देखा सुना जा सकता है. अपना काम करने के लिए अक्सर यह ऐसी तकनीक से लैस रहते हैं जो तभी ‘जागते’ हैं  जब उन्हें किसी के हिलने डुलने या आने जाने का आभास हो.

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ऑनलाइन वेबसाइट पर ऐसी घड़ी 1800 रूपये में और बिजली का सॉकेट 4000 रूपये में उपलब्ध है.

फैशन के सामानों से जासूसी

फैशन के तौर पर अपनाई जाने वाली अनगिनत सामानों से भी इस जासूसी/ निगरानी काम को अंजाम दिया जाता है. जैसे कि सामान्य सी दिखने वाली किसी कलाई घड़ी को देख कर शायद ही कोई पहचान पाये कि इसमें कोई कैमरा छिपा हो सकता है. यह इतना छोटा होता है कि कई बार तो इसका लेंस देखने के लिए आपको माइक्रोस्कोप का इस्तेमाल करना पड़ सकता है.

इस जासूसी कैमरे वाली घड़ी को पहन कर कहीं भी बड़े आराम से जाया जा सकता है. यह न सिर्फ़ वीडियो रिकॉर्ड कर लेता है बल्कि आवाज़ भी इसमें रिकॉर्ड हो जाती है.

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जासूसी करती इस तरह की घड़ियाँ, गुणवता और डिजाईन के हिसाब से 1500-15,000 रूपये में मिल जाती है. इसी तरह कैमरे वाला चाबी का छल्ला जेब या पर्स में रखने के बाद भी बहुत स्पष्ट आवाज़ रिकॉर्ड कर सकता है.

जासूसी दुनिया में बेल्ट, चश्मा, बार्बी गुड़िया, सिगरेट लाइटर, सॉफ्ट ड्रिंक कैन, टिश्यू पेपर का डब्बा, टूथब्रश जैसी आम वस्तुयों में भी ऑडियो वीडियो रिकॉर्ड करने की क्षमता वाला कैमरा ring-spy-camera-bspablaछिपा कर बाज़ार में बेचा जा रहा है.

मुझे याद है कि पिछले वर्ष मेरे शहर भिलाई में एक युवक को उसी की किसी गलती के चलते पुलिस ने धर दबोचा और चैन की सांस ली. क्योंकि वह युवक अपने हाथ में ऐसी अंगूठी पहने रखता जिसमें जासूसी का कैमरा छुपा हुआ था और इसी के बल पर आये दिन पुलिस की रिश्वतखोरी जैसी करतूतें रिकॉर्ड कर सबूतों समेत शिकायत ऊपर के स्तर तक या मीडिया को पहुंचा देता.

उसकी गिरफ्तारी के पहले इस अंगूठी का राज किसी को भी नहीं मालूम था.

मजे की बात यह कि यह सभी चीजें जासूसी के साथ साथ अपना मूल काम भी करती हैं. चश्मे से देखा जा सकता है, सिगरेट लाइटर से सिगरेट जलाई जा सकती है, टूथब्रश से दांत साफ़ किये जा सकते हैं, छत के पंखे से हवा मिल सकती है, लैंडलाइन टेलीफोन से कॉल की जा सकती है.

जासूसी कैमरा ढूँढ निकालना

मैंने तो अपना काम सफलतापूर्वक निपटा कर किसी संभावित अड़चन से बचने का इंतजाम कर लिया क्योंकि मैं सिर्फ अपनी सुरक्षा की दृष्टि से ऐसा कर रहा था. लेकिन इस तकनीक का उपयोग किसी दुर्भावना की नीयत से इस्तेमाल किया जाए बहुत मुश्किल हो सकती है.

इन परिस्थितियों से निपटने के लिए बाज़ार में ऐसे उपकरण मौजूद हैं जो आपके आसपास किसी बाथरूम, ऑफिस, बेडरूम, आदि में लगे सामान्य या वायरलेस जासूसी कैमरे को भांप कर चेतावनी देते हैं कि कौन ऐसी हरकत कर रहा है. ऐसा ही एक बढ़िया उपकरण ऑनलाइन वेबसाइट अमेज़न इंडिया पर 7000 रूपये में मिल रहा है.

बात यहीं ख़तम नहीं हुई! मैं जब उन लोगों के बीच जाने वाला था तो मन में कहीं डर था कि वे लोग फोन कर अपने और रिश्तेदारों को ना बुला लें. इसलिए मैंने एक पॉकेट मोबाइल जैमर मंगवाया जिसके ऑन होते ही 30 फुट तक के दायरे में आने वाले सभी मोबाइल्स को उनके सिग्नल मिलने बंद हो जाते जिससे ना कोई कॉल वे कर सकें ना उन्हें कोई कॉल आ सके.

लेकिन डाक पते की एक गलती के कारण मेरी रवानगी से पहले वह कूरियर पार्सल पहुंच ना सका और वैसे भी इसकी ज़रूरत बाद में नहीं पडी. ऐसे सामान्य मोबाइल सिग्नल जैमर उपकरण महज़ 2500-3000 रूपये में मिल जाते हैं.

पहले तो जान जोखिम में डालकर प्रेमिका, प्रेमी, दोस्त या विश्वास में लेकर, भिखारी, पागल बनकर जासूसी/ निगरानी होती थी लेकिन अब ये गुजरे जमाने की बात हो गई है. विज्ञान और तकनीक आधारित आविष्कार हमेशा ही किसी आवश्यकता और मानवता की भलाई के लिए किया जाता है. सामान्यजन तो इसका सदुपयोग करते हैं लेकिन विध्वंसक तत्व इनका दुरुपयोग कर इन अविष्कारों पर प्रश्नचिह्न लगा देते है.

इसके अलावा अगर आप भी जासूसी उपन्यास, फिल्मों में मिलने वाले इन उपकरणों की सहायता से किसी स्टिंग पर निकलने की सोच रहे हैं तो ध्यान रखिएगा कि यह काम कहीं आपको ही किसी क़ानूनी परेशानी में न डाल दे.

आपने कभी इनका इस्तेमाल किया है?

© बी एस पाबला

ऐसे होती है जासूसी कैमरों की करामातें
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24 Thoughts to “ऐसे होती है जासूसी कैमरों की करामातें”

  1. बहुत उपयोगी और ज्ञानवर्धक आलेख !
    इस नायाब लेख को पढ़कर सोच रहा हूँ डिटेक्टिव एजेंसी खोल लूँ 🙂


    सर जी आजकल स्पाई कैमरे कपडे टांगने वाली खूंटियों पर भी हो सकते हैं !
    आप इस अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य का उल्लेख करना भूल गए !

    आभार / सादर
    टिप्पणीकर्ता prakash govind ने हाल ही में लिखा है: लेडीज को सीट ऑफर 🙂My Profile

    1. बी एस पाबला

      Pleasure
      जानबूझ कर मैंने वो खूंटी वाला कैमरा छोड़ा
      मुझे मालूम था कि आप तो बता ही देंगें

  2. indu puri

    पढ़कर मजा आ गया.एक बुक क्यों नही छपवाते आप ??? कविता कहानियों की किताबो से ज्यादा उपयोगी तो होगी ही वो बुक बिकेगी की भी खूब……काम की बाते जो लिखते हो आप.
    वैसे देखो जब चित्तोड़ आओ तो आपका मोबाइल सिग्नल जैमर मत लाना. वरना सबको आपकी जेब की तरफ इशारा करना पड़ेगा . Overjoy

    1. बी एस पाबला

      Tounge-Out
      अब ये तो आने के बाद ही पता चलेगा

  3. ajay arya

    बहुत उपयोगी लेख । आपने बाज़ार में आम उपकरणों के बारे में बताया हम इससे भी आगे सरकारों द्वारा करवाई जा रही जासूसी के बारे में भी जानना चाहेंगे ।

    1. बी एस पाबला

      Smile
      जी, ज़रूर

  4. kapil dev

    शुक्रिया

    1. बी एस पाबला

      Smile
      आभार

  5. जासूसी कैमरों की जानकारी से परिपूर्ण आलेख. मैंने भी अनेक अवसरों पर पेन, घड़ी और टोपी वाला कैमरा प्रयोग किया हुआ है. भविष्य में गाड़ी पटरी पर आने पर अनेक ऐसी वस्तुओं को खरीदकर उनका इस्तेमाल समाज और देशहित में करने की भावना रखता हूँ. Indu Puri Goswamiजी, यदि सरदार Bs Pabla जी उपरोक्त किताब लिखने को तैयार हो तो मैं छोटा सा प्रकाशक “शकुन्तला प्रेस ऑफ़ इण्डिया प्रकाशन” के तहत उसको छापने के लिए तैयार हूँ.

    1. बी एस पाबला

      Heart
      स्नेह बनाये रखियेगा

      1. Shiv Kumar Dewangan

        बहुत बढ़िया और मज़ेदार लेख, इनके बारे में कुछ जानकारी तो थी पर इतने वृहद रूप में ये आते हैं, और किस-किस तरह से इस्तेमाल किये जाते हैं. इसके बारे में जानकारी बहुत कम थी. कृपया कर के यह बताइयेगा की स्मार्ट फ़ोन और आई-फ़ोन में क्या अंतर होता है. इस ज्ञानवर्धक लेख के लिए शुक्रिया.

        1. Smile
          आभार शिव कुमार जी

          स्मार्ट फोन और आई फोन का अंतर कुछ यूं माना जाए कि
          स्मार्ट फोन देसी घी है और आई फोन, अनिक देसी घी

  6. bahut aachi jaankari lekin mai abhi bhee apne post kaa itnjar kar rahaa hu iPad

  7. शानदार जानकारी
    टिप्पणीकर्ता Ratan Singh ने हाल ही में लिखा है: एक छोटा सा विचार जीवन बदल देता हैMy Profile

    1. Pleasure
      शुक्रिया रतन सिंह जी

  8. बहुत अच्छी और उपयोगी जानकारी के लिए आभार ! आ. पाब्ला जी.
    टिप्पणीकर्ता Rajeev Kumar Jha ने हाल ही में लिखा है: बंदिशें और भी हैंMy Profile

    1. Happy
      शुक्रिया राजीव जी

  9. बहुत अच्छी और उपयोगी जानकारी के लिए आभार ! आ. पाब्ला जी.

  10. RAHUL YADAV DAGRWAHA RAKSA JHANSI UP

    BS PABLA JI MUGHE INE JANKARI LENE THE AAP SE YE JO KEMRA BALE PAIN HAI YE KYA SABHI SAHRO MAI MILNE CALU HO GAYE HAI KYA MERI NAJDEK MAI CITY JHANSI HAI KYA IS MAI BI MAL JAYEGA

    1. Approve
      जी, मिल जायेगा झांसी में

  11. RAHUL YADAV DAGRWAHA RAKSA JHANSI UP

    BS PABLA JI MUGHE EK JANKARI LENE THE AAP SE YE JO KEMRA BALE PAIN HAI YE KYA SABHI SAHRO MAI MILNE CALU HO GAYE HAI KYA MERI NAJDEK MAI CITY JHANSI HAI KYA IS MAI BI MAL JAYEGA

  12. आशुतोष शुक्ल

    बहुत ही महत्वपूर्ण व उपयोगी आलेख

  13. dhirusingh

    कभी जरुरत पडी तो आप से राय लूंगा

  14. अजय

    मुझे अपने घर के अंदर आवाज़ रिकार्डिंग डिवाइज़ चाहिए, कौन सा सही रहेगा

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