तू जहाँ जहाँ चलेगा, मेरा साया साथ होगा…

मेरा पिछला यात्रा संस्मरण पढ़ते पढ़ते एक पाठक की जिज्ञासा केवल कुछ शब्दों तक सीमित रहीं. …11 उपग्रहों से जुड़ चुके जीपीएस नेविगेटर …सेटेलाईट आधारित पथप्रदर्शक जैसे शब्दों ने उन्हें उलझा कर रख दिया.

फेसबुक के सहारे उन्होंने मुझे संदेश भेजा कि इस तकनीक पर कुछ प्रकाश डालिए. इस बारे में कुछ अधूरा लिखा हुआ मेरे पास पहले से ही संचित था, सोचा आज इसे पूर्ण कर ही लें, लेकिन पहले कुछ ज्ञान बघार लिया जाए. 😀

सामान्य जन अक्सर ही जीपीआरएस और जीपीएस में अंतर नहीं कर पाते. जबकि दोनों तकनीकों में बहुत अंतर है.

जीपीआरएस (जनरल पैकेट रेडियो सर्विस – General Packet Radio Service) को बोलचाल की भाषा में मोबाईल पर चलने वाला इंटरनेट कहा जा सकता है.

इसके लिए मोबाईल को जारी किये गए नंबर पर सुविधा लेनी होती है तथा यह तब तक ही सक्रिय रहती है जब तक संबंधित टावर से सिग्नल मिलता रहे. इस इंटरनेट सुविधा से आप चाहें तो मोबाईल पर अपना कार्य निपटाएं या फिर डाटा केबल द्वारा डेस्कटॉप/ लैपटॉप पर काम करें.मतलब कि जीता जगता सिम हो, जीपीआरएस वाला मोबाइल हैंडसेट हो, मासिक/ वार्षिक शुल्क चुका कर इंटरनेट की सुविधा ली हो, मोबाईल सिगनल .मिलता रहे तभी जीपीआरएस अपना काम कर पायेगा.

उपग्रहों के साथ नेवीगेटर का संबंध

जीपीएस (ग्लोबल पॉजिशनिंग प्रणाली – Global Positioning System), एक वैश्विक उपग्रह प्रणाली होती है। इसका विकास संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा विभाग ने किया था. 27 अप्रैल 1995 से सुरू हुई इस प्रणाली का प्रयोग अब नागरिक कार्यो में बड़े पैमाने पर होने लगा है। इस प्रणाली का प्रमुख प्रयोग नक्शा बनाने, जमीन का सर्वेक्षण करने, वाणिज्यिक कार्य, वैज्ञानिक प्रयोग, चौकसी रखने जैसे कार्यों के लिए होता है. लेकिन तकनीक के विस्तार के साथ ही अब सटीक रास्ता बताने वाले उपकरण बना लिए गए हैं.

अंतरिश में लगातार घूम रहे उपग्रहों के समूह द्वारा भेजे जाने वाले संकेतों के आधार पर उसे ग्रहण करने वाला उपकरण अपनी स्थिति का आकलन करता है. प्रत्येक उपग्रह लगातार संदेश रूपी संकेत प्रसारित करता रहता है। रिसीवर, प्रत्येक संदेश का गतिशील समय भी दर्ज करता है और प्रत्येक उपग्रह से दूरी की गणना करता है। इससे उपयोक्ता की त्रिआयामी स्थिति (अक्षांश, देशांतर रेखा और उन्नतांश) के बारे में पता चल जाता है।

एक बार जीपीएस प्रणाली द्वारा अपनी भौगोलिक स्थिति का ज्ञात होने के बाद, जीपीएस उपकरण द्वारा दूसरी जानकारियां जैसे कि गति, एक स्थान से दूसरे स्थान की दूरी, वहां के सूर्यास्त और सूर्योदय के समय के बारे में भी जानकारी एकत्र कर लेता है।

ये तो हो गया तकनीकी ज्ञान, अब बात की जाए मेरे चार पहिया वाहन में लगे जी पी एस उपकरण की.

डैशबोर्ड पर लगा जीपीएस उपकरण
डैशबोर्ड पर लगा जीपीएस उपकरण

मैं नई नई जगहों में घूमने का बहुत शौकीन हूँ. जब से स्वतंत्र निर्णय लेने में सक्षम हुया तब से ना जाने कितने ही हजारों किलोमीटर की घुमक्कड़ी पहले सायकल, फिर दसियों दुपहिया वाहन, 90 के दशक में सुजुकी की जापान से असली आयाति़त कार और फिर मारूति ओमनी वैन से जानी अनजानी जगहों का आनंद लिया जा चुका. कभी अकेले, कभी मित्रों संग, तो कभी परिवार संग.

किसी नई जगह पर जाने के पहले वहां का नक्शा और संबंधित जानकारियाँ रखना मैं कभी नहीं भूला. फिर भी कई बार सडकों की भूल भुल्लैया और गलियों के मायाजाल ने ऐसा उलझाया कि कितना ही समय, पैसा बरबाद हुया.

Nokia E71

3 वर्ष पहले, महाराष्ट्र यात्रा के लिए बेटे की सिफारिश पर जीपीएस की खूबी वाला नोकिया का E71 मोबाईल लिया जिसने मेरा साथ खूब निभाया. सारे हिन्दुस्तान का नक्शा मोबाईल पर, गलियों तक की जानकारी, साथ ही साथ सभी आवश्यक नागरिक सुविधायों का ब्यौरा उँगलियों पर उपलब्ध. दुनिया के किसी भी कोने की मंजिल का पता दे दिया जाए तो बाक़ी जिम्मेदारी सेटेलाईट से जुड़े इस मोबाईल की.

मोबाइल पर स्थापित सॉफ्टवेयर के सहारे एक कन्या स्वर अपने ही अंदाज़ में, सारी राह मंजिल तक पहुचने की जिम्मेदारी निभाता रहता था. किधर मुड़ना है, कितनी दूरी पर मुड़ना है आदि आदि. इसका शानदार प्रदर्शन दिल्ली, पंजाब के कुछ ब्लॉगर साथी देख चुके हैं.

लेकिन मुझे कई बार लगता था कि मोबाईल से आती आवाज़ कम है और छोटी सी स्क्रीन से बार बार राहों को देखना कठिन कार्य है, ऊपर से बार बार आती-जाती कॉल्स से बेहद परेशानी होती. सो निर्णय लिया गया पूर्ण रूप से वाहन के लिए समर्पित जीपीएस नेवीगेटर का

मेरी मारूती ईको की साज-सज्जा संभालने वाले की सलाह पर चुना गया MapMyIndia का S650 मॉडल, जो एक स्पेशल एडिशन था सीमित मात्रा में

मेन्यू द्वारा, उपकरण पर उपलब्ध विकल्प चुनने की सुविधा
मेन्यू द्वारा, उपकरण पर उपलब्ध विकल्प चुनने की सुविधा
अक्षांश, देशांश, समुद्र तल से ऊँचाई, स्थानीय समय, वाहन की गति, जुड़े हुए उपग्रहों की गिनती बताती स्क्रीन
अक्षांश, देशांश, समुद्र तल से ऊँचाई, स्थानीय समय, वाहन की गति, जुड़े हुए उपग्रहों की गिनती बताती स्क्रीन
नेवीगेटर स्क्रीन का विवरण
नेवीगेटर स्क्रीन का विवरण
एक नज़र में सारी राह का जायजा
एक नज़र में सारी राह का जायजा
डिजिटल स्पीडोमीटर सहित आवश्यक जानकारियाँ
डिजिटल स्पीडोमीटर सहित आवश्यक जानकारियाँ
पारंपरिक स्पीडोमीटर का आभास
पारंपरिक स्पीडोमीटर का आभास

मेरे ख्याल से इस उपकरण की खूबियों के बारे में ऊपर दिए गए चित्रों से काफी कुछ स्पष्ट हो चुका है. फिर भी बताना चाहिए कि टच स्क्रीन वाले सामान्य नेवीगेटर को अपने गंतव्य का नाम बताइए. यह उपकरण रास्ते भर बताता रहेगा- अब बाएं मुड़िए, सौ मीटर बाद दाएं मुड़िए और फिर लाल बत्ती पर रुक जाइए।

इसके अलावा इससे चित्र देखे जा सकते हैं, गाने सुने जा सकते हैं, वीडियो देखा जा सकता है, ब्लूटूथ की सुविधा के कारण हैंडफ्री मोबाईल कॉल का आनंद लिया जा सकता है.

2 GB की अंदरूनी क्षमता के अलावा.इसमें 8 GB तक का माइक्रो SD कार्ड लगाया जा सकता है. वाहन के सिगरेट लाईटर सॉकेट द्वारा इसकी बैटरी चार्ज की जा सकती है. अकेली बैटरी अपने दम पर 5 घंटे तक इस नेवीगेटर को सक्रिय रख सकती है.

और हाँ, इस स्पेशल एडिशन जीपीएस नेविगेटर के साथ रिवर्स पार्किंग कैमरा भी शामिल है, जिससे वाहन को पिछले गेयर में डालते ही पीछे का दृश्य इसी उपकरण की स्क्रीन पर देखा जा सकता है.

अब तो कभी कभी लगता है कि उपग्रहों के समूह से जुड़ा यह नेवीगेटर, मेरे लिए फिल्मी गीत गुनगुना रहा हो “… तू जहाँ जहाँ चलेगा, मेरा साया साथ होगा… “

अब आप बताएं, यह तकनीकी विवरण कैसा रहा?

तू जहाँ जहाँ चलेगा, मेरा साया साथ होगा…
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42 Thoughts to “तू जहाँ जहाँ चलेगा, मेरा साया साथ होगा…”

  1. बहुत खूब जानकारी पाब्ला जी | धन्यवाद् |
    टिप्पणीकर्ता Tushar Raj Rastogi ने हाल ही में लिखा है: डर लगता हैMy Profile

    1. बी एस पाबला

      THANK-YOU

      1. Shiv Kumar Dewangan

        अच्छी और रोचक जानकारी आपने दी है.
        dhanyvaad

  2. बेहतरीन उपकरण, कीमत तो बता देते।
    टिप्पणीकर्ता ePandit ने हाल ही में लिखा है: नैक्सस ७ टैबलेट भारत में आधिकारिक रूप से जारी, प्रीबुकिंग शुरु @₹१६,०००My Profile

    1. बी एस पाबला

      Smile
      विक्रेता के मुताबिक़, “माल जाम हो गया है”
      इसलिए 14,500 रूपयों में उसने सब कुछ फिट करके दिया

  3. बहुत महत्वपूर्ण आलेख है जी संभाल कर रखने लायक।

    1. बी एस पाबला

      Yes-Sir

  4. वाकई, घुमक्‍कडों के लिए वरदान जैसी है यह डिवाइस।
    टिप्पणीकर्ता Dr. Zakir Ali Rajnish ने हाल ही में लिखा है: …वोट से इतिहास बनाने का समय है।My Profile

    1. बी एस पाबला

      Approve

  5. ‘मैप माई इंडिया” का यह साॅफ़्टवेयर मुझै टैब में प्रिइंस्टाॅल्ड मिला था पर इसका प्रयोग न के बराबर ही कर पाया क्योंकि मोबाइल हमेशा साथ होने के कारण गूगल मैप से ही काम चल जाता है. अलबत्ता विदेशों में इस प्रकार के जीपीएस डिवाइस गाड़ियों में आमतौर से मिलते हैं पर भारत में इनका चलन अभी उस स्तर पर नहीं है. वहां ये १००-१५० डाॅलर के बीच उपलब्ध हैं. वास्तव में ही ये डिवाइस बहुत काम के होते हैं आैर लोग इनका प्रयोग भी काफी करते हैं. पर हमारे यहां शहरों के भीतर के आड़े-टेढ़े रास्तों के कारण ये कई बार लंबे-लंबे या भीड़भाड़ वाले रास्ते ही चुन कर दिखा देते हैं इसलिए मैं इनपर पूरी तरह से निर्भर रहने से बचता हँू.
    टिप्पणीकर्ता काजल कुमार ने हाल ही में लिखा है: कार्टून :- …ये मेरा ख्याऽऽऽल है (बुरा न मानें)My Profile

    1. बी एस पाबला

      Heart
      राहों के चुनाव के लिए इनमें 3 विकल्प रहते हैं
      किस रास्ते से जाना चाहते हैं? Faster? Shorter? Optimised?
      कम दूरी में हो सकता है टेढ़ी मेढ़ी संकरी गलियां मिलें, बंदा गेयर बदलते ही समय लगा दे
      कम समय में हो सकता है हाइवे मिले और फिर ट्रैफिक जाम में समय बिताते चला जाए

      मैंने तो बीच वाला विकल्प चुना हुया है, Optimised

      गूगल मैप बोल कर तो बताता नहीं,
      लेकिन ऎसी नेवीगेटर प्रणाली में मधुर नारी स्वर से अकेलापन भी महसूस नहीं होता Overjoy

  6. जानकारी बढ़िया है, परंतु केवल उन्हीं के लिये जो रोज ही अपरिचित जगहों पर जाते हों, हम तो रोज ही ऑफ़िस से घर और घर से ऑफ़िस के ही चक्कर लगाते हैं, इस सुविधा का प्रयोग करने की बहुत हसरत है ।
    टिप्पणीकर्ता विवेक रस्तोगी ने हाल ही में लिखा है: वर्षा ऋतु – बच्चों के लिये निबंधMy Profile

    1. बी एस पाबला

      Thinking

  7. ठीक है हमने भी जान लिया कि वास्तविक राज क्या है …..वैसे तकनीक सम्बन्धी जितनी भी जानकारियाँ हैं वह मुझे आपके ब्लॉग से मिलती रहती हैं ……वाह वाह …!!!

    1. बी एस पाबला

      .THANK-YOU

  8. “मोबाइल पर स्थापित सॉफ्टवेयर के सहारे एक कन्या स्वर अपने ही अंदाज़ में, सारी राह मंजिल तक पहुचने की जिम्मेदारी निभाता रहता था. किधर मुड़ना है, कितनी दूरी पर मुड़ना है आदि आदि. इसका शानदार प्रदर्शन दिल्ली, पंजाब के कुछ ब्लॉगर साथी देख चुके हैं.”

    क्या सर जी मैनपुरी के इस साथी को भूल गए … लखनऊ मे इसी के सहारे तो जा टकराए थे आप से … और फिर हम दोनों … अमित जी से … Wink

    वैसे गूगल मैप मे भी अब वॉइस नेविगेशन आ गया है !
    टिप्पणीकर्ता Shivam Misra ने हाल ही में लिखा है: हैप्पी बर्थड़े जोहरा सहगल जी – १०१ नॉट आउटMy Profile

    1. बी एस पाबला

      Ssshh:

  9. अच्छी जानकारी देती पोस्ट….

    1. बी एस पाबला

      _THANK-YOU

  10. तकनीक का यही फायदा है कि यदि आप तकनीक का इस्तेमाल करने में सक्षम हैं तो बहुत सारी कठिनाईयों से बचा जा सकता है.
    टिप्पणीकर्ता indian citizen ने हाल ही में लिखा है: पुलिस का रवैयाMy Profile

    1. बी एस पाबला

      _Yes-Sir

      1. SUNIL KUMAR

        आप यह भी बताया करिये की ऐसी मूड संकेत आदि दिखने वाले चिन्ह कहाँ से लाते हैं आप /हमारी जानकारी के लिए/

        1. बी एस पाबला

          iPad
          कमेंट करते हुए बॉक्स के नीचे नज़र मारिए
          [+] Zaazu Emoticons दिखेगा
          उसी पर क्लिक कीजिए
          खजाना दिखेगा
          मनचाहे इमोशिकॉन पर क्लिक कीजिए
          उसका कोड, कमेंट बॉक्स में दिखना शुरू हो जाएगा
          ज़रूरत हो तो कुछ लिखिए या वैसे ही कमेंट पोस्ट कर दीजिए
          वही इमोशिकॉन दिखना शुरू हो जाएगा

  11. सरिता भाटिया

    वीरे इक ते सरदार
    फिर जानकारी दी भरमार
    वाह वाह
    नमस्कार
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल सोमवार (29-04-2013) के चर्चा मंच अपनी प्रतिक्रिया के लिए पधारें
    सूचनार्थ

    1. बी एस पाबला

      THANK-YOU..

  12. बड़े सरल ढंग से आपने वैज्ञानिक जानकारी दे दी।

    1. बी एस पाबला

      THANK-YOU-

  13. बहुत काम की चीज़े बता दी आपने तो… मेरी पीएचडी में इन चीजों की बड़ी ज़रूरत रहेगी.. पंछियों के पीछे भागते हुए खो न जाऊं कहीं… 😛
    टिप्पणीकर्ता Rashmi Swaroop ने हाल ही में लिखा है: अपना गाँव… पार्ट 3My Profile

    1. बी एस पाबला

      Happy

  14. सार्थक ज्ञान 🙂

  15. एके राजपूत

    बहुत ज्ञानवर्धक लेख।

  16. सर्व प्रथम इस डिवाइस को इंग्लैंड में देखा था,परन्तु वोह मोबाइल फ़ोन की तरह नहीं था.रास्तो का निर्देशन देते हुवे,रास्तो के उतार चदाव भी बताता था.परन्तु जब कार ऊँची इमारतो के बीच से गुजरती थी,कुच्छ समय के लिए बंद पद जाता था.आज सैमसंग मोबाइल द्वारा मुंबई के रास्तो का निर्देशन मिल जाता है,कभी कभार लम्बे रास्तो द्वारा गंतव्य पंहुचा देता है. बोलती महिला की अंग्रेजी समझने के लिए,ध्यान से सुनना पड़ता है.क्या यह महिला हिंदी भी बोल सकती है. ?
    आप द्वारा दी गई जानकारी का धन्यवाद.
    टिप्पणीकर्ता harivansh sharma ने हाल ही में लिखा है: जीवन क्रमMy Profile

    1. बी एस पाबला

      Heart जी, हरिवंश जी
      जैसा कि आपने देखा, हिंदी में जानकारी दिखा कर भी उपलब्ध करवाता है यह यंत्र

      आवाज़ के मामले में यह भारत में बोली जाने वाली 13 मुख्य भाषाओं में महिला/ पुरुष स्वर द्वारा सूचना दे सकता है.

  17. SUNIL KUMAR

    इसी लिए मैं आपको टेक्नोक्रैट कहता हूँ /सरल विस्तृत जानकारी देने वाले / कृपया बताएं इस उपकरण को स्टेयरिंग के पास लगते हैं क्या ? या उसके ऊपर लगा देते हैं नवीनतम मॉडल और उसका मूल्य /

    अब लैप टॉप से हिंदी में टाइप कैसे किया जाये कोई कोई downloading वाली साइट या सॉफ्टवेयर या कोई तरीका बता दीजिये मेरा HP pav g सीरीज वाला लैप टॉप है
    धन्यवाद !

  18. पाब्ला जी आप तो saare हिंदी ब्लोगेर के सुप्रीम गार्डियन लगते है
    हर लेख हैरान कर देती है Delighted

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