टिप्पणी लिखने वालों के लिए कुछ तकनीकी बातें

ब्लॉग बुख़ार

“कई बार ऐसा होता है दिल कसमसा कर रह जाता है, कम्बख़्त ऐसा मैं क्यों नहीं कर पाता? सभी जगह देखता हूँ, कोई ना कोई अपनी कला दिखाता रहता है, एक मैं ही ललचाई आँखों से देखने के अलावा कुछ नहीं कर पाता “ एक ऐसे ब्लॉगर के मुँह से मैं यह बात सुन रहा था जिसे लगभग दो वर्ष होने को आए हिंदी ब्लॉग जगत में।

मेरा दिल तो किया उसी समय उनको बता दूँ उनकी चाही सभी जानकारियाँ, लेकिन कई बातें थीं जो लिखित में ज़्यादा बेहतर समझ में आतीं। इसके अलावा लिखित में होने से यह कई जाने- अन्जाने ब्लॉगरों के काम भी आ जाएगी। यही सोच कर आज की यह पोस्ट लिखने बैठ गया।

बात हो रही थी, टिप्पणी में लिंक लगाने, अक्षरों को गाढ़ा करने, तिरछा लिखने आदि की। आपने भी कई बार देखा होगा टिप्पणियों में ऐसे लेखन को

राजेश ने कहा………….

आप लिखे और खुदा बाँचे

क्या बात कही है आपने
मज़ा आ गया
कभी मेरा यह ब्लॉग भी देखिए

यदि इसे सीधे सीधे लिखा जाता तो यह दिखता ऐसे

राजेश ने कहा………….

आप लिखे और खुदा बाँचे

क्या बात कही है आपने
मज़ा आ गया
कभी मेरा ब्लॉग भी देखिए

लिंक दिखाए जाने पर यह हो जाता

राजेश ने कहा………….

आप लिखे और खुदा बाँचे

क्या बात कही है आपने
मज़ा आ गया
कभी मेरा यह ब्लॉग shodh-survey.blogspot.com भी देखिए

निश्चित तौर पर अंतिम दोनों तरीके कुछ अधिक प्रभाव नहीं डाल पाते और व्यवहारिक नहीं दिखते। आइए देखें इसे कैसे किया जाता है

अगर आप किसी पैराग्राफ, वाक्य, शब्द, अक्षर को तिरछा Italic दिखाना चाह्ते हैं तो उसके शुरू में <i> तथा अंत में </i> लिख दें। जैसे

सहमति जताना मेरे लिए मुश्किल है
के बदले लिखिए
<i>सहमति जताना मेरे लिए मुश्किल है</i>
परिणाम आएगा

सहमति जताना मेरे लिए मुश्किल है
अगर आप किसी पैराग्राफ, वाक्य, शब्द, अक्षर को गाढ़ा Bold दिखाना चाह्ते हैं तो उसके शुरू में <B> तथा अंत में </B> लिख दें। जैसे
लेकिन मुद्दा कुछ अलग सा है
के बदले लिखिए
लेकिन <B>मुद्दा कुछ अलग</B> सा है
परिणाम आएगा
लेकिन मुद्दा कुछ अलग सा है
अगर आप किसी पैराग्राफ, वाक्य, शब्द, अक्षर में लिंक लगाना चाह्ते हैं तो यह प्रक्रिया अपनाईए
या फिर मेरा पूरा ब्लॉग http://shodh-survey.blogspot.com/ देख लीजिए
के बदले लिखिए
या फिर मेरा <a href=”http://shodh-survey.blogspot.com/”>पूरा ब्लॉग</a> देख लीजिए
परिणाम आएगा
या फिर मेरा पूरा ब्लॉग देख लीजिए
इस तरह की सजावट से टिप्पणियों पर अपनी बात कह पाने में आसानी होती है। जैसे तिरछे वाक्यों, शब्दों से किसी संदर्भ को दर्शाया जा सकता है। गाढ़े वाक्यों, शब्दों से उन पर जोर दिया जाना दर्शाया जा सकता है। लिंक लगा दिए जाने से उस पर जाना आसान किया जा सकता है क्योंकि सामान्यतया: सीधे सीधे लिंक लिख देने पर उसे कॉपी कर ब्राऊज़र में पेस्ट कर Enter दबाने का झंझट बहुत कम लोग करते हैं।  लिंक पर क्लिक करना बेहद आसान है।
लिंक लगाने में एक गलती तो मुझसे अभी भी हो जाती है। कभी कभी ” चिन्ह लगाना भूल जाता हुँ। बेहतर होगा नोटपैड में एक वाक्य लिख कर डेस्कटॉप पर सहेज लें, लिंक लगाते वक्त उसे खोलें और दो जगह फेरबदल कर कॉपी-पेस्ट कर लें। वाक्य है
<a href=”YOUR LINK”>YOUR TEXT</a>

YOUR LINK के बदले वह URL आएगा जहाँ आप ले जाना चाहते हैं तथा YOUR TEXT के बदले वह वाक्य या शब्द आएँगे, जिस पर क्लिक किए जाने पर लिंक खुलेगी।

मेरा ख्याल है यह जानकारी आपको पसंद आएगी।
टिप्पणी लिखने वालों के लिए कुछ तकनीकी बातें
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51 thoughts on “टिप्पणी लिखने वालों के लिए कुछ तकनीकी बातें

  1. आभार ज्ञानवर्धन का..सभी के लिए उपयोगी जानकारी के लिए.

  2. जानकारी प्रदान करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया..
    आप का कर्ज कैसे उतारेंगे ब्लॉगर…मैंने कोशिश करके देखी आपके ब्लॉग पर ही। कल ही मेरे भी जेहन में उठा था, सवाल..जिसका मिल गया मुझे जवाब..

    http://kulwant84.blogspot.com

  3. इत्ता सारा एक पोस्ट में ही..हमने तो इस पेज को ही संभाल कर रख लिया है..बिना बार बार पढे …कुछ नहीं कर पायेंगे ..इसीलिये…जानकारी हम जैसे ..फ़ुल टाईम टपेरों के लिये तो कम्पलसरी कोर्स की तरह है….

  4. ऐसी छोटी छोटी बातें दर्शाती हैं कि आप एक बहुत ही केयरिंग व्यक्ति हैं।
    आभार।

  5. बहुत अच्छे हम तो यह बहुत दिनों से सोच रहे थे कि पाबला अंकल क्या धांसू स्टाईल वाली टीप्पणी टिपते हैं पर ज्ञान नहीं बांटते हैं, चलो आज तो आपने हमको भी स्टाईल सिखा दिया। धन्यवाद…

  6. @ विवेक रस्तोगी

    भई हमारी उम्र तो अभी 12 का पहाड़ा 4 तक नहीं पढ़ पाई है। ये अंकल का ठप्पा कैसे लग गया? 🙂

    और मैंने कुछ नहीं सिखाया किसी को!
    बस
    सीखने में सहायता की है।

  7. पाबला (अंकल) जी, आज तो आपने मुँह मांगी मुराद दे डाली….हम तो कईं दिनों से इसी के बारे में जानने को उत्सुक थे कि आखिर ये लिंक कैसे लगाया जाता है!!
    सिंह साहब, लगे हाथ एक जानकारी ओर दे देंगे तो हमारी ओर से आप डबल धन्यवाद के हकदार हो जाएंगे:)
    वो ये कि लिखने के लिए मैं कैफे हिन्दी टाईपिंग टूल का प्रयोग कर रहा है,बडे मजे से चल रहा है,कभी कोई परेशानी नहीं हुई। लेकिन आज तक मुझे ये पता नहीं चल पाया कि "ज्ञ" शब्द कैसे लिखा जाता है….इसे लिखने के लिए हमेशा कापी-पेस्ट तरीके का ही प्रयोग करना पडता है।
    ज्योतिष की सार्थकता

  8. बड़ी काम की जानकारी दी आपने..धन्यवाद.
    मैं भी बारहा मे अभी भी ’ज्ञ’ लिखना नही समझ पाया..क्या आप सहायता करेंगे?

  9. अब तक पता नहीं था कि इस प्रकार बोल्ड और इटेलिक किया जाता है। ज्ञानवर्धक लेख के लिए आभार।

  10. मैने एच टी एम एल पढा था .. इसलिए जानकारी थी इसकी .. पर प्रयोग नहीं कर पाती .. अब से कोशिश करूंगी .. सचमुच देखने में अच्‍छा लगता है ये !!

  11. लिंक लगाने की जानकारी तो थी मगर बोल्ड और इटैलिक लिखने की जानकारी नहीं थी

    जानकारी देने के लिए आपका आभारी हूँ

    वीनस केसरी

  12. @ Apoorv

    बारह में ज्ञ के लिए j~j लिखें
    जैसे कि, ज्ञान लिखना हो तो लिखें j~jaana

    ~ वह चिन्ह है जो की-बोर्ड की 1 2 3 4 लिखी ऊपरी कतार में 1 के पहले दिए गए बटन को Shift के साथ दबाने पर आता है.

    @ Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"

    मैं हकदार हो गया हूँ 🙂
    आपके लिए भी वही तरीका है जो उपर बताया गया है

  13. अपने ज्ञान द्वारा आपने जो हमारा ज्ञानवर्धन किया है उसके लिए आपका पुन: धन्यवाद्:)

  14. बहुत बहुत शुक्रिया पाबला साहब..
    तरीका काम कर गया..अब मैं ’ज्ञ’ लिख सकता हूँ
    धन्यवाद

  15. बेहद उपयोगी जानकारी, ऐसे कमेंटस देखकर मैं भी दो हफते से सोच रहा था यह कैसे होरहा है,पर पूछूं किससे? आज आपसे बिन माँगे जानकारी मिल गई, टिप्‍प्‍णीकारों को इससे बडी शक्ति मिलेगी, विशेषरूप से उनको जो दूसरों के लिये कुछ दमदार रखते हों,


  16. पाबला जी, मेरा एक बावला सा सवाल है..
    यदि कोई टिप्पणी देना ही न चाहे, उनके लिये भी कुछ टिप दें ।
    मसलन …..
    टिप्पणी न करके अपना कद कैसे बढ़ाये ।
    कुशल टिप्पणी प्रबँधन से ब्लागरीय क्षति रोंके ।
    टिप्पणी बहुमूल्य है, इसे बरबाद होने से रोकें ।
    टिप्पणियाँ और बड़का ब्लागर, एक विवेचना इत्यादि इत्यादि !

  17. यूरेका, टिप्पणी में बोल्ड बनाना सीख गए।

  18. शुक्रिया पाब्ला जी। वैसे हम इन सूत्रों का प्रयोग करते रहते हैं। सही है, अपनी बात को बेहतर और सलीके स से प्रदर्शित करने का हुनर आना ही चाहिए…

  19. ये तो आपने बहुत ही काम की जानकारी दी हैं ,मैं भी कई बार सोचती थी की कुछ ब्लॉगर अपनी टिप्पणी में लिंक कैसे देते हैं .अब मुझे भी आ गया .आपका बहुत बहुत धन्यवाद .

  20. ये तो आपने बहुत ही काम की जानकारी दी हैं ,मैं भी कई बार सोचती थी की कुछ ब्लॉगर अपनी टिप्पणी में लिंक कैसे देते हैं .अब मुझे भी आ गया .आपका बहुत बहुत धन्यवाद .

  21. ये तो आपने बहुत ही काम की जानकारी दी हैं ,मैं भी कई बार सोचती थी की कुछ ब्लॉगर अपनी टिप्पणी में लिंक कैसे देते हैं .अब मुझे भी आ गया .आपका बहुत बहुत धन्यवाद .

  22. अच्छा तरीक़ा बताया. आगे से ज़रूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जाएगा, बिलकुल वैसे ही जगह मिलने पर पास दिया जाता जाता है.

  23. आपकी ओर से मुहैया करवाई गई ये जानकारी सच में ज्ञानवर्धक है। देखिए हम भी इसका ऐसे ही उपयोग कर पाते है या नहीं।

  24. बहुत बहुत थैन्क्यू अंकलजी!

  25. ये तो कमाल हो गया
    HTML के दो छोटे से टैग्स पर लिखी यह आकस्मिक पोस्ट इतनी सराहना पाएगी, मैंने सोचा नहीं था।
    अब महसूस होता है कि छोटी छोटी बातें यहाँ भी मायने रखती हैं।

    वैसे इन टैग्स की जानकारी, ब्लॉगस्पॉट द्वारा हरेक सामान्य टिप्पणी बॉक्स के एकदम नीचे दी गई रहती है। यहाँ भी दिख रही है।

    जिन भतीजों ने तारीफ की है उनको तो मैं अगली होली पर देख लूँगा। 🙂

    हा हा

    शायद उन्होंने पिछली होली की पोस्ट और उससे जुड़े चित्र नहीं देखे अभी तक। देख लें। रंगों की बौछार बहुत प्यारी होती है।

    पोस्ट पसंद किए जाने हेतु आप सभी का आभार

  26. यहां ज्ञान बंट रहा था
    और हम नदारद थे
    पर बाद में आकर
    सीखा जा सकता है
    सभी कुछ।

    पाबला जी आप
    ब्‍लॉगर्स स्‍नेह महासम्‍मेलन में
    शनिवार 12 सितम्‍बर 2009 को
    मॉडर्न स्‍कूल,सेक्‍टर 17, ओल्‍ड फरीदाबाद
    सुबह 10.30 बजे अवश्‍य शिरकत करें
    और एक घंटा बतियायें
    सब को खूब होशियार बनायें

    YOUR TEXT

  27. अच्छी प्रस्तुति….बहुत बहुत बधाई…
    मैनें अपने सभी ब्लागों जैसे ‘मेरी ग़ज़ल’,‘मेरे गीत’ और ‘रोमांटिक रचनाएं’ को एक ही ब्लाग "मेरी ग़ज़लें,मेरे गीत/प्रसन्नवदन चतुर्वेदी "में पिरो दिया है।
    आप का स्वागत है…

  28. पाबला साहब,
    नमस्ते,
    हम अदाबोल रहे हैं ..
    आपकी तो बात ही निराली..
    कितनी अच्छी जानकारी देदी हम सबको
    अब हम भी सजा सकते हैं न अपनी टिपण्णी ऐसे..

  29. पाबला साहब,
    नमस्ते,
    हम अदाबोल रहे हैं ..
    आपकी तो बात ही निराली..
    कितनी अच्छी जानकारी देदी हम सबको
    अब हम भी सजा सकते हैं न अपनी टिपण्णी ऐसे..

  30. शुक्रिया पाबला साहब आपकी इस जानकारी ने आज काफ़ी मदद दी.

  31. mujhe to had se jyada hairat hoti hai ye sab dekhkar. mai ye sab jis din blog banaya tha uske ek hafte ke baad hi jaan gaya tha. faaltu ki laffaaji se yahan time mile in logon ko tab na dekhen kahin. internet par aur na jaane kitne hi takneeki blog par jaankariyan bikhri padi hain.
    yahi hai ham hidustaniyon ki sahi pehchaan.
    bas din raat bakwaas kiye jaao aur dil men kudhte raho ..
    chaliye aap jaise log bhi hain jo yahan kuchh behtar kar rahe hain
    jeete rahiye
    aashirvaad

  32. इस पोस्‍ट पर तो बहुत पहले आया था परंतु आज फिर पाबला जी से रास्‍ता पूछकर आया हूं और इसके गुण को अपनाया है। बहुत उपयोगी जानकारी है जो टिप्‍पणीदाता और टिप्‍पणीपाता दोनों के लिए समान रूप से उपयोगी है । अविनाश वाचस्‍पति मैं सही उपयोग कर पाया हूं, इसके लिए मेरे नाम पर क्लिक करके मुझे नंबर दे सकते हैं। सादर/सस्‍नेह

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