तीन w, मेरे मित्र, और सरकार अंदर

पिछले दिनों हमारे प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुये। परिसीमन के चलते मेरा शहर तीन विधानसभायों में बँट चुका है। खबर आयी कि इस बार चुनाव आयोग सीधे रिटर्निंग अधिकारियों से प्राप्त डाटा की सहायता से इंटरनेट पर ताजा परिणाम व रूख से अवगत करायेगा। आजकल के तकनीकी माहौल में यह ठीक भी लगा। बुकमार्क की गयी चुनाव आयोग की वेबसाईट पर हम भी गाहे-बेगाहे नज़र डाल ही लेते थे।

8 दिसंबर की दोपहर के आस-पास एक मित्र का संदेश प्राप्त हुया ‘website of election commission not wrkng, load jyaada ho gayaa lagataa hai’ हमने F5 दबा रिफ्रेश मारा। सब ठीक। मित्र को फोन लगाया तो पता चला कि वहाँ तो वेबसाईट खुल ही नहीं रही, बाकी सभी वेबसाईट खुल रही हैं। वे शंकित हो बोले लगता है कोई वायरस आ गया! तू आ कर देख ले।

अंधा क्या चाहे दो आँखें वाले अंदाज़ में हम भी लपक लिए एक और मरीज़ पर प्रयोग के लिए। मित्र का कहना ठीक ही निकला, सब ठीक, बस election commission की वेबसाईट नहीं आ रही। तमाम spyware, malware, phishing, virus, trojan horse घोड़ों जैसे दौड़ने लगे। इनको ठिकाने लगाये जाने की तैयारी भी की जाने लगी।

एकाएक ही यूरोपियन देशों द्वारा त्यागे गये बल्ब की चकाचौंध जैसा महसूस हुआ कि ऐसा तो मेरे साथ भी हो चुका है। तत्काल उसी का इलाज़ दोहराया गया और अड़ियल सांड समान आने से अड़ रही वेबसाईट गाय जैसी चुपचाप नमूदार हो गयी।

मामला कुछ ऐसा था कि अर्सा पहले जब मुझे रेल्वे PNR की स्थिति को जानना होता था तो भारतीय रेल की एक सरकारी  वेबसाईट का प्रयोग करते थे indianrail.gov.in । अब ऐसा तो था नहीं कि indianrail लिखे और control दबाये रख enter को खटका दें, जिससे बिना कुछ किये सीधे www.indianrail.com लिखा जाए, फिर साईट भी खुल जाये। यहाँ तो पूरा indianrail.gov.in लिख कर enter दबाना पड़ेगा तब वेबसाईट खुलेगी।

जब हम लिखते थे indianrail.gov.in तो  वेबसाईट न खुले और जब लिखे www.indianrail.gov.in तो धड़ से सामने सब कुछ!  लेकिन ज़नाब वेबसाईट उपयोग में लाते समय हमसे अक्सर ही गफलत हो जाती थी। पता नहीं क्यों वेबसाईट के कर्ता-धर्तायों ने ध्यान नहीं दिया था कि वेबसाईट उपयोगकर्तायों को www का उपयोग करना , नहीं करना जैसे चुनाव से दूर रखा जाये, जैसे आम वेबसाईट होती हैं।

चुनाव आयोग की वेबसाईट में भी यही परेशानी है। जब आप लिखेंगे eci.gov.in तो ब्राऊज़र पर कहीं छोटा सा घूमता चक्र बतायेगा कि ढ़ूंढ़ते रह जायोगे। लेकिन जब लिखेंगे www.eci.gov.in तो पलक झपकने से भी कम की देर पर, पूरी वेबसाईट सामने!

हमारे मित्र बुदबुदाये ‘gov(ernment) in हुँह्। खोदा पहाड़, निकली चुहिया। वह भी मरी हुयी!’

पुनश्च: लिखने के बाद दिखा कि रेल्वे की वेबसाईट ठीक हो चुकी है।

तीन w, मेरे मित्र, और सरकार अंदर
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2 Thoughts to “तीन w, मेरे मित्र, और सरकार अंदर”

  1. वाह, मैने यह www वाला फैक्टर नोट नहीं किया था। आपने अच्छा बताया।

  2. बढ़िया जानकारी के लिए आभार.

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