दुनिया के ब्लॉगरो, एक हो

अगर आप समझ रहे हैं कि मैं, दुनिया के ब्लॉगरों की कोई यूनियन बना रहा हूँ तो गलत हैं। वैसे गलती तो अधिकांश ब्लॉगर कर ही रहे हैं। इस गलती को देखकर अक्सर झुंझलाहट होती है, भले ही अनूप शुक्ल जी मासूमियत से पूछें कि गुस्सा क्यों आता है!?

दो दिन पहले तो हद ही हो गयी। ब्लॉगरों के जनमदिन वाली पोस्ट के सिलसिले में एक साथी ने मुझे एक लिंक भेजी थी। उसे देखते ही माथा ठनका। उन जाने माने हिंदी ब्लॉगर ने अपने जनमदिन वाले दिन, सुबह-सुबह प्राप्त बधाई संदेशों का जिक्र करते हुये, बाकी बातें शाम को लिखने की बात कही।

शाम को लिखी भी, लेकिन तब तक उनके ब्लॉग पर तारीख बदल चुकी थी। वे बातें लिख रहे थे कि आज ऐसा हुया, आज वैसा हुया। जबकि उन के ब्लॉग का समय क्षेत्र अगले दिन में जा चुका था

tension

एक प्रसिद्ध चर्चित व्यक्ति के हिंदी ब्लॉग पर, मैं भी सहयोगी हूँ। उस ब्लॉग पर मीडिया की मजेदार गलतियों पर चुटकी ली जाती है। मैं जब भी उस पर कोई पोस्ट लिखता हूँ, तो महसूस होता है कि अमेरिका में बैठा हूँ।

कई बार उन्हें अनुरोध कर चुका हूँ, उसे ठीक करने के लिए, लेकिन वे समय ही नहीं निकाल पा रहे अपनी व्यस्तता से। एक बार तो ऐसा हुया कि खबर दी जा रही है 11 तारीख सुबह की और पोस्टिंग का समय कहता है कि अभी 10 तारीख की शाम है।

बताईये? हम भविष्यवक्ता हो गये !? hah

ऐसा अधिकतर ब्लॉगों पर देखा गया है। आप भी जरा ध्यान दें कि पब्लिश का बटन दबाते ही जो समय दिखता है, वह आपके देश का है या नहीं। टिप्पणी करने वाला समय भी चुगली कर ही देगा।

मेरा एक ही अनुरोध है कि यदि ब्लॉगर, अपने सेटिग्स पर अपने अपने देशों का समय क्षेत्र ठीक कर लें तो, समय के मामले में एकरूपता आ जायेगी इस ब्लॉगजगत में।

इसके लिये अपने ब्लॉग की सेटिंग्स में प्रारूपण में क्लिक कर, समय क्षेत्र वाले ड्रॉपडाऊन में अपने देश/ क्षेत्र को चुन लें और फिर सेटिंग्स सहेज लें। बस हो गया! कोई दिक्कत हो तो नीचे दिया वीडियो देखिये, आप ही के लिए बनाया गया है। पूछने वाले पूछ सकते हैं कि इससे क्या होगा? तो भई, मैं बीन नहीं बजा रहा।


:nggaya:क्या अब भी आप नहीं कहेंगे? –दुनिया के ब्लॉगरो, एक हो

दुनिया के ब्लॉगरो, एक हो
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20 Thoughts to “दुनिया के ब्लॉगरो, एक हो”

  1. Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"

    भई पाबला जी, हम तो सचमुच यही समझे थे कि आप कोई यूनियन वगैरह बना रहे हो……वैसे आयडिया बुरा नहीं हैं!और यूनियन लीडर के पद के लिए हमारा वोट तो आप के लिए सुरक्षित है ही.

  2. दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

    हम भी शुरू में इस समस्या से जूझ चुके हैं।
    पर चलो शहीदी दिवस के एक दिन बाद ही सही। इंकलाब की शुरूआत तो हुई।

  3. P.N. Subramanian

    ही महत्वपूर्ण बात कही है. अफ़सोस विडियो दिख नहीं रहा है. अंग्रेजी में कहता है कि उपलब्ध नहीं है

  4. MANVINDER BHIMBER

    ਵੀਰ ਜੀ,
    ਬ੍ਦੀ ਵਧਿਯਾ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਹੈ …..ਮੇਰੇ ਬ੍ਲੋਗ ਤੇ ਵੀ ਆਪ ਜੀ ਨੂ ਏ ਦਿੱਕਤ ਮਿਲੇਗੀ ….ਪਰ ਮੇਨੂ ਪਤਾ ਹੈ ….ਟਾਇਮ ਸਹੀ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਪਰ ਮੈ ਕਿੱਤਾ ਹੀ ਨਹੀ ਹੈ ……ਆਪ ਦੇ ਬ੍ਲੋਗ ਤੇ ਹਰ ਵਾਰ ਨ੍ਵਈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ …

  5. cmpershad

    ये पापे, ये पंजाबी कुडी क्यों कुढ रही है:) आप तो तकनीकी विज़ार्ड हैं जी!!

  6. बी एस पाबला

    ਵਾਹ ਵਾਹ, ਮਨਵਿਂਦਰ ਜੀ
    ਕਮਾਲ ਹੋ ਗਯਾ!

    ਹੁਣ ਗੁਰਮੁਖੀ ਵਿਚ ਵੀ ਕੇਮੇਂਟ ਵੇਖ ਕੇ ਸਾਰੇ ਬ੍ਲੋਗਰ ਹੈਰਾਨ ਹੋ ਰਹੇ।

    ਮੇਰਾ ਖਯਾਲ ਹੈ ਕਿ ਹੁਣ ਇਕ ਪਂਜਾਬੀ ਬ੍ਲੋਗ ਵੀ ਬਨਾ ਲੈਣਾਂ ਚਾਹਿਦਾ! ਜਿਸ ਵਿਚ ਸਿਰ੍ਫ ਗੁਰੁਮੁਖੀ ਲਿਖੀ ਜਾਵੇ।

    ਪਂਜਾਬੀ ਲਿਖਣ-ਪਡਣ ਵਾਲੇ ਬ੍ਲੋਗਰਾਂ ਦਾ ਕੀ ਕਹਿਣਾ ਹੈ?

  7. अनूप शुक्ल

    पाबलाजी, हम अभी भी कह रहे हैं कि गुस्सा करने से खुद का ही नुकसान होता है। फ़िर भी आप करना चाहें तो आपकी मर्जी। दूसरी बात यह कि हर एक की समझ की सामर्थ्य और सीमा होती है। जिस तकनीकी बात को आप एकदम सहज बायें हाथ का खेल समझते हैं वही बात दूसरे के लिये बहुत जटिल हो सकती है। ब्लाग लिखना,चर्चित होना और तकनीक की जानकारी होना हमेशा एक ही नहीं होता।

    कुछ गम्भीर बात कह डाली इसलिये आपको गुस्से के खूबसूरत पक्ष से भी परिचय कराते हैं। ये पोस्ट पढिये और देखिये गुस्से के सौंन्दर्य के उपमान http://hindini.com/fursatiya/?p=360

  8. बी एस पाबला

    हा हा।
    ‘गुस्से के कुछ सौंदर्य उपमान’ पढ़ने के बाद लगता है, अनूप जी ने मेरा दुख जान लिया है 🙂

    वैसे अनूप जी, पोस्ट पर मेरा कथ्य मात्र एक चुहलबाजी/ शरारत भर है। अन्यथा न लें।

    गुस्सा आना तो धीरे-धीरे बंद हो चुका है। 12-15 साल पीछे मुड़कर देखूँ तो लगता है वह उपमान वाली पोस्ट मुझ पर ही लिखी गयी है 🙂

    रही बात तकनीक की तो, मैंने जानकारी देते हुये मात्र एक अनुरोध ही किया है साथियों से, बस।

  9. संगीता पुरी

    सुंदर जानकारी … सहेज लिया ।

  10. Mired Mirage

    सौभाग्य से मेरा ब्लॉग तो सही समय बता रहा है। अन्यथा मेरे लिए ये कम्प्यूटरी युद्ध बहुत कठिन होते हैं। शायद मैं कम्प्यूटरी चैलेंज्ड हूँ। 🙁
    घुघूती बासूती

  11. Kusum Thakur

    जानकारी तो बहुतों को रहती है ,पर आपने दूसरो भी जानकारी दी यह बड़ी बात है. धन्यबाद पावला जी .

  12. Anil Pusadkar

    पाब्ला जी तुसी संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं।

  13. RAJIV MAHESHWARI

    जानकारी के लिए शुक्रिया ….. समय बदले के बाद सहेज नहीं रहा है. क्या करे.

  14. anitakumar

    हम तो अब भी सर हिला रहे हैं जैसे आप की स्माइली…कोई ऐसा क्षेत्र है जिधर आप का ध्यान नही जाता?
    मनविन्दर जी, बलविन्दर जी गुरुमुखी नॉट अलॉउड्…।ये क्या घुसुर पुसुर हो रही है जी? हमें भी बताओ

  15. PD

    badhiya raha yah bhi.. 🙂

    aur han uncle ji.. maine aapke post ke anusar apna calender nahi banaya hai.. ham to har dusare din aapke hi blog par ghoom aate hain ki aaj kiska janm din hai.. 🙂

  16. रवीन्द्र दास

    kya bat hai ham khush hue,kabil-e-dad.

  17. Harkirat Haqeer

    ਪਾਲਵਾ ਜੀ,

    ਸਾਡਾ ਵੀ ਨਾਂ ਸੀ ਕੇ ਨਹੀਂ ਲਿਸ੍ਟ ਵਿਚ….??

  18. अविनाश वाचस्पति

    धन्‍यवाद बादशाहो

    असी वी त्‍आडे नाल हो गए

    एक हो गए

  19. गिरीश बिल्लोरे

    जी
    जानकारी उपयोगी है सर जी

  20. गिरीश बिल्लोरे

    जी ज़रूर होंगे

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