क्या वो फिर आयेगा? इस सवाल का ज़वाब तो समय देगा

एक समय ऐसा था जब प्रसिद्ध भारतीय भौतिकीय वैज्ञानिक जयन्त विष्णु नार्लीकर की धूमकेतु, वामन की वापसी जैसी पुस्तकें पढ़ कर मैं सोचने लग गया कि यह भगवान वगैरह नाम की चीज और कुछ नहीं बस निश्चित तौर पर किसी दूसरे ग्रह के लोग रहे होंगे.

उम्र कुछ बढी तो पता चला कि दुनिया में व्यक्तियों का एक ऐसा समूह भी है जो डार्विन के सिद्धातों को नकारता है और स्वयं को किसी अन्य ग्रह के अतिविकसित बुद्धिमान निवासियों द्वारा बनाए गए रोबोट मानता है.

मैं स्वयं भी कई बार अपने बच्चों को कहानी सुनाते हुए कल्पना के समुद्र में गोते लगाते बताता था कि भगवान और कुछ नहीं बस हम जैसे रोबोट्स के सुपर प्रोग्रामर हैं, यह दुनिया तो बस उनका एक वीडियो गेम भर है जिससे वे अपना मन बहलाते हैं और हर काम के लिए उन कुछ ख़ास लोगों को जिम्मेदारी दी गई है जिन्हें यम, विष्णु, ब्रह्मा, सरस्वती, लक्ष्मी आदि पुकारा जाता है

आखिर कुछ तो ऐसा होगा जो सदियों से कहा जाता है यह सब ‘ऊपर’ वाले का मायाजाल है, हम सब ‘उसके’ हाथों की कठपुतलियाँ हैं, पुकारे जाने पर ‘वो’ ज़रूर सुनते हैं.

बाद में Close Encounters of the Third Kind, Indiana Jones and kingdom of crystal skull जैसी कई विज्ञान आधारित फिल्मों ने भी कैलाश पर्वत जैसे स्थान और ओह्म क़ी ध्वनि का प्रयोग कर ऐसे ही संकेत दिए कि कहीं ना कहीं कुछ ऐसा ज़रूर है जिसका ज़वाब हम मानवों के पास मिलना मुश्किल है

कुछ वर्षों पहले एक स्थानीय समाचारपत्र में चार पंक्तियों का एक समाचार दिखा कि सुदूर किसी स्थान पर गुफा में मिट्टी जैसी किसी वास्तु का बना एक ट्रांजिस्टर मिला है. बहुत तलाश क़ी कोई जानकारी नहीं मिली. इंटरनेट आया तो वहां भी बहुत तलाशा. बात नहीं बनी.

अतीत के पिरामिड सरीखे बड़े बड़े निर्माण, मोहनजोदड़ो की रहस्यमयी तकनीक, देवतायों के अन्तरिक्ष यात्रियों जैसे हेलमेटनुमा मुकुट, कानों में आजकल के डोंगल जैसे कर्ण कुंडल, हाथों में रिमोट सरीखा दण्ड, एक स्थान से अचानक दूसरी जगह प्रकट होने वाली बातों से रोमांच तो होता ही है

इन सब बातों क़ी भूमिका इसलिए लिखनी पड़ी कि आजकल टीवी चैनल History TV 18 पर एक धारावाहिक डॉक्यूमेंटरी आ रही है जिसका नाम है Ancient Aliens

(धारावाहिक का परिचय देता एक मिनट का वीडियो)

हर धर्म और सभ्यता से, विस्मित कर देने वाले तथ्यों को लिए हुए यह धारावाहिक निश्चित तौर पर आपको ऐसा कुछ सोचने पर मज़बूर कर देगा कि आखिर वो सुपर प्रोग्रामर हमारे लिए क्या क्या कर गए थे और इन सब बातों को उन्होंने मानव सभ्यता के लिए कैसे किया
.
फिलहाल भारत में, 1 अप्रैल से इस धारावाहिक की 1 घंटे की प्रत्येक कड़ी, सोमवार से शुक्रवार हर रात्रि 10:30 से (हिंदी में भी) प्रसारित की जाती है, जिसका पुन:प्रसारण उसी रात 12 :30 तथा दूसरे दिन सुबह 10 बजे किया जाता है. इसके बावजूद चूक गए तो अंग्रेजी भाषा की कड़ियाँ इंटरनेट पर यू-ट्यूब पर यहाँ देखी जा सकती हैं.

एक प्राचीन शिलाचित्र व आधुनिक अंतरिक्ष यात्री
एक प्राचीन शिलाचित्र व आधुनिक अंतरिक्ष यात्री में समानता
ये पिरामिड हैं या ...
ये पिरामिड हैं या …
कंट्रोल रूम...? कम्युनिकेशन रूम... ? पावर प्लांट...?
कंट्रोल रूम…? कम्युनिकेशन रूम… ? पावर प्लांट…?
अन्तरिक्ष यात्री?
अन्तरिक्ष यात्री?
अंतरिक्ष यान कौन चला रहा?
अंतरिक्ष यान कौन चला रहा?
 विवादास्पद चित्र, जिसमें परग्रही दिख रहे
एक ब्रिटिश फोटोग्राफर द्वारा 2010 में लिया गया विवादास्पद चित्र, जिसमें परग्रही दिख रहे

लगभग हर धर्म ग्रन्थ और कथाएं अपने अपने तरीकों से हमें बताते हैं कि ‘वो’ हमारी मदद के लिए क्या कुछ कृपापूर्वक कर गया था, वह हमारे आसपास ही है और यह विश्वास भी प्रकट किया जाता है कि स्थितियां भयावह होने पर ‘वह’ एक बार फिर आयेगा, जन्म लेगा.

क्या वो फिर आयेगा? इस सवाल का ज़वाब तो समय ही देगा.

फिलहाल तो मैं इस धारावाहिक का आनंद ले रहा. आप देख रहें हैं कि नहीं?

क्या वो फिर आयेगा? इस सवाल का ज़वाब तो समय देगा
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17 Thoughts to “क्या वो फिर आयेगा? इस सवाल का ज़वाब तो समय देगा”

  1. उस सुपर प्रोग्रामर का काम है ज़बरदस्त ….
    टिप्पणीकर्ता Dr. Monica Sharrma ने हाल ही में लिखा है: बावला बनने का सुखMy Profile

  2. हम भी देखे रहे है रोज़ … और जितना देख रहे है उतना ही यह अहसास होता है हम लोग आज भी किसी आदिमानव Caveman से ज्यादा हेसियत नहीं रखते उस ‘सुपर प्रोग्रामर’ के आगे अब भले ही वो कोई भी हो ! Thinking
    टिप्पणीकर्ता Shivam Misra ने हाल ही में लिखा है: फील्ड मार्शल सैम ‘बहादुर’ मानेकशॉ ज़िंदाबादMy Profile

  3. ग्रह नक्षत्रों के प्रभाव को देखने के बाद यह भी समझ नहीं पा रही कि ईश्‍वर के हाथ में भी कुछ है .. यानि वह भी मनमानी हमारी तरह वीडियो गेम खेल सकता है ??

  4. This program is based on pseudoscience concepts. All the so called experts in this program are known psedoscietists. for example Erich Van Danican , Richard Hoagland , George Noory . इनमे से किसी के पास विज्ञानं या इतिहास का ज्ञान या डिग्री नहीं है. इनकी संभी पुस्तको , प्रमाणों की आलोचना और बखिया उधेडी जा चुकी है.

    https://en.wikipedia.org/wiki/Ancient_astronauts
    टिप्पणीकर्ता Ashish ने हाल ही में लिखा है: हिग्स बोसान संबधित 10 महत्वपूर्ण तथ्यMy Profile

  5. Forgot to add that History channel should be treated as Hysteria channel, in the league of India TV. It is highly untrustable, full with lies, fearmongers, they were the one who made a lot of money from 2012 apocalypse , maya , end of world programmes.

  6. वन्दना गुप्ता

    अद्भुत जानकारी है

  7. आज की ब्लॉग बुलेटिन छत्रपति शिवाजी महाराज की जय – ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है … सादर आभार !
    टिप्पणीकर्ता ब्लॉग बुलेटिन ने हाल ही में लिखा है: छत्रपति शिवाजी महाराज की जय – ब्लॉग बुलेटिनMy Profile

  8. आपने ई वी डैनिकेन का नाम छोड़ दिया बस -उनकी चेरियट्स ऑफ़ गाड्स जैसी कृतियाँ इन्ही बातों को बढाती हैं -मगर अभी तक धरती पर परग्रहियों का आगमन प्रमाणित नहीं हुआ है -सब वाईल्ड परिकल्पनाएं हैं -छद्म विज्ञान श्रेणी की गप्पें –

  9. मजेदार लेख.पाबलाजी, अजब गजब है सब, सृष्टि के गर्भमे क्या छिपा है ये तो वही जानता है. अंतिम सत्य पर पहोचाना इतना भी आसान नहीं होता. कुछ भी हो शकता है. Thinking
    टिप्पणीकर्ता विरल त्रिवेदी ने हाल ही में लिखा है: यही तो रहा है आज ‘करतब’My Profile

  10. हिरन की नाभि में कस्तूरी होती हैं ,पर ज्ञान न होने की वजह से वो इधर उधर भटकता हे और घास को सुन्घ्ता हैं की ये खुशबू कन्हा से आ रही हैं .

  11. विज्ञान का सफर अभी बहुत बाकी है,आगे बहुत कुछ देखने को मिलेगा,बेहतरीन आलेख.
    टिप्पणीकर्ता rajendra kumar ने हाल ही में लिखा है: (कन्या भ्रूण-हत्या एक जघन्य अपराध)My Profile

  12. न जाने कितने रोचक तथ्य हैं जो अनुत्तरित हैं। सत्य की खोज जब तक पूर्वाग्रहों से ग्रसित रहेगी, सत्य बाधित रहेगा।

  13. बहुत बढ़िया ज्ञानवर्धक जानकारी ..
    आभार..

  14. देखिये अन्ततोगत्वा क्या मिलता है.
    टिप्पणीकर्ता भारतीय नागरिक ने हाल ही में लिखा है: दोष किसका.My Profile

  15. इन धारणाओं के बहाने कम-से-कम कई स्पेस परियोजनाओं को धन तो मिल ही रहा है…

  16. this is my personal opinion…
    मुझे लगता है एलियन थे और शायद है भी क्योंकि बहोत से ऐसे तथ्य है जिनको जान कर हम इस निष्कर्ष पर पहुच सकते है की हमारे सिवा इस ब्रह्माण्ड में और भी जीवन है।

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