अलग अलग देशों में नए साल का जश्न

पिछली बार जब मैंने बताया था कि दुनिया में ऐसे भी सात देश हैं जो किसी पर्यटक के लिए तरसते हैं तो एक मित्र ने जिज्ञासा प्रकट कि इन देशों में नए साल का स्वागत किस तरह करते होंगे लोग?

मैंने मुस्कुराते हुए पूछा कि नए साल की तैयारी में जुटने का वक्त आ रहा है लेकिन ये तो बाजारवाद की देन है. हमारे देश में तो हर धर्म, राज्य, मौसम के हिसाब से सबके अपने अपने नए साल हैं.

उसकी प्रतिक्रिया थी “यह सब तो मुझे भी मालूम है लेकिन जानना चाहता हूँ कि बाक़ी देशों में नए साल में डूबे लोग किस तरह इसका स्वागत करते हैं, उनका तरीका क्या है?”

अब मैं सोचने लगा कि उसे क्या बताऊँ कि ऐसे मौकों पर कोई तो नए साल की मुबारकबाद कह कर खिसक लेता है, कोई बढ़िया से नए साल के संकल्प निभाने में मग्न हो जाता है. नए साल की शायरी या नए साल के संदेश भी लोग ढूंढ ढूंढ कर आदान प्रदान करते हैं. कई लोग तो अपना नए साल का राशिफल देखने में ही व्यस्त रहते हैं

लेकिन उत्सुकता तो मित्र की ठीक थी. तो मैंने तलाशा, आखिर क्या रस्मों रिवाज़ होते है अन्य देशों में और नतीजा सबसे पहले कुछ यूँ सामने आया कि ग्रेगेरियन कैलेण्डर वाले इस एक जनवरी को आने वाले नए साल के आने और पुराने साल को विदा होते देखने के लिए लोग आधी रात तक जागते हैं. संसार की लगभग हर जगह चर्च की घंटियाँ बजाई जाती हैं, सीटियां, सायरन, भोंपू बजाए जाते हैं. हुड़दंग मचाते युवा अपनी ही मस्ती में दुनिया को बताते चलते हैं कि नया साल आ गया.

इंग्लैंड में नए साल का जश्न

इंग्लैण्ड में नए साल का जश्ननए साल के स्वागत के लिए अंग्रेजी रिवाज़, आतिथ्य और गर्मजोशी से भरे हैं. वे विश्वास करते हैं कि नए साल का पहला मेहमान उनके लिए भाग्य ले कर आता है. वह मेहमान पुरूष हो, मुख्य द्वार से प्रवेश करे और अपने साथ रसोई घर के लिए पाव रोटी जैसा पारंपरिक उपहार लाए, परिवार के मुखिया के लिए शराब की चुस्की ले, कमरे में अलाव की जगह पर अग्नि प्रज्जवलित करे. यह सब हो तो ठीक वरना अन्यथा वह ‘मेहमान’ स्वीकार्य नहीं. 🙂

उनका मानना है कि यह सब उनके लिए अच्छा भाग्य ले कर आता है.

डेनमार्क में नए साल का जश्न

डेनमार्क में नए साल का जश्न
डेनमार्क के निवासी, दरवाजे के सामने खाने की प्लेट्स का ढेर लगा देते हैं. लेकिन यह सारी प्लेट्स टूटी हुई रहती हैं. इस काम के लिए पुरानी प्लेट्स सहेज कर रखीं जाती हैं और यह प्लेट्स नए साल के दौरान दोस्तों के घर के दरवाजे पर फेंक कर मारी जाती हैं. इसे दोस्ती और भाईचारे का प्रतीक कहा जाता है और ऐसी मान्यता है कि जिसके घर के सामने जितनी ज़्यादा प्लेट्स उतने ही ज़्यादा उसके मित्र नए साल में होंगे.

कुछ निवासी, आधी रात के दौरान कुर्सियों के ऊपर से छलांग मारते भी पाए जाते हैं.

ब्राज़ील में नए साल का जश्न

ब्राजीलियाई इस बात पर विशवास करते हैं कि मसूर की दाल, धन और समृद्धि को दर्शाती है. इसलिए वे नए साल पर इसका सूप या चावल मिला कर बनाये गए खाद्य पदार्थ परोसते हैं. नए साल की पूर्व संध्या पर, जल देवी को प्रसन्न करने के लिए पुरोहितों द्वारा नीले और सफेद रंग में पोशाक में शुभ समारोह आयोजित किया जाता है.

इसके अलावा रियो डी जनेरियो के समुद्र तट से गहने, मोमबत्तियों और फूलों से बारी एक नाव को समुद्र में धकेल कर बलि की रस्म पूरी की जाती है. इससे माना जाता है कि ऐसा करने से स्वास्थ्य, धन और खुशी समेटे भाग्य आएगा.

ऑस्ट्रिया में नए साल का जश्न

ऑस्ट्रियाई, दूध पिलाती मादा सूअरों में अच्छी किस्मत का आकर्षण पाते हैं. अच्छे भाग्य की उम्मीद में वे इसे खाद्य पदार्थ के रूप में परोसते हैं और साथ पेपरमिंट आइसक्रीम भी परोसी जाती है.

जर्मनी में नए साल का जश्न

सीसा, Lead यहाँ शुभ माना जाता है. ठंडे पानी में पिघला हुआ सीसा डाल, उसके ठंडे हो जाने पर आकार देख कर आने वाले नए साल की भविष्यवाणी की जाती है. यदि दिल का सांकेतिक आकार मिला तो विवाह का प्रतीक माना जाता है. गोल आकार में ठंडे पड़ चुके सीसे से अच्छे भाग्य का संकेत मिलता है जबकि लंगर का आकार दर्शाता है कि आपके काम किसी की मदद से ही संपन्न होंगे और क्रॉस/ सलीब की आकृति किसी के निधन का प्रतीक है.

वेल्स में नए साल का जश्न

वेल्स में, आधी रात के कुछ पहले, घर के पीछे का दरवाज़ा एक बार खोल कर झट से वापस बंद कर दिया जाता है. ऐसा करने के पीछे मान्यता है कि पुराने साल को छोड़ते हुए उसके द्वारा लाए सभी बुरे भाग्य को बाहर से ताला लगा दिया गया है. घड़ी के 12 बजते ही एक बार फिर वह दरवाज़ा खोला जाता है लेकिन आने वाले साल की अच्छाई, सौभाग्य और समृद्धि के स्वागत के लिए.

फिलीपींस में नए साल का जश्न

फिलीपींस में नए साल का जश्न

फिलीपींस निवासियों का मानना है कि हर गोल वस्तु शुभ है. तो वे अच्छे भाग्य और धन दौलत को आकर्षित करने के लिए पोल्का डॉटेड कपड़े पहनते हैं, अंगूर का सेवन करते हैं, हाथों में सिक्के रखते हैं.

एक अन्य विश्वास स्वरूप कुछ निवासी, त्याग के रूप में यह सिक्के फेंक भी देते हैं.

चिली में नए साल का जश्न

चिली में नए वर्ष का जश्न
चिली में नए साल की शुरूआत, कब्रिस्तान से की जाती है. नववर्ष की पूर्व संध्या पर वहाँ के परिवार इस दिन बिछुड़ चुके प्रिय सदस्यों की याद में कब्रिस्तान जाते हैं, अपने प्रियजनों की वस्तुओं समेत कब्र के पास बैठते हैं, मन की बात कहते हैं.

सारी रात वहाँ बिता कर अगले दिन नए साल का स्वागत किया जाता है.

ऐसे ही स्पेन में आधी रात के 12 बजे जब नगरघड़ी के 12 घंटे बजते है तो हर टंकार के साथ एक अंगूर उछाल कर मुंह में डाला जाता है. ये बारह अंगूर आने वाले नए साल के प्रत्येक माह की सुख-समृद्धि का द्योतक हैं.

इक्वेडोर में, गुजरे हुए साल की गलतियां और बुराईयाँ एक कागज़ पर लिख कर उसे आग में जला देने की परंपरा है. आजकल वहाँ अखबारों के टुकड़े ठूंस कर बनाए पुतले को जलाने का चलन बढ़ रहा है.

बेलारूस में, इस अवसर पर अविवाहित महिलाएं अपने सामने स्वयं के लाए भुट्टों का ढ़ेर लगा देती हैं और उस पर एक मुर्गा बिठा दिया जाता है. नीचे उतरता मुर्गा जिस युवती का भुट्टा खाने लगे उस युवती का विवाह आने वाले नए साल में हो जाने की संभावना व्यक्त की जाती है.

इसी तरह, विवाहित महिलाएं अपने घर के आसपास कई सामान छिपा कर अपनी अविवाहित सहेलियों को उसे खोजने कई चुनौती देती हैं. जिसे रोटी मिले उसका विवाह किसी धनी व्यक्ति से और जिसे अंगूठी मिले उसका विवाह किसी आकर्षक व्यक्ति से होने की संभावना व्यक्त की जाती है.

रोमानिया में सच्ची खुशी की चाहत में जानवरों से ‘बात’ की जाती है और यदि उसने ज़वाब में कोई आवाज़ नहीं निकाली तो समझिये कि अच्छे दिन आने वाले हैं.

अफ्रीका के कई स्थानों पर बुरी भावनाओं से छुटकारा पाने के लिए खिड़की से पुराने घरेलू सामान बाहर फेंके जाते हैं.

पुराने झगड़ों को निपटाने के लिए नए साल के आगमन पर पेरू में अपने पड़ोसियों के साथ मुक्केबाजी की जाती है.

बोलिविया में यह धारणा है कि नए वर्ष पर चमकदार पीले रंग की चड्डी (यस! चड्डी!! नॉट अंडरवियर) पहनने से अच्छा भाग्य मिलेगा और मेक्सिको में प्रेम और खुशी की चाहत में लाल रंग की चड्डी बहुत लोकप्रिय है.

भले ही नए साल का कोई फैशन हो, शुभेच्छाएँ हों या  कविता.  दुनिया के विभिन्न देशों में संस्कृतियों और परंपराओं का अलग अलग स्थान है लेकिन उनमें से लगभग सभी का मंतव्य एक ही है कि आने वाले नए साल में सुख, समृद्धि और सौभाग्य आए.

अगर आप समझते हैं कि इन परंपराओं रिवाजों का कोई महत्त्व है तो इस नए साल में सुख, समृद्धि और सौभाग्य प्राप्ति के लिए उपरोक्त किसी का भी प्रयोग कर देखिए.

वैसे, और कोई मजेदार तरीका भी जानते हैं क्या आप?

अलग अलग देशों में नए साल का जश्न
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12 Thoughts to “अलग अलग देशों में नए साल का जश्न”

  1. अलग अलग देशों में नए साल के जश्न का रोचक प्रस्तुतीकरण बहुत अच्छा लगा …..पढ़ते पढ़ते लगा कितना आसान हो गया है एक देश से दूसरे देश तक पहुंचना भले ही वह एक क्लिक हो ….
    ..बहुत बहुत धन्यवाद आपका ..नए साल की आपको भी अग्रिम बहुत बहुत हार्दिक बधाई!

    1. बी एस पाबला

      Heart
      बधाई शुभकामनाएं आपको भी

  2. बहुत सुंदर एवं रोचक जानकारी.
    टिप्पणीकर्ता Rajeev Kumar Jha ने हाल ही में लिखा है: आदि ग्रंथों की ओर – दो शापों की टकराहटMy Profile

    1. बी एस पाबला

      Pleasure
      शुक्रिया राजीव जी

  3. बहुत अच्छी जानकारी लगता है नए साल से पहले ही सारे देश घूम कर आ गए .

    1. बी एस पाबला

      Heart
      शुक्रिया परेश जी

  4. Shiv Kumar Dewangan

    नए वर्ष को अलग-अलग देशों में कितने अलग-अलग तरह से मनाते हैं, जिसमें सब लोगों की भलाई की भावना रहती है; और भेद-भाव को भुलाकर भाईचारा समाहित रहता है. बहुत अच्छी जानकारी आपने अपने ब्लॉग के माध्यम से हमें दी है.
    धन्यवाद

    1. बी एस पाबला

      Pleasure
      शुक्रिया देवांगन जी

  5. kd sharma

    भाई साहेबजी – ये चड्डी और अंडरवियर में क्या फरक है. हम तो अभी तक पट्टेदार कपडे के कच्छे को ही चड्ढी और अंडरवियर समझते थे.

    1. बी एस पाबला

      Tounge-Out
      पट्टेदार कपड़े वाले कच्छे को तो जाँघिया बोलते हैं जी!

  6. Kulwant Singh Saggu

    naye Saal ke bare main vibhinn dashon ki nayi jankari ………Danyawad

    1. बी एस पाबला

      Heart
      शुक्रिया कुलवंत जी

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