नकली पेन ड्राइव ने बनाया ‘उल्लू’

आजकल बिलकुल समय नहीं मिल पा रहा अपनी ही वेबसाईट पर लिखने का! कारण एक ही है 2011 के लिए किए गए अपने ही वादे को पूरा करने की जद्दोजहद। अभी कार्य चल रहा जनमदिन वाले ब्लॉग को http://www.hindibloggers.com/वेबसाईट में बदलने का, किसी काम को किए जाने की निश्चित प्रक्रिया बताने वाली हिन्दी वेबसाईट http://www.kistarah.com/ की। कुछ ही दिन में www.vigyapansewa.com/का काम भी पूरा होने जा रहा और भिलाई के ही अभिन्न मित्र लोकेश की अदालत http://adaalat.in/ कुछ ही घंटों में ऑनलाइन होने जा रही।

आज एक अनोखी सी बात की जाए। हुआ यह कि दो दिन पहले एक विभागीय सहकर्मी एकाएक घर पहुंचे और अपनी समस्या बताई। उन्होंने अपने लिए कम्प्यूटर की बड़ी-बड़ी फाइलों, फोटो, वीडियो, गानों आदि के लिए दिल्ली के एक बाज़ार से 64 GB वाली ‘हाई स्टोरेज’ पेन ड्राइव, मोलभाव के बाद, 400 रूपए में खरीदी थी जबकि इसी क्षमता वाली एक अच्छी पेन ड्राईव की कीमत करीब 7000 रुपए होती है।

खरीदते हुए तो बड़ी खुशी हुई उन्हें लेकिन भिलाई कर जब उसमें अपना डेटा डालने की कोशिश की तो फाइल या फोल्डर के रूप में डेटा तो कॉपी होता हुआ नजर आया, लेकिन इसके बाद जब उस फाइल/ फोल्डर को खोलने की कोशिश की तो अजीब से अक्षर दिखने लगे। दुबारा कोशिश की तो थोड़ा सा डेटा भी उपलब्ध नहीं हो पाया

मैंने उनकी पीठ पर एक जोरदार धौल जमाई और सीधे सीधे उन्हें ठग लिए जाने की बात कहते हुए ठहाका लगायावे झेंपते हुए से मुझे बता रहे थे कि कैसे उन्हेंउल्लूबना दिया गया

 

नकली पेन ड्राइव

आम सामानों की तरह, सड़क किनारे बिकने वाले पेन-ड्राइव का एक किस्म का जाल फैला हुआ है। जिस पेन ड्राइव को सस्ती मानकर फायदे का सौदा समझा जाता है वह महंगा सौदा ही साबित होता है। कई छोटे-बड़े बाजारों में ऎसी नकली पेन ड्राइव बेची जा रही हैं जो दिखने में तो हूबहू किसी प्रसिद्ध कंपनी का उत्पाद लगती हैं, लेकिन असल में होती नकली हैं। ये ऐसी पेन ड्राइव होती हैं जिससे कंप्यूटर भी धोखा खा जाता है

जानकार लोग बताते हैं कि  दिल्ली के लाजपत राय मार्केट, नेहरू प्लेस, करोल बाग, चांदनी चौक, वजीरपुर जैसे बाजारों में ऐसी पेन ड्राइव बेचने वालों की बड़ी तादाद है। और तो और ई-बे पर भी इसकी बिक्री की ख़बरें हैं.

दरअसल, पेन ड्राइव के अंदर मुख्य रूप से दो हिस्से होते हैं। वास्तविक डाटा रखने वाला ‘स्टोरेज चिप’ और डाटा भंडारण का रिकॉर्ड रखने वाला ‘स्टोरेज कंट्रोलर चिप’। धोखाधड़ी करने वाले पेन ड्राइव की स्टोरेज चिप के रूप में तो मामूली क्षमता वाली चिप का इस्तेमाल करते किन्तु स्टोरेज कंट्रोलर चिप 32 जीबी, 64 जीबी की लगा देते हैं।

ऐसा करने पर जब भी उस पेन ड्राइव को किसी कम्प्यूटर पर जाँचा जाता है, तो वह स्टोरेज कंट्रोलर चिप के अनुसार ही 32 GB, 64 GB दिखा देता है। हद तो तब हो जाती है जब उस पेन ड्राइव को बार-बार ‘फॉरमेट’ करने के बाद भी बताई गई क्षमता ही दिखाई देती है, जबकि हकीकत में उतनी क्षमता होती ही नहीं।

ऎसी पेन ड्राइव की असलियत जांचने का सबसे आसान तरीका यही है कि इस पेन ड्राइव को उपयोग करने से पहले भली-भांति फॉरमेट कर लें और फिर उसकी क्षमता जितना डाटा उसमें स्थानांतरित करने के बाद पेन ड्राइव को निकालकर दुबारा कम्प्यूटर में लगाकर अपने डाटा को कहीं पेस्ट कर उसकी क्षमता जांच लें।

और भी कई तकनीकी विस्तृत तरीके हैं जिनके बारे में (निर्माणाधीन)  http://www.kistarah.com/ पर बताया गया है। इंटरनेट पर भी ऐसे कई सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं जिनकी मदद से आप असली-नकली पेन ड्राइव की जांच कर सकते है।

है ना हैरानी की बात!?

नकली पेन ड्राइव ने बनाया ‘उल्लू’
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31 Thoughts to “नकली पेन ड्राइव ने बनाया ‘उल्लू’”

  1. Wah.. Waah..
    टिप्पणीकर्ता विवेक रस्तोगी ने हाल ही में लिखा है: नये प्रकार के वायरस से सावधान (Alert from new type of Virus)My Profile

  2. ऐसी पेन ड्राइव के दर्शन पिछले माह हमने भी दिल्‍ली के सरोजनी नगर मार्केट में किए.

  3. अच्छा चेता दिया आपने, हम तो सैमडिस्क की ही लेते हैं।
    टिप्पणीकर्ता प्रवीण पाण्डेय ने हाल ही में लिखा है: हमारे पारितन्त्रMy Profile

    1. मेरे वे सहयोगी भी… Censored

  4. पता नहीं लोगों को इतनी क्षमता वाले पेन ड्राइव की जरुरत ही क्यों महसुस होती है ?
    जबकि पुराने कम्प्यूटर्स में तो हार्ड डिस्क ही २० या ४० जीबी की होती है वह भी नहीं भरती|

    Gyan Darpan
    टिप्पणीकर्ता रतन सिंह शेखावत ने हाल ही में लिखा है: तुम मर्द भी ना कभी नहीं जीतने दोगे मुझेMy Profile

    1. Sad

      शेखावत जी, ये तो इंसान की फितरत ही है
      वरना 6 लोगों के रहने के लिए एंटीलिया की क्या ज़रुरत है

  5. Dr T S Daral

    आजकल चाइनीज माल बहुत आ रहा है भाई जी ।
    लेकिन क्या खरीदने से पहले कोई जाँच की जा सकती है ?

    1. Smile
      डॉ सा’ब
      सबसे आसान तरीका बता ही चुका हूँ

  6. एक बार फिर आपके मार्फ़त एक नयी और उपयोगी जानकारी मिली … बहुत बहुत धन्यवाद !
    टिप्पणीकर्ता Shivam Misra ने हाल ही में लिखा है: डाइबिटिक रेटिनोपैथी हल्के में लेना पड़ेगा भारीMy Profile

  7. साड्डे पाबला जी…. हुण ते ऑलवेज़ गुड गुड जानकारियाँ देते रैंदे एँ…….

  8. बढ़िया एवं उपयोगी जानकारी ….
    सतर्क रहेंगे !

  9. सबसे पहले रतन सिंह जी से सहमत 🙂

    पर जिन्हें 20-40 जी बी हार्ड डिस्क के बाद भी ज़रूरत पड़ जाती है उनके लिए आपकी सलाह से भी सहमत हूं 🙂

  10. बहुत बढिया और सही आंख-कान खोलने वाली नई जानकारी …
    आभार! पाबला जी ,मौजा माणो ….

  11. bahut hi baddhiya jaankari di….

  12. चार सौ रूपए में 64 जीबी….. मैंने तो परसों ही खरीदी है, साढे चार सौ में आठ जीबी की।
    पर घाटे का सौदा नहीं रहा मेरा……
    बढिया जानकारी।
    टिप्पणीकर्ता अतुल श्रीवास्‍तव ने हाल ही में लिखा है: अध्‍ययन यात्रा बनाम दारू पार्टी…. !!!!!My Profile

    1. R.K.Bafna

      ८ जीबी का लगभग साढे तीन सौ -चार सौ मेही आता है, जबकि १६ जीबी पांच सौ में , बात तो ३२ और ६४ जीबी की चलरही है .
      पढ़े मेरे अजीब ब्लॉग – renikbafna.blogspot.com and renikbafnaa.blogspot.com एकदम अलग विषय पर ,परामनोविज्ञान से सम्बंधित खोजो पर

  13. ये नकली पैन ड्राइव बहुत समय से बाजार में हैं। मैंने अपने बहुत से मित्रों को सावधान किया है। बहुत ज्यादा क्षमता वाली ड्राइव कई बार नकली होती हैं।

    मैंने तीन साल पहले (जब ८ जीबी पैन ड्राइव आम नहीं थी) किंग्सटन की पैन ड्राइव पूरी कीमत १५०० रुपये में लोकल खरीदी थी, तब भी वह नकली निकली थी। खैर जानकार से खरीदी होने के कारण और उस पर कार्ड होने के कारण वह वापस हो गयी। वह किस्सा यहाँ पढ़ें।

    http://groups.google.com/group/chithakar/browse_thread/thread/11ac78798c670be8/9b9f6247958cb7ac
    टिप्पणीकर्ता ePandit ने हाल ही में लिखा है: ISO (सीडी, डीवीडी, बीडी इमेज) फाइलें क्या होती हैंMy Profile

    1. Tears

      सतर्क रहने में ही समझदारी है

  14. भाई सड़क से आलू टमाटर खरीद लो,मन न भरे तो प्लास्टिक का माल, चादर, आदि भी खरीद लो किन्तु पेन ड्राइव तो सही दुकान से खरीद सकते हैं.
    घुघूतीबासूती

    1. Approve

      बिलकुल सही है जी

  15. यह सभी नकली पेनड्राईव चाइना से आ रही है, पाबला जी
    भारत सरकार चाइनिस सामान पर बैन क्यों नहीं लगा देती है?
    इससे नकली माल नहीं मिलेगा और सिर्फ कंपनियों के असली चीजे ही मार्केट में आएँगी.

  16. R.K.Bafna

    मुर्ख तो मै भी बना , कोलकत्ता में . एक ३२ जीबी का पेन ड्राइव फुटपाथ से लिया मात्र २५० रु में पर कम्पुटर में भी ३२ जीबी दिखाई दिया. जब फ़ार्मेट वगैरह करके उसमे गाने विरह लोड करके म निकाल कर दुबारा लगाया तो एक भी फ़ाइल गाने का नहीं दिखा , की बार ऐसा करने पर समझ में आया कि पेन ड्राइव नकली था , छािनीज कंपनी का नाम था .

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