पूरे ब्रह्माण्ड में इससे ज्यादा तीव्र प्रकाश स्रोत नहीं मिलेगा

भौतिक विज्ञानियों ने दुनिया की सबसे ताकतवर लेजर बनाई है। कितनी ताकतवर, इतनी कि पूरे ब्रह्माण्ड में इससे ज्यादा तीव्र प्रकाश स्रोत नहीं मिलेगा। जब यह लेजर किसी निशाने से टकराती है, तो इतना ज्यादा तापमान और दबाव पैदा होता है कि उससे वैज्ञानिक तारों में धमाके होने और बड़े ग्रहों की अंदरूनी बनावट का अध्ययन कर सकते हैं।

सबसे ज्यादा चमकदार यह लेजर बनी है, अमेरिका के ऑस्टिन एरिया में स्थित टेक्सस यूनिवर्सिटी में। इसकी मशीन का नाम रखा गया है टेक्सस पेटा वॉट लेजर इससे ऐसी इन्फ्रा रेड लेजर तरंग निकाली जा सकती हैं जिनकी ताकत एक पेटा वॉट से भी ज्यादा हो। अब भला ये पेटा वॉट का क्या माजरा है? एक पेटा वॉट मिलियन बिलियन वॉट के बराबर होता है। यानी अमेरिका के सभी पावर प्लांट के कुल उत्पादन से भी ज्यादा।

इससे पहले 1990 में भी कैलिफोर्निया की एक प्रयोगशाला में पेटा वॉट लेजर बनी थी मगर अब यह प्रचलित नहीं है। टेक्सस की पेटावॉट लेजर के ऑपरेटर धीमे-धीमे इसकी क्षमता बढ़ाने में लगे हैं। डिवाइस डायरेक्टर, टॉड डिटमिरे उम्मीद करते हैं कि कि कुछ ही सप्ताह के अंदर कैलिफोर्निया में बनी लिवरपूल लेजर का रेकॉर्ड टूट जाएगा और 1.4 पेट वॉट पावर की पल्स सृजित की जा सकेगी।

लेजर कई तरंगों से मिलकर बनी होती है।तरंग ऊर्जा के छोटे-छोटे पैकेट होते हैं। अब तक सामान्य लेजर पल्स (शार्ट पल्स) में (200 जूल) ऊर्जा होती है। कमोबेश उतनी ही ऊर्जा जितना कोई साधारण बल्ब कुछ सेकंड में खर्च करता है। लेकिन इतनी ही ऊर्जा को अगर बहुत छोटे पैकेट्स में फिट किया जाए तो इसकी तीव्रता बहुत ज्यादा तेज हो जाती है। इससे पैदा होने वाली लेजर को अगर इंसान के बाल से दसवें हिस्से के बराबर के किसी बिन्दु पर फोकस किया जाए तो इतनी ज्यादा तीव्रता का प्रकाश पैदा होता है, जितना आज से पहले महाविस्फोट के दौरान हुआ होगा।

इस लेजर के बनने स

पूरे ब्रह्माण्ड में इससे ज्यादा तीव्र प्रकाश स्रोत नहीं मिलेगा
लेख का मूल्यांकन करें
Print Friendly, PDF & Email

Related posts

2 Thoughts to “पूरे ब्रह्माण्ड में इससे ज्यादा तीव्र प्रकाश स्रोत नहीं मिलेगा”

  1. नितिन व्यास

    बढिया जानकारी, आपका पूरा ब्लोग अच्छा लगा!

  2. दिनेशराय द्विवेदी

    बलविन्दर जी। आप को बधाई देना चाहता हूँ। आप ने ऐसा चिट्ठा शुरु किया है जो अभी तक हिन्दी जगत में नहीं था। विज्ञान की नयी ताजा जानकारी में मेरे जैसे बहुत लोगों की रुचि है। इस जानकारी से लोगों की दार्शनिक धारणाओं का भी विकास होता है। वे वैज्ञानिक पथ पर आगे बढ़ती हैं। आप का वैज्ञानिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। इस तरह का काम पुस्तकों के माध्यम से गुणाकर मुले अनेक वर्षों से करते आ रहे हैं।

Leave a Comment

टिप्पणीकर्ता की ताज़ा ब्लॉग पोस्ट दिखाएँ
Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)

[+] Zaazu Emoticons