पेट्रोल डलवाते समय होती शैतानियाँ

पिछली बार जब मैंने अपनी मारुति ईको चलाते हुए भिलाई से पुणे आना जाना किया तो साथ चचेरे भाई का भी था. आम तौर पर ‘एवरेज’ की जांच नहीं करता लेकिन उस सफ़र में कुछ ऐसा हुया कि गणना की ज़रुरत आ खड़ी हुई और नतीज़ा निकला 1200 सीसी की इस गाड़ी का सारी राह एसी चलाते हुए साधारण पेट्रोल में एवरेज… 26 😮

मैं हैरान रह गया. एक बार और गणना की, बारीकी से, चचेरे भाई को साथ बिठा कर. नतीज़ा वही! 25 से ज़रा सा ऊपर!! ऐसा कैसे हो सकता है? जिसके लिए खुद कार निर्माता 15 लिखता है वह 25 कैसे देगी? मैंने इसे अपनी कोई गलती मान कर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया लिया किन्तु इस उधेड़बुन में कई रोचक तथ्य हाथ लगे. जिसे साझा करने की इच्छा हो आई.

तकनीक जैसे जैसे विकसित होते जा रही है वैसे वैसे पेट्रोल पंप्स भी आधुनिक होते जा रहे. मैंने बिजली चले जाने पर हाथ-हैंडल से चलाये जाने वाले, मैकेनिकल काउंटर लगे पंप्स भी देखे हैं जो किसी भारी मशीनरी सरीखे शोर करते थे. अब तो पता भी नहीं चलता कि पंप चल भी रहा है कि नहीं

पहले ज़रा सी नज़र चूकी तो वाहन की टंकी भर जाने पर बाक़ी पेट्रोल ज़मीन पर गिर जाता था. पैसे तो उसके भी देने पड़ते थे. कोई बहस हो तो भले ही वापस मिल जाएँ. मैंने कभी टैंक पूरा नहीं भरवाया क्योंकि मुझे डर रहा कि पेट्रोल के वाष्पीकरण से जो गैस बनती है उसके लिए भी जगह छोड़नी चाहिए टैंक में, नहीं तो कभी टंकी फट गई तो? (अरे! दिमाग है ना वो स्साला कुछ भी डर पाल लेता है!) लेकिन अब ऎसी तकनीकें है कि जिसे हममें से अधिकतर लोग नहीं जानते. इनका ध्यान रखा जाए तो निश्चित तौर पर हम पेट्रोल पर खर्च किये अपने पैसों की पूरी कीमत वसूल कर सकते हैं.

यह तो सभी ने देखा होगा कि पेट्रोल भरने वाला अब पंप में ही निश्चित करता है कि कितना (लीटर या रूपये) पेट्रोल डालना है और टंकी में अंदर तक नोज़ल पाइप डाल, उसका लैच दबा कर छोड़ देता है. जब निश्चित किया जा चुका लीटर या रूपये का मीटर रूक जाता है तो लैच भी रिलीज़ हो जाता है.

पेट्रोल पंप

लेकिन इसके साथ साथ पेट्रोल पंप्स में अब एक रिटर्न पाइप-लाइन होती है. कार का टैंक पूरा भर जाए तो लैच झट से रिलीज़ हो जाता है और साथ ही साथ नोज़ल पाइप के मुहाने तक (उपरोक्त चित्र में कार टंकी के गुलाबी हिस्से) का पेट्रोल उस रिटर्न पाइप-लाइन के ज़रिए वापस पेट्रोल पंप में चला जाता है. लेकिन वापस गया पेट्रोल तो काउंटर/ मीटर से हो कर गुजर चुका ! जिसकी कीमत आपको चुकानी ही चुकानी है. मतलब यह कि आप, वह वापस हुया पेट्रोल, उस पंप वाले को दान कर आये हैं.

इसके अलावा पेट्रोल डीज़ल हमेशा सुबह सुबह ही डलवाना चाहिए,petrol density-bspabla जब धरती का तापमान ठंडा हो. यह तो सभी को मालूम होगा कि सभी पंप्स में ईंधन भंडारण, धरती में दसियों फीट नीचे किया जाता है. धरती जितनी ठंडी होगी, पेट्रोल उतना ही गाढ़ा होगा, उस का घनत्व उतना ही ज़्यादा होगा. जैसे जैसे धरती का तापमान बढ़ते जाएगा, पेट्रोल उतना ही फैलता जाएगा, घनत्व कम होता जाएगा. ऐसे में जब आप पेट्रोल डलवाएंगे तो वह एक लीटर, सही सही एक लीटर नहीं होगा.

सीधी बात की जाए तो पेट्रोल पंप्स पर घनत्व दर्शाती संख्या जितनी अधिक, उतना अच्छा!

पेट्रोल डीज़ल के धंधे में विशिष्ट घनत्व (Specific Gravity) और तापमान की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है. तापमान में 1 डिग्री की बढ़ोत्तरी इस धंधे के लिए बड़ा फायदे का सौदा है. लेकिन इन पंप्स पर तापमान क्षतिपूर्ति का कोई इंतज़ाम नहीं.

latchसाथ ही साथ पेट्रोल डलवाते समय नोज़ल पाइप द्वारा तेज़ गति से पेट्रोल ना डलवाएं. अगर ध्यान दिया जाए तो नोज़ल में तीन स्थितियां होती हैं -धीमा, मध्यम और तेज़ Low, Medium, High. धीमी गति की स्थिति में, ईंधन डलवाते समय होने वाला वाष्पीकरण न्यूनतम होता है.

इन पंप्स के सभी पाईप्स में वाष्पीकरण सोख लेने की भी तकनीक होती है. अगर आप तेज़ गति से ईंधन डलवाएंगे तो टंकी में जाने वाला कुछ तरल, वाष्पीकृत हो कर इस तकनीक द्वारा सोख कर वापस धरती में गड़े भंडारण टैंक में भेज दिया जाता है. मतलब आपकी जेब पर फिर एक डाका.

एक और महत्वपूर्ण बात यह भी बताई जाती है कि ईंधन हमेशा आधी टंकी में ही डलवाएं, एकदम खाली टंकी में नहीं. इसका कारण है कि गाड़ी की टंकी में जितना ज़्यादा ईंधन होगा उतना ही उसमें हवा का स्थान कम होगा और वाष्पीकरण कम होगा, सोखा भी कम जाएगा. पेट्रोल तो हमारी कल्पना से भी अधिक तेजी से वाष्पीकृत होता है.

ऐसा तो धरती में गड़े, पेट्रोल भण्डारण टैंक में भी हो सकता है लेकिन वहाँ एक अंदरूनी ‘तैरती’ छत होती है. यह छत, पेट्रोल और वातावरण के मध्य रह कर वाष्पीकरण को न्यूनतम रखती है.

एक दिलचस्प तथ्य यह भी कि जब किसी टैंकर से, भूमिगत भंडारण टैंक में ईंधन भरा जा रहा हो तो पेट्रोल ना डलवाएं. क्योंकि उस समय भूमिगत टैंक के ईंधन में उथल पुथल होती रहती है जिसके कारण वहाँ से आने वाले पेट्रोल में धूल-मिट्टी के वह कण भी आ सकते हैं जो सामान्यतया, तल में टिके रहते हैं, बैठे रहते हैं.

पेट्रोल के साथ साथ
एयरोडायनामिक्स डिजायन की परिकल्पना (चित्र सौजन्य: Dinsen)

पेट्रोल पंप्स की इन तकनीकों का ध्यान रखने के साथ साथ मेरा यह मानना है कि कार के कांच चढ़ा कर चलाने और खोल कर चलाने से ‘एवरेज’ में फर्क तो पड़ता है. कारों का डिज़ायन, हवा के प्रतिरोध को कम से कम रखने के लिए एयरोडायनामिक्स के सिद्धातं पर बनाया जाता है. जो बंद कांच वाली कारों में ही प्रभावी होता है, खुले कांच में नहीं.

इसके अलावा टायरों में हवा का सही दबाव और सामान्य हवा के बदले नाईट्रोजन हवा डले टायर भी प्रभावी असर डालते हैं.

इन सबसे अलग, जिस बात पर मैं पूरा विश्वास करता हूँ वह है सही ड्राइविंग. तेज़ दौड़ा कर झट ब्रेक लगाना, फिर तेज़ भगाना ‘एवरेज’ के सारे सिद्धांतों की ऎसी तैसी कर देता है. यह भी सर्वमान्य तथ्य है कि गति अनुसार, गाड़ी को जितना अधिक समय ऊंचे गियर (चौथा-पांचवा) में चलाएंगे उतना ज़्यादा जेब को फ़ायदा.

पेट्रोल वाली स्मार्ट कार

मन में इच्छा है कि ऊपर लिखी तकनीकी बातों का पालन करते हुए एक बार फिर शानदार सड़क पर अपनी ईको दौड़ाते हुए जाऊं और संशय की स्थिति वाले 25-26 वाले एवरेज की जांच कर लूं.

कैसी लगी यह छोटी छोटी तकनीकी बातें? कुछ और भी जोड़ना चाहेंगे आप?

© बी एस पाबला

पेट्रोल डलवाते समय होती शैतानियाँ
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44 thoughts on “पेट्रोल डलवाते समय होती शैतानियाँ

  1. वाह क्या बात है पाबला जी! बहुत काम की जानकारी दी है.
    टिप्पणीकर्ता Gopal Krishna Awadhiya ने हाल ही में लिखा है: टोबा टेक सिंह – सआदत हसन मंटो की कहानी (Toba Tek Singh – Story by Saadat Hasan Manto)My Profile

    1. बी एस पाबला

      THANK-YOU
      शुक्रिया जी

    2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति…!

      आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज बुधवार को (13-11-2013) चर्चा मंच 1428 : केवल क्रीडा के लिए, मत करिए आखेट “मयंक का कोना” पर भी होगी!

      सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।

      हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
      सादर…!
      डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’

      1. बी एस पाबला

        Heart
        आभार आपका रूपचन्द्र जी

  2. सरकार कही गलती है हिसाब-किताब में ,बाकी टिप्स बहुत काम के है ,ध्यान रखंगे ….आभार ,

    1. बी एस पाबला

      THANK-YOU
      थैंक यू जी

  3. कुछ नई बातें पता लगीं। आजमाई जाएंगी।

    1. बी एस पाबला

      Yes-Sir

  4. chander kumar soni

    आपने तो हमारे हज़ारों रूपये बचा दिए जी,
    समझ नहीं आ रहा कि-कैसे आपका एहसान चुकाऊँ.??
    बहुत ही अच्छी और काम की जानकारी दी हैं आपने.
    थैंक्स जी.
    चन्द्र कुमार सोनी
    http://www.chanderksoni.com

    1. बी एस पाबला

      Heart
      वेलकम जी

  5. Ratnakar Sharma

    भिलाई में रह कर भलाई का काम कर रहे हैं आप पाबलाजी!
    तथ्यपूर्ण रोचक जानकारी के लिए धन्यवाद.
    – रत्नाकर

    1. बी एस पाबला

      :Smile
      विनोबा भावे जी भी कह गये कि भिलाई में है भलाई वाले

      आभार आपका

  6. रोहित

    वाक़ई , हमेशा की तरह ज्ञानवर्धक जानकारी।

    1. बी एस पाबला

      THANK-YOU`

  7. Yashwant Yash

    कल 13/11/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद!

    1. बी एस पाबला

      Heart
      आभार आपका

  8. सुप्रिय दास

    प्रशंसा के योग्य है ये जानकारी… धन्यवाद…. request है मुझे अपने फेस्बूक अकाउंट मे add कर आपके बहुमूल्य टिप्स का लाभ उठाने का मौका जरूर देंगे…..

    1. बी एस पाबला

      Smile
      शुक्रिया सुप्रिय जी
      रिक्वेस्ट भेजिएगा

  9. सर , बहुत सारी काम की नई नई जानकारियां मिलीं जिन पर शायद ही कभी ध्यान गया हो । कमाल की पोस्ट है सर
    टिप्पणीकर्ता अजय कुमार झा ने हाल ही में लिखा है: जागृति– तुम्हारा सरनेम क्या था ..(इश्कनामा-1)My Profile

    1. बी एस पाबला

      Heart
      आभार अजय जी

  10. dhiru

    आभार आपका जानकारी के लिए । आज से ही लागू कर रहा हूँ अपने लिए

    1. बी एस पाबला

      `Yes-Sir

  11. Praveen Gupta

    श्रीमान जी बहुत ही अच्छी जानकारी दी हैं, धन्यवाद….

    1. बी एस पाबला

      Smile`
      शुक्रिया प्रवीण जी

  12. वाह जी वाह…. मजा आ गया… पहली बार पेट्रोल के इस विज्ञान को समझ रहा हूँ. बड़ी ही रोचक जानकारी लगी मुझे तो…. बहोत बहोत धन्यवाद
    THANK-YOU
    टिप्पणीकर्ता Kunal Sharma ने हाल ही में लिखा है: Type in Your Own HandwritingMy Profile

    1. बी एस पाबला

      Smile
      स्वागत आपका

  13. सुंदर रोचक उपयोगी जानकारी ..!

    RECENT POST -: कामयाबी.
    टिप्पणीकर्ता dheerendra singh bhadauriya ने हाल ही में लिखा है: कामयाबी.My Profile

    1. बी एस पाबला

      Smile
      शुक्रिया धीरेन्द्र जी

  14. anita

    कार दौड़ाते वक्त किन बातों का ध्यान रखें ये तो पता था पर पेट्रोल पंप पर किन बातों का ख्याल रखें ये बिल्कुल नयी जानकारी है। आगे से ध्यान रखा जायेगा।
    आभार आप का इस जानकारी के लिए।

    1. बी एस पाबला

      Heart
      शुक्रिया अनिता जी

  15. अच्छी उपयोगी जानकारी !
    धन्यवाद!!

    1. बी एस पाबला

      Heart
      शुक्रिया कविता जी

  16. Anil Sharma

    पाब्ला जी जरूरी एवं उपयोगी जानकारी के लिए धन्यवाद

    1. बी एस पाबला

      Smile
      शुक्रिया अनिल जी

  17. RENIK BAFNA

    पेट्रोल चोरी रोकने के लिए / पेट्रोल पम्पो में की जा रही बदमाशी रोकने के लिए आयल कम्पनियो की भी खिंचाई करनी चाहिए पाठको को , इसके लिए अखबारो की सहायता लेनी चाहिए , पाबला जी के लेख से बदमाशी पता चली , बहुत बहुत धन्यवाद -रेणिक बाफना

    1. बी एस पाबला

      `Yes-Sir

  18. बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी देता आलेख ।

    1. बी एस पाबला

      Smile.
      शुक्रिया जी

  19. राजेश सिंह

    इतनी बारीकी से जानने की कभी कोशिश नहीं की, पर बात लाख टके की बताईं आपने शुक्रिया जी, अपनी वाल पे शेयर कर रहा हूँ |

    1. बी एस पाबला

      Heart
      आभार राजेश जी

  20. amit kumar

    पाब्ला जी पेट्रोल पंप कि हेरा फेरी कि बात ठीक है लेकिन यह भी शेयर करिएँ कि २५ का एवरेज कैसे पाया था

    1. बी एस पाबला

      Sad
      सारे ही कारण तो लिख दिए हैं

  21. बहुत उपयोगी आलेख …. हार्दिक बधाई आपको पाबला जी |

  22. Shyam tiwari

    थैंक्स इतना उपयोगी लेख लिखने के लिए

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