बहुत ज़हर उगल लिया लेकिन क्या अब कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार हैं?

पता नहीं कितनों को यह मालूम होगा कि पिछले दिनों एक युवक ने गुस्से के मारे, बदला लेने के इरादे से मुफ़्त के मंच पर ऑनलाईन ज़हर उगला था। उस पर ढ़ेरों लोग उमड़ पड़े और कईयों ने तो अपने कथित अनुभव भी लिख डाले। अब हालत यह है कि जिसके खिलाफ़ यह भड़ास निकाली गई थी उसने मानहानि का दावा ठोक दिया है।

बेशक फेसबुक, ट्विटर, ब्लॉग जैसे मुफ़्त के मंच, अपने उपयोगकर्तायों को शिकायतें उठाने का मंच दे रहे हैं। यह माना भी जा सकता है कि किसी अनुचित बात पर, संतुष्टि की तलाश में, किसी इंटरनेट मंच पर अन्य के विरूद्ध अपनी भड़ास निकाल ली जाए किन्तु ऐसे मामलों में उसे अदालत में घसीटा जा सकता है। कानूनी विशेषज्ञों का भी कहना है कि मानहानि के मामलों में उस मंच का उपयोग करने वाले के खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई किया जाना तर्कसंगत है। कुछ कानूनी जानकार इसे मुकद्दमों की दशकों पुरानी उस कानूनी पैंतरेबाज़ी के नवीनतम अवतार का एक उदाहरण मान रहे हैं जिसे दुनिया भर में Strategic Lawsuit Against Public Participation या SLAPP के नाम से जाना जाता है।

मैं जिस मामले की बात कर रहा हूँ उसे मौखिक और लिखित झूठे दावों के आधार पर एक धर्मयुद्ध सा बनाया गया और साथ ही साथ इंटरनेट का दुरुपयोग, बेईमानी व बिना किसी योग्यता के किया गया। मेरा यह भी मानना है कि भले ही मुफ़्त के मंचों का सहारा ले, किसी के द्वारा अपनी अभिव्यक्ति व्यक्त की जा सकती है, लेकिन ध्यान रहे कि यह कानूनी पचड़ों और बदनामी में भी ढकेल सकता है।
यह ताज़ा बात हुई है उस मामले में जिसमें एक पार्टटाईम कार्य कर रहे नवयुवक के साथ, जिसकी कार को गलत पार्किंग के आरोप में क्रेन वाले उठा कर ले गए और युवक ने गुस्से में आकर फेसबुक पर अपनी भड़ास निकाली जिसमें अनेकों ने उसका साथ दिया। नतीज़तन, जिसके खिलाफ़ ज़हर उगला गया था उसने अदालत में एक मुकद्दमा ठोक दिया जिसमें उस नवयुवक से 3,52,61,785 रूपए (साढ़े सात लाख डॉलर) मुआवजा दिलवाने की माँग की गई है।
यदि आप अधिक जानकारी लेना चाहें तो यहाँ, यहाँ और यहाँ क्लिक कर संबंधित मामले की खोजबीन कर सकते हैं।

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बहुत ज़हर उगल लिया लेकिन क्या अब कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार हैं?” पर 36 टिप्पणियाँ

  1. बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी दी है आपने पाबला जी!

  2. अभी किसी ऐक्ट्रेस की शिकायत पर एक १७ साल का लड़का भी पकड़ा गया है , नेट पर बदनाम करने के लिए । सभी को सावधान रहने की ज़रुरत है । इस सुविधा का दुरूपयोग ठीक नहीं ।

  3. बाप रे ,
    पाबला साहब, इसीलिए मैं न तीन में रहता हूँ और न तेरह में !

  4. आपने बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी दी है…
    हमें लगता है, ब्लॉग गंभीर विषयों के लिए नहीं है…

  5. सही बात है किसी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता इसलिए नहीं है की वह किसी के भी अपमान का कारण बने ,ऐसा करने वाले लोगों को सख्त से सख्त सजा दिया जाना चाहिए चाहे वो कोई भी हो |

  6. बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी दी है आपने पाबला जी!

  7. अच्छी जानकारी.
    पहले तो मैं कुछ और ही समझा था.

  8. अंदाजन कितने साल लगते हैं अपने देश में मानहानि के मुक़दमे निपटने में ?


  9. आपका टेम्पलेट बहुत बढ़िया है,
    और यह मुझे पसँद भी है !

  10. बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी दी है आपने पाबला जी!

    आभार

  11. चेतावनी देती हुई पोस्ट बहुत उपयोगी है!

  12. यहां यहां यहां लिंक कहां देखें पाबला जी फिलहाल तो हम डाक्टर अमर कुमार के साथ सुर मिला रहे हैं 🙂

  13. अनूप ले रहे हैं मौज : फुरसत में रहते हैं हर रोज : ति‍तलियां उड़ाते हैं http://pulkitpalak.blogspot.com/2010/06/blog-post.html सर आप भी एक पकड़ लीजिए नीशू तिवारी की विशेष फरमाइश पर।

  14. बहुत ही महत्वपूर्ण और उपयोगी जानकारी। धन्यवाद! पाबला जी।

  15. इसी लिये हम मस्त है, ना किसी को कुछ गलत कहे ना सुने… यह यहां विदेशो मै आम है, एक छोटी सी गाली " मात्र पागल" गुस्से या नफ़रत से कहने से ही ५०० से ले कर १० हजार € तक का जुर्माना है.
    धन्यवाद

  16. आपको तो मिस्ट्री राईटर होना चाहिए था 🙂

  17. सार्थक जानकारी से भरी पोस्ट के लिए आपका आभार !

  18. सावधान, होशियार, महत्वपूर्ण जानकारी!

  19. आप हमारा हक छीन रहे हैं।

  20. "…ले पचास के ऊपर हो गए हैं फिर भी अपने को जवान कहते हैं ."….इस पर कानूनी कार्यवाही हो सकती है क्या ?

  21. …प्रसंशनीय पोस्ट … जरुरी है कानूनी कार्यवाही !!!

  22. आईये जाने …. प्रतिभाएं ही ईश्वर हैं !

    आचार्य जी

  23. अच्छे-बुरे लोग हर जगह होते हैं, इसलिए बुराई की तरफ ध्यान ना देते हुए हमें हमेशा अच्छाई की तरफ ही ध्यान देना चाहिए.
    धन्यवाद.
    http://WWW.CHANDERKSONI.BLOGSPOT.COM

  24. बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी दी है आपने पाबला जी!

  25. हम सब को इस बात काध्यान रखना चाहिए कि हम कोई निराधार बात न लिखें वही लिखें जो प्रमाणिक हो व जिसे हम माननीय न्यायालय में सही साबित कर सकते हों

  26. hmmmmmmm
    पता चला कौन है ये Anonymous 🙂

  27. श्री पाबला जी मै आपसे यहाँ सहमत हूँ, नेट आज ऐसा माध्‍यम है कि सब इससे एक डोर से बधे हुये है, विचारों मे मतभेद हो सकता है किन्‍तु इसे मनभेद की स्थिति तक नही ले जाना चाहिये, जैसा कि श्री द्विवेदी जी ने कहा कि आप उनका(और मेरा भी) हक छीन रहे है तो आप और आप जैसे और लोग इसी प्रकार एक दूसरे के हक को छीनत हुये सार्थक लेखन की ओ आये तो निश्चित रूप से हिन्‍दी चिट्ठकारी उ‍न्‍नति करेगी।

    वैसे भी कानून के बल पर सुधार नही लाया जा सकता है समझदारी मे भला है।

  28. जानकारी देती पोस्ट के लिये आभार
    मुफ्त के प्लेटफार्म पर कार्य करते हुये हम भी सावधानी बरतेंगें जी

    प्रणाम

  29. @ बेनामी

    बेशक आपकी जानकारी सही है किन्तु संवेदनशील भी है। अपने ब्लॉग से किसी विवाद की शुरूआत करने की मेरी नीयत कभी भी नहीं रही है। अत: आपकी दोनों टिप्पणियाँ खेद सहित हटा रहा हूँ। आशा है अन्यथा नहीं लेंगे।

  30. पहले तो ये कहना चाहूँगा कि 'बाबला सर' ने जो नाम दिया है 'मुफ्त का मंच' उसे पढ़कर चेहरे पर थोड़ी मुस्कान आ गयी।

    आपके द्वारा जानकारी बहुत अच्छी है मैंने तो इस बारे मे सोचा भी नहीं था! इस मंच पर हम अपनी भड़ास निकलने के लिए स्वतंत्र हैं पर हमे किसी व्यक्ति विशेष के नाम का जिक्र करने से बचना चाहिए, और संवेदनशील मुद्दे पर सावधानी पूर्वक लिखना चाहिए।

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