ब्लॉगजगत में पुन: प्रवेश

यह मेरी पहली पोस्ट थी वर्ष 2005 में सितम्बर माह की 18 तारीख को, जिसे संशोधित कर रहा हूँ। ब्लॉग बनाया था 17 सितम्बर को, विश्वकर्मा जयन्ती वाले दिन। कुछ पता नहीं था, ब्लॉग क्या होता है, इसकी उपयोगिता क्या है, कैसे लिखा जाए। सीखते सीखते आगे बढ़ा। उस समय यूनीकोड से भी परिचय नहीं था, तो विभिन्न अक्षरों में लिखे का snapshot लेकर यहीं चित्र के रूप में चिपका कर खुश हो लेता था। लगभग डेढ़ वर्ष में ही खुमार उतर गया क्योंकि स्वभाववश: इतनी ज़ल्दी-ज़ल्दी पोस्ट प्रकाशित करता था कि गूगल बाबा ने परेशान होकर तीन बार मुझे स्पैमर मानते हुए चेतावनी दे डाली और खाता बंद करने की धमकी भी दे डाली। इस बीच यहीं कई प्रयोग भी किए।

‘और भी गम है जमाने में ब्लॉगिंग के सिवा’ का भाव लिए अपन खिसक लिए और इन्डियाटाइम्स से एक सर्वर किराए पर ले, अपने शहर की वेबसाईट ही बना डाली। ब्लॉगजगत से नाता तो नहीं छूटा था। गाहे बगाहे नजर पड़ती ही रहती थी, मन मचलता ही रहता था फिर लौटने के लिए। कुच्छेक और विषय आधारित ब्लॉग बनाए। लेकिन व्यक्तिगत ब्लॉग होना ही चाहिए, ऐसा मेरी बिटिया का कहना था।

इसलिए यहाँ से पूर्व प्रकाशित (अजीबोगरीब) 953 पोस्ट हटा कर पुन: प्रवेश कर रहा हूँ।

ब्लॉगजगत में पुन: प्रवेश
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6 Thoughts to “ब्लॉगजगत में पुन: प्रवेश”

  1. बहुत त्वरित, बहुत सूचनायुक्त और बहुत सधी हुई पोस्ट।
    पाबलाजी, मैं आपकी अपार ऊर्जा का स्रोत अनुमान लगाने का यत्न कर रहा हूं। बहुत इम्प्रेसिव!

  2. मुझ जैसे कईयों के आप प्रेरणास्रोत हैं 🙂

    1. बी एस पाबला

      Amazed
      ये एकाएक यहाँ कैसे पहुँच गए !!

      स्नेह बनाए रखियेगा

  3. हाँ ,मुझे भी लगता है -व्यक्तिगत ब्लॉग होना चाहिए ….

  4. तो देर किस बात की ???? अब मान भी लीजिये बिटिया का कहा.
    आत्मकथात्मक होगा क्या आपका नया ब्लॉग ??? इंतज़ार रहेगा आपके ब्लॉग का वीर जी ! Happy

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