भिलाई की एक छोटी सी ब्लॉगर मीट

फेसबुक की लत लगने से पहले हिंदी ब्लॉगिंग के सक्रिय मित्रों के बीच एक शब्द बड़ा रोमांचित करता था -ब्लॉगर मीट! मीट वो मांस वाला नहीं, मीटिंग वाला मीट, मेल मुलाकातों वाला मीट.

उस समय आये दिन ऐसे ब्लॉगर मीट हुआ करते थे. कोई निजी आयोजन होता था कोई आपसी सहयोग वाला. कोई सीधा सादा नितांत अनौपचारिक होता तो कोई किसी संस्था द्वारा तामझाम सहित विषय आधारित प्रायोजित.

हमने भी उस समय ऐसे कई आयोजनों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया. अपनी बात रखी. मित्रों की सुनी. कालांतर में इसे गुटबाजी से जोड़ा जाने लगा और धीरे धीरे इसकी धमक मद्धिम होती गई. फेसबुक की चमक बढ़ते ही यह सब खत्म हो गया.

हालांकि स्थानीय स्तर पर हमने ऐसे प्रयास जारी रखे. संख्या भले ही कम होती लेकिन कभी किसी पर्व या देश के दूसरे हिस्से से आये ब्लॉगर से मुलाक़ात के बहाने रौनक हो ही जाती.

ऐसे ही 6 जनवरी की शाम मेरे मन की वालीं अर्चना चावजी का संदेश मैसेंजर पर उभरा कि 9 फरवरी को भिलाई में मामा के यहाँ शादी है, टिकट हो गई है.

अर्चना जी को वैसे तो ब्लॉगिंग के दिनों से जानता था. लेकिन एक छोटी सी पहली मुलाकात हुई थी सिंहावलोकन वाले राहुल सिंह जी के निवास पर. वे उन दिनों अपने स्कूल के बच्चों को ले कर एक राज्य स्तरीय स्पर्धा में आईं थी तब हम सब मिले राहुल जी के घर पर.

इस बार वे एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने भिलाई आईं 8 फरवरी की सुबह और आते ही सूचना दी कि वापसी 9 फ़रवरी की शाम को ही है.

मैंने अगले दिन सुबह ही आलोचक, पास पड़ोस वाले शरद कोकास जी और आरंभ, गुरतुर गोठ वाले संजीव तिवारी जी को सूचना दी और हम सब अपनी स्मार्ट कार से पहुँच गए नेहरू नगर के पास अर्चना जी के जीजा जी के घर.

ब्लॉगर मीट
रचना बजाज, अर्चना चाव्जी, बी एस पाबला, संजीव तिवारी, शरद कोकास

ब्लॉगर मीट
सुरेश प्रमाणिक, देवेन्द्र पाठक, शरद कोकास, बी एस पाबला, संजीव तिवारी, अर्चना चावजी, रचना बजाज

वहीं मिलीं अर्चना जी की बहन मुझे भी कुछ कहना है वालीं रचना बजाज जी और मुन्ना खुश वाले उनके भाई सा’ब देवेन्द्र पाठक जी

फिर क्या था. जलपान के दौरान ब्लॉगिंग संबंधित ढेरों अनौपचारिक बातें हुईं. चिट्ठाचर्चा, ब्लॉगवाणी, पॉडकास्ट, गुटबाजी, काठमांडू, परिकल्पना सम्मान, एबीपी अवार्ड, मठाधीश, इंदौर, खरगौन, ब्लॉगर डैशबोर्ड, वर्डप्रेस तकनीक, सेल्फ होस्टेड वेबसाइट्स जैसे शब्दों पर ब्लॉगर मीटकेन्द्रित बातचीत के बीच शरद जी के डायबिटिक ना होने के बावजूद मीठे से परहेज,  संजीव जी के छत्तीसगढ़ी भाषा के ज्ञान, रचना जी के अब ना लिखने का कारण, अर्चना जी की नई लेखकीय योजना और देवेन्द्र जी की गायन कला का भी पता चला.

समय सीमित ही था. दोपहर के दो बज चुके थे और 5 बजे की ट्रेन थी अर्चना जी की. वैवाहिक अवसर पर  उन्हें कहीं और भी जाना था. सो, दुबारा मुलाक़ात का वायदा लिए हम तीनों ने विदा ली.

चलते चलते कुछ चित्र भी लिए गए. और लिफ्ट से नीचे उतरते संजीव जी की फरमाईश पर एक सेल्फ़ी भी.

मौक़ा मिले तो आप भी ऐसे किसी अवसर पर मिलना नहीं चाहेंगे?

भिलाई की एक छोटी सी ब्लॉगर मीट
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19 Thoughts to “भिलाई की एक छोटी सी ब्लॉगर मीट”

  1. बहुत खूब ! ऐसे आयोजन होते रहना चाहिए.मुझे भी यदि मौका मिले,समय भी, तो जरूर मिलना चाहेंगे.
    टिप्पणीकर्ता Rajeev Kumar Jha ने हाल ही में लिखा है: मी कांता बाई देशमुख आहेMy Profile

    1. बी एस पाबला

      Heart
      स्वागत है आपका

  2. वाह! इस से तो प्रेरणा लेनी चाहिए।

  3. बी एस पाबला

    Yes-Sir

  4. मुलाकात पारिवारिक थी,इसलिए चर्चा के विषय भी सबकी पसंद के थे…. आप सबको खरगोन का न्यौता भी है….मिलते रहेंगे…..जब मौका मिलेगा …
    बहुत अच्छा लगा

    1. बी एस पाबला

      Heart
      मिलते हैं फिर एक बार
      हँसी खुशी के साथ

  5. उस दिन हम कहीं व्यस्त थे, इसकी सूचना अर्चना जी को दे दी गई थी। बढिया मिलन रहा और भी मिलना चाहेगें। सत श्री अकाल जी।
    टिप्पणीकर्ता चलत मुसाफ़िर ने हाल ही में लिखा है: मोक्षार्थियों द्वारा लिंग पूजा की परम्परा………… भूटान यात्रा – 6My Profile

    1. बी एस पाबला

      Approve
      मिलेंगे मिलेंगे
      ज़रूर मिलेंगे

  6. हो ली की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ…

    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (08-03-2015) को “होली हो ली” { चर्चा अंक-1911 } पर भी होगी।

    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।

    सादर…!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’

    1. बी एस पाबला

      THANK-YOU
      शुक्रिया रूपचन्द्र जी
      होली की शुभकामनाएं आपको भी

  7. Nishant

    पापे, तुसी तो ब्लॉगरों के शहंशाह हो!

    1. बी एस पाबला

      Heart
      होली का रंग भरा स्नेह बनाए रखियेगा निशांत जी

  8. शरद कोकास

    पाबला जी ने कुल बीस विषय बताएँ हैं इतने विषयों पर इतने कम समय में
    बात होना बहुत मुश्किल था फिर भी बातचीत हुई ओर बहुत मजा आया

    1. बी एस पाबला

      Heart
      मिलेंगे मिलेंगे , फिर मिलेंगे

  9. आपको बताते हुए हार्दिक प्रसन्नता हो रही है कि हिन्दी चिट्ठाजगत में चिट्ठा फीड्स एग्रीगेटर की शुरुआत आज से हुई है। जिसमें आपके ब्लॉग और चिट्ठे को भी फीड किया गया है। सादर … धन्यवाद।।
    टिप्पणीकर्ता ब्लॉग – चिट्ठा ने हाल ही में लिखा है: चिट्ठा फीड्सMy Profile

    1. बी एस पाबला

      THANK-YOU
      शुक्रिया आपका

  10. बहुत ही अच्छा लगा ब्लॉगर मीट को देख कर .. .. .. आपका धन्यवाद.. .. . इससे ब्लॉग्गिंग को फायदा होगा और ब्लॉगर एक दुसरे को अच्छी तरह से जान जायेंगे..
    Approve
    टिप्पणीकर्ता Navjyot Kumar ने हाल ही में लिखा है: ब्लॉगर में यूट्यूब के वीडियो को दिखाना।My Profile

  11. हां लगता है अब ब्लॉगर मीट ऐसे ही होगी…ब्लॉगर मीट की सांसे जल्दी ही हल्की पड़ गई हैं हिंदुस्तान में। खासकर हिंदी ब्लॉगर शांत शांत सा है….

  12. राजीव जी ने सहीं कहां , ऐसे आयोजन होते रहना चाहिए.
    http://savanxxx.blogspot.in
    टिप्पणीकर्ता तरूण कुमार ने हाल ही में लिखा है: दो शब्द दिल की कलम सेMy Profile

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