ब्लॉगवाणी की नीति और नीयत कोई बतला सकता है क्या!?

इस विषय पर मैं किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं देना चाह रहा था, किन्तु आज एक ब्लॉगर साथी की प्रतिक्रिया देख कर रहा नहीं गया।

मामला कुछ यूँ है कि पिछले दिनों 4 मई 2010 को मैंने संबंधियों-सहयोगियों के आग्रह पर अपने अनुभवों को साझा करने के दृष्टिकोण से कम्प्यूटर सुरक्षा संबधित एक नया ब्लॉग बनाया था। एग्रीगेटरों में इसे शामिल करवाने की एक सामान्य प्रक्रिया के अंतर्गत, अन्य एग्रीगेटरों के साथ-साथ 4 मई को ही ब्लॉगवाणी व चिट्ठाजगत से भी निश्चित प्रक्रिया के अनुरूप अनुरोध किया गया। 5 मई की संध्या, चिट्ठाजगत की ओर से, इस ब्लॉग को शामिल किए जाने की सूचना देती एक ईमेल भी आ गई, जबकि ब्लॉगवाणी पर इसका नामोनिशां ना मिला

12 मई को मैंने अपने ब्लॉग में एक बेनामी टिप्पणी देखी जिसमें पूछा गया था कि ‘आपका नया ब्लोग http://pcsuraksha.blogspot.com/ ब्लागवाणी पर क्यों नहीं आता’। उधर जी-मेल का उपयोग करते हैं तो सावधान रहिए वाली पोस्ट के बाद कई साथी भी पूछ चुके थे इस संबंध में। इसलिए 13 मई की शाम इसे पुन: शामिल करवाने के लिए अनुरोध किया गया ब्लॉगवाणी से और इसका एक वीडियो भी बना लिया जिसे नीचे देखा जा सकता है।


यह प्रक्रिया चल ही रही थी कि समीर लाल जी ‘उड़न तश्तरी वाले’ का फोन आ गया। उन्होंने पूछा क्या कर रहे हैं तो मैंने वस्तुस्थिति से उन्हें अवगत कराया और चुहलबाजी करते हुए कहा कि वो ब्लॉगवाणी वाले अंकल ना! मेरे ब्लॉग को अपने घर में खेलने नहीं देते, दो बार बोल चुका हूँ, फिर भी मानते नहीं! समीर जी ने कहा ‘अरे ये भी कोई मुद्दा है, अभी कहे देते हैं उनको’ और 5 मिनट में ही उनके द्वारा ब्लॉगवाणी संचालकों में एक, श्री मैथिली को भेजी गई ई-मेल की प्रति मेरे पास आ गई, जिसमें समीर जी ने इस संबंध में अनुरोध किया था।

16 मई को मैंने ललित शर्मा जी के कहने पर एक बार और अनुरोध किया ब्लॉगवाणी से व इस बार इसका एक स्नैपशॉट भी ले लिया

18 मई को संजीव तिवारी जी ने उलाहना दिया कि तीन लेख हो चुके हैं, इस ब्लॉग को शामिल क्यों नहीं करवाते ब्लॉगवाणी पर्। तब मैंने पुन: ब्लॉगवाणी पर नवीनतम ब्लॉगों की सूची पर निगाह दौड़ाई तथा जाँच की तो यही पाया कि अभी तक इसे शामिल नहीं किया गया है, जबकि सूची में ऐसे ब्लॉग भी देखे जिनमें तब तक एक भी पोस्ट नहीं थी और न ही किसी तरह का कोई अतिरिक्त विज़ेट था!
कल, 19 मई को मैंने एक और जानकारी दी कि फेसबुक पर सबसे सेक्सी वीडियो दिखाने का दावा: आप सावधान हैं?
हलचल फिर भी नहीं थी ब्लॉगवाणी पर!
तब मैंनेमनबनालियाकिअबब्लॉगवाणीसेइससंबंधमेंकोईअनुरोधनहींकरूँगा। किन्तु आज दोपहर जाकिर अली जी की एक सूचनात्मक ई-मेल के पश्चात संवाद सम्मान 2009 – (श्रेणी-ब्लॉग संरक्षक) देखा तो वहाँ असहमति का स्वर लिए एक ब्लॉगर साथी की टिप्पणी दिखी जिसमें तकनीक की दृष्टि से इस पुरुस्कार के अधिकारी केवल और केवल ब्लॉगवाणी को बताया गया तो लगा कि अब यह बता ही दिया जाए ब्लॉगवाणी कितना सक्षम है ब्लॉग संरक्षण में! हालांकि यह पुरस्कार श्रंखला, ब्लोगरों के लिए है ना कि किसी वेबसाईट के लिए 🙂
22 जून 2007 से एएसपी नेट में बने ब्लॉगवाणी की ओर से इस मुद्दे पर कहा जा चुका है कि ब्लॉगवाणी बनाने का उद्देश्य प्रथमतया स्वांत: सुखाय है शायद इसलिए इसेअक्सरनिजीएग्रीगेटरकहाजाताहै अब निजी संपत्ति पर कोई दबाव डाल कर कार्य तो नहीं करवाया जा सकता और जब यह निजी है तो सार्वजनिक सम्मान के लिए यह कैसे अधिकारी हो सकता है?
इसके ठीक विपरीत
सूची लम्बी हो सकती है किन्तु यह कैसे कहा जा सकता है कि 16 दिनों से एक निर्विवाद तकनीकी ब्लॉग को शामिल न करने की नीयत वाला, बिना किसी नीति वाला ब्लॉगवाणी, तकनीक की दृष्टि से अधिकारी होगा किसी भी पुरस्कार का?
ब्लॉगवाणी की नीति और नीयत कोई बतला सकता है क्या!?
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18 Thoughts to “ब्लॉगवाणी की नीति और नीयत कोई बतला सकता है क्या!?”

  1. honesty project democracy

    उम्दा विचारणीय जानकारी और जागरूकता आधारित प्रस्तुती / पावला जी हमें आपके सार्थक सहयोग की आशा हमेशा है / हम चाहते हैं की इंसानियत की मुहीम में आप भी अपना योगदान दें / पढ़ें इस पोस्ट को और हर संभव अपनी तरफ से प्रयास करें —— http://honestyprojectrealdemocracy.blogspot.com/2010/05/blog-post_20.html

  2. पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

    पाबला जी, हमारा स्वयं का एक ब्लाग पिछले लगभग 4 महीने से ब्लागवाणी में शामिल होने की कतार में खडा है…..एक दो बार रिक्वेस्ट भेजी भी, लेकिन कोई जवाब नहीं…

  3. अफ़लातून

    बहरहाल, ज्यादा पाठक पहुँचाता है ,ब्लॉगवाणी !

  4. डॉ महेश सिन्हा

    ?

  5. Udan Tashtari

    देखते हैं…शायद कुछ तकनीकी कारण हो..

  6. मनोज कुमार

    रोचक तथ्य और जानकारी।

  7. दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

    ब्लागवाणी के संचालकों की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है।

  8. शिवम् मिश्रा

    कुछ तो मजबूरियां रही होगी वरना वोह बेवफा ना थे ………………..

  9. Sanjeet Tripathi

    hmm to udantashtari wale sameer ji se phone par baat karne aur unhe samasya batane aur unke email ka bhi asar nahi hua????

    great, sameer jee ki bat ki avman na….had hai yar..

    😉

    baki dineshrai ji ki baat se sehmat ki dekhein unka kya javab aata hai….

  10. 'उदय'

    … लगता है गर्मियों की छुट्टियां मनाने "अमरकंटक" चले गये हैं …!!!!

  11. डॉ टी एस दराल

    पाबला जी , कारण व्यक्तिगत तो नहीं हो सकता ।
    कोई तकनीकि कारण हो सकता है ।

  12. anitakumar

    दिनेश जी और समीर जी से सहमत

  13. ज़ाकिर अली ‘रजनीश’

    पाबला जी, यही बातें मुझसे भी कम से कम 10 ब्लॉगर कह चुके हैं, मुझे भी समझ में नहीं आता कि मामला क्या है। यही सही है कि सबसे ज्यादा पाठक ब्लॉगवाणी से ही आते हैं, लेकिन उसकी वर्तमान नीतियाँ ब्लॉगजगत में शंका का माहौल पैदा कर रही हैं।

  14. हिमांशु । Himanshu

    ब्लॉगवाणी की प्रतिक्रिया ही साफ कर सकती है सबकुछ !

  15. vinay

    देखतें है,बलोगवाणी की प्रतिक्रिया ।

  16. vinay

    देखते है,बलोगवाणी की प्रतिक्रिया ।

  17. माधव

    रोचक तथ्य और जानकारी

  18. Suman

    * ब्लॉगवाणी के प्रतिस्पर्धी चिट्ठाजगत की नीतियाँ पारदर्शी हैं।
    * चिट्ठाजगत ने एक आचार संहिता बना रखी है ब्लॉगवाणी में इसका अभाव है
    * चिट्ठाजगत पर उपयोगकर्ता का एक अलग खाता बना रहता है जिससे व्यक्ति जब चाहे कोई भी ब्लॉग जोड़ सकता है हटा सकता है, ब्लॉगवाणी को बार बार 'अनुरोध' करना पड़ता है
    * चिट्ठाजगत पर अपने ब्लोगों को शामिल करवाने की पूरी प्रक्रिया चित्रों सहित बताई गई है, ब्लॉगवाणी पर बार-बार मेल भेजनी पड़ती है।
    * चिट्ठाजगत पर लॉगिन किए जाने पर अपने ब्लॉगों की स्थिति जानी जा सकती है, ब्लॉगवाणी पर नहीं
    * चिट्ठाजगत पर ब्लॉग के साथ दिखने वाला अपना चित्र खुद बदला जा सकता है, ब्लॉगवाणी पर इसा कार्य के लिए ई-मेल भेजे जाने को कहा जाता है
    * चिट्ठाजगत अपने प्रारूप की घोषणा करता है, ब्लॉगवाणी नहीं
    * चिट्ठाजगत पर क्या क्या किया जा सकता है इसकी सम्पूर्ण सूची उपलब्ध है
    * चिट्ठाजगत पर चुनिंदा मनपसंद ब्लोगों को सूची बनाकर देखे जाने का प्रबंध है ब्लॉगवाणी पर नहीं
    * चिट्ठाजगत पर आम सवाल विस्तृत व हिंदी में हैं, ब्लॉगवाणी पर कुल तीन व अंग्रेजी में हैं
    * चिट्ठाजगत द्वारा आर्थिक सहायता लिए जाने हेतु स्पष्ट नीति है, ब्लॉगवाणी की नहीं
    * चिट्ठाजगत नवीनतम तकनीक, जैसे ट्विटर से जुड़ने की सुविधा देता है, ब्लॉगवाणी नहीं

    sriman ji aapne hamare man ki baat likhi mere blog loksangharsh ko connect hi nahi kiya gaya. dusare mere blogs ko connect bhi kiya gaya to hafte baad hata diya gaya. maithili gupta se maine baat ki to unhone bataya ki aap apne blog ki post dusare blogs k upar post kar dete hain isliye blog loksangharsh connect nahi kiya ja sakta. lekin maine unhe kuch blogs k naam lekar kii jinke vahan prakashit samgri any blogs pe bhi prakashit hoti thi. usko blogvaani se connec kar rakha hai jiska maithili gupta ne koi javaab nahi diya. dilli k ek blogger ne mujhse kaha tha ki tumahar blog connect ho sakta hai aur jis post ko aap chaho us post ko ham blogvaani par bahucharchit kara sakte hain tab maine unse kaha tha kii main pratiyogita heen vyakti hoon.

    suman
    loksangharsha

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