ब्लॉगिंग की दुनिया में एक अनोखा ब्लॉग-संकलक, एग्रीगेटर कर रहा आपका इंतज़ार

पिछली बार मैंने संक्षिप्त सी पोस्ट में अपनी इच्छा जाहिर की थी कि अब बहुत हो गई ब्लॉगिंग, अब चला जाए। इसी तारतम्य में अब बात की जाए आगे। मामला था प्रिंट मीडिया पर ब्लॉग चर्चा वाले ब्लॉग का, जिसने हाल ही में 1500 पोस्ट्स का आंकड़ा पूर्ण किया है। मूल तौर पर यह हिन्दी ब्लॉग व ब्लॉगिंग से संबंधित अखबारी कतरनों का संकलनहै, जिसे आप सबके स्नेह द्वारा अब एक मानक के रूप में देखा जाने लगा है।

शुरूआती दौर में, सामूहिक ब्लॉग की परिकल्पना में, सुश्री शेफ़ाली पांडे, सर्वश्री अविनाश वाचस्पति, कुमारेन्द्र सेंगर, संजीव कुमार सिन्हा, प्रवीण त्रिवेदी द्वारा इस ब्लॉग में यथाशक्ति योगदान किया जाता रहा। पिछले वर्ष दिसंबर में कुमारेन्द्र जी द्वारा एक व्यवहारिक कारण बताते हुए इससे अलग होने की इच्छा जाहिर की गई। लगभग उसी समय गूगल द्वारा अपने मुफ़्त ब्लॉगस्पॉट मंच की सीमारेखा के चलते कुछ अरूचिकर परिस्थितियों से दो-चार होना पड़ा।तभी इस निर्णय की बुनियाद पड़ गई कि अब इस सीमा के बंधनों से निकल चलने का समय आ गया है। इसी परिप्रेक्ष्य में मार्च 2010 में कुछ अन्य सद्स्यों को पूर्व सूचना दे अस्थाई तौर पर भागीदारी स्थगित कर दी गई। समयाभाव के कारण अनेपक्षित विलंब होता चला गया। अब जा कर जब 1500 पोस्ट होने को आई तो ध्यान फिर उधर गया।
पिछली पोस्ट पर आई कुछ टिप्पणियों के बहाने शायद मुझे अपनी बात कहने में आसानी हो। मुख्य तौर पर कई दिक्कतें आ रहीं थीं। गूगल ने सीमा निश्चित करते हुए ब्लॉगस्पॉट को अंग्रेजी जैसी भाषायों के लिए बनाया हुआ है, जिसके लेख शीर्षक व लेबल आदि के लिए 200 वर्णों की ऊपरी सीमा निर्धारित है। हिन्दी जैसे यूनिकोड में लिखे जाने पर यह सीमायें लगभग आधी हो जाती हैं। कई बार ऐसा हुआ है कि, लेबल या शीर्षक में, मन मार कर कुछ ब्लॉगों के नाम हटाने पड़ें हैं जिससे उनकी सूचीबद्धता में दिक्कत हो रही। हिन्दी ब्लॉगों की तीव्रता से बढ़ती संख्या व उनके मीडिया पर उल्लेख किए जाने की गति से निकट भविष्य में इन समस्याओं के गहराने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
एक व्यव्हारिक दिक्कत यह है कि कतरन पर क्लिक कर उसे देखे जाने के दौरान यदि कोई उपयोगकर्ता सीधे उस ब्लॉग तक पहुँचना चाहे तो उसे पुन: मूल पोस्ट पर लौटना होगा। जैसे कि उदाहरण के लिए इस ब्लॉगपोस्ट की कतरन पर क्लिक कर देखें। सभी 5 ब्लॉगों की लिंक दिख तो रही है किन्तु उन पर जाने के लिए उपयोगकर्ता को पूरी लिंक या तो लिखनी होगी या फिर पोस्ट पर वापस जा संबंधित लिंक पर क्लिक करना होगा। अब इसके उलट वेबसाईट की इस कतरन को देखें, आप सीधे उस पर दिए गए लिंक या नाम पर क्लिक कर उस ब्लॉग को देख-पढ़ सकते हैं।

इसके अलावा कई पृष्ठों वाले लेख को ब्लॉग में दिखाने की दिक्कत से अक्सर ही जूझना पड़ता है। सीधे कतरन वाले चित्रों को डाल दिया जाए तो क्लिक करने के बाद बड़ा न दिखने की शिकायत या न खुलने की शिकायत आम है। दुसरे तरीके में या तो उसे किसी अन्य वेबसाईट में डाल कर उसका स्लाईड शो बनाया जाए या फिर पीडीएफ़ बनाया जाए, फिर उसका एचटीएमएल कोड लगाया जाए।

एक सीमित समयावधि में यह सभी कार्य बहुत श्रमसाध्य हैं। इन सबके अलावा वेबसाईट में कई विविधतायें समयानुसार, तकनीकानुसार उपयोग की जा सकती हैं, ब्लॉग्स के बंधे बधाए टेम्पलेट्स में नहीं। आईगूगल जैसी उपयोगकर्ता अनुरूप रूपरेखा में बदलाव तो संभव ही नहीं। ऐसी ही कई मुश्किलें हैं। अंत में एक और बात कि ब्लॉगों का जिक्र तो सृजनगाथा जैसी प्रतिष्ठित ऑनलाईन पत्रिकाओं के साथ-साथ रेडियो, टेलीविज़न पर भी होता है जैसा कि अभी हाल ही में दुधवालाईव तथा अभिव्यक्ति के मामले में हुया।

कहने को तो यह मामूली सा काम है, किन्तु कई बार संबंधित ब्लॉग या ब्लॉग पोस्ट को तलाशने में पसीने छूट जाते हैं। अधिकतर कतरनों में केवल अस्पष्ट सा नाम भर दे दिया जाता है ब्लॉग या ब्लॉगर का (जैसा कि इस पोस्ट में है)। अंदाज़ से उसे ढ़ूँढ़ने निकलें तो पता चलता है कि उसका शीर्षक तो अंग्रेजी भाषा में है! (जैसा कि इस पोस्ट में नयनसुख के साथ है) यदि ब्लॉग सामूहिक हुआ तो संबंधित लेखक की पोस्ट टटोलते झुँझलाहट हावी हो जाती है। लेखक का प्रोफ़ाईल तो दिख जाएगा लेकिन उसने कौन-कौन से लेख लिखे इसकी कोई सूची मौज़ूद नहीं (जैसा कि इस पोस्ट में नुक्कड़ के साथ हूआ)। यदि फिर भी बात न बने तो पुरानी पोस्ट देखने की कोशिश करते दिखता है कि वहाँ ऐसी कोई व्यवस्था ही नहीं है जिससे उस ब्लॉग की पुराने लेख देखे जा सकें। (इससे पहले मैं आगे बढ़ूँ, ब्लॉग स्वामियों से अनुरोध है कि वे इन गड़बड़ियों ओर ध्यान दें।)

इन सबसे इतर तीन महत्वपूर्ण बातें मुझे वेबसाईट की ओर प्रेरित कर रहीं हैं। पहली बात तो यह कि मेरी असामयिक अनुपस्थिति में भी यह कार्य सुगमतापूर्ण होता रहे, जो कि अभी बड़ा ही दुश्वार है। शाहनवाज़ सिद्दीकी अक्सर मेरी कथित टीम को बधाई देते रह्ते हैं, अब वास्तविकता में यह कार्य एक टीम ही करेगी। दूसरी बात यह कि एकाएक कभी गूगल ने ब्लॉग बंद कर दिया तो वर्षों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा, जैसा कि होता चला आया है (दो बार तो बंद भी हो गया था!) और तीसरी बात यह कि मुफ़्त सबडोमेन वाले पृष्ठों पर विज्ञापन उतनी उम्मीदों वाले नहीं मिलते जितने अपनी वेबसाईट्स पर मिलते हैं।
अब आता हूँ इस लेख के शीर्षक पर्। आप अभी तक ब्लॉगवाणी , चिट्ठाजगत, रफ़्तार, गुरूजी आदि ब्लॉग संकलकों के द्वारा विभिन्न ब्लॉगों तक जाते होंगे किन्तु इस प्रिंट मीडिया वाले ब्लॉग के वेबसाईट में ढल जाने पर, आप उन ब्लॉगों तक अपनी पहुँच आसान बना सकेंगे जिन्हें प्रिंट मीडिया, रेडियो, टेलीविज़न, वेब-पत्रिकाओं ने स्थान दे उनकी उपयोगिता सिद्ध की है। परिणामस्वरूप, हालिया परिदृष्य में, बेहतर हिन्दी ब्लॉगों की तलाश में संतुष्ट हुया जा सकेगा।
तो फिर देर किस बात की? आईए इस नए नवेले अनोखे ब्लॉग-एग्रीगेटर www.BlogsInMedia.com का स्वागत करें जो केवल संचार माध्यमों में उल्लेखित हिन्दी ब्लॉगों का संकलन करेगा। यह निश्चित तौर पर अविवादित भी होगा क्योंकि ब्लॉग लेखक व एग्रीगेटर के मध्य आकलनकर्ता के रूप में मीडिया के अन्य कारक भी शामिल होंगे।
इस लेख के साथ ही प्रिंट मीडिया पर ब्लॉग चर्चा वाले ब्लॉग पर अपडेट को इसी सप्ताहांत से स्थगित किया जा रहा है। जो लगभग एक माह के अंतराल के बाद लौटेगा www.BlogsInMedia.com बनकर! इस बीच उन सभी ब्लॉगों पर टिप्पणी के रूप में औपचारिक सूचना भी दी जाएगी, जिससे वे अपने ब्लॉग्स की छूट गई लिंक आदि से अवगत करवा सकें, उचित बदलाव कर सकें।
दीजिए शुभकामनाएँ कुछ बेहतर कर पाने के लिए। इसके अलावा भी शायद आप कुछ कहना चाहें!
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63 Thoughts to “ब्लॉगिंग की दुनिया में एक अनोखा ब्लॉग-संकलक, एग्रीगेटर कर रहा आपका इंतज़ार”

  1. Etips-Blog

    पाबला जी आपके इस एग्रीगेटर का स्वागत है । अगर आप एक वेबसाईट मुझे बनाकर देँ तो मुझे खुसी होगी ।

  2. दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

    स्वागत है जी! बहुत बहुत स्वागत है।

  3. Vivek Rastogi

    बहुत बहुत शुभकामनाएँ, एक नय़ी शुरुआत की।

  4. अजय कुमार

    असीम शुभकामनायें

  5. Ratan Singh Shekhawat

    स्वागत है जी….

  6. अमित शर्मा

    पाबला जी आपके इस एग्रीगेटर का स्वागत है। बहुत बहुत शुभकामनाएँ, एक नय़ी शुरुआत की।

  7. मनोज कुमार

    बहुत बहुत बधाई ! अनन्त शुभकामनाएं ।

  8. डॉ महेश सिन्हा

    हार्दिक शुभकामनाएँ

  9. पं.डी.के.शर्मा"वत्स"

    सुस्वागतम एवं बहुत बहुत शुभकामनाऎँ…..

  10. हिमान्शु मोहन

    बहुत-बहुत शुभकामनाएँ। आपके जीवट, लगन और निस्वार्थ सेवा भावना से हिन्दी की उन्नति के लिए किए जा रहे श्रम को सराहने के लिए शब्द कम हैं। मुझे शायद नए स्थान को तलाशने में दिक्कत हो, अत: निवेदन है कि एक बार बज़ ज़रूर किया जाय इस नए नई साइट को चालू होने के बाद सभी उन लोगों द्वारा जो पहले वहाँ पहुँचें – जिससे अन्य जुड़े हुए लोग भी जल्दी ही पहुँच सकें।
    शुभकामनाएँ।

  11. डॉ टी एस दराल

    एग्रीगेटर आरम्भ करने के लिए बधाई एवम शुभकामनायें ।

  12. अजय कुमार झा

    सर आपके हर अनोखे प्रयास को सलाम , ये सबके बस की बात नहीं होती है …हो सकता है कि बहुतों में इसका माद्दा हो भी , मगर इसे करके दिखाना , और न सिर्फ़ करके दिखाना बल्कि इसमें एक निरंतरता बरकरार रखना ही सारी बातें अपने आप साबित करती हैं । और आपके ऐसे हर प्रयास और हर नई सोच को , सबसे बढकर आपके इस ज़ज्बे को सलाम । ब्लोग्गिंग जिंदाबाद

  13. Krishna Kumar Mishra

    आदरणीय पाबला जी के बारे में मैं सिर्फ़ इतना कहूंगा कि वह इन्टरनेट पर हिन्दी का इतिहास रच, सजों व सहेज रहे हैं उनके इस कार्य को मैं सलाम करता हूं

  14. ajit gupta

    बहुत ही श्रेष्‍ठ कार्य, बधाई।

  15. उन्मुक्त

    कुछ समझ में आया।

    मेरी शुभकामनायें।

  16. राजीव तनेजा

    आपकी हिम्मत…कोशिश और जज्बे को सलाम

  17. हिमांशु । Himanshu

    बहुत कुछ नया, रचनात्मक निरन्तर करते रहने की प्रेरणा देते हैं आपके यह श्रमसाध्य, सर्वोपयोगी, हितकारी कार्य !
    आपकी इस शुरुआत के लिए शुभकामनाएं ! आभार !

  18. चन्द्र कुमार सोनी

    हार्दिक स्वागत एवं शुभकामनाएं.
    धन्यवाद.
    http://WWW.CHANDERKSONI.BLOGSPOT.COM

  19. 'उदय'

    …बधाई व शुभकामनाएं !!!!

  20. 'उदय'

    …हमारे लायक कोई सहयोग … जय जोहार!!!

  21. परमजीत सिँह बाली

    बहुत बहुत शुभकामनाएँ,

  22. ललित शर्मा

    svagat hai pabla ji

  23. गिरीश बिल्लोरे

    प्रगति के इस सोपान का स्वागत है

  24. डा० अमर कुमार


    ज़वाब नहीं इस अनोखी सोच और पहल का..
    आपको टोकरा भर कर शुभकामनायें पठा रहा हूँ !

    क्या आप अपनी सोचने वाली मशीन कुछ दिनों के लिये उधार दे सकते हैं ?
    इधर मुझे भी कुछ नया करने का मन कर रहा है, आपकी सोचने वाली मशीन मिल भर जाये, बस !

  25. शरद कोकास

    इस पहल मे हम आपके साथ है।

  26. राम त्यागी

    best of luck …you are going to write another chapter 🙂

  27. Sanjeet Tripathi

    badhai aur shubhkamnayein saheb….

  28. 'अदा'

    तभी तो हम कहते हैं…पाबला जी तुस्सी ग्रेट हो…
    ओ जी अस्सी थोड़ा सुधार करते हैं जी…
    पाबला जी तुस्सी ग्रेटेस्ट हो ….
    बहुत शुभकामनायें….

  29. वाणी गीत

    शुभकामनायें व आभार …!!

  30. ali

    पाबला जी ,
    " केवल संचार माध्यमों में उल्लिखित ब्लॉगों का एग्रीगेटर "
    हमारी भी दुवायें !

  31. Arvind Mishra

    शुभकामनाएं !

  32. Tarkeshwar Giri

    Ek Accha prayas

  33. DHEERAJ

    'कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती'।

    आपके एग्रीगेटर का इंतजार रहेगा। बहुत-बहुत शुभकामनाएँ

  34. Udan Tashtari

    शुभकामनाओं सहित स्वागत है.

  35. Shah Nawaz

    बेहतरीन प्रयास!

    इन्ही कारणों से मैंने भी अपने ब्लॉग की लिए डोमेन ले लिया है. http://premras.com अब मेरा ब्लॉग इस डोमेन से भी खुल सकता है, जल्दी ही सारी पोस्ट इस पर अपलोड कर दूंगा.

  36. जी.के. अवधिया

    आपके इस प्रयास के लिये हार्दिक शुभकामनाएँ!

  37. Ashoke Mehta

    बहुत बहुत शुभकामनाएं !!!

  38. Raviratlami

    बढ़िया. विभिन्न विषयों-क्षेत्रों में हिन्दी के ऐसे और भी दर्जनों प्रयासों-प्रकल्पों की आवश्यकता है.

    शुभकामनाएँ.

  39. Mired Mirage

    आशा है आपका प्रयास सफल होगा।
    शुभकामनाओं सहित,
    घुघूती बासूती

  40. Suresh Chiplunkar

    शुभकामनाएं और स्वागत…

    अभी आम का मौसम खत्म नहीं हुआ है, इसलिये "निर्यात किये जाने वाले" अल्फ़ांसो आमों की टोकरी भर शुभकामनाएं लीजिये हमारी तरफ़ से…।

    यदि आम का नाम कुछ सेकुलर टाइप का लग रहा हो तो आप उसे देसी नाम "हापुस" से भी पुकार सकते हैं (वैसे "स्टेटस" के हिसाब से अल्फ़ांसो नाम अधिक वजनदार माना जाता है)

    और एक माह में जब टोकरी भर शुभकामनाओं के हापुस खा चुकें हों, तो हमारा अदना सा ब्लाग भी रजिस्टर कर लीजियेगा… भले ही उसे आज तक कभी किसी अखबार में कवरेज ना मिला हो… 🙂 🙂 🙂

  41. ज़ाकिर अली ‘रजनीश’

    बहुत ही सुंदर प्रयास है। संवाद समूह की शुभकामनाएं भी आपके साथ हैं।

  42. shikha varshney

    बहुत बहुत स्वागत है

  43. ajay saxena

    एग्रीगेटर आरम्भ करने के लिए बधाई एवम शुभकामनायें

  44. सलीम ख़ान

    बहुत ही सुंदर प्रयास है। HAMARI ANJUMAN की शुभकामनाएं भी आपके साथ हैं।

  45. शिवम् मिश्रा

    बहुत बहुत शुभकामनाएं !!!

  46. vinay

    पावला जी आपकी लगन और जज्बे को सलाम,और बहुत,बहुत शुभकामनायें,आप तो बलोगिंग एक नया आयाम ही दे देते हैं ।

  47. स्वप्निल कुमार 'आतिश'

    aap ke prayas ko to main humesha se hi sarahta raha hun …. dher sari shubhkamnayen aap ko .. 🙂

  48. वन्दना

    हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई।

  49. ज़ाकिर अली ‘रजनीश’

    एक बार पुन: बधाई। जल्दी से यह एग्रीटर सामने आए, यही दुआ है।
    ——–
    भविष्य बताने वाली घोड़ी।
    खेतों में लहराएँगी ब्लॉग की फसलें।

  50. गिरिजेश राव

    ढेर सारी शुभकामनाएँ ।

  51. E-Guru Rajeev

    लीजिए हम भी आपके साथ हैं.
    बहुत ही प्रशंसनीय है आपका यह कृत्य.

  52. संगीता पुरी

    ढेर सारी शुभकामनाएं !!

  53. anitakumar

    congratulations! Poora sahi se nahi samajh aayaa lekin itna toh samajhi ki kutch important kaam hua hai….:)

  54. mukti

    बहुत-बहुत शुभकामनाएँ और धन्यवाद भी.

  55. AlbelaKhatri.com

    LAKH LAKH VADHAAIYAAN ATE MUBAARQAAN !

    SWAGAT

    JEE AAYAAN NOON

    JAI HO !

  56. L.Goswami

    एक व्यव्हारिक दिक्कत यह है कि कतरन पर क्लिक कर उसे देखे जाने के दौरान यदि कोई उपयोगकर्ता सीधे उस ब्लॉग तक पहुँचना चाहे तो उसे पुन: मूल पोस्ट पर लौटना होगा। जैसे कि उदाहरण के लिए इस ब्लॉगपोस्ट की कतरन पर क्लिक कर देखें। सभी 5 ब्लॉगों की लिंक दिख तो रही है किन्तु उन पर जाने के लिए उपयोगकर्ता को पूरी लिंक या तो लिखनी होगी या फिर पोस्ट पर वापस जा संबंधित लिंक पर क्लिक करना होगा।
    ==============
    यहाँ इमेज मैप का उपयोग कर सकते हैं …एक इमेज को कई पार्ट में बात कर लिंक करने के लिए यह एक अच्छा टैग है ..

  57. Rangnath Singh

    अब हम भी आपसे जुड़ गए हैं।

  58. Divya

    बहुत बहुत शुभकामनाएँ, एक नय़ी शुरुआत की।

  59. कुमार राधारमण

    ब्लॉगिंग में आप किस क़दर डूबे हुए थे,आपकी पोस्ट से पता चलता है। आपने जो आशंकाएं प्रकट की हैं,उनकी ओर छिटपुट रूप से पहले भी संकेत किया जाता रहा है,लेकिन ठोस पहल की शुरूआत आप करने जा रहे हैं,इसके लिए बधाई और अग्रिम शुभकामनाएँ।

  60. Pradeep Tewari

    आपने ब्लॉग वालों का वह उत्साहवर्धन किया है जो गूगल ने भी नहीं किया। बधाई हो, महान कार्य करते रहिए। हमारी शुभकामनायें और एक बार फिर बधाई।

  61. निर्मला कपिला

    पावला जी मै तो आज देख पाई ये पोस्ट। मेरा भी नाम इस मे शामिल कर दें। या मुझे बतायें कि कैसे करना है। आप जानते हैं कि मै तकनीक मे जीरो हूँ। धन्यवाद।

  62. बी एस पाबला

    @ निर्मला कपिला

    आप तो पहले से ही शामिल हैं यहाँ!
    देखिए यह लिंक

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