ब्लॉगिंग में 6 वर्ष बिताने के बाद मेरी अंतिम पोस्ट है यहाँ

ज़िंदगी के मेले

देखते ही देखते 6 वर्ष बीत गए यहाँ। गूगल के ब्लॉगर पर शुरू किया गया ब्लॉग बनाया था 17 सितम्बर 2005 को, विश्वकर्मा जयंती वाले दिन। कुछ पता नहीं था, ब्लॉग क्या होता है, इसकी उपयोगिता क्या है, कैसे लिखा जाए। सीखते सीखते आगे बढ़ा। यूनीकोड से परिचय नहीं था। विभिन्न अक्षरों में लिखे का snapshot लेकर चित्र के रूप में चिपका कर खुश हो लेता था या फिर अंग्रेजी में ही जानकारी दे देता था मित्रों, सहयोगियों को। इतनी ज़ल्दी-ज़ल्दी पोस्ट प्रकाशित करता था कि गूगल बाबा ने परेशान होकर तीन बार मुझे स्पैमर मान खाता बंद करने की धमकी भी दे डाली। अपन खिसक लिए। लेकिन ब्लॉगजगत से नाता छूटा तो नहीं। कुच्छेक विषय आधारित ब्लॉग बनाए। लेकिन व्यक्तिगत ब्लॉग नहीं था।

ज्ञानदत पांडे जी की ब्लॉग पोस्ट ब्लॉगजगत की मिडलाइफ क्राइसिस

पर सतीश सक्सेना जी की HAM रेडियो जिज्ञासा पर पुनर्जनम हुया इस ज़िन्दगी के मेले का। यह सिलसिला अब तक निर्बाध चलते रहा है।

पिछले वर्ष गूगल ने एक झटका दिया तो ब्लॉगिंग के 5 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पहले से ही लिए हुए अपने डोमेन पर शिफ्ट होने की ठानी। सितंबर का माह सुनिश्चित हुआ। लेकिन महाराष्ट्र यात्रा से लौटते हुए जलती गाड़ी में बहुत कुछ नष्ट होने के कारण हुए नुकसान के बाद इस विचार को नव-वर्ष तक टाल दिया गया। लेकिन उससे पहले ही सुपुत्र के साथ हुई सड़क दुर्घटना और माता जी के देहावसान से यह क्रियान्वयन फिर स्थगित हो गया।

इससे पहले वेबसाईट का रूख करता, 11 वेबसाईट्स के मामले ने ऐसा घेरा कि बस! 2011 में एक के बाद हर माह हिंदी, विशेषकर ब्लॉगोंकोसमर्पित 11 वेबसाईट्स लाने के इरादों को तगड़ा झटका तब लगा जब इस श्रृंखला में अब तक आ चुकीं 4 वेबसाईट्स (www.blogsinmedia.com/ www.blogmandli.com/ www.bloggarv.com/ www.blogmanch.com/ ) पर DDOS हमले होने लगे।

मेरे लिए यह हैरानी की बात थी। क्योंकि इन पर ट्रैफिक कोई ख़ास नहीं था और सभी वेबसाईट हिंदी में थी जिनसे किसी हैकर को शायद ही कोई दिलचस्पी हो। आए दिन वेबसाईट्स न दिखने की शिकायतों पर जब गौर किया गया तो पता चला कि हमले उक्रेन और चेक रिपब्लिक से किए जा रहे थे। सर्वर सुरक्षा लगातार बढाए जाने का भी कोई ख़ासा नतीजा सामने नहीं आ पाया।

हैकर्स और हमारे सर्वरदाता के बीच ‘तू डाल डाल मैं पात पात’ का खेल 5-6 सप्ताह से अधिक समय चलते रहा। तब कहीं जा कर मामला पटरी पर आ पाया। अब भी कभी कभी कोई साईट नहीं दिखने की शिकायत आती है तो दिल धक् से रह जाता है।

पिछले माह जब भड़ास4मीडिया के यशवंत सिंह ने बुरी तरह फ्रस्टेट और डिप्रेस्ड हो कर खुद को बेचारगी और लाचारगी से भराबताते हुए खुलासा किया कि प्रोफेशनल हैकरों को भड़ास4मीडिया के मर्डर की सुपारी  दी गई! तो लगा कि हिंदी वेबसाईट्स भी अब निशाने पार आ चुकी हैं। वहीँ मैंने भी पहली बार सार्वजनिक रूप से बताया कि

मैं खुद भी ऐसे हमले झेल चु्का हूँ। लेकिन किसी को कानों कान खबर ना हुई और मैं अपनी 5 साईट्स बचा ले गया। इस चक्कर में अपनी खुद की www.bspabla.com की ओर अधिक ध्यान नहीं दे सका और हैकर्स ने पूरी की पूरी वेबसाईट ही खाली कर दी एक तिनका तक ना छोड़ा 🙁 इनसे निपटते अपनी 11 वेबसाईट्स की घोषणा के क्रियान्वयन में भी कुछ पिछड़ गया। शायद ‘वे’ चाहते भी यही थे।

यह सही भी था। हैकर्स ने मेरी व्यक्तिगत साईट www.bspabla.com पर ऐसा झाडू फेरा कि एक तिनका ना बचा। पूरे साल भर की मेहनत हो गई स्वाहा। फिर हिम्मत बनाई इसे पुनर्जीवित करने की तो गूगल ने एकाएक मेरा खाता अक्षम कर दिया।

दो वर्ष पहले किए गए तकनीकी उपायों से ब्लॉग बचे रहे, ईमेल आती-जाती रहीं। लेकिन 15 दिनों बाद खाता पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया। इसका सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ पिकासा पर एकत्रित की गईं हजारों तस्वीरें, जिनमे से अधिकतर पुराने ब्लॉग ‘प्रिंटमीडियापरब्लॉगचर्चा‘ से संबंधित थीं। अब हालत यह है सभी ब्लॉगों के साथ साथ, 2011 से पहले की जो कतरने www.BlogsInMedia.com साईट से जुड़ी है वह दिख नहीं रहीं। हालांकि पूरा का पूरा बैकअप लिया जाता रहा है लेकिन उसे एक एक कतरन वापस पहचान कर अपलोड करने में समय लग जाएगा। यदि आप अपनी किसी कतरन को नहीं देख पा रहे तो वहीँ सूचित करे और अगर वह कतरन आपके पास मौजूद हो तो भेज दें। हमें आसानी हो जाएगी।

इस बार फिर मैंने उस दिन अपनी वेबसाईट को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है जिस दिन किसी नदी के पानी में घुटनों तक पैर डुबो कर हाथ में ठंडी बीयर का मन करता है!!! इस बीच एक-एक कर मेरे अधिकतर ब्लॉग (ज़िंदगी के मेले, कम्प्यूटर सुरक्षा, कल की दुनिया, ब्लॉग बुखार, इंटरनेट से आमदनी) गूगल, याहू आदि की इंडेक्सिंग से बाहर किए जायेंगे। जिससे रैंकिंग बनी रहे। और फिर वेबसाईट के ऑनलाइन होते ही वे सारे ब्लॉग इंटरनेट से हमेशा के लिए गायब हो जायेंगे।

‘प्रिंट मीडिया पर ब्लॉगचर्चा’ नाम का ब्लॉग पहले ही www.BlogsInMedia.com वेबसाईट मे बदला जा चुका है। ‘ब्लॉग बुखार’ के अधिकतर अंश www.BlogManch.com वेबसाईट के लिए सुनिश्चित किए जा चुके हैं। ‘हिंदी ब्लॉगरों के जनमदिन’ को www.HindiBloggers.com पर ले जाया जा रहा है। ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਖੁਸ਼ਬੂ वहीं रहने दिया गया है। सामूहिक ब्लॉग है भई! शोधसर्वे तथा My SMSsगूगल पर ही मौज़ूद रहेंगे। आखिर मुफ़्तखोरी भी जारी रहनी चाहिये ना!

मुफ्त के गूगल ब्लॉगर प्लेटफोर्म से अपनी साईट में आने का सब से बड़ा खतरा माना जाता है अपने पाठकों से हाथ धोना। इंटरनेट पर जहाँ तहाँ बिखरे ब्लॉग का लिंक या ब्लॉग पोस्ट का लिंक, क्लिक किए जाने पर पाठक को बंद हो चुके ब्लॉगतक पहुंचाता है जहाँ सूचना टाँगी जाती है कि अब फलां URL कड़ी पर जाएं। किन्तु तकनीक के करिश्मे ने यह संभव कर दिया है कि किसी भी (ब्लॉग) लिंक को क्लिक किए जाने पर पाठक, अपने आप ही (संबंधित वेबसाईट पर) ठीक उसी जगहपहुंचेगा जहाँ पहुँचना चाहिए।

कोई चिंता नहीं कि पुराने लिंक का क्या होगा! टिप्पणियां, फीड, पिकासा चित्र सब कुछ वेब सर्वर पर अपने जगह चाक-चौबंद मौजूद। और तो और गूगल आईडी से टिप्पणी करो तो भी बंदा अपनी ही वेबसाईट पर लैंड करेगा 🙂


पिछले 6 वर्षों से समाज के ही सभी रंगों को इस ब्लॉग सफर में भी देखता चला आया हूँ। कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाए तो आप सभी से जो बेपनाह स्नेहसंपदा मिली है, उससे अभिभूत हूँ। आप सभी अपना स्नेह यूँ ही बनाए रखेंगे, इसी उम्मीद के साथ इस नए ज़िंदगी के मेले www.BSPabla.com में कुछ बरस और बिता लिए जायें। बस यही कामना।

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मेरी वेबसाइट से कुछ और ...

77 thoughts on “ब्लॉगिंग में 6 वर्ष बिताने के बाद मेरी अंतिम पोस्ट है यहाँ

  1. ham to hamesha hi aapke saath hai paabla ji.. blogging ke jariye ham jude aapse aur aapke ho kar raha gaye guru ji ..

    aapki anek baato ke liye dhanywaad.

    ham hamesha aapke saath rahenge.

    vijay

  2. बहुत बधाई प्यारे सरदार को -आपकी जिजीविषा को भी सलाम ….क्या क्या न हुआ सितम आपके साथ ..मगर फिर भी वही जीवन्तता बनी है आज भी -यही जीवन है और अनुकरणीय भी !

  3. नये-नये ठिकाने मुबारक हों पाबला जी। आपने वाकई ब्‍लॉगिंग में जितना इन्‍वेस्‍ट किया है, वह आपके जैसा कलेजे वाला व्‍यक्ति ही कर सकता है। बहुत बहुत बधाई।

    ——
    मिल गयी दूसरी धरती?
    आसमान में छेद हो गया….

  4. अरे हम तो डर गए थे शीर्षक देख कर. कि अब अपनी दुःख तकलीफ लेकर कहाँ जायेंगे हम?:)
    हिंदी ब्लॉगजगत में आपका योगदान सर्वविदित है.यह साथ यूँ ही बना रहे.आभार आपका.

  5. काहे डरते है आप भी … एक बार तो सच में लगा कि … चलिए कोई बात नहीं … बधाइयाँ और शुभकामनाएं … वैसे 'पाबला डे' भी आने को है !

  6. क्यों धमका रहे हो यार !
    शीर्षक देख कर पहली प्रतिक्रिया यही थी पाबला जी !
    आगे पढ़ा तो चैन आया आपका रहना हिंदी ब्लोगर्स के लिए नितांत आवश्यक है ! आशा है ऐसी धमकियाँ आगे नहीं मिलेंगी !
    हार्दिक शुभकामनायें !

  7. आदरणीय, आपकी इस पोस्ट ने तो मेरा ह्रदय स्पंदन ही बढ़ा दिया था, लेकिन कुछ आगे बढ़ कर देखा तो अहसास हुआ कि बहुत खूबसूरती के साथ शब्दों के मध्यम से आपने अपने अनुभवों को द्रश्यांकित किया है, आपको बताऊँ कि मेरा मन हनुमान चालीसा की तरह ही "पाबला चालीसा" लिखने का करता है देखिये कब तक सफल हो पाता हूँ, मेरी हार्दिक शुभकामनाए सदैव आपके साथ है..

  8. शीर्षक को देख कर थोड़ी देर के लिए मैं भी सोच मे पड़ गया था, पर आगे पढ़ने पर अच्छा लगा। आपने अपनी नौकरी मे व्यस्तता के बावजूद इतना समय निकालकर जो काम आपने हिन्दी ब्लॉग जगत के लिए किया है वह उल्लेखनीय है और हमेशा याद रखा जाएगा। फिलहाल तो आपको अपने नए ठिकाने के लिए बहुत-बहुत बधाइयाँ और प्रार्थना करुंगा ऊपर वाले से कि आपको पहले जैसी समस्याएँ न हो।

  9. नये-नये ठिकाने मुबारक हों पाबला जी। बहुत बहुत बधाई ।

  10. पहली प्रतिक्रिया तो यही थी –पाबला जी आप भी ?
    फिर पता चला कि ये तो टेक्नीकल मामला है ।
    अब अपनी तो समझ में ये सब नहीं आता । आप तो बस इतना कीजिये कि हम क्लिक करें और आपके साईट तक पहुँच जाएँ ।

    नए आयाम के लिए शुभकामनायें ।

  11. ब्लाग और वेबसाइट भले ही बदलें, आप तो हमारे साथ है ना?

  12. चलिये अब आपकी बेवसाइट पर आयेंगे. तो फिर जाये कुछ ठंडा-गर्म….

  13. इस पोस्ट ने तो 2010 की कई घटनाओं से अवगत करा दिया….आने वाले दिनों में सुख शांति और सफलता मिले यही दुआ है…

  14. जहाँ जाएंगे, हमें साथ पाएंगे।

  15. ….मतलब पाबला डे …..२१ सितम्बर को मनाया जाएगा?
    jay jay !

  16. ….मतलब पाबला डे …..२१ सितम्बर को मनाया जाएगा?
    jay jay !

  17. ….मतलब पाबला डे …..२१ सितम्बर को मनाया जाएगा?
    jay jay !

  18. हार्दिक शुभकामनायें!

    आशा है कि जल्दी ही अपनी व्यक्तिगत साइट पर काम करने का समय भी निकाल पायेंगे। हैकिंग की बात चौंकाने वाली है। भडास साइट की बात तो फिर भी समझ आती है मगर आपके पीछे कौन पड़ा है? कहीं ऐसा तो नहीं कि हैकर्स होस्टिंग कम्पनी से कोई पुराना हिसाब चुकता कर रहे हों।

  19. हार्दिक शुभकामनायें!

    आशा है कि जल्दी ही अपनी व्यक्तिगत साइट पर काम करने का समय भी निकाल पायेंगे। हैकिंग की बात चौंकाने वाली है। भडास साइट की बात तो फिर भी समझ आती है मगर आपके पीछे कौन पड़ा है? कहीं ऐसा तो नहीं कि हैकर्स होस्टिंग कम्पनी से कोई पुराना हिसाब चुकता कर रहे हों।

  20. हार्दिक शुभकामनायें!

    आशा है कि जल्दी ही अपनी व्यक्तिगत साइट पर काम करने का समय भी निकाल पायेंगे। हैकिंग की बात चौंकाने वाली है। भडास साइट की बात तो फिर भी समझ आती है मगर आपके पीछे कौन पड़ा है? कहीं ऐसा तो नहीं कि हैकर्स होस्टिंग कम्पनी से कोई पुराना हिसाब चुकता कर रहे हों।

  21. मेरे पास आपके इसी ब्लॉग का लिंक है , इसलिए यहाँ प्रकाशित होने वाली हर पोस्ट मुझ तक पहुँच जाती है। आखिर इस ब्लॉग को बंद करना जरूरी है क्या? इसे भी चलने दीजिये। नया भी चलने दीजिये। दोनों पर आते रहेंगे। शुभकामनाएं।

  22. आप तो हम जैसे कमअक्‍ल वालों को यह बताओ जी कि आपकी पोस्‍ट हमें अब कैसे दिखेगी। पहले वाली लिंक पर या अन्‍य किसी लिंक के फोलोवर बनने पर। वैसे आपको संघर्षशाली 6 वर्ष व्‍यतीत करने पर बधाई।

  23. आदरणीय श्री बी एस पाबलाजी
    बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं!!

  24. जहां हिम्मत होती है वहां रास्ते भी मिलते ङैं और बनते भी है…..
    बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं…

  25. हे भगवान! जरा और खुलासा करें कि किन किन कारणों से गूगल का आपका खाता रद्द कर दिया गया. ताकि यथा संभव हम बचने के उपाय करें. या फिर हम भी हर दिन न सही, हर सप्ताह बैकअप लेते रहें.
    परंतु, पिकासा, जीमेल, गूगल डॉक… बाप रे! गूगल खाता बैन हो गया तो ये तो इंटरनेटी हाराकिरी होगी.

    और ये सुपारी वाले कौन हैं? वो भी हिंदी वालों में!

  26. मुझे तो मेल द्वारा सूचना मिलती रहेगी न। ब्लॉगिंग में तो आप गुरु हैं। लगे रहें। सदैव साथ रहेंगे।

  27. वाह सर साईट की तरफ़ मुडने के लिए बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं ।

  28. शीर्षक देखकर तो एकबारगी डर ही गयी थी..क्या हो गया…
    पर अब माजरा समझ आया 🙂

    बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं !!

  29. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

  30. @ Vijay Kumar Sappatti जी

    ये जो अनेक बातें हैं, ये किसी से ना कहना 🙂

  31. Arvind Mishra जी

    सितम तो वाकई हुए
    लेकिन आप जैसे प्यार भरे शुभचिंतकओं ने बहुत संबल दिया

    स्नेह बनाए रखिएगा

  32. डॉ0 ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ जी

    इनवेस्ट्मेंट के रिटर्न भी कलेजे वाला ही झोली में समेट रहा है

  33. shikha varshney जी

    डरना मना है
    दुःख तकलीफ अब तो वैसे भी कम हो गई होगी 🙂

  34. ali जी

    परिंदों को उड़ने के लिए तो आसमान भी छोटा पड़ जाता है

  35. सतीश सक्सेना जी

    धमकी दिए बिना काम भी तो नहीं बनता कभी कभी कभी 🙂
    आप जैसे स्नेहियों का बना रहना भी बहुत ज़रूरी है

  36. राजेंद्र अवस्थी जी

    आपके मन की इच्छा पढ़ कर तो मेरा ह्रदय स्पंदन बढ़ गया।
    तुच्छ मानव को तुच्छ ही रह्ने दें

  37. DHEERAJ जी

    व्यस्तता तो सही में बहुत रहती है
    पहले जैसी समस्याएँ न हो कोशिश रहेगी।

  38. प्रवीण पाण्डेय जी

    जहाज का पंछी जाएगा कहाँ?

  39. डॉ टी एस दराल जी

    ऐसा ही होगा कि क्लिक करें और साईट तक पहुँच जाएँ

    आभार शुभकामनाओं हेतु

  40. चंद्रमौलेश्वर प्रसाद जी

    ताली दोनों हाथों से बजती है 🙂

    स्नेह बनाए रखिएगा

  41. भारतीय नागरिक जी

    ठंडा-गर्म तो चलेगा ही। लेकिन यह तो बताते जाएँ कि कड़वा हो या मीठा :-).

  42. मीनाक्षी जी

    2010 वाकई में तकलीफ़दायक रहा
    दुआओं का असर है कि अब सामान्य है जीवन

  43. दिनेशराय द्विवेदी जी

    साथ और स्नेह बनाए रखिएगा

  44. प्रवीण त्रिवेदी ╬ PRAVEEN TRIVEDI जी

    डे मुझे बहुत कुछ दे रहा 🙂

  45. Smart Indian – स्मार्ट इंडियन जी

    शुभकामनायें हेतु आभार

    हैकिंग की बात सच में ही चौंकाने वाली है। पीछे कौन पड़ा है यह तो बस महसूस किया जा सकता है। होस्टिंग कम्पनी के पास हजारों डोमेन हैं। नज़रे इनायत इधर ही क्यों?

  46. ZEAL जी

    लिंक तो नया मिल जाएगा। इस ब्लॉग सहित बाकी सभी ब्लॉग बंद करना जरूरी है अब। गूगल की दादागिरी अब नहीं भा रही।

    वैसे तकनीक का प्रयोग कर ब्लॉग के साथ साथ साईट भी चल सकती है लेकिन दो नावों की सवारी क्यों की जाए।

    शुभकामनाओं हेतु आभार

  47. ajit gupta जी

    पोस्‍ट अब नई लिंक के फोलोवर बनने पर मिल सकेगी। यह भी इसलिए कि गूगल ने पुराना खाता बंद कर दिया है वरना आपको रंच मात्र भी न करना होता बदले हुए लिंक की पोस्ट पाने में

    संघर्ष ही तो जीवन है, जीवंतता है
    आभार शुभकामनाओं हेतु

  48. वीना जी

    रास्ते भी मिलते हैं और आप जैसे मित्र भी बनते है

    आभार शुभकामनाओं हेतु

  49. संजय भास्कर जी
    Sawai Singh Rajpurohit जी

    बधाई और शुभकामनाओं हेतु आभार

  50. raviratlami जी

    पहला अंदेशा है कि पिकासावेब में (कॉपीराईटेड) अपलोडेड चित्रों के कारण गूगल ने खाता रद्द किया होगा। विश्वसनीय सूत्रों की अपुष्ट जानकारी ब्लॉग स्तंभ कतरनों की ओर भी इशारा कर रही। दूसरा अंदेशा जीमेल की किसी शर्त के उल्लंघन का है। वैसे एसएमएस चैनल, गूगल फ्रेंड कनेक्ट, मैप्स, कैलेंडर अभी भी ज़िंदा हैं बस लॉगिन नहीं हो रहा।

    बैकअप लेते रहा हूँ तभी कुछ खास नुकसान नहीं हुआ। बस इसे वापस ढकेलने में समय बहुत लगेगा 🙂

    पिछले वर्ष ही वैकल्पिक प्रबंध कर लिए थे इसलिए आज दुखी नहीं होना पड़ रहा

    मैं भी हैरान हूँ कि ये सुपारी वाले कौन हैं? वो भी हिंदी वालों में!

    1. चलिए कुछ खुलासा तो हुआ.
      ध्यान रखेंगे.
      मेरे एक साइट पर गूगल एडसेंस बंद कर दिया गया. वहाँ सिर्फ और सिर्फ एक लिंक थी चाणक्य फ़ॉन्ट डाउनलोड की. वह भी नवभारत टाइम्स समाचार पत्र के साइट को लिंक करती हुई. उसे कॉपीराइट का उल्लंघन माना गया. और गूगल में तो कोई सुनता ही नहीं है. ग्राहक करोड़ों में हैं, सुनने वाले सैकड़ों में, तो वो भी क्या करें बेचारे, वे सिर्फ बड़े बड़ों की ही सुनेंगे!
      टिप्पणीकर्ता रवि ने हाल ही में लिखा है: हजारी सूची में यह ब्लॉग भी शामिल!My Profile

  51. डॉ. दलसिंगार यादव जी

    आपको मेल द्वारा सूचना मिलती रहेगी

    साथ व स्नेह बनाए रखिएगा

  52. डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण)

    चुनाव व सूचना हेतु आभार

  53. ये झमेला अपनी समझ से बाहर है।
    आखिर ऐसा करने से क्या हासिल होता होगा?

  54. बहुत सी नई जानकारी मिली इस पोस्ट के माध्यम से।

  55. मकान या शहर बदल लेने से रिश्ते नहीं बदलते। आप के नये ठिकाने पर भी हम धावा बोलते रहेगें।
    छ: वर्ष? समय कित्ति जल्दी बीत जाता है न्…।बधाई

  56. सुपारी लेने व देने वालों की कोई कमी नहीं.
    अवधिया जी की वेब साईट का अपहरण हो गया था.

    नयी वेबसाईट पर जाने की हार्दिक शुभकामनाएं
    विलम्ब से आने के लिए माफ़ी चाहता हूँ.

    थ्री चियर्स

  57. ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
    **********************************
    प्रियवर पाबला जी
    सादर सस्नेहाभिवादन !


    जन्मदिवस की
    ♥ हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !♥

    – राजेन्द्र स्वर्णकार
    ***********************************
    ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
    टिप्पणीकर्ता राजेन्द्र स्वर्णकार ने हाल ही में लिखा है: काव्य प्रतियोगिता में पुरस्कारMy Profile

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