ब्लॉग बुख़ार से पीड़ित हैं? अपना इलाज़ खुद कीजिए

निश्चित तौर पर हर नशा एक अलग आनंद देता है, लेकिन यह दुखदायी भी होता है जब इसकी लत लग जाए। पूरे विश्व में ब्लॉगिंग को लेकर भी चिंता की जाने लगी है। वो कहते हैं ना कि उपचार से परहेज भला! पिछले दिनों एक मित्र इस व्याधि से परेशान हो मेरे पास पहुँचे। तकलीफ का कारण पूछे जाने पर परेशान हो कर बोले कि यार! कोई दवा-दारू का पक्का ठिकाना बता जहाँ से मुझे समय-समय पर खुराक मिलती रहे।

मैंने तमाम अड्डों के नाम-पते बताए लेकिन वो निराश हो कर बोले कि मुझे तो ये विदेशी (भाषा) वाला माल कुछ हजम नहीं होता, मुझे तो देशी माल चाहिए। फिर मैंने अपने तमाम नए-पुराने हिंदी ब्लॉगर साथियों के नाम-पते दिखाए। वे खुश हो कर चले गए।

कुछ दिन बाद फिर एक समस्या को ले कर उनका आगमन हो गया। समय की कमी के कारण मैंने उन्हें ई-मेल में उसका समाधान दो दिन बाद ही भेजा। फिर क्या था उनकी लत के चलते समस्यायें दिन-दूनी रात चौगुनी की रफ्तार से बढ़ने लगी। इस बीच वे इस ब्लॉगिंग का संक्रमण अपने आस-पास फैला चुके थे।

अब मैं परेशान! हर बार तलाशना पड़ता था कि फलाने की तकलीफ वाली का इलाज किधर रखा हुया है, ढ़िकाने का किधर। अपने ही कामों से इतनी फुरसत निकालना भी भारी पड़ने लगा।

blog-bspabla
तब मुझे एक ब्लॉगर साथी ने सुझाव दिया कि जब आप कहते हो ब्लॉगिंग एक तरह का बुकमार्क जैसा है, एल्बम जैसा है तो क्यों नहीं देशी-विदेशी (भाषा) के माल को एक जगह रख दो। जिसको ज़रूरत हो आए, अपनी खुराक ले और कुछ कहते-बताते चल दे। एक तरीके का संकलन ही सही।

बात जम गई। बोर्ड लगाया गया, नाम रखा गया ब्लॉग बुख़ार। कुछ तो इधर उधर से माल इक्कठा किया किया। अपने अंदाज़ से उसका कायाकल्प कर पूरा देशी माल बनाने की कोशिश की गई, और कुछ माल, यारों की तकलीफों को सुन-समझ कर बनाया गया।

इसी बीच एक औजार हाथ लगा जिससे पता चलता था कि आपको ब्लॉगिंग की कितनी लत है। बड़ा अच्छा लगा जब हमने अपना खुद का जायजा लगा। नतीजा नीचे दिया हुया है।

71%How Addicted to Blogging Are You?

अब आपको बस एक जगह जाकर, क्लिक भर करते जाना है, सबसे ऊपर की ओर दिए गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए। अंत में परिणाम आपके सामने होगा और साथ ही HTML की एक ‘पुडिया’ भी दी जाएगी जिसे आप चाहें तो अपने ब्लॉग पर लगा कर अपनी स्थिति दिखा सकते हैं, जैसे हमने दिखाई है ऊपर

तो आइए देर किस बात की। यहाँ क्लिक करें और देख आईए एक नई नवेली ब्लॉग बुख़ार नाम की अलग श्रेणी। वहीं बता भी दीजिएगा कि कैसा लगा।

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13 Thoughts to “ब्लॉग बुख़ार से पीड़ित हैं? अपना इलाज़ खुद कीजिए”

  1. अजय कुमार झा

    मुबारक हो सर …अरे आपको नहीं ..हम जैसे भैन्सालोतन ब्लोग्गेर्स को…आपको तो धन्यवाद…पता नहीं कितनो की समस्या हल हो सकेगी अब …और आप यकीन मानिए ये ब्लॉग भी मील का पत्थर साबित होगा …मेरी शुभकामनायें …

  2. Udan Tashtari

    वहीं जा कर बताते हैं/

  3. Pt.डी.के.शर्मा"वत्स"

    हमें तो टाईफाईड है जी:)

  4. अविनाश वाचस्पति

    ब्‍लॉग कोई बुखार नहीं
    यह तो आलू बुखारा है
    और बुखार का है इलाज

  5. Vivek Rastogi

    आपने तो हमारी नब्ज पकड़ ली

    हमें भी है ब्लॉग बुखार.

  6. काजल कुमार Kajal Kumar

    पाबला जी आपका नया ब्लाग भी अतीव सुंदर है ढेरों जानकारियों से पटा हुआ किंतु वहां टिप्पणी का जुगाड़ नहीं मिला.

  7. हिमांशु । Himanshu

    हम भी वहीं चले । आभार ।

  8. हिमांशु । Himanshu

    हम भी वहीं चले । आभार ।

  9. बी एस पाबला

    कमाल है काजल कुमार जी!
    मुख्य पृष्ट पर हर पोस्ट के निचले पीले हिस्से में अपने सुझाव/ जिज्ञासा/ उलझन/ टिप्पणी हमें बताएँ। यहाँ क्लिक करें या फिर दूसरे पन्ने में भी एक टिप्पणी भेजें दिया ही गया है!

  10. ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey

    संक्रामक बुखार है। आपने लगा ही दिया। 🙂

  11. anitakumar

    हम तो पहले खुद को चैक करवा कर आये…75% निकला जवाब्……। राम राम बड़ी परेशानी की बात है जी , स्वाइन फ़्लू तो नहीं ये ब्लोग बुखार

  12. Kapil

    पाबलाजी, आपने सही इलाज सही समय पर बता दिया। चीन में तो इससे पीडित लोगों को बिजली के झटके दिये जा रहे हैं। ये तो बताइए आपका ठीक हुआ कि नहीं…

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