ब्लॉग जगत से हिंदी में ऑनलाईन फोरम की शुरूआत

पिछले माह मकर संक्रांति पर मैंने इस वर्ष 2011 में हिन्दी ब्लॉगिंग को समर्पित 11 वेबसाईट्स लाए जाने का अपना इरादा ज़ाहिर किया था, 2011 के प्रत्येक माह के भारतीय पर्व पर एक वेबसाईट और इसकी शुरूआत की थी www.BlogsInMedia.com की औपचारिक सूचना दे कर। जैसा कि कहा गया, यह ऐसी वेबसाईट्स होंगी जिनमें हिन्दी ब्लॉगरों के द्वारा प्रदत्त जानकारियों का उपयोग उन्हीं के द्वारा होगा। उपयोगकर्ता स्वयं भी इसमें योगदान कर सकेंगे।

आज बसंतपंचमी के उल्लास भरे भारतीय पर्व पर मैं आपके सामने ला रहा हूँ हिन्दी चिट्ठाकारों के आपसी सहयोग से संचालित होने वाला वेबसाईट आधारित, एक ऑनलाईन फोरम www.BlogManch.com । यह ऑनलाईन ब्लॉग मंच, हिन्दी ब्लॉगरों की विभिन्न तकनीकी समस्याओं, जिज्ञासाओं, मदद आदि का आपसी संवाद से निराकरण कर सकने में अपनी भूमिका निभाने का प्रयास करेगा।

Blog Manch
हिन्दी उपयोगकर्तायों के लिए इस तरह का मंच अगर कहीं होगा भी तो निश्चित तौर पर उसकी संवाद-संचार भाषा हिन्दी नहीं होगी। इस मंच पर इंटरफेस मूल रूप से हिन्दी का ही रखा गया है। हालांकि उपयोग करने वाला इसे अपने लिए, एक माऊस क्लिक के ज़रिए अंग्रेजी में हमेशा के लिए रख सकता है।

इसे देख कर शुरूआती दौर के हिन्दी ब्लॉगरों को, अक्षरग्राम की परिचर्चा याद आ सकती है।

फिलहाल तो यह www.BlogManch.com एक कोरे कागज़ जैसा ही है। केवल सामान्य तौर पर प्रचलित कुछ प्रसंग रखे गए हैं। उम्मीद की जा सकती है कि 2011 के आने वाले कुछ माहों के बाद यह इंटरनेट पर हिन्दी-प्रेमी उपयोगकर्तायों केआपसी समृद्ध ज्ञान साझा किए जाने का अनुपम उदाहरण होगा।

इसे आपके सामने लाने के पूर्व कुछ चुनिन्दा, परिचित हिन्दी ब्लॉगरों तथा गैर ब्लॉगरों की अनौपचारिकसमीक्षा के लिए रखा गया था। मामूली त्रुटियों की ओर इशारा करते जितने प्रत्युत्तर मिले हैं उनके आधार पर यह कह सकता हूँ कि यह प्रयास आपको भी पसंद आएगा।

इस मंच पर प्रयास किया गया है कि हम अपनी हिन्दी को सम्मान देते हुए, उपयोगकर्ताओं के मध्य व मंच से संवाद के दौरान, कम से कम किसी दूसरी भाषा के शब्दों को शामिल न करें। बहुत ही विवशता में ऐसा किया भी गया है। कहीं कहीं उपयोगकर्ता को हिन्दी के कुछ मूल शब्दों से असहजता हो सकती है। यह संभव है क्योंकि हमने अपनी बोलचाल की भाषा से उन्हें बाहर निकाल दिया है। कोशिश कीजिए इन्हें पुन: अपनाने की! यदि फिर भी उनका अर्थ समझ ना आए तो शब्दकोष ही देख लें। आखिर अंग्रेजी के अनजाने शब्दों के लिए डिक्शनरी देखनी पड़ती है ना!

मंच का निर्माण आजकल के शहरी उपयोगकर्ताओं के साथ-साथ आने वाले समय की संभावना को देखते हुए किया गया है, जब इंटरनेट की पहुँच सुदूर गांवों के उन शुद्ध हिन्दीभाषी नागरिकों के बीच होगी जो अंग्रेजी के नाम से ही बिदकते हैं। इन सब बातों के बाद भी यदि आप चाहते हैंकि आपके द्वारा इंग्लिश इंटरफेस का यूज़ करना ज़्यादा कंफर्टेबल होगा तो ‘उपयोगकर्ता नियंत्रण पटल’ के अंतर्गत ‘उपयोगकर्ता पटल वरीयताएँ’ में ‘मंच की भाषा’ में दिए ऑप्शन से उसको बदल लें।

मानता हूँ कि अभी अनुवाद से संबंधित कुछ गड़बड़ियाँ दिख रहीं। यकीन कीजिए उन्हें भी अगले सप्ताह तक ठीक कर लिया जाएगा।

तो आइए आगे बढ़िए, हिन्दी उपयोगकर्तायों के साझा ज्ञान वाल़े www.BlogManch.com के सहभागी बनिए। कोई दिक्कत हो तो वहाँ या यहाँ ज़रूर बताएँ।

और हाँ, यह प्रयास कैसा लगा यह भी तो आप ही बताएँगे ना?

ब्लॉग जगत से हिंदी में ऑनलाईन फोरम की शुरूआत
लेख का मूल्यांकन करें
Print Friendly, PDF & Email

Related posts

23 Thoughts to “ब्लॉग जगत से हिंदी में ऑनलाईन फोरम की शुरूआत”

  1. डॉ महेश सिन्हा

    बधाइयाँ

  2. shikha varshney

    शुभकामनायें.

  3. प्रकाश गोविन्द

    बहुत बढ़िया
    सराहनीय

    शुभ कामनाएं

  4. अजय कुमार झा

    एक और मील का पत्थर …। शुभकामनाएं …..अरे आपको नहीं सर हिंदी ब्लॉगजगत को , जो आप जैसा कर्मवीर हिंदी ब्लॉगिंग से जुडा हुआ है और हम तो खुशकिस्मत हैं ही ..क्योंकि हम ही कह सकते हैं …haa haa haa yes we have the ..pabla power …इश्माईल

  5. विष्णु बैरागी

    इतना सब समझ पाना अब मेरे बस की बात नहीं रही। आप तो मेरे लायक काम बताइएगा।

  6. Raviratlami

    शुभकामनाएँ!

  7. डॉ. दलसिंगार यादव

    पाबला जी ने अपनी सक्रियता और पंगा लेने की लत का एक और परिचय दिया है। बहुत अच्छा प्रयास है। बधाई। वर्तनी की एक रूपता के लिए कुछ निर्णय लें और उस पर कायम रहें।

  8. नवीन प्रकाश

    फोरम मे पन्जीकरण और पोस्टिन्ग सम्बन्धी जानकारिया भी किसी पोस्ट मे दे दीजिये . फोरम की कार्य प्रणाली से अभी सब परिचित नही है

  9. निर्मला कपिला

    ये प्रयास तो बहुत अच्छा लगा। बधाईयाँ कबूल करें। धन्यवाद।

  10. निर्मला कपिला

    जो बात कहना भूल गयी थी वो नवीन जी ने कह दी कृ्प्या जिग्यासा का समाधान भी करें। आभार।

  11. बी एस पाबला

    @ नवीन प्रकाश जी
    @ निर्मला कपिला जी
    तथा अन्य जिज्ञासु साथी
    फोरम मे पन्जीकरण और पोस्टिन्ग सम्बन्धी जानकारिया भी किसी पोस्ट मे दे दीजिये . फोरम की कार्य प्रणाली से अभी सब परिचित नही है

    बिल्कुल सही कहा आपने!
    इस तरह की अवधारणा से बहुतेरे साथी परिचित नहीं हैं।
    वैसे ब्लॉग मंच पर ऊपर दाहिनी ओर लिंक दी गई है अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
    इस पर क्लिक कर आपके प्रश्नों के उत्तर मिल सकते हैं, फिर भी कुछ छूट गया हो तो बताएँ
    इस पर कुछ अनुवाद अभी बाकी है, 10 की देर रात तक इसे पूर्ण कर लिया जाएगा। क्योंकि 8-9 की मध्य रात्रि 12 बजे से सारे शहर में बंद हुआ ब्रॉडबैंड अभी लौटा है 🙂

  12. ZEAL

    निसंदेह एक उत्तम प्रयास पाबला जी ।
    शुभकामनायें।

  13. Suresh Chiplunkar

    बधाई एवं शुभकामनाएं…
    हमें कुछ तो ज्ञान मिलेग ही इस फ़ोरम से…

  14. Bhaskar

    बधाई एवं शुभकामनाएं…

  15. cmpershad

    सफलता के लिए शुभकामनाएं॥

  16. डा प्रवीण चोपड़ा

    इस प्रयास की जितनी भी प्रशंसा की जा सके उतनी ही कम है … मैं तो यह सोच कर दंग हूं कि हिंदी के उत्थान के लिये आप के द्वारा इतना बढ़िया काम किया जा रहा है ..और निरंतर …..आप निःसंदेह बधाई के पात्र हैं।

  17. Anand G.Sharma आनंद जी.शर्मा

    ब्लॉग बुखार नाम तो बहुत आकर्षक है – "बुखारियों" की संख्या में उत्तरोत्तर वृद्धि की हार्दिक शुभकामनायें |
    एक जिज्ञासा है |
    क्या हमारे जैसे "सन्निपातिक बुखार" वाले भी इस सुश्रुशालय में आ कर स्वास्थ्य लाभ कर सकतें हैं ?

  18. बी एस पाबला

    @ Anand G.Sharma आनंद जी.शर्मा

    क्या हमारे जैसे "सन्निपातिक बुखार" वाले भी इस सुश्रुशालय में आ कर स्वास्थ्य लाभ कर सकतें हैं?

    कोई शक? 🙂

  19. रजनीश तिवारी

    सराहनीय प्रयास , शुभकामनाएँ !

  20. anitakumar

    Aise blog ki bahut jaruurat thi,,,thanks

  21. ..शुभकामनाएं॥

  22. उत्तम प्रयास के लिए, बहुत२ बधाई,,,,,पाबला जी ।

  23. अपुन तरण-ताल में डुबकियां लगा रहे हैं, आपने सागर सामने ला दिया.
    कोशिश की पर नामजदगी हो नहीं पाई.
    फिर कोशिश करूंगा.

Leave a Comment


टिप्पणीकर्ता की ताज़ा ब्लॉग पोस्ट दिखाएँ
Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
[+] Zaazu Emoticons