ये खिड़कियाँ हैं या बिजली घर!?

शीशे के घरों में रहने वाले दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं मारते। बिल्कुल नहीं मारेंगे, क्योंकि वैज्ञानिकों की बात पर यकीन करें, तो जल्दी ही शीशे के ऐसे पारदर्शी घर बनेंगे, जिनसे कार्बन उत्सर्जन आधा रह जाएगा। इतना ही नहीं इन मकानों में इस्तेमाल किए जाने वाले शीशे से बिजली भी बनेगी। क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी के शोधकर्तायों का समूह Transparent Solar सेल्स तकनीक विकसित कर रही है। इस तकनीक से जो शीशा बनेगा वह रिहाइशी और व्यवसायिक इमारतों की खिड़कियों में तो लगेगा ही, बिजली भी पैदा करेगा। मुख्य शोधकर्ता प्रोफेसर जॉन बेल के मुताबिक, सौर ऊर्जा वाले शीशों से इमारतों में बिजली पर खर्च में काफी कमी होगी। इससे बनने वाली बिजली का भण्डारण भी किया जा सकेगा।

यह कांच Global warming को रोकने का भी एक कारगर जरिया होगा। ये सौर फलक हल्के लाल रंग के, लेकिन पूरे पारदर्शी होंगे। इन पर टाइटेनियम डाइऑक्साइड की परत चढी होगी, जिससे प्रकाश को सोखने की इनकी क्षमता बढ़ जाएगी। यह कांच, सौर ऊर्जा को सोख लेगा। इससे न सिर्फ मकान को ज्यादा गर्म होने से बचाया जा सकेगा, बल्कि उसे ठंडा करने की जरूरत भी कम पड़ेगी।

शोधकर्तायों की मानें तो पारदर्शी सौर शीशे से पूरे मकान को बनाना भी मुमकिन होगा। आज जब मकानों को कम से कम बिजली खपत लायक बनाने पर जोर दिया जा रहा है, Solar cell glass इसमें काफी मददगार साबित हो सकते हैं। बेल के मुताबिक, कैनबरा की एक कंपनी के साथ मिलकर इस ग्लास को बनाया जा रहा है। कुछ ही साल में इसके बाजार में आने की उम्मीद है।

कुछ और जानकारी आप यहाँ तथा यहाँ मिल सकती है।

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2 Thoughts to “ये खिड़कियाँ हैं या बिजली घर!?”

  1. maithily

    अच्छी खबर, बहुत अच्छी खबर

  2. Udan Tashtari

    बढ़िया खबर है.

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