हैक हो सकती हैं एटीएम मशीनें, सायबर हमलों से कब्जे में किए जा सकते हैं विद्युत संयंत्र: हम क्या कर रहे हैं?

इस तकनीक के युग ने सुविधायों के साथ अपराध का तरीका भी बदल दिया है। पिछले दिनों खबर आई थी कि बैंकों के एटीएम भी साइबर अपराधियों की पहुंच से बाहर नहीं हैं। अमेरिका के एक सुरक्षा विशेषज्ञ ने इसका प्रदर्शन करके दिखाया कि कैसे हैकर्स द्वारा उपयोग किए जा रहे एक सॉफ्टवेयर से बिना पासवर्ड जाने ऑटोमेटिक टेलर मशीन (एटीएम) की पूरी नकदी निकाली जा सकती है।

प्रदर्शन के दौरान दो एटीएम लगाए गए थे और दर्शकों के सामने मशीन का केवल एक बटन दबाए जाने पर मशीन से पैसा पानी की तरह बहने लगा, फर्श पर नोटों का ढेर लग गया। सीबीएस न्यूज के मुताबिक हैकर टेलीफोन मॉडम के जरिए एटीएम से संपर्क स्थापित कर लेता है और मशीन बिना पासवर्ड के इसमें मौजूद पूरी नकदी बाहर निकाल देती है।

यह कहा जा रहा है कि इस प्रदर्शन से लोगों का इन उपकरणों को पूरी तरह सुरक्षित मान लेने का नजरिया बदलेगा जो कि ऊपरी तौर पर अभेद्य नजर आते हैं। हर तरह की एटीएम मशीन में ऎसी संभावनाएं पाई गई हैं जिनसे हमलावर इन मशीनों से पूरी नकदी निकाल सकता है


(हैकिंग के जरिये एटीएम मशीन से बेपनाह धन निकाले जाने का प्रदर्शन करता एक वीडियो)

दो दिन पहले ही एक अन्य खबर आई कि कंप्यूटर हैकर्स नए अभियान के तहत, स्थिति को अपने को नियंत्रण में ले लेने के प्रयासों में दुनिया भर में ऊर्जा संयंत्रों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को लक्षित कर रहे हैं।

पहली बार, साइबर विशेषज्ञों को एक ऐसे दुर्भावनापूर्ण औद्योगिक कंप्यूटर वायरस कोड का पता चला है जो विशेष रूप से औद्योगिक संयंत्रों की अंदरूनी कामकाज को नियंत्रण लेने के लिए बनाया गया था। ऐसे आक्रमणों के सफल होने पर किसी भी विद्युत ग्रिड की बिजली को अन्य दिशा में प्रवाहित किया जा सकता है, डाटा चुराया जा सकता है, बिजली बंद की जा सकती है! मतलब कि एक माऊस क्लिक से अनेकों शहर अंधेरे में डूब जाएंगे!!

यह खबर शायद किसी को न मालूम हो कि सायबर हमलों के कारण, अब तक अमेरिका में कम से कम 170 बार बिजली बंद हो चुकी है। उनमें भी तीन बार तो बड़े पैमाने पर अंधेरा छा गया था।

उल्लेखनीय है कि विश्व के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का अधिकांश हिस्सा निजी कंपनियों, परमाणु और बिजली संयंत्रों से परिवहन और विनिर्माण प्रणालियों आदि से संचालित है।

power grid hack

ऐसे ही आक्रमणों से निपटने के उद्देश्य से अब भारत एक आक्रामक साइबर आधारभूत प्रणाली तैयार करने की योजना बना रहा है। इस प्रणाली का इस्तेमाल खुफिया जानकारी जुटाने और ‘दुश्मनों’ के सूचना तंत्र तक अपनी पहुंच बनाने में किया जाएगा। इकोनॉमिक टाईम्स की खबर बताती है कि सरकार के उच्चाधिकारियों द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, इस काम में आईटी पेशेवरों और हैकर समूहों की भी मदद ली जाएगी। दिलचस्प बात यह है कि खुफिया जानकारी जुटाने में मदद करने वाले ऐसे लोगों को इन मामलों से जुड़े कानूनी दायरे से बाहर रखा जाएगा।इसी तारतम्य में नव संसाधन और आईटी मंत्रालय से आईआईटी, आरईसी और डोएक के पाठ्यक्रम में साइबर सुरक्षा को एक विशेष विषय के रूप में शुरू करने को कहा गया है।

इसके अलावा भारतीय कंप्यूटरों को हैकिंग से बचाने के लिए केंद्र सरकार एक नेशनल टेस्टिंग सेंटर बनाएगी, जो सभी विभागों द्वारा खरीदे जाने वाले हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में जासूसी करने वाले वायरस की जांच का काम करेंगे। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑगेर्नाइजेशन (DRDO) और डीआईए से इलेक्ट्रो मैग्नेटिक बम के खिलाफ भी अपने तंत्र को मजबूत करने के लिए कहा गया है। इलेक्ट्रो मैग्नेटिक बम से महत्वपूर्ण संस्थानों की विद्युत प्रणालियों सहित वायरलेस सिग्नल पर असर पड़ता है। कहा जाए तो आधुनिक समाज को पाषाण युग में ले जाता है

मैकफी, माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल जैसी बड़ी एंटी वायरस और सॉफ्टवेयर कंपनियों की शोध व विकास प्रयोगशालाएं भारत में हैं। कुशल सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की इतनी बड़ी आबादी होने से भारत दुनिया के दूसरे मुल्कों के मुकाबले ज्यादा बड़ी और बेहतर आक्रामक साइबर सुरक्षा बल तैयार कर सकता है।

कम्प्यूटरों की सुरक्षा हमारी आपकी नहीं, सरकार की भी ज़रूरत है। औद्योगिक कम्प्यूटर प्रणालियों से जुड़े विद्युत संयंत्रों आदि की हैकिंग से तो सारी व्यवस्था ही तहस-नहस हो जाएगी। न रहेगी बिजली न चलेंगी समाज की अत्यावश्यक प्रणालियां! आपका क्या ख्याल है?

पुनश्च:

इस लेख को अंतिम रूप दिए जाते हुए दो खबरें मिलीं कि हैकिंग के जरिए ब्रिटेन में 1,00,000 कम्प्यूटरों पर हमला कर ऑनलाईन बैंकिंग करने वालों का डाटा चुरा उन्हें अपने कब्जे में ले लिया गया है तथा एक सायबर हमला कर आपके घर का पता व अन्य निजी जानकारियाँ जानी जा सकती हैं, जिससे व्यक्ति पर शारीरिक हमला करने या तंग करने जैसा काम किया जा सकता है।

नीचे टिप्पणी कर आप भी अपना नजरिया बता सकते हैं ऐसे मामलों पर.

हैक हो सकती हैं एटीएम मशीनें, सायबर हमलों से कब्जे में किए जा सकते हैं विद्युत संयंत्र: हम क्या कर रहे हैं?
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12 Thoughts to “हैक हो सकती हैं एटीएम मशीनें, सायबर हमलों से कब्जे में किए जा सकते हैं विद्युत संयंत्र: हम क्या कर रहे हैं?”

  1. रंजन

    न्यूज तो पढ़ी थी.. वीडियो भी देख लिया.. थैंक्स..

  2. प्रवीण पाण्डेय

    सच में चिन्तनीय है।

  3. शिवम् मिश्रा

    एक बेहद उम्दा और सार्थक पोस्ट के लिए आपको बहुत बहुत बधाइयाँ और शुभकामनाएं ! आप सच में हम लोगो तक काफी ऐसी सुचनाये पहुंचा रहे है जिस के बारे में हम में शायद ही किसी को जानकारी हो !

  4. अन्तर सोहिल

    यानि कि हॉलीवुड की फिल्मों के खलनायक की तरह एक आदमी अपने लैपटॉप पर बैठा हुआ कुछ भी कर सकता है।
    बेहद चिंताजनक है।
    जानकारी देने के लिये आभार

    प्रणाम स्वीकार करें

  5. Ashok palmist blog

    इस पोस्ट के माध्यम से आपने काफी जरुरी जानकारी दी।बधाई! पाबला जी, मेरी एक उलझन हैँ कि मेरा ब्लोग जिसका नाम Sansar तथा Url http://www.vishwaharibsr.blogspot.com हैँ। यह Internet explorare मेँ google.co.in browser पर पूरी तरह नहीँ खुल पाता हैँ।अर्थात पेज तो खुलता हैँ लेकिन मेरी लिखी कवितायेँ नहीँ दिखाता हैँ। जबकि यह अन्य Browser जैसे कि Mozilla firefox ,google chrome तथा safari आदि मेँ पूरी तरह खुलता हैँ।क्या यह Template की वजह से हैँ या Internet explorare की। Please मेरी मदद करेँ।

  6. Ashok palmist blog

    पाबला जी नमस्कार, आपका बहुत- बहुत शुक्रिया जी। आपकी मदद से मेरा ब्लोग Internet explorare पर Open होने लगा हैँ। लेकिन मेरी एक उलझन यह भी हैँ कि Post को Publish करने वाले Box के ऊपर की तरफ कहीँ भी Add Image का option नहीँ दिखाई देता हैँ। दूसरा Internet से Post के अनुसार Image कहाँ से लेँ तथा किस प्रकार से लेँ। Please मदद कीजिएगा।

  7. @ Ashok palmist blog

    चित्रों संबंधी अपनी जिज्ञासा हेतु आप इस लिंक पर जाएं
    http://www.blogmanch.com/viewtopic.php?f=7&t=15

  8. सतीश सक्सेना

    इतनी महत्व पूर्ण जानकारी और ७ कमेंट्स , यह है चरित्र हमारे यहाँ का ! हिम्मत वाले हो पाबला जी !
    शुभकामनायें

  9. सतीश सक्सेना

    इतनी महत्व पूर्ण जानकारी और ७ कमेंट्स , यह है चरित्र हमारे यहाँ का ! हिम्मत वाले हो पाबला जी !
    शुभकामनायें !

  10. padmsingh

    समस्या तो वाकई गंभीर है लेकिन तू डाल डाल मै पात पात की लड़ाई हमेशा से चलती रही है… समस्या है तो उसका हल भी संभवतः खोज लिया
    जाएगा ..
    महत्वपूर्ण जानकारी का शुक्रिया

  11. सिर खुजा रहे हैं, कुछ पल्ले नहीं पड़ा, हमें तो लगता है कि किसी को ऐसा कुछ करने की जरूरत ही नहीं है अपनी सरकारी मशीनरी पर पूरा भरोसा है, अगर आपका यह लेख किसी सरकारी विद्युत कर्मचारी ने पढ़ लिया तो बस !!
    टिप्पणीकर्ता विवेक रस्तोगी ने हाल ही में लिखा है: असली ताकत तो हमारे पास ही है !My Profile

  12. और विशेष रूप में इंटरनेट के कारोबार के लिए नए हैं, जो उन लोगों के लिए एक अच्छी बात
    http://bit.ly/14gp37p

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