हैदराबाद पहुँचने की दास्ताँ, कार से बैंगलोर जाते

हैदराबाद

हैदराबाद जाते दक्षिण भारत की यात्रा की योजना तहत पिछले लेख में आपने बैंगलोर यात्रा के एक दिन पहले का हाल पढ़ा. जिसमें भिलाई से अभनपुर जा कर, ललित जी को लेकर मैं वापस मुड़ा भिलाई की ओर.

हमें जाना था बैंगलोर. और इसके लिए सबसे सुविधाजनक राह थी भिलाई – नागपुर – हैदराबाद – अनंतपुर – बैंगलोर.

हैदराबाद में बुक किये जा चुके होटल पहुंचने के लिए, अभनपुर से रवाना होते ही मैंने अपनी कन्या नेवीगेटर को निर्देशित कर दिया. उसने दूरी बताई 827 किलोमीटर और वहां पहुँचने का अंदाजन समय बताया रात 11 बजे.

मैं जानता था  कि सब कुछ सामान्य रहा तो मुझे यह दूरी पार करने में लगभग 16 घंटे लगेंगे.

6 मार्च की सुबह 5:15 बजे अभनपुर जो हमारी स्मार्ट कार ने फर्राटे भरे तो भिलाई प्रवेश करते हो चुके 6:15 . फ़ॉरेस्ट एवेन्यू से निकलते घर महज 300 मीटर की दूरी पर था. एक क्षण को मन किया कि मैक को देखते चलूँ लेकिन तुरंत ही सर झटक आगे बढ़ा दी गाडी.

हैदराबाद की राह में ट्रेलर

इसके  पहले टाटीबंध के पास एक ट्रेलर के चक्कों की गणना और चर्चा करते हमारा काफी समय बीता. इस ट्रेलर के चक्कों की संख्या करीब 180 मानी गई.

पद्मनाभपुर बाईपास होते, शिवनाथ नदी पार कर पहला टोल प्लाजा मिला ठाकुरटोला  के पास. 83 किलोमीटर के लिए 85 दे हम बढ़े एशियन हाईवे 46 पर नागपुर की ओर. जिसकी बाहरी सीमा रह गई थी  लगभग 240 किलोमीटर.

gunanak-dhaba

हैदराबाद की राह में

तब तक मुझे भूख लग आई. पहली चाय तडके साढ़े तीन बजे जो पी थी. तुमड़ीबोड के पहले ही पेट्रोल पंप  के पास मिला गुरुनानक ढाबा. जहाँ बिस्कुट संग चाय का आनन्द ले हम बढे हैदराबाद के सफ़र में अगली राह पर

… और यहीं ली गई इस सफर की पहली सेल्फी.

हैदराबाद के लिए भंडारा टोल
सुबह पौने नौ बजे, 80 किलोमीटर के लिए 85 रूपए
हैदराबाद के लिए वैनगंगा टोल
सुबह 9:55 पर, वैनगंगा नदी के पुल और उससे लगी 13 किलोमीटर सड़क के लिए 23 रूपए

अब नाश्ते का समय हो चुका था. दही मिलने के आश्वासन पर हमारी स्मार्ट कार रूकी ताऊ के ढाबे पर.

ललित जी के घर से आये मटर के पराठों और दही के साथ हिंदी ब्लॉग  के चरम पर ताऊ के नाम से होने वाली हलचल की भी मौज ली गई इसी बहाने.

हैदराबाद की राह

नागपुर होते हैदराबाद

हैदराबाद के पहले नागपुर

ललित जी का माथा तब ठनका जब उन्हें दिखा कि भंडारा महज 40 किलोमीटर रह गया है. उन्होंने अंदाजा लगाया था कि नागपुर पहुँचते दोपहर के एक तो बज ही जायेंगे.

लेकिन अच्छी सड़क के चलते तेजी से भागती गाडी ने संकेत दे दिया कि हम 11 बजे के पहले ही नागपुर पार कर जायेंगे.

वे ज़रा हडबडा गए. क्योंकि अपनी गणना के हिसाब से उन्होंने अपनी रक्त संबंधी संध्या शर्मा जी को दोपहर भोजन पैक कर तैयार रखने की जिम्मेदारी सौंपी थी और समय दिया था 1 बजे का.

फटाफट ललित जी ने वस्तुस्थिति की सूचना पहुंचाई.

नागपुर होते हैदराबाद

तब तक नागपुर की दूरी 72 किलोमीटर रह गई और फर्राटा भरती कार से पलक झपकते ही हो गई 56

हैदराबाद की ओर

यह दूरी भी नागपुर के मध्य की है. हैदराबाद के लिए हमें जिस एक्सप्रेस वे पर मुड़ना था, वह तो 44 किलोमीटर ही रह गया. इस बीच एक टोल और गुजर गया मथानी, 45 रूपये वाला..

और फिर संध्या जी के घर से सूचना आई कि सब कुछ तैयार है सत्येन्द्र शर्मा जी बस रवाना होने ही वाले हैं आपके पास पहुँचने के लिए. स्थान तय हुया बूटीबोरी के पहले, हैदराबाद की ओर निकलते हाईवे पर सहारा सिटी के पास.

हमारे वहां पहुँचने के कुछ मिनट बाद ही सत्येन्द्र शर्मा जी भोजन, पानी की बोतलें, छाछ से भरी बोतलें ले हाजिर थे अपनी एक्टिवा पर.

चलो हैदराबाद
नागपुर से आदिलाबाद 159 किलोमीटर, हैदराबाद 449 किलोमीटर, कन्याकुमारी 1554 किलोमीटर

उससे पहले ही हमने बैकग्राउंड में हैदराबाद, कन्याकुमारी की दूरी दर्शाते बोर्ड के साथ एक सेल्फी ले ली.

समय हो चला था सवा ग्यारह का और सफर बाक़ी था लगभग 500 किलोमीटर.सत्येन्द्र शर्मा जी से विदा ले हमने अपनी स्मार्ट कार दौड़ा दी एशियन हाईवे 43 पर.

 

हैदराबाद जाते

हैदराबाद की ओर

ओरिएण्टल नागपुर बाईपास के लिए बोरखेडी टोल पर 11:45 पर 85 रूपये दे मैंने गाडी दौड़ा दी. जांब पहुँचते ही हमारी कन्या नेविगेटर ने दाहिनी ओर मुड़ने को कहा लेकिन ना जाने किस धुन में हम सीधे चले गए.

सडक पर लगे बोर्ड पर जब चंद्रपुर जाने की सूचना देखी तो लगा कि गलत आ गए. चार किलोमीटर आगे जा कर फिर वापस आये और हिंघनघाट  को जाती सड़क पकड़ी. इस राह पर जाते ही हाईवे पर चल रहे काम के कारण हमारी रफ्तार कम हो गई.

हैदराबाद की ओर चाय की तलाश

12:30 पर दरोडा टोल पर 57 किलोमीटर के लिए 60 रूपये दे जब मैंने गाडी बढ़ाई  तो चाय की तलब लग आई. एक बढ़िया सी जगह देख गाडी रोकी और कुछ चहलकदमी कर, कुछ मुंह हाथ धो चाय के मजे ले चल पड़े अपनी राह.

सुनसान हाईवे पर दोनों ओर सूखी धरती के दृश्य देखता जब तक केलापुर टोल पर दोपहर डेढ़ बजे 30 रूपये दे कर बढ़ता, मुझे भूख सताने लगी.

तब तक संकेत मिला कि एलपीजी टैंक खाली हो चुका, हमारी स्मार्ट कार अब पेट्रोल पर थी.

हैदराबाद जाते जंगल में लंच

हैदराबाद हाईवे

एक घने पेड़ की तलाश में हम दसियों किलोमीटर आगे जा चुके तब कहीं जा कर एक ऐसी जगह दिखी जहाँ चटाई बिछा एक बंदा  सो रहा. मैंने उधर गाडी मोड़ी, साथ लाई चादर बिछाई और बड़े इत्मीनान से नागपुर से मिला भोजन किया.

इस बीच वह सो रहा बंदा उठ बैठा. उसी से, हमने भोजन करते फोटो खिंचवाई.

इससे पहले हमारी स्मार्ट कार रफ्तार पकड़ती, दोपहर 3:15 पर पिप्परवाडा का टोल आ पहुंचा. 70 रूपये यहाँ लगे. फिर तो 4 बजे रोलमाम्दा टोल पर 70 रूपये, 5:15 पर दिचपल्ली टोल के 60 रूपये, कामारेड्डी से होते 5:50 पर भिकनूर टोल के 65  रूपए  देते शाम के सवा सात बजे हम जा पहुंचे हैदराबाद के पहले, मनोहराबाद टोल पर. जहाँ 70 रूपये भुगतान कर हमारी गाड़ी दौड़ पड़ी नेहरू आउटर रिंग रोड पर. जहाँ से हमें मुम्बई हाईवे पर उस्नापुर स्थित होटल पंकज पैलेस जाना था.

हैदराबाद होटल

हैदराबाद का होटल

इस होटल का चयन मैंने गूगल मैप्स के सहारे यह देख किया था कि हमारी राह से ज्यादा दूर ना हो. एक दिन पहले ही फोन कर कमरा रिज़र्व करवा लिया था तो दिक्कत नहीं हुई कोई.

आखिरकार, 6 मार्च को अभनपुर से 827 किलोमीटर कार चला कर 16 घंटे बाद रात 9 बजे हम पहुंचे हैदराबाद के बाहरी इलाके के होटल. तरोताजा हो भोजन किया गया.सोने की तैयारी करते सुबह बैंगलोर की ओर यात्रा शुरू करने के समय पर विमर्श करते गूगल ने सुझाया कि राह में ही गोलकोंडा का किला है देख लो!

.. और फिर बातें करते, टीवी देखते, बढ़िया एसी की ठंडी हवा में  थक चुके शरीर को कब नींद आ गई, पता ही नहीं चला.

7 मार्च का हाल , अगले लेख में जल्द ही.

© बी एस पाबला

*** एशियन हाईवे की जानकारी इस लिंक पर क्लिक कर पाई जा सकती है

*** कन्या स्वर वाले जीपीएस नेविगेटर की जानकारी  इस लिंक पर क्लिक कर पाई जा सकती है.

हैदराबाद पहुँचने की दास्ताँ, कार से बैंगलोर जाते
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16 Thoughts to “हैदराबाद पहुँचने की दास्ताँ, कार से बैंगलोर जाते”

  1. गाड़ी का कैमरा बढिया काम आ रहा है। 🙂
    टिप्पणीकर्ता चलत मुसाफ़िर ने हाल ही में लिखा है: मुकेश के गानों के साथ तैरती सड़क : दक्षिण यात्रा -5My Profile

    1. बी एस पाबला

      Pleasure
      उससे ऐसा भी काम ले लिए जाता है

  2. पढ़कर ही मजा ले रहे हैं हम 🙂

    1. बी एस पाबला

      Smile
      गुड है जी

  3. टोल टैक्स मार जात है । जेब करत्नालय है यह । हमारे यहाँ 90 किमी के 220₹ लगते है ।
    आपकी यात्राये हिम्मत बढाती है लेकिन जुटाती नही मुझे । अभी चेन्नई में हूँ लेकिन सफर हवाई है कल ही बेटी से कह रहा था एक बार कार से भारत भ्रमण करना है ।

    1. बी एस पाबला

      Approve
      टोल टैक्स वाकई में बहुत महँगा लगता है लेकिन ईंधन और समय की बचत भी होती है

      कार से लंबी यात्रा का अपना रिस्क और अपना मजा है

  4. Harender Dharra

    देखते हैं कौन पहले पहुँचाता है ललित जी या आप !

    1. बी एस पाबला

      Pleasure
      देखते चलिए

  5. हर्ष वर्धन जोग

    टोल बड़ा भारी पड़ता है यारो पर रफ़्तार भी बनी रहती है चौड़ी सडक पर.

    1. बी एस पाबला

      Approve
      सही है

  6. Taarkeshwar Giri

    गाड़ी में कैमरा कैसे फिट कराया जाय , जरा ये भी बताइयेगा

    मस्त टूर चल रहा है, मुझे तो लग रहा है की में भी आपके साथ बंगलोरे घूम के ही आऊंगा

  7. बी एस पाबला

    Smile
    गाड़ी में कैमरे के लिए देखियेगा http://bspabla.com/कार-ब्लैक-बॉक्स/

  8. रोचक वृत्तांत … आपकी इस शब्द यात्रा में हम सब साथ हैं … चलते रहिये. शुभकामनाएं

    1. बी एस पाबला

      Heart
      शुक्रिया संध्या जी

  9. Lalit Kumar Verma

    बेहतरीन , पाबला जी। बहुत बढ़िया

  10. बहुत ही रोमांचक यात्रा हो रही हैं, मजा आ रहा हैं, अगली कड़ी का इंतज़ार हैं पाबला जी, …….. Delighted

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