गूगल ग्लास से देखी जाये अब दुनिया

टर्मिनेटर श्रंखला की फिल्मों में मुख्य पात्र की भूमिका निभाते अर्नाल्ड श्वाजनेगर हमेशा एक ऐसा चश्मा पहने रहते हैं, जो फ़िल्म के कथानक में एक कंप्यूटर है. वह मशीनी मानव अपने चश्मे की सहायता से जिस ओर भी देखता है उस दृश्य में आये व्यक्ति या जगह का सारा डाटा पलक झपकने की रफ़्तार सरीखा आँखों के सामने आता रहता है. फ़िल्म के ऐसे दृश्यों से मुझे हमेशा ही रोमांच का अनुभव होता रहा है. वर्षों पहले आई इन फिल्मों की ऎसी कल्पना को बाद में गूगल ने Google Goggles…

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डेटॉल के गरारे !

आज संध्या, फेसबुक पर डॉ आराधना चतुर्वेदी की गले में इन्फेक्शन वाली समस्या बताता एक स्टेट्स अपडेट देखा तो मुझे कई वर्षों पहले हुया एक दिलचस्प वाकया याद आ गया! ऐसे ही एक दिन गले में संक्रमण संबंधित अपनी समस्या के लिए अपनी कंपनी द्वारा संचालित अस्पताल में नाक – कान – गला विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ देवांगन के पास पहुंचा. वे आजकल सेवानिवृत्त हो भिलाई के श्रेयस कॉम्प्लेक्स में परामर्श केंद्र चला रहे. पिता जी से डॉ सा’ब का बहुत पुराना परिचय है. मैं उन्हें अंकल ही पुकारता…

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