दीवारों से बात करता मैं दीवाना

बचपन से सुनते-पढ़ते आया हूँ कि जब दो व्यक्ति बात कर रहे हों और उनमें से एक व्यक्ति दूसरे की कतई न सुने, तो दूसरा कहता है, ‘क्या मैं दीवारों से बात कर रहा हूं?’ या फिर किसी कमरे में कोई अकेले ही अपने आप से बात करे तो भी देखने वाले कहते हैं ‘दीवाना हो गया है, दीवारों से बात कर रहा! कोई बिलकुल ही आपकी बात ना सुने, तो बंदा कहता है कि इससे बात करने से बेहतर है दीवार से सर फोड़ लिया जाए. दीवारों के कान होने…

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