JCB, ब्रॉडबैण्ड और मैं

इंटरनेट के मामले में पिछला सप्ताह मेरे लिए तकरीबन बुरा ही गुजरा। नगर निगम द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों के चलते पहले तो 4 दिसम्बर की शाम मरौदा सेक्टर से गुजरने वाली नहर के गहरीकरण में जुटी JCB मशीन ने बड़ी बेदर्दी से BSNL केबल को उखाड़ फेंका। पता चला 800 टेलीफोन बंद हो गये। मेरा टेलीफोन रिसाली एक्सचेंज से चलता था। मरौदा से रिसाली एक्सचेंज रूट ठप्प हो जाने से स्वभाविक तौर पर मेरा टेलीफोन भी ब्रॉडबैण्ड सहित बंद हो गया। 5 दिसम्बर की सुबह तक टेलीफोन तो ठीक हो गया लेकिन ब्रॉडबैण्ड मुझे Error 678 के साथ नकारने लगा। शिकायत की तो कहा गया कि शाम तक ही कुछ उम्मीद रखिये। रात होने को आयी तो खबर लगी वहीं दूसरे किसी छोर पर उसी कम्बख्त JCB ने फिर केबल को उखाड़ फेंका है!

6 दिसम्बर की सुबह BSNL कार्यालय में हाज़िरी लगायी। सम्बंधित अधिकारी से गुहार लगायी कि मेरे निवास के नज़दीक के मरौदा एक्सचेंज में मेरे टेलीफोन को शिफ्ट करवा दें, क्योंकि काफी पहले किसी तकनीकी कारण से उसे रिसाली एक्सचेंज मे शिफ्ट किया गया था और फिलहाल मरौदा एक्सचेंज में सब-कुछ ठीक है। तुरंत एक्शन लिया गया और आश्वासन मिला कि शाम तक सब ठीक हो जायेगा। शाम को लगभग 4 बज़े बिटिया का SMS मिला कि सब ठीक हो चुका है, ब्रॉडबैण्ड/ टेलीफोन/ मॉडेम सब ठीक! वाह बढ़िया है!! 5 मिनट बाद ही सुपुत्र का रोष भरा SMS आता है Broadband/ Telephone/ ADSL सब मुर्दा। अरे यह क्या हुया!? पलट कर कॉल किया तो कम्पयूटर जी फरमाते हैं ‘… this number does not exists.Please check the number… यह नम्बर अस्तित्व में नहीं है, नम्बर जाँच कर पुन: डायल करें …’!!

रात को घर लौटा, वाकई में सब मुर्दा। इसी बीच किसी सज़्ज़न की कॉल अपने मोबाईल पर ली और बेख्याली में लाल बटन शायद कुछ ज़्यादा देर तक दबा रह गया, vibration mode पर रहा वह चल-हस्त-यंत्र भी कब खामोश हो गया पता ही नहीं चला। 7 दिसम्बर को रविवार था, कुछ हो नही सकता था, चुपके से पड़ोस के बाज़ार में Sify i-way पहुँच गये। ई-मेल में द्विवेदी जी यह बताते मिले कि ‘आपके यहाँ कोई फोन मैच्योर नहीं हो रहा’ जवाब लिख ही रहा था कि उनकी कॉल आ गयी। संक्षिप्त में घटनाक्रम बता वापस घर पहुँचा तो सुपुत्र की नाराज़गी से पाला पड़ गया जो अपनी आँखों से सुबह-सुबह ही कृष्णा टाकीज वाली सड़क पर SBI ATM के सामने JCB को डायनासौर के अंदाज में केबल उखाड़ते देख आये थे। उसका कहना था कि हमें एक जागरूक नागरिक होने के नाते कुछ करना चाहिए। अब मैं उसे क्या बताता कि इस कपोल कल्पित व्यवस्था में नगर निगम ने लिखित में BSNL को दिया हुआ है वे मशीन का उपयोग नहीं करेंगे, मानव श्रम का ही उपयोग किया जायेगा। इसके अलावा BSNL के अधिकारियों ने पुलिस थाने में FIR दर्ज़ करवाई, थानेदार ने कार्रवाई की तो उनके उच्चाधिकारी का फोन आ गया कि …

अब आज 8 दिसम्बर को फिर BSNL में हाजिरी लगायी तो पता चला कि एक्सचेंज शिफ्टिग के चलते मामला कुछ गड़बड़ा गया है। लाईनमैन को निर्देशित किया गया। घर तक वे पधारे टेलीफोन ठीक, मॉडेम में ADSL सूचक ठीक। फिर कम्प्यूटर चलाकर देखा तो बताया गया error 691, माने पासवर्ड गलत! फिर BSNL अधिकारी को फोन घनघनाया गया। पासवर्ड रिसेट करवा कर जब तक सब ठीक होता, संयंत्र में मेरी द्वितीय पाली का समय हो चुका था। अब रात को लौटा हूँ तो सब ठीक पाकर अपनी व्यथा आप लोगों से बाँट रहा हूँ।

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4 Thoughts to “JCB, ब्रॉडबैण्ड और मैं”

  1. यह तो आपके ब्रॉडबैण्ड के विषय में जेसेबी मशीन की कारगुजारी है। रेलवे के कई विंग एक दूसरे से आइसोलेशन में इसका प्रयोग करते और एक दूसरे के तार काटते रहते हैं। उनमें तालमेल एक बड़ा सिरदर्द है। बहुधा सिग्नल फेल होते हैं और गाड़ियां लेट होती हैं!

  2. आपसी तालमेल के अभाव में हर जगह अक्सर ऐसा होता रहता है | परेशानी भी भुगतनी पड़ती है और सम्बंधित विभाग को फालतू खर्चा भी उठाना पड़ता है |

  3. प्रबंधन शोध व शिक्षण संस्थानों को बताया जाए कि भारत में तालमेल प्रबंधन की बहुत जरूरत है। प्रबंधन विद्या की नयी शाखा प्रारंभ करें।

  4. आपके काम का लेख

    ब्रॉडबैंड पर

    http://sarparast.blogspot.com/2009/03/blog-post_22.html

    धन्यवाद
    अपनी अपनी डगर

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