अजय झा परिवार, वापस भिलाई आने का दिन, फिर उनका ब्लॉगिंग को अलविदा कहना!!

अजय जी के साथ तकनीकी जानकारियाँ साझा करते–करते 17 तारीख की सुबह ढ़ाई बज गए तो हम अगले दिन का कार्यक्रम बनाते बिस्तर पर जा पहुँचे। सुबह नींद देर से खुली। बुआ जी पिछले दिन फोन कर दिल्ली वापस आ जाने की बात बता चुकी थी तो उनसे मिलना ज़रूरी हो गया था। बलबीर नगर के लिए वर्षों बाद शाहदरा पहुँच कर लोनी रोड पर घर तलाशने में मुझे कुछ संशय सा था। पुराने सीमाचिन्ह गायब होने के बावज़ूद मात्र अंदाज़ से ही ठीक घर के सामने ही आटो रिक्शा…

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मेरी दिल्ली यात्रा: जब विनीत कुमार ने पहचानने से इंकार कर दिया

दिल्ली के लिए रवाना होने से कुछ दिन पहले अजय झा जी ने मुझसे स्नेहपूर्वक आग्रह किया कि इन तीन दिनों के प्रवास में, मैं उनके घर ठहरूँ। मैंने ठिठकते हुए अपना संकोच उन्हें बताया कि एकाएक ‘किसी’ के घर ठहरना मुझे असहज सा लग रहा, वैसे भी शाहदरा में मेरी सगी बुआ जी हैं, वर्षों बाद दिल्ली जाना हो रहा, तो कम से कम पहला दिन तो वहीं रूकूँ, बाकी बाद में देखा जाएगा। लेकिन कहा जाता है ना कि जो सोचा जाए वह कहीं होता है क्या!? भिलाई…

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अजय झा के स्नेह भरे शब्द और मेरा दिल्ली पहुंचना

पिछले महीने की एक शाम अजय कुमार झा जी से जीटाक पर बातचीत चल रही थी। किसी बात पर अजय जी ने बड़े स्नेह से कह दिया कि अब तो आपसे गले मिलने की तमन्ना है। मैं कुछ क्षण सोचता ही रह गया कि ब्लॉग जगत को आख़िर कब तक आभासी माना जाता रहेगा? बस उन्ही क्षणों में मैंने निश्चय कर लिया कि इस बार दिल्ली की यात्रा हिंदी ब्लॉग्गिंग के नाम पर की जाए। कुछ ही मिनटों में मैंने रेल आरक्षण कर अजय जी को सूचित कर दिया कि…

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दिल्ली में दिखा भिलाई का एक ब्लॉगर: नीट ब्लॉगर मीट की संभावना

अभी अभी मिली खबर के मुताबिक भिलाई का एक ब्लॉगर, दिल्ली में देखा गया है। ऐसी सूचना पहले से थी कि वह सिर्फ ब्लॉगिंग के नाम पर इस बार दिल्ली पहुँच सकते हैं। किसी संभावित अनौपचारिक ब्लॉगर मीट के नीट होने के इंतजाम किए जाने की खबरें भी मिल रही हैं। अधिक जानकारी के लिए ऊपर का चल-चित्र दिखाई दिए जाने तक प्रतीक्षा करें। (नीट मतलब, ‘वो’ वाला नहीं!)

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