जब घुघूती जी ‘बार’ में बैठी मिलीं

घुघूती जी से मेरा परिचय अनिता कुमार जी ने करवाया था। ब्लॉग तो घुघूती जी का पढ़ता रहा था, लेकिन टिप्पणी शायद नहीं की कभी। जब पहली बार मैंने चैट पर उनसे सम्पर्क किया तो उन्होंने एकदम सही सही अक्षरों में लिखकर पंजाबी में अभिवादन किया तो मैं जरा चौंका था। क्योंकि अधिकतर पंजाबी-भाषी व्यक्तियों को, संबंधित शब्दों में वर्तनी की गलतियाँ करते देखते रहता हूँ। पता चला वे हैं तो फिलहाल गुजरात में, लेकिन पंजाब में खासा समय बिता चुकीं हैं और गुरमुखी भी पढ़ चुकी हैं। फिर तो…

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