आ देखें ज़रा किसमें कितना है दम: ब्लैकमेल- भाग 2

दर्शन शास्त्र की एक उक्ति बहुत प्रचलित है कि जो सोचा जाए वह कभी नहीं होता! बस इसी तरह मेरे साथ भी हो गया। आज आलेख इस विषय पर आना था कि आखिर गंभीर, स्थापित ब्लॉगर मुफ्त का गूगल मंच छोड़कर, हजारों रूपए खर्च कर अपनी खुद की वेबसाईट पर क्यों चले जाते हैं? लेकिन […]

Continue Reading

महिला ब्लॉगर ने ब्लैकमेल किए जाने के बाद ब्लॉगिंग छोड़ी

पिछले वर्ष की गर्मियों की एक रात जब टहल कर लौटा तो ई-मेल में एक महिला ब्लॉगर का संदेश दिखा कि वह मुझसे कुछ व्यक्तिगत बातचीत करना चाहती है लेकिन फोन पर! मैंने पहले कभी उनसे बात नहीं की थी और अब तक ईमेल, चैट द्वारा ही सीमित औपचारिक संदेशों का आदान-प्रदान ही होता रहा […]

Continue Reading