भाषा ऎसी चुंबकीय लिखें कि विज्ञापन दिखें

ऑनलाइन विज्ञापन कैसे खींचे जाएँ? इसके लिए भाषा नाम के की-वर्ड का उपयोग करते हुए लिखा गया रोचक लेख

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2 मिनट में, अपना ब्लॉग गूगल के चंगुल से बचाएँ

आजकल जो हाहाकार मचा हुआ है गूगल खाता बंद होते जाने के कारण, उसी कड़ी में दो दिन पहले गुरूवार की रात ढाई बजे मोबाइल द्वारा हुई एक पुकार पर मुझे गहरी नींद से उठना पड़ा। बड़ी मुश्किल से आँखे खोल कर नाम देखने की कोशिश की पर सब धुंधला नज़र आ रहा था, आखिर बिस्तर पर गया ही 1 बजे जो था। नहीं समझ आया तो, हार कर कान से लगा ही लिया मोबाईल। उधर से पहले तो सॉरी कहा गया इत्ती रात फोन करने के लिए और फिर…

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आधी सदी का सफ़र और एक नई शुरूआत

आज 21 सितंबर को, इस धरा पर मानव जीवन का सफ़र तय करते पाश्चात्य गणना पद्धति के हिसाब से आधी सदी का वक्त बीत गया। इस मौके पर कल रात माँ बहुत याद आई। सिर्फ़ कल्पना ही कर पाया कि वह कैसे बलैंय्या लेती अपने इस बच्चे की। इससे पहले मन कुछ और उदास होता, दादी की डाँट सुन मुस्कुराते हुए फिर चल पड़ा अपने कर्मपथ पर। दादी 1987 में ही दुनिया छोड़ गई थी लेकिन आज भी मेरे सामने अपनी प्यार भरी डाँट के साथ तब हाजिर होती है…

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ब्लॉग पढ़ने के लिए एग्रीगेटर तलाश रहे हैं आप? इधर देख लीजिए

मेरे बहुत से मित्र ऐसे हैं जो ब्लॉगिंग नहीं करते लेकिन ब्लॉग पढ़ते ज़रूर हैं। उन्हें ब्लॉग पढ़ने का चस्का या तो मैंने लगाया या फिर समाचारपत्रों में ब्लॉग रचनाएँ देख हुया। आजकल कई मित्र परेशान हैं कि चर्चित एग्रीगेटर अपनी सेवायें नहीं दे रहें ब्लॉग कैसे पढ़ें? अब चालू भाषा में कहा जाए तो सब पकी-पकाई खीर खाना चाहते हैं। मैंने कई बार कहा कि आरएसएस रीडर जैसे उपाय अपना लें या काम के ब्लॉग तलाश कर पढ़ लें लेकिन उनके कानों पर जूँ नहीं रेंगती। अब उनकी जिद…

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स्वतंत्रता दिवस पर एक अनूठा राष्ट्रीय ध्वज विज़ेट, आपके ब्लॉग के लिए

भारत के स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ चंद दिन ही दूर रह गई है। याद करने का समय आया है राष्ट्रभक्त आजादी के दीवानों की कुर्बानियां, उनके द्वारा संजोये गए देश के स्वरुप की वो कल्पना, जिसके मूर्त रूप लेने में अभी भी वक्त लगेगा। इस मौके पर पिछले वर्ष की एक पोस्ट याद आ रही है जिसमें एक अनूठे विजेट द्वारा तिरंगे झंडे को फहराता हुआ दिखाने के साथ-साथ ब्लॉग खुलते समय, 15 अगस्त से एक सप्ताह पहले से, प्रख्यात गायिका लता मंगेशकर जी के गाये गीत “ऐ मेरे वतन…

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ब्लॉगवाणी की नीति और नीयत कोई बतला सकता है क्या!?

इस विषय पर मैं किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं देना चाह रहा था, किन्तु आज एक ब्लॉगर साथी की प्रतिक्रिया देख कर रहा नहीं गया। मामला कुछ यूँ है कि पिछले दिनों 4 मई 2010 को मैंने संबंधियों-सहयोगियों के आग्रह पर अपने अनुभवों को साझा करने के दृष्टिकोण से कम्प्यूटर सुरक्षा संबधित एक नया ब्लॉग बनाया था। एग्रीगेटरों में इसे शामिल करवाने की एक सामान्य प्रक्रिया के अंतर्गत, अन्य एग्रीगेटरों के साथ-साथ 4 मई को ही ब्लॉगवाणी व चिट्ठाजगत से भी निश्चित प्रक्रिया के अनुरूप अनुरोध किया गया। 5 मई…

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ललित शर्मा की टाँगे खींच कर टंकी से उतारा गया: क्योंकि सीढ़ी वह साथ ले कर चढ़े थे :-)

उस दिन संगीता पुरी जी की वह पोस्ट पढ़ रहा था जिसमें उन्होंने बुद्धिजीवी ब्लॉगर भाइयों को प्रभावित करने में बुध ग्रह के एक प्रभाव की बात करते एक लेख लिखा था। ज्योतिष की अधिकतर शब्दावली तो अपने पल्ले नहीं पड़ती। सीधा सीधा जो कुछ समझ पाया उससे यह चिंतन करने बैठ गया कि अपने यहाँ किसको बुद्धिजीवी माना जाए 🙂 अब चूंकि बात भाईयों की थी, सो बहनों की ओर ध्यान ही नहीं दिया! अभी कुछ देर ही हुई थी कि ललित शर्मा जी का नाम दिखाती मोबाईल कॉल…

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क्या आप ब्लॉगरों की खुशियाँ साझा करने वाले इस नन्हे-मुन्ने को बधाई नहीं देंगे!?

यह न तो कोई पहेली है और न ही किसी तरह की प्रतियोगिता। इसके बावज़ूद मैं यह यह कहना चाहूँगा कि क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आज किसका जनमदिन है? मुझे मालूम है कि शायद ही कोई बता पाए सही सही उत्तर! भले ही आप इसे कितना भी चाह्ते हों या इसकी चर्चा करते हों। यह भी बता दूँ कि आज से ठीक एक वर्ष पहले इसका जनम हुआ था। हालांकि करीब तीन माह बाद इसने आंखे खोलीं और खुशी के मारे उछल पड़े कीर्तिश भट्ट जी। फिर…

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बिना चेतावनी गूगल द्वारा बंद किए गए ब्लॉग: वर्षों की मेहनत स्वाहा

आज दोपहर जरा सी फुरसत मिली तो ईमेल्स देखने बैठ गया। पिछली ढ़ेरों ईमेल्स से गुजरते हुए जब मेल बॉक्स बंद कर ही रहा था कि इनबॉक्स में एक गूगल एलर्ट आ टपका। खबर दी गई थी कि गूगल ने अपने ब्लॉगर प्लेटफॉर्म ब्लॉगस्पॉट का उपयोग कर रहे कम से कम छह ब्लॉग बिना चेतावनी के मिटा दिए हैं। कारण बताया गया कि ‘आपने ब्लॉगस्पॉट की सेवा शर्तों का उल्लंघन किया है।’ हुआ यह कि इन ब्लॉगस में संगीत के बारे में चर्चा की जाती थी व जिस गीत संगीत…

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8 दिन, 29 पोस्ट, 6000 टिप्पणियाँ, 3700 फॉलोअर: कौन है यह ब्लॉगर

क्रिकेट में मेरी दिलचस्पी बहुत पहले ही खतम हो चुकी। शायद कपिलदेव के दिनों के बाद से। आजकल इतना घालमेल हो गया है कि कोई यदि पूछ भी ले कि स्कोर क्या है तो पलट कर हमें पूछना पड़ता है कि मैच कहाँ चल रहा है और कौन सी टीमें खेल रही है। क्रिकेट की खबरों वाला पन्ना भी नहीं देखता। शायद वक्त के साथ प्राथमिकतायें बदल गयीं। लेकिन ब्लॉगजगत में रहने के कारण पिछले सप्ताह से कान खड़े होने शुरू हुये एक ब्लॉग की चर्चा सुन कर। भौतिक जगत…

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अब पौधे भी अपना ब्लॉग लिखने लगे!

आज के समय का हिसाब देखा जाए तो ख़बर पुरानी हो चुकी है, फिर भी आईये एक पौधे से मिलिए जो कि अपना ब्लॉग लिखता है। एक जापानी इंटरनेट कैफे में लगा मिदोरी-सेन नामक एक पौधा नियमित रूप से इंटरनेट पर ब्लॉग लिख रहा है। मिदोरी–सेन नाम का यह पौधा लिखता है कि आज का दिन बहुत अच्छा रहा, मैंने काफी देर तक सनबाथ लिया और खूब मजे किए। यह पंक्तियां लिखी है एक पौधे ने! विश्वास करना मुश्किल है, लेकिन यह कल्पना साकार की है जापान के वैज्ञानिकों ने।…

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