भारतीय रेल की लेटलतीफ़ी से मुझे मिला एक खजाना!!

नागपुर में 9 जनवरी की शाम दलसिंगार यादव जी ने जब मुझे स्टेशन के बाहर छोड़ा तो अंदर जा कर पता चला कि ट्रेन आएगी डेढ़ घंटा देरी से, फिर देर बढ़ कर हो गई तीन घंटे! अब क्या किया जाए? धीरे धीरे टहलता हुआ स्टेशन के सामने ओवरब्रिज़ के नीचे बने खान-पान केन्द्रों में दो आलू के पराठे, फरमाईशी नीबू चाय के साथ उदरस्थ कर आया और बढ़ चला प्लेटफार्म 6-7 की ओर। अंधेरा छाने लगा था। निगाह पड़ी सामने ही एक निर्णामाधीन संरचना पर। ऊँचाई बहुत थी। खड़े…

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