सालगिरह पर ब्लॉगरों को खरी खोटी

कई बार ऐसे काम हो जाते हैं जिनके भविष्य के बारे में आशंका ही रहती है. बरसों पहले ऐसा ही हुआ था जब मुझे गूगल पर बने अपने ही एक ब्लॉग का जिक्र समाचार पत्र में किये जाने की खबर लगी। बताने वाला यह तो नहीं बता पाया कि समाचार-पत्र कौन सा था, लेकिन कौन सी पोस्ट है यह ज़रूर बता दिया। उत्सुकता हुयी कि आखिर वह कहाँ छपी है और क्या लिखा गया है। हमने पता लगाना शुरू किया। ‘विक्टोरिया नम्बर 203′ जैसा बड़ी टेढ़ी खीर वाला लगा यह…

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हिन्दी ब्लॉगिंग में आया भूकम्प, देखिए चपेट में आने वालों की सूची

दो दिन पहले 20-21 सितम्बर 2010 की मध्य रात्रि से कुछ पहले हिन्दी ब्लॉगिंग क्षेत्र में कुछ हलचलें होनी शुरू हुई तो मुझे भी अंदाज़ नहीं था कि यह सब कुछ ऐसे भूकम्पों में बदल जाएगा जिसे कम से कम मैं तो आजीवन याद रखूँगा। हालांकि यह भूकम्प एक के बाद एक आए और इनका स्थान अलग अलग था किन्तु जैसे जैसे समय बीतता गया इनकी क्षमता तीव्र होते गई तथा फिर इनने काफी बड़े क्षेत्र पर अपना प्रभाव दिखाया। सैकड़ों ब्लॉगरों ने इन क्षणों में अपनी अपनी भावनाएँ व्यक्त…

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आज मुझे भी 5 साल हो गए हिंदी ब्लॉगिंग में

देखते ही देखते 5 वर्ष बीत गए। मेरी पहली पोस्ट थी वर्ष 2005 में सितम्बर माह की 18 तारीख को, जिसे 2008 में संशोधित कर चुका। ब्लॉग बनाया था 17 सितम्बर 2005 को, विश्वकर्मा जयन्ती वाले दिन। कुछ पता नहीं था, ब्लॉग क्या होता है, इसकी उपयोगिता क्या है, कैसे लिखा जाए। सीखते सीखते आगे बढ़ा। उस समय यूनीकोड से भी परिचय नहीं था, तो विभिन्न अक्षरों में लिखे का snapshot लेकर यहीं चित्र के रूप में चिपका कर खुश हो लेता था या फिर अंग्रेजी में ही जानकारी दे…

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ब्लॉगिंग की दुनिया में एक अनोखा ब्लॉग-संकलक, एग्रीगेटर कर रहा आपका इंतज़ार

पिछली बार मैंने संक्षिप्त सी पोस्ट में अपनी इच्छा जाहिर की थी कि अब बहुत हो गई ब्लॉगिंग, अब चला जाए। इसी तारतम्य में अब बात की जाए आगे। मामला था प्रिंट मीडिया पर ब्लॉग चर्चा वाले ब्लॉग का, जिसने हाल ही में 1500 पोस्ट्स का आंकड़ा पूर्ण किया है। मूल तौर पर यह हिन्दी ब्लॉग व ब्लॉगिंग से संबंधित अखबारी कतरनों का संकलनहै, जिसे आप सबके स्नेह द्वारा अब एक मानक के रूप में देखा जाने लगा है। शुरूआती दौर में, सामूहिक ब्लॉग की परिकल्पना में, सुश्री शेफ़ाली पांडे,…

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