जनमदिन के मौके पर हुई दो ब्लॉगरों से पहली मुलाक़ात

इस बार जनमदिन पर पोस्ट लिखना टलते चला आ रहा था क्योंकि सभी वेबसाईट्स के सर्वर बदले जा रहे थे और बिंदास तरीके से लिखने का समय ही नहीं मिला। सर्वर संबंधित काम तो खतम हो गया लेकिन कई छोटी छोटी बातें अभी भी तनाव बढ़ा रहीं। इस बार मन कुछ उदास सा था जनमदिन के मौके पर, जैसा कि मैंने बताया था पिछली बार। इस उदासी को तोड़ा शुभचिंतकों ने, जब 20 सितंबर से ही उनकी बधाईयाँ एसएमएस व मोबाईल द्वारा मिलनी शुरू हुईं। ठीक आधी रात को सुपुत्र…

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भिलाई के युवकों द्वारा निर्मित विश्व रिकॉर्ड: सलाहें, योजना व तैयारी

भिलाई के युवकों द्वारा निर्मित विश्व रिकॉर्ड के लिए मिली सलाहें और फिर तैयारी हुई योजना बनाने के बाद

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भिलाई के युवकों द्वारा निर्मित विश्व रिकॉर्ड की रजत जयंती: विशेष लेख-माला

भिलाई के युवकों द्वारा बनाया बनाए गए विश्व रिकॉर्ड ‘मोटर साइकिल पर विश्व भ्रमण’ की 25वीं वर्षगाँठ पर लिखी गई लेख माला का परिचय

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आ तो गई वो, लेकिन अब तांडव पर उतारू है

आ तो गयी वो आखिर. स्वागत तो हमने भी किया. तस्वीरें देख ही चुकें है आप. लेकिन यह उम्मीद नहीं थी उससे, कि हमारे भाई-बन्धुओं की ओर आंख उठा कर भी ना देखे. इतनी भी क्या अकड़ रखनी भई! आखिर कितना तरसाया है उसने. अब भी रहम ना आया तो क्या फायदा आने का! (दुर्ग बायपास पर बने पुल से नदी का नज़ारा) हमसे भी जब देखा ना गया तो ज़रा सी गुजारिश कर दी कि इतनी बेरुखी ठीक नहीं. बस फिर क्या था हो गया शुरू तांडव उसका. (मेरे…

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रूठी हुई थी… आखिर आ ही गई आज …

आज कुछ लिखने का मन नहीं है। लगता है कि सिर्फ देखता ही रहूँ। आखिर वो रूठने के बाद आ ही गई। कहाँ कहाँ नहीं तलाशा उसे … आँखें पथराने लगी थीं … उम्मीदें टूटने लगीं थीं … आज वो आई तो हम भी झूम उठे … वो गीत है ना? ‘आने से उसके, आये बहार … जाने से उसके, जाये बहार‘ बस उसी की बात कर रहा। आप भी देखिए और बताईये क्या मैं झूठ बोल रहा!? दो दिन पहले, घर के पास वाले पेड़ पर पंछी फिर घुमड़े…

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मेरे शहर का संगीतमय फ़व्वारा Musical Fountain

पिछले दिनों मीनाक्षी जी ने दुबई के मशहूर संगीतमय फ़व्वारे की चर्चा में नीर क्रीड़ा, जल नर्तक जैसे नाम सोचते हुये एक वीडियो दिखाया था। तभी ख्याल आया था कि मेरे शहर भिलाई में भी तो वर्षों से एक म्यूज़िकल फ़व्वारा चल रहा है।असल में, अपने जमाने में मध्य भारत के सबसे खूबसूरत, व्यवस्थित, लगभग 200 एकड़ में फैले, भारत-रूस की मैत्री के प्रतीक मैत्री बाग में सौन्दर्यीकरण के तहत एक फ़व्वारा बनवाया गया था। तारीफें बहुत सुनी थी, किन्तु अपने निवास से बमुश्किल 2 किलोमीटर की दूरी वाले इस…

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