… और कंकड़ी पर पहाड़ गिर पड़ा!!!

मुझे रोजाना दसियों लिंक ईमेल में मिलते हैं जिसे पढ़ने का और फिर टिप्पणी करने का निवेदन/ आग्रह होता है। निश्चित तौर पर अधिकतर साथी यही चाहते होंगे कि उनकी बात ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचे। जब भी कोई नया ब्लॉग मिलता है एक बार अवश्य उस पर ध्यान देता हूँ और अपनी रुचि के अनुसार पाए जाने पर आगे भी पढ़े जाने हेतु सुरक्षित कर लेता हूँ। दिक्कत तब शुरू होती है जब किसी ब्लॉग की लिंक बार बार ई–मेल में मिलने लगती है। दो- तीन बार ढके…

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जनमदिन पर आपके स्नेह ने मुझे भावुक कर दिया

अब तक स्तब्ध हूँ, हतप्रभ हूँ, मुदित हूँ। 20-21 सितम्बर की मध्य रात्रि से शुरू हुया स्नेहाशीषों का सिलसिला अब तक जारी है। इस बार शुरूआत हुई 20 सितम्बर की शाम से। अजय झा जी की एक समस्या का निराकण करते हुए GTalk पर चल रही बातों के बीच सोमवार 21 सितम्बर (ईद) की छुट्टी का जिक्र आया। अजय जी ने बस यूँ ही पूछ लिया कि कल क्या कर रहे हैं? मैंने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए बताया कि सोच रहा हूँ अपने मोबाईल बंद कर किसी नदी के…

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