टिप्पणियों में लिंक देने वाले हो जाएं सावधान !!

अभी अभी ऐसा कुछ हुआ कि अपने एक ब्लॉग लेख के लिए बेहद सामान्य सी टिप्पणी मुझे अपने ई-मेल में दिखी। यूँ ही मैंने वह ब्लॉग पोस्ट खोल ली। वहाँ यह टिप्पणी नहीं दिखी! हैरान होने की बजाए मेरा ध्यान वर्डप्रेस वाली वेवसाईटों की टिप्पणी व्यवस्था की ओर गया तो ब्लॉगस्पॉट द्वारा टिप्पणियों के लिए स्वचालित स्पैम पहचान सक्षम किए जाने की सुविधा भी याद हो आई। झट से जब उस ब्लॉग के डैशबोर्ड पर टिप्पणी लिंक देखी तो उस नकार दी गई टिप्पणी को वहाँ स्पैम की श्रेणी में…

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पुरानी टिप्पणियों की संख्या एकाएक कम क्यों दिखने लगीं हैं!?

पिछले सप्ताह दो दिन मुझे अस्पताल में बिताने पड़े। मामला कुछ गंभीर नहीं था, बस नियमित स्वास्थ्य जांच के बाद ऐसी कुछ ज़रूरत बताई थी डॉक्टरों ने। इसी अवधि में कई ब्लॉगरों के फोन आते रहे दो-तीन समस्याओं को लेकर। इन्हीं समस्याओं पर फोन, ईमेल अभी भी आ रहे हैं। आजकल जो मुख्य समस्या है ब्लॉगस्पॉट पर, वह है कुछ विज़ेट्स पर टिप्पणियों के आंकड़ों में गिरावट दिखाई देना, जबकि वास्तविक टिप्पणियों की गणना बिल्कुल दुरूस्त है। किसी ब्लॉग पर यदि टिप्पणियाँ 1000 हैं तो इस समस्या के कारण 150-200…

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टिप्पणियों Comments के बदले बधाई व शुभकामनाएँ? ऐसा कैसे हो गया!!

टिप्पणियों से हालांकि आए दिन बवाल मचा रहता है, किन्तु टिप्पणियों के सम्पर्क में रहने हेतु कुछ व्यवहारिक व कुछ तकनीकी बातों से लाभ उठाने वाले पाठकों ने इसकी परवाह नहीं की है। इस बार जब मैंने हिन्दी ब्लॉगरों के जनमदिन वाले ब्लॉग का टेम्पलेट बदला तो ख्याल आया कि अलग अलग तरह के ब्लॉगों में कई बार रूखे-सूखे से दिखने वाले टिप्पणी लिंक को अपने मनमुताबिक शब्दों से बदलने की तकनीक के बारे में कई पाठकों ने जानना चाहा है। वैसे भी कई सप्ताह से पोस्ट नहीं लिख पाया…

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टिप्पणियों के सम्पर्क में रहने हेतु कुछ व्यवहारिक बातें

हमेशा की तरह विभिन्न प्रकार के मुद्दों पर इन दिनों हिंदी ब्लॉग जगत में हलचल हो रही है। कई विवादित मुद्दे भी हैं। ऐसे ही एक मुद्दे वाली पोस्ट पर एक ब्लॉगर साथी द्वारा की गई टिप्पणी पर आ रही उत्तेजित प्रतिक्रियायों के बारे में, मैंने बात करनी चाही तो वह हैरान परेशान हो गया। उसका कहना था कि मैं तो टिप्पणी लिख कर आ गया था, अब बाद में क्या हुआ मुझे कुछ मालूम नहीं। वह पोस्ट कौन सी थी यह भी वह भूल चुका था! मुझसे उसने उस…

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टिप्पणी लिखने वालों के लिए कुछ तकनीकी बातें

“कई बार ऐसा होता है दिल कसमसा कर रह जाता है, कम्बख़्त ऐसा मैं क्यों नहीं कर पाता? सभी जगह देखता हूँ, कोई ना कोई अपनी कला दिखाता रहता है, एक मैं ही ललचाई आँखों से देखने के अलावा कुछ नहीं कर पाता “ एक ऐसे ब्लॉगर के मुँह से मैं यह बात सुन रहा था जिसे लगभग दो वर्ष होने को आए हिंदी ब्लॉग जगत में। मेरा दिल तो किया उसी समय उनको बता दूँ उनकी चाही सभी जानकारियाँ, लेकिन कई बातें थीं जो लिखित में ज़्यादा बेहतर समझ…

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टिप्पणी में, एक्सेल में, वर्ड में, नोटपैड आदि में हिंदी कैसे लिखें

हाल ही में आई ब्लॉगस्पॉट की दसवीं सालगिरह पर जो नया एडिटर पेश किया गया है उसमें ऑनलाईन हिंदी लिखे जाने की सुविधा उपलब्ध नहीं है। गूगल क्रोम व ओपेरा में तो यह पुराने एडिटर पर भी उपलब्ध नहीं है। इस तरह के हिंदी लेखन को लिप्यांतरण Transliteration कहा जाता है। जिसके लिए इंटरनेट से जुड़ा होना एक शर्त होती है। पिछले दिनों कुछ ब्लॉगर साथियों ने सम्पर्क कर उत्सुकता प्रकट की थी कि कोई ऐसा औजार है जिससे सीधे हिंदी लिखी जा सके? टिप्पणी में भी! मैंने उन्हे बहुतेरे…

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