पाबला, गूगल – ज्ञान का संयुक्त प्रयास: हिंदी ब्लॉगिंग वाले चंद धूर्तों के संदर्भ में

हमारे परिवार में दीपावली लगभग पारम्परिक तरीके से ही मनाई जाती है। देर शाम गुरूद्वारे जा कर रोशनी किए जाने की परम्परा भी पारिवारिक सदस्य निभाते आए हैं। लेकिन इस बार सब-कुछ गड़बड़ा गया। हमारी माता जी पिछले दो सप्ताह से अस्पताल में दाखिल हैं। विभिन्न उपकरणों के सहारे साँसों को जारी रखते हुए उनके स्वास्थ्य में क्रमश: सुधार आ रहा है। इसी सिलसिले में दीपावली की शाम जब घर के सभी सद्स्य उनके साथ कुछ समय बिता कर घर लौटे तो मैं भी अनमना सा बिस्तर पर सुस्ताने लगा।…

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