रचना जी द्वारा भेजी गई लिंक और आशीष जी के शब्दों के साथ बधाई माँगनी चाहिए क्या?

तकरीबन एक घंटा पहले नारी ब्लॉग की सूत्रधार रचना सिंह द्वारा एक लिंक भेजी गई मुझे। हालांकि इस घटना क्रम से परिचित तो था किन्तु कुछ संशय अभी भी है। इस बार मैंने सोचा कि इसे ब्लॉग-जाहिर किया ही जाये। अब अपने शब्द क्या लिखूँ जब आशीष खंडेलवाल जी ने काफी कुछ लिख दिया है ऐसे ही एक और घटनाक्रम में। इसलिए आशीष जी के लिखे शब्दों और स्टाईल की नकल (क्षमायाचना सहित), अपनी सुविधा के हिसाब से परिवर्तित की हुई, रचना जी द्वारा दी गई लिंक के साथ कौन…

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एक चिंतित पिता की समस्या का निवारण

दो दिन पहले एक विभागीय मित्र ने सम्पर्क किया। कुछ भ्रमित से लग रहे मित्र ने जो कुछ कहा-सुना वह कुछ इस तरह था कि उनका पुत्र इंज़ीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश लेना चाहता है। इस संबंध में कई जगह आरम्भिक परीक्षा दे चुका है। रैंक अलग अलग आये हैं। उसे दक्षिण भारत के एक निजी विश्वविद्यालय में दाखिला मिल ही जायेगा। मित्र की समस्या यह थी कि उस विश्वविद्यालय ने अपने विवरणिका जैसे तमाम स्थानों पर स्वयं को नम्बर 1 घोषित कर रखा था। जो उन्हें खटक रहा था और…

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