कंप्यूटर के लिए लक्ष्मण रेखा, ताकि कोई रावण ले ना उड़े आपकी अमानत

मेरे एक मित्र हैं मुकेश राणा। वे बड़े ही फख्र के साथ अपने 13 वर्षीय बेटे की पीठ ठोकते हुए बताते थे कि उनका बेटा कम्प्यूटर मास्टर है, कैसी भी समस्या हो थोड़ी देर में ही सब ठीक कर देता है, किसी कम्प्यूटर वाले को नहीं बुलाना पड़ता पैसे भी बचते हैं और बेटे का हाथ भी साफ़ होता रहता है। साल भर होने को आया कम्प्यूटर में कई बार समस्या आई बेटे ने एक घंटे में ही सब ठीक कर दिया। मैंने शाबाशी देते साथ कौतूहलवश सवाल ज़वाब किए तो पता चला कि किसी भी तरह की समस्या पर बेटे जी आए दिन हार्ड डिस्क को फोर्मेट कर नया ऑपरेटिंग सिस्टम डाल देते हैं फिर सब कुछ पहले जैसा।

इसमे अनोखा कुछ भी नहीं। मेरे दसियों मित्र, परिचित छोटी छोटी बातों पर हार्ड डिस्क फॉर्मेट करना करवाना पसंद करते हैं। इससे एक फ़ायदा यह होता है कि कम समय में सारी समस्याएँ समाप्त और ‘कम्प्यूटर इंजीनियर’ को धमकी कि तुमने किया ही क्या है सिवाय फॉर्मेट के? वह तो हमारे पड़ोसी का फोर्थ स्टैंडर्ड का बच्चा भी कर लेता है, आजकल नानी के पास गया हुआ है वरना एक ‘फाइव स्टार’ में काम बन जाता। वो ‘कंप्यूटर इंजीनियर’ भी मुक्ति पा जाता है समस्या ढूंढ कर ठीक करने की माथापच्ची करने से, यह भी सुनना नहीं पड़ता कि घंटों से लगा हुआ है कुछ कर तो पाया नहीं जाने कहाँ से पढ़ कर आया है।

अपनी बात करूं तो मुझे कम्प्यूटर पर काम करते 25 वर्ष होने जा रहे लेकिन याद नहीं आता कि किसी कम्प्यूटर को फॉर्मेट किया हो मैंने। कोई कहता भी है तो साफ़ इनकार कर देता हूँ कि मुझे आता नहीं फॉर्मेट करना। बहानेबाजी का आरोप लगते रहने के बावजूद शायद सच यही है कि मुझे नहीं आता फॉर्मेट करना। मामूली बातों के लिए फॉर्मेट करना मुझे ऐसा लगता है जैसे खांसी ज़ुकाम बुखार ठीक करने की बजाए ज़हर दे कर मार डाला जाए किसी मरीज़ को।  उसकी जगह, जैसे मेडिकल कॉलेज वालों को कोई मृत देह मिल जाती है दान में तो जैसी खुशी उन्हें होती है वैसा ही कुछ कुछ मुझे भी होता है बिगडैल कम्प्यूटर पाने से। अनुभव कोई किताब पढ़ने से थोड़े ही मिलता है।

हार्डवेयर की खराबी को छोड़ कर अधिकतर मामलों में यही पाया है मैंने कि कम्प्यूटर उपयोग करने वाले उसे बिना बाड़ के खुले खेत जैसा रखते हैं। जब भी किसी का मन किया, चर कर चल दिया, थोड़ी देर बैठ कर अपशिष्ट छोड़ गया, कोई कुछ उखाड़ ले गया, कोई घर के भेदी सरीखा जासूस छोड़ गया या फिर जाल बिछ कर बैठ गया शिकार फंसाने के लिए। अगर किसी कम्प्यूटर मालिक ने दरवाजे पर ताला लगाया हुआ है तो अंदर तिजोरी खुली छोडी हुई है।

कम्प्यूटर को गंभीरता से इस्तेमाल करने वाले साथियों को हमेशा मैं एक सलाह ज़रूर देता हूँ कि वे अपने इस नादान सेवक को लक्ष्मण रेखा में, चौकन्ना रहने की हिदायत के साथ रखें। हालांकि विन्डोज़ ने कथित रूप से एक ऎसी सुविधा दे रखी है लेकिन व्यक्तिगत रूप से मुझे इस कार्य के लिए ढेरों एवार्ड जीत चुका ज़ोन अलार्म पसंद है। हमारे सभी घरेलू कम्प्यूटरों पर यह अनिवार्य रूप से मौजूद है। हाँ, ऑफिस वगैरह में यदि प्रॉक्सी सर्वर हो तो सही सेटिंग के अभाव में यह अपडेट में नखरे करता है।

कई साथी चिडचिडा कर इसे हटा देते हैं कम्प्यूटर से इसकी एक हरकत के कारण। होता यह है कि किसी भी नए पहरेदार, सिक्यूरटी गार्ड सरीखे यह एक दो दिन खूब पूछताछ करता है। किसे (कम्प्यूटर के) अंदर आने दूं किसे रोकूँ? अंदर से कोई बाहर संपर्क करना चाहे तो ध्यान रखूँ कि नहीं? खिड़की से जो झांक रहा उसे कितना झांकने दूं? कोई सॉफ्टवेयर इंटरनेट से बात करना चाहे या ज़रुरत से ज़्यादा हाथ पांव फैलाए तो भी यह मालिक का मुंह ताकता है कि क्या करूँ? अगर आप हर बार इसे बताना चाहते हैं तो आपकी मर्जी वरना एक बार ही बता दीजिए कि फलां बात की अनुमति है कि नहीं। अगली बार वह आपसे पूछेगा भी नहीं चुपचाप अपना काम करेगा और आपको खबर भी नहीं होगी। एक नादान बच्चे को समझाने जैसा माहौल रहता है दो-चार दिन। फिर एकदम शांति और सुकून।

आप चाहें तो इसकी स्थापना के समय व्यावसायिक ई-मेल पाने का विकल्प हटा सकते हैं

 

स्थापना के बाद आपके इंटरनेट कनेक्शन को किस क्षेत्र में रखा जाए, यह बताना होगा

 

जितना मुफ्त में मिला उतना हाज़िर, बाक़ी के लिए अपग्रेड कीजिए

 

अनुमति देनी है या मना करना है एक बार समझा दिया जाए तो बार बार बताना नहीं पड़ेगा

मतलब यह कि इसको स्थापित कर लेने के बाद आपके कम्प्यूटर के चारों ओर एक व्यक्तिगत अग्नि रेखा होगी, लक्ष्मण रेखा सरीखी जो (इंटरनेट की) दुनिया में मौजूद रावण सरीखे बदनीयत वालों को दूर रखेगी। तकनीकी भाषा में इसे ही फायरवाल कहा जाता है।

इसका मुफ्त संस्करण संतोषजनक काम करता है वैसे भुगतान वाले ज़्यादा एडवांस संस्करण हो तो बहुत ही बढ़िया। राज की बात यह भी है कि चोर बाजार में सभी तरह के एडवांस संस्करण मौजूद है जो कहने को तो मुफ्त में मिल जायेंगे लेकिन मुफ्त में दुनिया को कभी कुछ मिला है?

इसके बाद भी कुछ हो जाए तो सैनिक और भी हैं, जिसकी चर्चा आने वाले लेखों में

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कंप्यूटर के लिए लक्ष्मण रेखा, ताकि कोई रावण ले ना उड़े आपकी अमानत
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कंप्यूटर के लिए लक्ष्मण रेखा, ताकि कोई रावण ले ना उड़े आपकी अमानत” पर 42 टिप्पणियाँ

  1. अधिकतर तथाकथित इंजिनियर ऐसे ही हैं ….
    चुटकियों में बरसों की मेहनत पर फनी फेरते ये लोग मालिक से फार्मेट करने के भी पैसे ऐंठते हैं !
    शुभकामनायें आपको !
    टिप्पणीकर्ता सतीश सक्सेना ने हाल ही में लिखा है: लड़कियों का घर ? – सतीश सक्सेनाMy Profile

  2. मैं कई सालों से, शायद ७-८ सालों से, लिनेक्स का प्रयोग करता चला आ रहा हूं। इसके दौरान लिनेक्स के चार-पांच डिस्ट्रीब्यूशन का प्रयोग किया है। आजकल उबुन्टू पर काम चल रहा है। इसका ससे बड़ा फायदा यह है कि कभी भि वायरस की मुश्किल नहीं आयी और न ही हार्ड डिस्क फॉरमैट करवानी पड़ी।
    टिप्पणीकर्ता उन्मुक्त ने हाल ही में लिखा है: The file ‘Steve Jobs – A Tribute ‘ was added by unmuktMy Profile

  3. उपयोगी लग रहा है , थोड़ी फुर्सत में समझने की कोशिश करते हैं!

  4. अच्‍छी जानकारी।
    फार्मेट करने से मैं भी बचने की कोशिश करता हूं। यह अंतिम उपाय होना चाहिए।
    टिप्पणीकर्ता अतुल श्रीवास्‍तव ने हाल ही में लिखा है: अध्‍ययन यात्रा बनाम दारू पार्टी…. !!!!!My Profile

  5. आपने बहुत अच्छी और उपयोगी जानकारी दी है सर!
    वैसे मेरे कंप्यूटर पर सिर्फ मेरा ही बैठना होता है। 🙂

    सादर
    टिप्पणीकर्ता यशवन्त माथुर ने हाल ही में लिखा है: डगमगाते कदमMy Profile

    • अरे! कंप्यूटर पर मत बैठिएगा 😀

      वैसे, बैठे कोई भी, हैकर्स और शरारती सॉफ्टवेयर यह थोड़े ही देखने वाले कि कौन उपयोग कर रहा है या कितने लोग उपयोग कर रहे कम्प्यूटर
      आप यह जान लीजिए कि आजकल तो इंटरनेट से जुड़ते ही कंप्यूटर पर हमले शुरू हो जाते हैं और मैं अकेले जिस कम्प्यूटर का इस्तेमाल करता हूँ, उस पर पिछले डेढ़ वर्ष में साढ़े तीन लाख हमले हो चुके जिसे जोन अलार्म ने रोका है

  6. आदरणीय पाबला जी,
    करीब ५-६ वर्ष पहले तक मैंने भी फ्री का “ज़ोन अलार्म” इस्तेमाल किया है – बढ़िया था/है |
    उसके बाद से ख़रीदा हुआ “केस्परस्की” का इस्तेमाल कर रहा हूँ – संतुष्ट हूँ |
    ३ कंप्यूटर के इस्तेमाल के लिए “केस्परस्की” कि सीडी पहले ८५० रुपयों में मिलती थी – अब ६५० में |
    मैं हमेशा से ही ओरिजिनल विंडोज एवं ख़रीदे हुए सॉफ्टवेयर्स का समर्थक रहा हूँ – अतः कंप्यूटर में कभी कोई विशेष व्यवधान उत्पन्न नहीं हुआ |
    इसका दूसरा कारण यह भी हो सकता है कि मैं “वर्जित” वेब साइट्स पर नहीं विचरण करता हूँ – हालाँकि मन तो बहुत करता है !!!
    “ज़ोन अलार्म” की सीडी का मूल्य एवं मुंबई में प्राप्ति स्थान बता सकें तो बड़ी मेहरबानी होगी |
    आपका अपना,
    आनन्द गोपाल शर्मा
    ठाणे (मुंबई)

    • ओरिजनल सॉफ्टवेयरों की बात ही कुछ और होती है

      मन का संयम काबिले-तारीफ़ है वैसे भी इन वर्जित साइट्स का आनंद दो-चार पलों का ही तो है 😀

      मेरी जानकारी में अब कोई भारतीय वितरक नहीं है जोन अलार्म का, पहले होता था दिल्ली में
      बेहतर यही होगा कि नेट से डाउनलोड कर लें या फिर डाक द्वारा सीडी मंगवा लें
      ईबे से भी सहायता मिल सकती है

  7. मैं तो हर 4-5 महिने में फॉर्मेट कर देता हूँ। इतने दिनों में फालतू का कबाड इकट्ठा हो जाता है। स्पीड कम हो जाती है तो एक यही रास्ता दिखाई देता है। और डिफ्रेगमेंट में समय गंवाने की बजाय भी यही सही लगता है।
    अब आपके बताये तरीके अपनाने की कोशिश करूंगा।

    प्रणाम

    • कचरा हटाने, स्पीड बढ़ाने, डीफ्रेगमेंट करने, हॉउस कीपिंग जैसे काम हमारा सहयोगी कम्प्यूटर खुद कर सकता है उसके लिए क्या समय, ऊर्जा नष्ट करनी अपनी 😀

      अगला लेख इसी मामले में लिखा जाए?

      • बार-बार कोई नया सॉफ्टवेयर या गेम इंस्टाल करने, फिर कुछ दिन बाद रिमूव करने के बाद लगने लगता है कि अब फॉर्मेट कर देना चाहिये। फिर मैं तो ऐसी-वैसी-कैसी भी साईट हो चश्मा लगाकर वाचने चला जाता हूँ 🙂

  8. कंप्यूटर फॉर्मेट करना अब कोई भी कर लेता है हमारे यहाँ का दस साल का बच्चा भी
    पर सही तरीके से विंडोज इंस्टाल करना और फिर सहीं तरीके से सोफ्टवेयर इंस्टाल करना कितनो को पता है ?/!!
    ढेरो स्टार्ट अप आयटम्स, टेम्पररी फाइल्स और बेवजह के जाने कितने सोफ्टवेयर भरे रहते है सबके कंप्यूटर में .
    जिन्हें बस कुछ ही देर में हटाया जा सकता है .
    पर लोगो की जल्दबाजी के चक्कर में फोर्मेट करना ही पड़ता है .
    मज़ा तो है समस्या को ढूंढकर ख़त्म करने में फिर भी नए सोफ्टवेयर या ट्रिक को आजमाते हुए हर साल एक बार तो कंप्यूटर फोर्मेट करना पड़ता ही है .

  9. हमें तो कंप्यूटर खाली चलाना आता है ।
    जब तक चलता है , ठाठ है ।

    • मुझे नज़ीर अकबराबादी याद आते हैं
      कि
      सब ठाठ पड़ा रह जावेगा जब लाद चलेगा बंजारा
      धन तेरे काम न आयेगा जब लाद चलेगा बंजारा

      शायद बाद में इसे कैफी आज़मी जी ने उपयोग किया था 1974 की ‘संकल्प’ फ़िल्म में

  10. ” हमारे सभी घरेलू कम्प्यूटरों पर यह अनिवार्य रूप से मौजूद है। ”
    हमें इस बात का गर्व है कि हमारा कम्प्यूटर भी आपके घरेलू कम्प्यूटरों की श्रेणि में आता है । धन्यवाद ।
    टिप्पणीकर्ता शरद कोकास ने हाल ही में लिखा है: कल का दिन बिगड़ी हुई मशीन सा थाMy Profile

  11. सुन्‍दर जानकारी के लिए आपका आभार। आपके लेखों से सीखने को बहुत कुछ मिलता है। मैंने क्विक हील डाल रखा है समस्‍या तो कोई नहीं आई है । क्‍या यह ठीक है ?

  12. मैं ने भी केस्परस्काई लिया हुआ है खरीदा हुआ लेकिन मुझे उसका कोई ज्यादा फ़ायदा नहीं लगता। इसे डाउनलोड कर रही हूँ। जब भी कोई प्रोबल्म आती है मेकेनिक के पास एक ही रास्ता होता है फ़ोरमेटिंग। लेकिन जब से आप ने बताया है मैं उसे फ़ोरमेट नहीं करने देती। आप के बताये तीन नुस्खे आजमाती हूँ, एडवांसड सिस्टम केअर, कुछ न हो तो मलवेअर, फ़िर भी प्रोबल्म रहे तो स्पाईबोट, प्रोबल्म खत्म न भी हो तो भी कंप्युटर इतना तो कंट्रोल में आ ही जाता है कि मेकेनिक की छुट्टी कर दो। आज कल मेरी प्रोबल्म है कि मैं ने पर्सनल ब्रेन डाउनलोड किया था लेकिन अब मैं उसे निकालना चाहती हूँ पर वो तो अड़ियल टट्टू की तरह बैठ गया है हटने का नाम ही नहीं लेता, एड एंड रिमूव में जा कर भी कौशिश की कुछ नहीं हुआ। अब बतायें क्या ये जोनल अलर्ट उसे खा जायेगा?

    • Smile
      खुशी हुई कि अब कत्ल नहीं होता कम्प्यूटर का

      जोन एलार्म एक अलग चीज है.

      पर्सनल ब्रेन हटाने के लिए एडवांस्ड केयर के Tool Box में Uninstaller का Force Uninstall उपयोग कर देखें

  13. बहुत अच्छी जानकारी प्राप्त हुई ईसका उपयोग कर देखेंगे। धन्यवाद

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