अभी चलने वाले इंटरनेट से 8000 गुणा अधिक गति वाली तकनीक नई है या पुरानी?

स्कूल के दिनों में मुझे पढ़ने मिला एक शब्द हाई फाई Wi-Fi (High Fidelity). बड़ी जिज्ञासा हुई कि यह क्या चीज है. जब सारा भेद जाना कि यह अच्छी क्वालिटी का संगीत सुनाने वाले संगीत यंत्रों की विधा के लिए इस्तेमाल किया जाता है तो युवावस्था तक तमाम तकनीकी किताबें, पत्रिकायों के सहारे इसी जुगाड़ में लगा रहा कि कैसे बढ़िया एम्पलीफायर के साथ स्पीकर बॉक्स डिजायन कर अच्छा सा म्यूजिक सिस्टम बनाया जाए और फिर उसके लायक कमरा भी तैयार किया गया.

आज भी मेरी लाइब्रेरी में केवल स्पीकर व स्पीकर बॉक्स की ही तकनीक समझाती फिलिप्स जैसी कंपनी की चार किताबें पड़ी हुई हैं.

लेकिन अब यह शब्द हाई फाई, जिंदगी की विभिन्न तरह की चकाचौंध का पर्यायवाची है

इंटरनेट से वास्ता पडा तो सामने आया वाई फाई Wi-Fi (Wireless Fidelity). यह एक वायरलेस नेटवर्किंग सुविधा है जिसका एक सीमित क्षेत्र होता है,  तारों द्वारा आ रहे इंटरनेट डाटा को एक यंत्र द्वारा बिना तार के हवा में फैला दिया जाता है और अपना पीसी या लेपटॉप बिना किसी तार के इंटरनेट से जोड़ सकते हैं. जैसे हमने अपने घर में ही वाई फाई प्रणाली अपनाई हुई है जिससे घर के अंदर या आसपास कहीं भी लैपटॉप या मोबाईल को बीएसएनएल के ब्रॉडबैंड इंटरनेट से जोड़ा जा सकता है. वैसे आजकल खबर मिलती रहती है कि आने वाले समय में सारा शहर ही वाई-फाई सुविधा से युक्त होगा.

hifi wifi lifi

इस बीच एक शब्द और कानों में पडा माई फाई Mi-Fi (My Wi Fi). यह है तो मूलत: वाई फाई लेकिन एक अंतर यह है मोबाइल पर आ रहे इंटरनेट डाटा को ही फिर से बिना तार के ऐसा प्रसारित किया जाता है कि उस इकलौते मोबाइल के इंटरनेट के सहारे 5 अन्य उपकरणों को इंटरनेट से जोड़ा जा सकता है.

अब एक नया शब्द आया है सामने लाई फाई (Li-Fi) हालांकि अभी सिर्फ प्रोटोटाइप ही विकसित किया गया है लेकिन इस नई तकनीक को लेकर काफी उत्साह है। दरअसल लॉस वेगास में हुए कंज्यूमर इलेक्ट्रानिक्स शो में लांच किए गए कई नए उपकरणों में ऐसे स्मार्टफोन भी शामिल थे जो प्रकाश की किरणों के जरिए डाटा ट्रांस्फर कर सकते थे। इस स्मार्टफोन को जापान की कंपनी कैसियो ने विकसित किया है।

फोन के स्क्रीन से निकलने वाली रोशनी की किरणें ऐसी हैं कि उन्हें आंख से तो नहीं देखा जा सकता लेकिन फोन का कैमरा दस मीटर की दूरी तक उन्हें पकड़ सकता है।

ब्लू टूथ और वाई फाई के जमाने में रोशनी जलाकर संदेश देने के तरीके को इजाद करना पुराने युग में लौटने जैसा लग सकता है लेकिन वास्तव में ये एक नए संचार युग की शुरुआत है। लाई-फाई की रोशनी की किरणें संचार क्षेत्र में नई क्रांति ला सकती हैं।

इस तकनीक के जरिये बेहद तेज वायरलेस इंटरनेट कनेक्टिविटी का वादा किया जा रहा है। लाइ-फाइ कंसोर्टियम का दावा है कि जिसे हम ‘हाई-स्‍पीड’ मानते हैं, उससे यह 8000 गुना तेज होगा

जो प्रोटोटाईप शो में पेश किया गया उसमें हालांकि फोन के बीच संदेश ही ट्रांस्फर किए गए लेकिन कंपनी भविष्य में इसके नए-नए प्रयोग देखती है। कंपनी की योजना के मुताबिक इस तकनीक के जरिए स्मार्टफोन किसी दुकान के साइनबोर्ड की रोशनी को पकड़कर उसके बारे में अधिक जानकारी दे सकेगा।

हालांकि यह एक संभावना ही है। पिछले साल अक्टूबर में कंपनियों के समूह ने Li-Fi Consortium बनाकर इस तकनीक के विकास को प्रोत्साहित किया था ताकि तेज गति से डाटा ट्रांस्फर करने वाले प्रकाश आधारित बेतार प्रणाली विकसित किए जा सकें।

लाई-फाई से बढ़ती उम्मीद का एक कारण यह भी है कि रेडियो स्पैक्ट्रम सीमित हैं। लगातार रेडियो स्पैक्ट्रम का इस्तेमाल करके इंटरनेट से जुड़ने वाले उपकरणों का आंकड़ा बढ़ रहा है। भविष्य में स्पैक्ट्रम की कमी एक बड़ी समस्या होगी।

रोशनी की किरणों का इस्तेमाल करके डाटा ट्रांस्फर की तकनीक विकसित करने से रोशनी पर आधारित  स्पैक्ट्रम खुल जाएगा, जो रेडियो स्पैक्ट्रम और तार वाले नेटवर्क के मुकाबले काफी सस्ता भी होगा।

कल्पना कीजिए एक दिन आप अपने कमरे का LED बल्ब जलाएंगे और टेलीविज़न के सिग्नल, इंटरनेट डाटा जैसे संकेत एक उपग्रह सरीखे उपयोग कर सकेंगे  या फिर दो गाड़ियों जैसी मशीने आपस में ‘बातचीत’ कर सकेंगी

यह सब पढ़-समझ मुझे सदियों पुरानी, संदेश लेने-देने की प्रकाश आधारित एक तकनीक Heliography याद आ रही. आपको भी ऎसी कोई पौराणिक तकनीक याद आ रही होगी?

अभी चलने वाले इंटरनेट से 8000 गुणा अधिक गति वाली तकनीक नई है या पुरानी?
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अभी चलने वाले इंटरनेट से 8000 गुणा अधिक गति वाली तकनीक नई है या पुरानी?” पर 17 टिप्पणियाँ

  1. “लाइ-फाइ कंसोर्टियम का दावा है कि जिसे हम ‘हाई-स्‍पीड’ मानते हैं, उससे यह 8000 गुना तेज होगा।”

    वाह! यह तो कमाल हो जाएगा!

    महत्वपूर्ण जानकारी देती हुई पोस्ट!
    टिप्पणीकर्ता जी.के. अवधिया ने हाल ही में लिखा है: पोस्ट लिखना सिखा दीजिएMy Profile

  2. काफी कुछ शिखने को मिलता है आपके ब्लॉग से.
    नई-पुरानी? ये चक्र तो घुमाता रहेगा.
    हमें बस इसका सदुपयोग करना है.
    टिप्पणीकर्ता Viral Trivedi ने हाल ही में लिखा है: आज तक न्यूज़ चेनल और महात्मा गांधी का वधMy Profile

  3. यह वाई-फाई और हाई-फाई तो आज आया है लेकिन हम तो बहुत पहले से ही यह शब्‍द प्रयोग करते रहे हैं कि बन्‍दा बड़ा हाई-फाई है।

  4. इंडिया तो अभी 3G ही सभी जगह नहीं पहुंचा

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